मथुरा

मथुरा। समय का अभाव और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फास्ट फूड का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं। जबकि फास्ट फूड का अधिक इस्तेमाल सेहत के लिए हानिकारक है। फास्ट फूड की ओर बच्चों का ही नहीं बड़ों का भी रुझान बढ़ रहा है। कारण, रेडीमेड फास्ट फूड सहज उपलब्ध है। वर्तमान में फास्ट फूड की तरफ लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। विद्यार्थी वर्ग हो या नौकरी पेशा, व्यवसाय से जुड़े लोग अधिकांश को फास्ट फूड पर निर्भर होना पड़ रहा है। शहर हो या गांव, घर हो या बाहर हर स्थान पर फास्ट फूड ने अपने पांव पसार रखे हैं। छोटी दुकानें या ठेलों पर तैयार फास्ट फूड हर समय तैयार मिल जाएंगे। भल्ले, पड़ाके, चाऊमीन, बर्गर, पिज्जा आदि का अनंद लेने के लिए लोगों की खासी भीड़ देखी जाती है। कुछ लोगों की यह विवशता है तो कुछ के लिए यह स्टेटस सिंबल। इसके अलावा कुछ लोग स्वाद बदलने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। जबकि चिकित्सकों की मानें तो यह फास्ट फूड स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है और कार्य क्षमता भी प्रभावित कर रहा है। वहीं नगर में फास्ट फूड कल्चर के पीछे मुख्य रूप से दो कारण है। एक तो समयाभाव तो दूसरा फास्ट फूड उद्योग में लगे लोगों का आर्थिक पक्ष। यह खाद्य पदार्थ युवा वर्ग को खोखला कर रहा है। इसमें सोडियम नाइट्रेट जैसे रसायन मिलते है जो कैंसर जैसी बीमारी को पैदा कर सकते हैं। वहीं इस सम्बंध में चिकित्सकों का कहना है कि फास्ट फूड के उत्पादन के समय पौष्टिक तत्व बाहर निकाल दिए जाते हैं, जिसके कारण पाचन तंत्र प्रभावित होती है और लोग अनेक तरह की बीमारियों के शिकार होते हैं। कैलोरी की मात्रा तो मिलती है, लेकिन पोषणतत्व नहीं मिलता। इसमें फाइबरस न होने से कब्ज की शिकायत होती है, जिससे गठिया, गैस, हृदय, लीवर आदि की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।  

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  मथुरा। जनपद के अलग अलग थाना क्षेत्रों में टेªन की चपेट में आकर एक चैकदार सहित दो लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची जीआरपी पुलिस ने दोनो शवों को कब्जें में कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।  मिली जानकारी के अनुसार मथुरा दिल्ली रेलवें मार्ग स्थित गाॅव अगनपुरा में रेलवें चैकीदार 40 वर्षीय ओमप्रकाश निवासी जादों थाना बलदेव की ट्रेन की चपेट में आकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना को देख आसपास के लोग घटना स्थल पर एकत्रित हो गये। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं। वहीं दूसरी घटना थाना फरह क्षेत्र के ग्राम फतेहा के पास टैªन की चपंट में आकर 50 रमेश चन्द्र निवासी फरह की दर्दनाक मौत हो गई सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर मृतक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।

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  मथुरा। थाना सुरीर क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेस वें से अज्ञात चोर हंसराज पुत्र रामपाल सिंह निवासी गौशाला टप्पल अलीगढ़ की बाइक संख्या यूपी 81 ए वाई 5268 को चोरी कर ले गये।

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मथुरा। गर्मी में अब न मांट का तरबूजा मिल रहा है और न महावन के खरबूजे। गर्मी के फलों पर आयी आंच के पीछे किसानों की फसल और पानी न मिलने के कारण गिनाये जा रहे है। यमुना के उस पार महावन में जहां खरबूजे की फसल होती थी और जिसे लोग अच्छा खरबूजा मानते थे आज वह बाजार में नहीं आ रहा है। वहां के किसान कहते है कि अभी फसल में समय है लेकिन जो बात पहले इन फलों में मिठास की मिली थी वह आज पानी और खाद के कारण नहीं मिल पा रही है। यही हाल मांट के तरबूजों का है। कम फसल के चलते बाजार में माल देर में आ रहा है। गर्मी के फलों में अभी फालसा और खिन्नी भी अभी बाजारों में नहीं आये दिख रहे है। गर्मी के फलों में कमी आई है इस बात को फल विक्रेता और आढ़त चलाने वाले भी स्वीकार करते हंै। जबकि इस मौसम में लोगों को इनकी विशेष जरूरत रहती है।  

