मथुरा

हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत का खास महत्व है। इस साल 30 अक्टूबर यानी शुक्रवार को करवा चौथ का व्रत है। कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत आता है। यह व्रत सुख-सौभाग्य, दांपतत्य जीवन में प्रेम बरकरार रखता है और रोग, शोक व संकट का निवारण करता है। यह व्रत शाम को चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है। इससे एक खास परंपरा भी जुड़ी है। करवा चौथ का चांद हमेशा छलनी से ही देखा जाता है। क्यों देखते है छलनी से चांद----- इस व्रत की कथा के अनुसार, एक बार किसी बहन को उसके भाइयों ने स्त्रेहवश भोजन कराने के लिए छल से चांद की बजाय छलनी की ओट में दीपक दिखाकर भोजन करवा दिया। इस तरह उसका व्रत भंग हो गया। इसके पश्चात उसने पूरे साल चतुर्थी का व्रत किया और जब पुन: करवा चौथ आई तो उसने विधिपूर्वक व्रत किया और उसे सौभाग्य की प्राप्त हुई। उस करवा चौथ पर उसने हाथ में छलनी लेकर चांद के दर्शन किए। छलनी का एक रहस्य यह भी है कि कोई छल से उनका व्रत भंग न कर दे, इसलिए छलनी के जरिए बहुत बारीकी से चंद्रमा को देखने के बाद ही व्रत खोला जाता है। करवा चौथ का व्रत करने के लिए इस दिन व्रत की कथा सुननी चाहिए। उस समय एक चौकी पर जल का लोटा, करवे में गेहूं और उसके ढक्कन में चीनी-रूपए आदि रखने चाहिए। पूजन में रोली, चावल, गुड़ आदि सामग्री भी रखें। फिर लोटे व करवे पर स्वस्तिक बनाएं। दोनों पर तेरह बिंदियां लगाएं। गेहूं के तेरह दाने हाथ में लेकर कथा सुनें। इसके बाद अपनी सासू मां के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद लें और भेंट दें। चंद्रमा उदय होने के बाद उसी लोटे के जल तथा गेहूं के तेरह दाने लेकर अर्घ्य दें। रोली, चावल और गुड़ चढ़ाएं। सभी रस्में पूरी होने के बाद भोजन ग्रहण करें।          साभार-khaskhabar.com  

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मशरूम एक पौष्टिक, स्वास्थ्यवर्धक एवं औषधीय गुणों से भरपूर रोगरोधक सुपाच्य खाध पदार्थ है। जीवन में कमाल के शकित का संचार करता है। इसमें कालवासिन, क्यूनाइड, प्रोटीन, लेंटीनिन, क्षारीय की उपस्थिति मानव शरीर में टयूमर बनने से रोकती हैं।  मशरूम की प्रजातियां और उनके गुण-: शाकटेक प्रजाति का मशरूम खासतौर पर इम्युनिटी बढाता है, तो रेशी मशरूम हाई ब्लडप्रेशर और दामा से फाइट करता है। माइटेक मशरूम यब्लडप्रेशर और लीवर डिजीज को सही करने काम करता है। यह लौह तत्व आयरन का मुख्य स्त्रोत है। यह शरीर में रक्त की कमी होने पर उसे रोकता है।  मोटापा करे कम-: मशरूम में लीन प्रोटीन होता है जो कि वेट कम करने बडा मददगार होता है। मोटापा कम करने वालों को प्रोटीन डाइट पर रहने को बोला जाता है, जिसमें मशरूम खाना अच्छा माना जाता है।  रिसर्च के अनुसार-: मशरूम में कैंसर, एचअइवी संक्रमण और कई घातक रोगों के उपचार के गुण मौजूद हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज यके रोग में मशरूम के सेवन से रक्त में पाया जाने वाली शर्करा को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। सामान्य तौर पर डायबिटीज के रोगियों के लिए भोजन में बहुत अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है किन्तु यदि रोगी को मशरूम पसंद है तो इसका सेवन उसके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा। हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार यह बात सामने आयी हैं कि अगर नियमित रूप से मशरूम के सेवन से डायबिटीज के रोगियों यके लिए बहुत लाभकारी होगा।               साभार-khaskhabar.com  

