राधाकुण्ड। श्री धाम राधाकुण्ड में चार दिवसीय कार्यक्रम 30 दिसम्बर से हजारों कन्याओं के पूजन के साथ होगा। अमर शहीदों की याद में आयोजित महोत्सव के लिए राधाकुंड व कृष्णकुंड को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। कुंडों के परिक्रमा मार्ग में बिछी कारपेट एवं अतिथियों का सत्कार करते 25 स्वागत द्वार कार्यक्रम की भव्यता का यशोगान कर रहे हैं। सतरंगी रोशनी से रोशन जल स्वरूपा श्री राधा रानी की नगरी में लगी लाइटांे ने रात्रि में भी अंधेरे का प्रवेश वर्जित कर दिया है। विभिन्न प्रकार के 108 टन फलों का छप्पन भोग राधारानी को समर्पित किया जाएगा। सैकड़ों शहीदों के परिजनों के सम्मान में ब्रजवासी पलक पांवड़े बिछाये खड़े नजर आऐंगे। तिरंगा लहराते शहीदों के परिजन जैसे ही राधाकुंड में प्रवेश करेंगे आसमान से पुष्प वर्षा तो बैंड बाजों की धुनों से निकलती देश भक्ति की धुनें अलौकिक नजारा पेश करेंगी।
संत बालक योगेश्वर दास जी ने बताया कि संपूर्ण महोत्सव उन शहीदों को समर्पित है जिन्होंने देश की आन की खातिर अपने प्राणों की बलि हसते हसते दे दी। राधाकुण्ड की मीरा मनोरंजन धर्मशाला में 30 दिसम्बर को हजारों कन्याओं का पूजन, जिले भर के चेयरमैन एवं ग्राम प्रधानों का सम्मान, शहीद परिजनों के आगमन की धूम, कृत्रिम कमल पुष्पों में विराजमान राधा रानी के दर्शन। 31 दिसम्बर को हवन यज्ञ, 108 टन फलों के मध्य सुसज्जित श्री राधा रानी। 1 जनवरी को शहीद परिजन एवं साधु संतों के साथ गिरिराज परिक्रमा। 2 जनवरी को शहीदों की याद में विशाल भंडारा होगा। वहीं 3 जनवरी को शहीद परिवारों का भव्य विदाई समारोह किया जायेगा। इस विशाल कार्यक्रम में भोला दुबे, पंकज खण्डेलवाल,ं दानी शर्मा, सुरेश जोशी, विष्णु रावत, गिर्राज जोशी, खेलन गुरू, छैल बिहारी, खेलन गुरू, ठा0 संजीव कुमार, जगदीश कटारा, विष्णु पहलवान, केके जोशी, नन्नू चैधरी, दिगम्बर, श्याम, अनिल कौशिक, मानपाल चैधरी आदि का विशेष सहयोग कर रहे है।
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