मथुरा

मथुरा। शहर में परिवहन विभाग का बस स्टैण्ड शिफ्रट होने की समस्या का निदान हो गया है। इस संबंध में प्रदीप माथुर विधायक मथुरा वृन्दावन एवं नेता कांग्रेस विधान मण्डल दल विधान सभा ने बताया कि मथुरा के पराग डेरी परिसर में बस स्टैण्ड की स्थापना हेतु भूमि लांग टर्म लीज पर लेने हेतु सरकार ने मन बना लिया है। इस मामले में उच्च स्तर पर प्रदीप माथुर के दखल के बाद मुख्यमंत्री उ0प्र0 अखिलेश यादव ने अब मथुरा में परिवहन विभाग का बस स्टैण्ड बनाये जाने हेतु परिवहन विभाग के बजट में इसके लिए धनराशि का प्रावधान कर दिया है।  ज्ञात रहे कि इस मामले में पिछले वर्ष के बजट में प्रदीप माथुर के प्रयासों से रु0 10 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया था किन्तु पराग डेरी परिकर (दुग्ध विकास विभाग) एवं उ0प्र0 परिवहन विभाग के बीच में भूमि के मुद्दे पर रजामंदी न बन पाने के कारण यह प्रकरण एक वर्ष के लिए टल गया था, किन्तु  प्रदीप माथुर के बार बार अनुरोध एवं मुख्यमंत्री के दखल के बाद इस संदर्भ में फैसला लिया जा सका तथा पराग डेरी परिकर में लांग टर्म लीज पर भूमि लेने तथा उस पर परिवहन बस स्टैण्ड स्थापित किये जाने हेतु बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है।  

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छाता एवं मांट तहसील हेतु संगठन का चुनाव करते बीएलई मथुरा। देश में चल रही ई गवर्नेंश योजना अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में हजारों की संख्या में जन सेवा केन्द्र खोले गये हैं। इन केन्द्रों से सरकार विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है लेकिन विभिन्न कारणों के चलते इन केन्द्रो को चलाने वाले संचालकों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसी समस्या से निपटने हेतु इन संचालकों में एकजुटता आई है और इनके द्वारा देश व प्रदेश स्तर पर वीएलई एशोसियेशन के नाम से एक संगठन का गठन किया जा चुका है और अब जिला, तहसील व ब्लाक स्तर पर इस संगठन का गठन किया जा रहा है इसी क्रम में 3 अगस्त रविवार को वीएलई एशोसियेशन के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव एवं अन्य कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति में तहसील छाता के वीएलई सदस्यों द्वारा अपना तहसील कार्यकारिणी का गठन किया। जिसमें मुरारी लाल का सर्वसम्मित से अध्यक्ष पद हेतु चयन किया गया। वहीं उपाध्यक्ष नेम कुमार, मंत्री देवेन्द्र सिंह, मीडिया प्रभारी नरदेव सिंह को बनाया गया। इसी प्रकार तहसील मांट के वीएलई सदस्यों द्वारा टैंटीगांव में बैठक कर कुलदीप पवार को तहसील मांट का अध्यक्ष, महेश सिंह को उपाध्यक्ष, विशेष प्रताप सिंह को मंत्री व हरकेश वाष्र्णेय को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया।

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14 वर्ष बाद हुई पुराने दोस्तो से मिलकर मनाया जश्न केंद्रीय विद्यालय में प्राचार्य एवं अध्यापकों से आशीर्वाद लेते वर्ष 2005-06 में पास आउट हुए विद्यार्थी मथुरा। केंद्रीय विद्यालय कैण्ट के पुराने कई विद्यार्थियों ने अपने सालों पहले इस विद्यालय में बिताए दिन याद किए और अपने पुराने संगी साथियों के अलावा टीचर्स से भी मुलाकात करके आशीर्वाद लिया। वह पल भी क्या पल थे, जब बस पढाई और हुडदंग के अलावा कुछ नहीं सूजता था। वह बचपन के दिन भुलाए से भी भूल नहीं पाते, अपने क्लासमेटस के साथ बिताए दिनरात आज भी जहन में है। ऐसी ही अनेक यादें उस वक्त ताजा हो गईं, जब केंद्रीय विद्यालय कैण्ट से वर्ष 1995-96 में पासआउट विद्यार्थी एक बार फिर इसी विद्यालय में मिले। अपने क्लासमेट को देखकर सभी की खुशी का ठिनाका न रहा। ये सभी करीब दो दर्जन से अधिक विद्यार्थी जो आज सफल कारोबारी, वेतनभोगी बन चुके है। विद्यालय के स्टाफ, अध्यापकों व प्राचार्य से मुलाकात की और एक दूसरे को परिचय दिया। इस दौरान विद्यालय में हुए बदलाव पर भी हल्का सा जिक्र किया गया। साथ ही कई युवाओं ने तो अपनी बचपन की शरारतों तक को अध्यापकों सेयर किया। इस ग्रुप को अध्यापकों ने आशीर्वाद भी दिया। इसमें जितेंद्र यादव, विकास तोमर, विनोद गौतम, संतोष, पवन आदि दर्जनों युवा थे।