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इन दिनों बॉलीवुड के सिंघम अजय देवगन काफी खुश नजर आ रहे हैं। जी हां उनको इस बात की खुशी है कि उनके निर्देशन की आगामी फिल्म शिवाय को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने यू/ए प्रमाण-पत्र दे दिया है। आपको बता दें कि अजय ने इस फिल्म का निर्देशन, निर्माण के साथ ही इसमें अभिनय भी किया है। उन्होंने अपने ट्वीटर पर शेयर किया कि सेंसर बोर्ड के अधिकारी प्रमाण-पत्र को लेकर बेहद सहयोगी रहे। अजय ने ट्वीट में कहा कि, शिवाय को यू/ए प्रमाण-पत्र दिया गया। सीबीएफसी के सहयोग के लिए पहलाज निहलानी का बेहद शुक्रगुजार हूं। अजय की फिल्म शिवाय दिवाली के समय 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। उस दिन करण जौहर की ऐ दिल है मुश्किल भी रिलीज होगी। बॉक्स आॅफिस पर दो बड़ी फिल्में टकराएंगी।                      साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । पाश्र्वनाथ के बाद अब यूनिटेक बिल्डर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक बिल्डर्स को निर्देश दिए हैं कि वह गुडग़ांव में प्रोजेक्ट विस्टा के 38 खरीदारों को उनका पैसा लौटा दे। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने बिल्डर्स को 4 हफ्तों के भीतर बाकी 2 करोड़ रुपये जमा करवाने का भी आदेश दिया है। यूनिटेक बिल्डर्स ने गुडग़ांव में प्रोजेक्ट विस्टा के खरीदारों को 2017 तक फ्लैट देने का भरोसा दिया है, लेकिन 38 खरीदारों ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। अब सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक को इन 38 निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश दिया है। यूनिटेक पहले ही 15 करोड़ रुपये कोर्ट में जमा करवा चुका है। 38 खरीदारों को यूनिटेक की ओर से जमा करवाए गए 17 करोड़ रुपये से उनकी मूल रकम लौटाई जाएगी। कोर्ट ने इन खरीदारों को कहा है कि वह अपने कागजात पेश कर अपनी मूल रकम प्राप्त कर ले, ब्याज पर बाद में फैसला किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट अब अगले साल जनवरी के दूसरे हफ्ते में मामले की सुनवाई करेगा। एनसीडीआरसी के फैसले को दी गई थी चुनौती सुप्रीम कोर्ट में यूनिटेक ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के 2015 के फैसले के खिलाफ याचिका लगाई है। आयोग ने गुडग़ांव के सेक्टर-70 में चल रहे प्रोजेक्ट विस्टास के 38 ग्राहकों को पूरा पैसा ब्याज समेत लौटाने का निर्देश दिया था। आयोग में ग्राहकों ने अपनी अर्जी में कहा था कि 2008 में प्रोजेक्ट लांच हुआ था और 2012 में उन्हें फ्लैट मिलने थे लेकिन यूनिटेक ने उन्हें मकान डिलीवर नहीं किये। बिल्डर्स की मनमानी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त बता दें कि मंगलवार को पार्श्वनाथ बिल्डर्स से जुड़े मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया था. स्ष्ट ने गाजियाबाद-एग्जोटिका फ्लैट केस में पाश्र्वनाथ को निवेशकों को 22 करोड़ रुपये लौटाने के आदेश दिए थे।                        साभार-khaskhabar.com  