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मथुरा। रेलवे सुरक्षाबलों द्वारा यात्री ट्रेनों में चलाए गये अभियानों के बाद भी अवैध वैण्डर सिस्टम पर लगाम नहीं कस सकी उसी का परिणाम है कि आज भी खुलेआम धड़ल्ले से अवैध वैण्डर चलती रेल गाडि़यों में भी चने दाल, पानी की बोतल पाउच इत्यादि खाद्य सामिग्री लेकर चढ़ जाते हें दो जून की रोटी के चक्कर में चलती ट्रेनों में चढ़ते ये वैण्डर कई बार अपनी जान भी गवा बैठते है। रेलवे सुरक्षावलों द्वारा यात्री स्वास्थ्य मिलावट खेती की अवैध वस्तु विक्रय को लेकर कई बार अवैध वैण्डर अभियान चलाए गए लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं है। अकेले मथुरा रेलवे जंक्शन पर ही ऐसे तमाम वैण्डर है। जिनके पास कोई लाइसेंस नहीं है और रोजी रोटी के चक्कर में यात्रियों के स्वास्थ्य से भी खिलवाड करते है। इस ओर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हो सकी है।  

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मथुरा। राष्ट्रीय परिवार नियोजन योजना कार्यक्रम के अन्तर्गत सौ शैया चिकित्सालय वृन्दावन में महिला एवं पुरूष नसबन्दी हेतु सेवा दिवस का आयोजन किया जा रहा हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 बीएस यादव ने बताया कि उक्त कार्यक्रम 18 जून को आयोजित किया जायेगा। जिसमें शासन की ओर से महिला नसबन्दी लाभार्थी को प्रोत्साहन के रूप में 600 रूपयें, तथा पुरूष नसबन्दी के लाभर्थी को 1100 रूपयें की राशि प्रदान की जायेगी। शिविर में लाभार्थियों के पंजीकरण प्रातः 8 बजे से 2 बजे तक होगे उन्होंने बताया कि नसबन्दी किसी भी मौसम में कराई जा सकती हैं। डा0 पीके गुप्ता ने बताया कि पुरूष नसबन्दी उन दम्पत्तियों के लिए है जिन्हें भविष्य में और बच्चों की आवश्यकता नहीं हैं। उक्त नसबन्दी बिना चीरा टांका 10 से 20 मिनट में हो जाती हैं। नसबन्दी के बाद पुरूष उसी दिन अपने घर जा सकता हैं।  

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नई दिल्ली : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्‍लेषण प्रकोष्‍ठ(पीपीएसी) द्वारा संगणित/प्रकाशित सूचना के अनुसार भारतीय बॉस्‍केट के लिए कच्‍चे तेल की अंतर्राष्‍ट्रीय कीमत 18 जून को बढ़कर 111.25 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह पिछले कारोबारी दिवस 17 जून की कीमत 110.31 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक है। रुपये के संदर्भ में कच्‍चे तेल की कीमत 18 जून को मामूली बढ़कर 6688.35 रुपये प्रति बैरल हो गई। जबकि 17 जून को यह 6659.41 रुपये प्रति बैरल थी। रुपया 17 जून को 60.37 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर की तुलना में 18 जून को मजबूत होकर 60.12 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर पर बंद हुआ। 

