मथुरा

मथुरा। राया थाना क्षेत्र में विवाह कार्यक्रम के लिए सामान लेकर लौट रहा टैम्पो हाथरस रोड पर पलट गया जिसमंे सवार तीन लोग घायल हो गए घायलों को उपचार के लिए चिकित्सालय भेज दिया है। ग्राम परसा की गढ़ी निवासी विजय सिंह, श्रीमती ममता और कु प्रीती विवाह कार्यक्रम के लिए सामान लेने हाथरस गए थे वहां से लौटते वक्त हाथरस रोड पर तेहरा पोखर के समीप टैम्पो पलट गया जिस मंे सवार तीनों लोग घायल हो गए जिनकों उपचार के लिए चिकित्सालय भेज दिया है। बिचपुरी पुलिस ने टैम्पो और चालक को पकड़ लिया है घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुयी है। 

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मथुरा। टाउनशिप क्षेत्र की राष्ट्रीय राजमार्ग-2 से मोहनपुर अडूकी रोड स्थित ताराधाम काॅलोनी सहित करीब दस काॅलोनियों मेें कई स्थानों पर जलभराव हो रहा है जिससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। आये दिन स्कूली बच्चे व राहगीर गड्डेदार सडक में भरे कई फुट पानी में गिर जाते हैं। वहीं सड़क पर जमा हो रहे पानी में मच्छर पनप रहे हैं जिससे संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।  जलभराव को लेकर आक्रोशित ताराधाम काॅलोनी के दर्जनों महिला-पुरूषों ने मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंच नारेबाजी करते हुए उपाध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपा तथा क्षेत्र में जलभराव से हो रहीं परेशानियों से अवगत कराते हुए ताराधाम काॅलोनी से राष्ट्रीय राजमार्ग-2 तक नाली व सडक बनवाने की मांग की। काॅलोनीवासियों का कहना था कि जलभराव के कारण इतना बुरा हाल है कि पैदल तो क्या, चार पहिया गाडियां भी नहीं निकल पा रही हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इस दौरान सतीश चन्द्र शर्मा, जितेन्द्र यादव, विवेक प्रिय आर्य, उमेश अग्रवाल, प्रेमचंद वर्मा, कपिल प्रताप, धर्म सिंह, लेखराज गुर्जर, सुनीता तोमर, विनीता शर्मा, शशि देवी, अर्चना यादव, राजेश, मंजू देवी, ओमवती, ओमप्रकाश सारस्वत, निहाल सिंह, हरवीर सिंह, श्रीपाल सिंह, तोरन सिंह, विनय कश्यप आदि थे।