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मेलबोर्न । ऑस्ट्रेलियाई टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने पिछले साल तीनों फॉर्मेट (टी20, वनडे, टेस्ट) से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। गजब के बल्लेबाज रहे क्लार्क ने अपनी सर्वश्रेष्ठ विश्व टेस्ट टीम का चुनाव किया है। इस टीम में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर इकलौते भारतीय खिलाड़ी हैं। वहीं क्लार्क ने दिग्गज लेग स्पिनर शेन वार्न को अपनी टीम का कप्तान बनाया है।   क्लार्क ने वार्न के कड़े प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका के ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन को टीम के 12वें खिलाड़ी के रूप में चुना है। क्लार्क ने ऑस्ट्रेलिया के सात खिलाडिय़ों को अपनी टीम में जगह दी है। वहीं, भारत, वेस्टइंडीज और श्रीलंका से एक-एक खिलाड़ी चुना है। दक्षिण अफ्रीका के दो खिलाडिय़ों को टीम में जगह दी गई है। क्लार्क ने सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी कंगारू टीम के पूर्व ओपनर माइकल स्लेटर और मैथ्यू हेडन को सौंपी है। वहीं तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए ऑस्ट्रेलिया को दो विश्व कप दिलाने वाले कप्तान रिकी पोंटिंग को चुना है। चौथे स्थान पर उन्होंने सचिन को रखा है, जबकि पांचवें स्थान पर महान कैरेबियाई बल्लेबाज ब्रायन लारा को जगह दी है। दुनिया के शीर्ष हरफनमौला खिलाडिय़ों में शुमार दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस को क्लार्क ने छठे स्थान पर बल्लेबाजी के लिए टीम में रखा है। दुनिया के महानतम विकेटकीपरों में शुमार एडम गिलक्रिस्ट को क्लार्क ने अपनी टीम मे भी विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। क्लार्क की इस विश्व एकादश में तेज गेंदबाजी का जिम्मा ग्लेन मैक्ग्रा, मिशेल जॉनसन और दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन को सौंपा गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय में कई पूर्व खिलाड़ी अपनी पसंद सर्वकालिक एकादश टीम चुन चुके हैं। इसमें वही खिलाड़ी चुने जाते जाते हैं जिनके साथ या खिलाफ वे खेल चुके हैं। क्लार्क की अगुवाई में पिछले साल ऑस्ट्रेलिया ने अपनी ही धरती पर न्यूजीलैंड को हराकर पांचवीं बार वनडे विश्व कप का खिताब अपनी झोली में डाला था। वर्ष 2004 में करिअर शुरू करने वाले क्लार्क ने 115 टेस्ट, 245 वनडे और 34 टी20 मैच खेले थे। 35 वर्षीय क्लार्क के टेस्ट में 49.10 के औसत से 8643, वनडे में 44.58 के औसत से 7981 और 34 टी20 मैच में 21.21 के औसत से 488 रन रहे।  टीम : शेन वार्न (कप्तान), माइकल स्लेटर, मैथ्यू हेडन, रिकी पोटिंग, सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, जैक्स कैलिस, एडम गिलक्रिस्ट, मिशेल जॉनसन, ग्लेन मैक्ग्रा, डेल स्टेन। मुथैया मुरलीधरन (12वें खिलाड़ी)।                          साभार-khaskhabar.com  