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नई दिल्ली : ई-रिक्‍शा चालकों की एक रैली को संबोधित करते हुए सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत 650 वॉट से कम ऊर्जा से चलने वाली रिक्‍शाओं को हटाने सहित कुछ महत्‍वपूर्ण नीति निर्णयों की घोषणा की। जहाजरानी मंत्री ने कहा कि इन रिक्‍शा ड्राईवरों के स्‍वयं के रिक्‍शा होने चाहिए और उन्‍हें अपने वाहनों को सौ रुपये के शुल्‍क के साथ नगर निगम में पंजीकरण कराकर एक पहचान पत्र भी लेना चाहिए। गडकरी ने कहा कि उन्‍होंने दीनदयाल ई-रिक्‍शा नामक एक योजना का प्रस्‍ताव प्रधानमंत्री और वित्‍त मंत्री को दिया है। इन वाहनों पर तीन प्रतशित प्रति वर्ष ब्‍याज दर के आधार पर ऋण दिया जा सकता है। गडकरी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्‍य व्‍यक्तियों द्वारा खींचे जाने वाले रिक्‍शा की प्रथा को समाप्‍त करना है। जहाजरानी मंत्री ने कहा कि इन रिक्‍शा में 25-25 किलोग्राम के दो सामानों के साथ चार लोगों को यात्रा की अनुमति दी जा सकती है। गडकरी ने कहा कि मंत्रालय के इस पहले निर्णय का उद्देश्‍य देश के दो करोड़ रिक्‍शा चालकों को लाभ पहुंचाना है। गडकरी ने रिक्‍शा चालकों को लोगों की सुरक्षा के लिए गुणवत्‍तापूर्ण रिक्‍शा ही खरीदने की सलाह दी। 

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नई दिल्ली : केन्‍द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्‍मृति जुबिन ईरानी ने कहा है कि उत्‍तराखंड में शीघ्र ही एक नवीन हिमालय प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना की जाएगी। मंत्री महोदया ने उच्‍चतर और तकनीकी शिक्षा राज्‍य सचिवों के सम्‍मेलन में राज्‍य प्रतिनिधियों से वार्ता सत्र के दौरान कहा कि इस संस्‍थान में अंतर्राष्‍ट्रीय संकाय होंगे। स्‍मृति ईरानी ने देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में बड़ी संख्‍या में संस्‍थानों और विश्‍वविद्यालयों में मानक सुविधाओं अथवा पूर्ण संकायों की कमी पर भी चिंता जताई। उन्‍होंने राज्‍यों से ऐसे संस्‍थानों की निगरानी करने और मानकों को सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री महोदया ने 'अपने महाविद्यालय को जाने' अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि इससे वेबसाइट पर महाविद्यालयों के विवरण प्राप्‍त करना सम्‍भव होगा और इससे छात्रों को सही चुनाव करने में मदद मिलेगी। मंत्री महोदया ने पिछड़े क्षेत्रों, अल्‍पसंख्‍यकों, कमजोर तबको और जनजातीय क्षेत्रों में बच्‍चों की शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए राज्‍यों से सहायता की अपील की उन्‍होंने कहा कि देश के प्रमुख संस्‍थानों के साथ सहयोगात्‍मक प्रयास बनाने के लिए पूर्वोत्तर के छात्रों की उच्‍चत्तर शिक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए मंत्रालय द्ववारा विशेष कदम उठाये जा रहे हैं। ईरानी ने राष्‍ट्रीय अविष्‍कार अभियान की आवश्‍यकता का उल्‍लेख करते हुए कहा कि इससे समुदायों और माता-पिता को अभिनव प्रणाली से जोड़ने के साथ-साथ बच्‍चों में विज्ञान के प्रति रूचि जगाने में मदद मिलेगी। उन्‍होंने राज्‍यों से अपने अनुभवों के आधार पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम पर और तत्‍परता से कार्य करने को कहा। इस वर्ष के अन्‍त तक एक राष्‍ट्रीय ई-पुस्‍तकालय का गठन किया जाएगा। मंत्री महोदया ने कहा कि स्‍थानीय परिस्थितियों, स्थितियों और जरूरतों को पूरा करने के लिए विश्‍वविद्यालयों और महाविद्यालयों की रैकिंग का एक राष्‍ट्रीय प्रारूप होना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय शिक्षा और साक्षरता सचिव आर भट्टाचार्य और उच्‍चतर शिक्षा सचिव अशोक ठाकुर ने भी अपने विचार व्‍यक्‍त किए। उच्‍चतर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्‍यों से आए प्रतिनिधियों ने भी विशेष मुद्दों पर अपने विचार प्रस्‍तुत किए। 