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तहसील दिवस में फरियादें सुनती डीएम बी0 चन्द्रकला एवं सीडीओ दुर्गाशक्ति नागपाल एवं अन्य मथुरा। जिलाधिकारी बी0 चन्द्रकला की अध्यक्षता में सदर ब्लाक के सभागार में तहसील दिवस का आयोजन सम्पन्न हुआ। उन्होंने तहसील दिवस में आज प्राप्त 123 शिकायतों में से 05 शिकायतो का मौके पर ही निस्तारण कर शेष शिकायतों को सम्बन्धित अधिकारियों को हस्तगत कराते हुए तीन दिन और अधिकतम एक सप्ताह के अंदर निस्तारण करने के निर्देश दिये है। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि मौके पर जाकर शिकायत की समस्या को गम्भीरतापूर्वक समझकर गुणवत्ता के साथ उसका निस्तारण करें तथा शिकातकर्ता के हस्ताक्षर भी उसके आवेदन पत्र पर कराये और यदि वह हस्ताक्षर करने से इंकार करता है तो आसपडौस के लोगो से ही हस्ताक्षर कराये। उन्होने अधिकारियों को सचेत करते हुए निर्देशित किया है कि कोई भी शिकायत अधिक समय तक लंबित न रहे समय से त्वरित गति से उसका निस्तारण करें तथा निस्तारण की कार्यवाही से शिकायत कर्ता को भी अवगत कराया जाये ताकि उसे इधर उधर न भटकना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि भ्रमण पर जाते समय शिकायत कर्ता से मिलकर स्थिति को सही ढंग से समझते हुए शिकायत कर्ता को साथ लेकर मौके पर जाकर उसकी समस्या का समाधान करे ताकि वह सन्तुष्ट हो सके जिससे पुनः उसे शिकायत का मौका न मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिये है कि शासन की प्राथमिकताओं में शामिल तहसील दिवस संदर्भो का वेबसाइट पर जाकर उसका संज्ञान लेते हुए आवेदन पत्र को शीघ्रता से निस्तारित किया जाये। इसमें लापरवाही क्षम्य नही होगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती दुर्गाशक्ति नागपाल उप जिलाधिकारी सदर राजेश कुमार एवं सम्बन्धित विभागों के समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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महरौली में प्रधान ने जेसीबी और ट्रैक्टर से खुदवायी मनरेगा की पोखर गांव महरौली की पोखर में खुदाई करती जेसीबी और मिटटी हटाता ट्रैक्टर साथ लाल घेरे में खड़े है प्रधान के भाई राम सरन बघेल दूसरे चित्र में बीच पोखर में खुदाई करती जेसीबी   गोवर्धन। केन्द्र सरकार द्वारा गरीब ग्रामीणों के हित के लिये लागू की गयी मनरेगा योजना के प्रदेश में बदतर हालात है। सरकार और गांवों के जन प्रतिनिधि मिलकर केन्द्र की इस योजना को जमकर पलीता लगाने में जुटे है। विगत दिनों विकास खण्ड गोवर्धन के गांव महरौली में पाया गया कि ग्राम प्रधान द्वारा गांव में मनरेगा से कराये जाने वाले कार्य ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों से पूर्ण कराकर गरीब मनरेगा के मजदूरों के पेट लतियाए जा रहे है। पूर्व में भी ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा योजना में व्यापक स्तर पर धांधलियां करने के आरोप प्रकाश में आते रहे थे। लेकिन विगत रोज गांव पहुंची हमारी टीम ने मनरेगा के कार्य जेसीबी और ट्रैक्टर द्वारा होता आरोपोें की हकीकत को अपने कैमरे में कैद कर लिया। इस करतूत के विषय में जब ग्राम प्रधान पूरन सिंह बघेल से फोन पर वार्ता की गयी तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए इसे अवैध तो बताया लेकिन अपने भाई की मौजूदगी पर चुप्पी साध ली। वहीं ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर मनरेगा में व्यापक स्तर पर घलमेल किये जाने का आरोेप भी लगाया है। विदित हो केन्द्रीय सरकार ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और मजदूर लोगों के लिये रोजगार सुनिश्चित करने हेतु मनरेगा जैसी महती योजना चलायी है। जो अपनी विशेषताओं के चलते विश्व समुदाय में प्रासंगिक बन गयी है और ग्रामीण मजदूरांे व गरीबो के लिये किसी जीवन दायिनी से कम साबित नहीं हो रही है।  चंूकि योजना का क्रियान्वन प्रदेश सरकारों द्वारा किया जा रहा है और केन्द्र से प्रदेश सरकार के कभी भी बेहतर तालमेल नहीं बैठ पाये है बल्कि मतभेद ही रहे है। प्रदेश सरकार भी इस योजना के क्रियान्वयन में कोई खास रूचि नहीं ले रही है। जिससे गरीबों की ये योजना हर ग्राम पंचायत में सत्ता और राजनीति के चन्द ठेकेदारों तक सिमट कर रह गयी है। इसीलिये इस योजना के वास्तविक लाभार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं ग्राम पंचायतांे के प्रधान अपने निजी स्वार्थो की खातिर गरीब मजदूरों के हितों पर डाका डालने में जुटे हुए है। इस केन्द्रीय योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में गरीब मजदूरों 100 दिन का रोजगार दिलाने का वायदा किया गया है। जिसके तहत ग्रामीण मजदूरों को ग्राम पंचायत के होने वाले विकास कार्यों को सम्पादित करना होता है। लेकिन महरौली गांव पंचायत में इस योजना की जमकर धज्जियां उड़ायी जाती देखी गयी। गांव में ग्राम पंचायत द्वारा गांव के वे विकास कार्य जो मनरेगा के मजदूरों द्वारा उन्हें रोजगार उपलब्ध कराते हुए उन्ही से कराये जाने थे वे कार्य जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों से सम्पादित कराकर मजूदरों के हक पर डाका डाला जा रहा है। पिछले काफी लम्बे समय से इसकी काफी शिकायतें भी मिल रही थी। इन शिकायतों पर विगत दिनों गांव महरौली पहुंची हिन्दुस्तान एक्सप्रेस की टीम ने गांव पहुंचने पर इसकी हकीकत अपनी आंखों से देखी और कैमरे में कैद कर ली। ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आने वाले जिस तालाब की मनरेगा के मजदूरों के द्वारा खुदाई करायी जानी थी उसके खुदाई कार्य में ग्राम प्रधान के भाई रामसरन बघेल के निर्देशन में जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर द्वारा खुदाई करायी जा रही थी। जब रामसरन बघेल से इस कार्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के कार्यो के तहत तालाब के किनारों के गडढ़े भरवाने के लिये इस तालाब से मिटटी की खुदाई कराकर गडढे भरे जा रहे है। वहीं जब ग्राम प्रधान पूरन सिंह बघेल से इस खुदाई कार्य के बारे में पूछा गया तो उन्होने से इस तरह के जेसीबी और ट्रैक्टर द्वारा तालाब में कराये जा रहे कार्य को पूरी तरह से अवैध बताते हुए इस से पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर की। वहीं ग्रामीणांे ने इस मौके पर हमारी टीम के सदस्यों को ग्राम प्रधान द्वारा गांव के विकास में बरती जा रही अनेकों अनियमितताओं की शिकायतों की झड़ी लगा दी जिससे साफ प्रतीत हो रहा था कि प्रधान बनने के बाद से ही ग्राम प्रधान पूरन सिंह बघेल द्वारा गांव में व्यापक स्तर पर अनियमितताऐं और घाल मेले किये गये हैै। खैर इन शिकायतों को सच माने या न माने लेकिन गांव में मनरेगा मजदूरों के स्थान पर पोखर में चल रही जेसीबी और ट्रैक्टर की उपरोक्त तस्वीर प्रधान की करतूतों की हकीकत उजागर कर पाने मे पूरी तरह सक्षम रही है। अब देखना ये है कि मनरेगा की इस दुर्दशा को देखकर अधिकारी वर्ग इस ओर क्या कदम उठायेगा या सिर्फ ये मामला भी यूं ही फाइलों में ही दबा रह जायेगा।        