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फिल्म ‘ए फ्लाइंग जट’ में नजर आ चुके अभिनेता टाइगर श्रॉफ इन दिनों अपनी एक तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया में छाए हुए है। साजिद नाडियाडवाला की एक्शन रोमेंटिक फिल्म ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड में एंट्री करने वाले टाइगर ने सोशल मीडिया पर अपनी बिना शर्ट वाली तस्वीर साझा की है, जो ट्विटर और इंस्टाग्राम पर वायरल हो गई है। तस्वीर में वह बिना शर्ट के अपने डोले-शोले दिखाते नजर आ रहे हैं। कह सकते हैं कि इसमें टाइगर काफी अच्छे लग रहे हैं।   साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । टाटा समूह के चेयरमैन पद से अपदस्थ किए गए सायरस मिस्त्री फिलहाल ग्रुप की कई अहम कंपनियों के प्रमुख के पद पर डटे हुए हैं। वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील जैसी अहम कंपनियों के पद से इस्तीफा देने के मूड में भी नहीं हैं।    मिस्त्री के करीबी एक सूत्र ने बताया कि इन कंपनियों के चेयरमैन के पद को छोडने की उनकी कोई योजना नहीं है। सूत्र ने कहा,वह टाटा समूह में अपने सभी पदों पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। सायरस मिस्त्री को टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन पद से 24 अक्टूबर को अचानक हटा दिया गया था लेकिन वह अब भी समूह की कारोबारी कंपनियों टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड, टाटा पावर कंपनी, टाटा ग्लोबल बेवरेजेज, टाटा केमिकल्स, टाटा इंडस्ट्रीज और टाटा टेलिसर्विसेज के चेयरमैन हैं।     साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इन दिनों क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट (टी20 और वनडे) में अपनी यॉर्कर गेंदों की बदौलत सुर्खियां बटोर रहे हैं। 22 वर्षीय बुमराह का कहना है कि मैंने पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम व वकार यूनुस और ऑस्ट्रेलिया के मिशेल जॉनसन की गेंदों को ध्यान से देखा है और उनसे मुझे काफी कुछ सीखने को मिला है। मैं इन दिग्गज खिलाडिय़ों से प्रेरित हूं और कड़ी मेहनत कर रहा हूं।   अंतिम ओवरों में कमाल की गेंदबाजी करने वाले बुमराह ने हालांकि माना कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते समय केवल यॉर्कर फेंकने में ही पारंगत होना सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि आपको अपनी गेंदबाजी में विविधता रखना बहुत जरूरी है। बुमराह ने कहा कि आप अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ मात्र यॉर्कर गेंदें डालकर सफल नहीं हो सकते। इसके अलावा कोई भी गेंदबाज छह की छह गेंदें यॉर्कर नहीं डाल सकता। आपको इस स्तर पर सफलता के लिए अपनी गेंदों में विविधता लानी होगी। बुमराह ने यॉर्कर फेंकने में दक्षता के बारे में कहा,यह कुछ भी अलग नहीं है। मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की है। यॉर्कर एक लंबी गेंद की तरह ही है। मैंने गुजरात और आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए काफी यॉर्कर फेंकी है। मैंने इसमें दक्षता के लिए टेनिस गेंद से शुरुआत की थी। मैं खुश हूं कि मैं अब यॉर्कर आसानी से डाल सकता हूं।   आईसीसी ने इस बात के लिए कुंबले पर जताया भरोसा दुबई। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के महाप्रबंधक ज्योफ एलारडाइस ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले डीआरएस प्रणाली अपनाने को लेकर अनिच्छुक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को मनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। एलारडाइस ने कहा कि बीसीसीआई जब इंग्लैंड के खिलाफ आगामी श्रृंखला में प्रायोगिक तौर पर डीआरएस को आजमाएगी, ऐसे में कुंबले उसे पूर्ण रूप से डीआरएस अपनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच नौ नवंबर से शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला में बीसीसीआई प्रायोगिक तौर पर डीआरएस प्रणाली का उपयोग करेगी। इसके बाद अगले वर्ष फरवरी में आईसीसी एक बैठक करेगी, जिसमें डीआरएस के भविष्य में इस्तेमाल करने पर एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। एलारडाइस ने फोन पर बताया कि वास्तविकता यह है कि कुंबले अपनी कोचिंग काबिलियत के बल पर भारतीय टीम के कोच नियुक्त किए गए हैं। हमने किसी प्रौद्योगिकी की जांच करने और उसे मान्यता प्रदान करने की जो प्रक्रिया रखी है और नवीन प्रौद्योगिकियों को लेकर कुंबले का जो व्यवस्थित दृष्टिकोण है, उसे देखते हुए उनकी भूमिका बेहद अहम होगी। उन्होंने आगे कहा कि कुंबले इस परियोजना के समर्थन में रहे हैं। वे पिछले वर्ष मई में हुई आईसीसी की क्रिकेट कमेटी की बैठक में भी मौजूद थे। वे क्रिकेट कमेटी के दृष्टिकोण को जानते हैं और कमेटी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार उच्च प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के पक्ष में है।       साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक शतक से ज्यादा बार सीजफायर उल्लंघन कर चुका पाकिस्तान अब सीमा पर तनाव बरकरार रखने के लिए एक और चाल चली है। अब उसने जम्मू में भारत के साथ लगती 190 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा (इंटरनेशनल बॉर्डर) पर सेना की तैनाती बढ़ा रहा है। पहले जहां बॉर्डर स्थित आउटपोस्ट्स और कैंपों की निगरानी आमतौर पर पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा की जाती थी, उसका जिम्मा अब पाकिस्तानी सेना को दे दिया गया है। पाकिस्तान की नई चाल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने रेंजर्स के बदले आर्मी की तैनाती के पाकिस्तान के कदम का संज्ञान लिया है। बीएसएफ और सरकार के शीर्ष सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि पाकिस्तानी आर्मी ने रेंजर्स पोस्टों पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती की है। इसके साथ ही पाकिस्तान की सेना और बीएसएफ आमने-सामने आ गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रेंजर्स के बदले पाकिस्तान आर्मी ने अपना नियंत्रण कायम कर लिया है। हालांकि, यह साफ है कि सीमा पर काफी गतिविधियां हो रही हैं और नियमित तौर पर कई गाड़यिां सैनिकों और हथियारों को ला रही हैं। पिछले आठ-नौ दिनों से ऐसा चल रहा है। इस बारे में कोई खुफिया जानकारी नहीं है कि आखिरकार पाकिस्तान आर्मी क्या कर रही है लेकिन इतना साफ है कि वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सैन्य क्षमता बढ़ा रही है।  सीमा पर राहील शरीफ ने पैदा किया तनाव सीमा पर लगातार तनाव बनाए रखने के पाकिस्तान के कदम को पाकिस्तानी सेना प्रमुख चीफ जनरल राहील शरीफ से जोडक़र देखा जा रहा है। दरअसल, राहील इस महीने के आखिर में रिटायर होने वाले हैं और माना जा रहा है कि खुद को और ज्यादा वक्त तक पद पर बनाए रखने के लिए वह ऐसा करवा रहे हैं। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘जनरल शरीफ ने सीमा पर इस संकट को पैदा किया है और वह इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अपने उत्तराधिकारी पर फैसला कर सकें।’ पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर भारतीय चौकियों और आम नागरिकों पर जो हमले किए जा रहे हैं, उनके पीछे पाकिस्तान आर्मी का हाथ होने के संकेत मिले हैं। दरअसल, बीएसएफ ने सीमा पर तैनात किए गए पाकिस्तानी आर्मी के लोगों की रैंक और नंबर के बारे में जानकारी जुटाई है। सूत्रों के मुताबिक, जम्मू में चेनाब रेंजर्स (पाकिस्तानी रेंजर्स का हिस्सा) का सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर अमजद हुसैन आर्मी का अधकिारी है। बीएसएफ के एक सूत्र ने कहा, ‘इस बात की पूरी आशंका है कि पाकिस्तानी आर्मी ही आम लोगों पर हमलों का निर्देश दे रही है।’         साभार-khaskhabar.com  

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