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नई दिल्ली : संचार, सूचना, प्रौद्योगिकी, विधि और न्‍याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि अतीत में गलत कारणों से विभाग के चर्चा में रहने के कारण विभाग का मनोबल सुखद स्‍थिति में नहीं है और अब निर्णय योग्‍यता के आधार पर लिया जाएगा और अब पैरवी के दिन लद गए। उन्‍होंने सभी अधिकारियों से कहा कि वह खुले रूप में निर्णय लेना सीखें ताकि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के सबसे महत्‍वपूर्ण क्षेत्र का विकास सुनिश्‍चित हो सके। प्रसाद ने बीएसएनएल तथा एमटीएनएल के कार्य प्रदर्शन और बुनियादी संरचना में सुधार पर बल देते हुए कहा कि यह प्राथमिकता का महत्‍वपूर्ण क्षेत्र है। उन्‍होंने कहा कि वह स्‍वयं बीएसएनएल और एमटीएनएल के कामकाज की सक्रिय निगरानी करेंगे। इसके लिए उनके कक्ष में उचित उपकरण लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि किसी विशेष सर्किल में बेस ट्रांसमिशन स्‍टेशन संतोषजनक तरीके से काम नहीं करने के मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। संचार मंत्री ने कहा कि तीन वर्षों में देश के 2,50,000 ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड सुविधा दे दी जाएगी। संचार भवन में संवादाताओं से बातचीत में संचार मंत्री ने कहा कि चालू वित्‍त वर्ष में 50,000 ग्राम पंचायतों को कवर करने का लक्ष्‍य है तथा 2015-16 और 2016-17 प्रत्‍येक वर्ष में एक लाख ग्राम पंचायतों को कवर किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि बीएसएनएल और एमटीएनएल के प्रदर्शन में सुधार प्राथमिकता है ताकि बेहतर उपभोक्‍ता संतुष्‍टि के लिए इन संगठनों की सेवाओं में सुधार किया जाए। प्रसाद ने कहा कि सरकार देश के पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में दूरसंचार नेटवर्क में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। 5,000 करोड़ की अनुमानित लागत से 8,000 मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। प्रसाद ने बताया कि राष्‍ट्रव्‍यापी मोबाइल नेटकर्क पोर्टेबिलिटी के लिए सिद्धांत रूप में मंजूरी दे दी गई है और ट्राई की सिफारिशें आने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इलेक्‍टॉनिक्‍स विभाग तथा सूचना प्रौद्योगिकी की प्राथमिकता के बारे में रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि इलेक्‍ट्रॉनिक मेन्‍यूफैक्‍चरिंग प्राथमिकता का क्षेत्र है। इस क्षेत्र में दो करोड़ 80 लाख लोगों को रोजगार देने की क्षमता है। उन्‍होंने बताया कि मंत्रालय ने संशोधित विशेष प्रोत्‍साहन सब्‍सिडी योजना के लिए आठ नए क्षेत्रों की पहचान की है। इन क्षेत्रों में गाजियाबाद(उप्र), वडोदरा और गांधी नगर(गुजरात), नागपुर, नासिक, औरंगाबाद तथा थाणे(महाराष्‍ट्र) शामिल है। प्रसाद ने बताया कि मंत्रालय ने भोपाल, भुवनेश्‍वर, हैदराबाद, महेश्‍वरम्, भिवाड़ी, जबलपुर, होसुर तथा काखानाडा में ग्रानफील्‍ड मेन्‍यूफैक्‍चरिंग कलस्‍टर विकसित करने का काम हाथ में लिया है। प्रसाद ने कहा कि देश में मोबाइल फोन के क्षेत्र में विकास तथा उपभोक्‍ताओं के कल्‍याण के दो लक्ष्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए वह स्‍पेक्‍ट्रम संबंधी विषयों के लिए पारदर्शी प्रबंधन करने की प्रक्रिया में है। डाक विभाग की प्राथमिकताओं के बारे में रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि उनका मंत्रालय वित्‍तीय समावेश के लिए पोस्‍टल बैंकिंग स्‍थापित करने पर काम कर रहा है। उन्‍होंने बताया कि देश के एक लाख 55 हजार डाकघरों में कुल बचत जमा 6 लाख करोड़ रुपए है। प्रसाद ने कहा कि ब्रॉडबैंड कनेक्‍टिविटी परियोजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्‍होंने बताया कि बीएसएनएल, पावर ग्रिड कारपोरेशन तथा रेलटेल तीन पायलट परियोजनाओं पर काम कर रही हैं और इन्‍हें चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाया जाएगा।

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