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काठमांडू : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला के साथ बैठक की। दोनों पक्षों के बीच शिष्‍टमंडल स्‍तर की वार्ता भी हुई। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को विकास पर सबसे ज्‍यादा ध्‍यान देना चाहिए। उन्‍होंने कहा ‘सबका साथ, सबका विकास’ भारत के पड़ोसियों के लिए भी प्रासंगिक है। विकास के क्रम में बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत पर बल देते हुए नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच विश्‍वास मजबूत बनाया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि भारत, नेपाल की संप्रभुता का सम्‍मान करता है।  प्रधानमंत्री ने आशा व्‍यक्‍त की कि नेपाल में संविधान निर्माण की प्रक्रिया जल्‍द ही पूरी हो जाएगी। नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा कि दोनों देशों को परस्‍पर विश्‍वास और भरोसे के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्‍होंने विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं में भारत की सहायता मांगी। उन्‍होंने कहा कि विकास के लिए शांति और स्‍थायित्‍व जरूरी है। प्रधानमंत्री ने संविधान सभा के संघीय लोकतांत्रिक गणराज्‍य के लक्ष्‍य की सराहना की। बाद में, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में भारत और नेपाल की बीच तीन समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए। ये हैं -- पंचेश्‍वर विकास प्राधिकरण की स्‍थापना, घेंघा नियंत्रण कार्यक्रम के लिए स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में सहमति और दूरदर्शन तथा नेपाल टीवी के बीच सहयोग। भारत के प्रधानमंत्री की यात्रा के अवसर पर दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक स्‍मारक डाक टिकट भी जारी किया।

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