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बगदाद । मोसुल से आईएसआईएस को खदेडऩे की सोमवार को शुरू हुई कवायद के तहत इराक और अमेरिका नीत गठबंधन सेनाओं ने अभियान शुरू होने के 24 घंटों के भीतर ही मोसुल के बाहरी इलाके में बसे करीब 20 गांवों को अपने कब्जे में ले लिया है। उधर, एक सैनिक के शरीर में लगे कैमरे में कैद हुई फुटेज से मोसूल में हो रही लड़ाई की खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं। एक कुर्दिश लड़ाके ने इसे भयानक गोलीबारी और बम धमाकों के बीच खुले मैदान में भागते समय रिकॉर्ड किया। मेल ऑनलाइन की खबर के मुताबिक, फुटेज में इस सैनिक के साथ पेशमेरगा लड़ाकों की एक टीम भी दिख रही है, जो कि अपनी जान जोखिम में डालकर लड़ाई के मैदान में बनी एक इमारत में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इस वीडियो में आईएसआईएस के आतंकी ‘चूहों की तरह इधर-उधर भागते और हमले करते’ हुए नजर आ रहे हैं। शहर में खुदी हुई कई सुरंगों से निकलकर वे अचानक ही सैनिकों पर आत्मघाती हमला कर देते हैं। मोसुल में चल रही लड़ाई आने वाले दिनों में और भयानक होने की उम्मीद है। इसे देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वहां रह रहे लोगों से शहर छोडक़र भागने की अपील की है। डर है कि आईएसआईएस भाग रहे लोगों को ढाल बनाने की कोशिश करेगा। इसके अलावा ऐसी संभावनाएं भी जताई जा रही हैं कि आतंकवादी केमिकल हथियार, लंबी दूरी से निशाना लगाकर गोली मारने वाले निशानेबाज और कई तरह के जाल बिछाकर खुद को बचाने की कोशिश करेंगे। हवाई बमबारी से बचने के लिए आईएसआईएस की ओर से ऑइल फायरिंग की गई, जिससे कि आसमान धुएं से भर गया और हवाई हमला करना मुश्किल साबित होने लगा।यह वीडियो इराक के एक टीवी स्टेशन ने जारी किया। इसमें इराकी और सहयोगी देशों के सैनिक मोसुल शहर के पास खाजेर में आतंकियों के साथ लड़ते हुए दिख रहे हैं। यहां आसपास बहुत ज्यादा गोलीबारी हो रही है। वीडियो में इराकी सैनिक एक इमारत में घुसने के लिए दौड़ते हुए दिखे और वहां पहुंचकर उन्होंने आतंकियों पर हमला करना शुरू कर दिया। इराकी फौज को मोसुल की ओर बढऩे से रोकने के लिए आईएसआईएस सोमवार से ही कार बम हमले और ऑइल फायर जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था। वीडियो को देखकर लगता है कि इन चुनौतियों को पार करने में सैनिकों को कामयाबी मिल गई है। सेना को बढऩे से रोकने के लिए आईएसआईएस ने एक दिन में 12 आत्मघाती हमले करने का दावा किया है। इराकी लेफ्टिनेंट मेहसेन गर्दी ने डेली टेलीग्राफ को बताया कि मोसुल के बाहर एक गांव में चल रही लड़ाई के दौरान आईएसआईएस आतंकी वहां बने सुरंगों के जाल से चूहों की तरह निकलकर हम पर आत्मघाती हमले कर रहे थे।’ मंगलवार रात उन्हें मोसुल के पूर्व में स्थित कुछ गांवों को आईएसआईएस से छीनने में कामयाबी मिली। अब इराकी सेना मोसुल पर कब्जे की अपनी कार्रवाई के अगले चरण की ओर बढ़ रही है। एक इराकी कर्नल ने मंगलवार को बताया कि उनकी सेना अपने मकसद में कामयाब रही है और अब वे खाजेर इलाके में अपने मोर्चों पर डटे हुए हैं। यह सेना अभी आगे बढऩे की जगह अपनी पोजिशन्स पर जमी हुई है। सोमवार को यहां दोनों पक्षों के बीच जमकर लड़ाई हुई थी। भारी मात्रा में हवाई बमबारी भी की गई थी। मोसुल आईएसआईएस का आखिरी शहरी गढ़ है। इसे उनके कब्जे से वापस लेने की सैन्य कार्रवाई सोमवार को शुरू की गई। लड़ाई का फ्रंट लाइन मोसुल के पूर्व में शहर से करीब 20 मील की दूरी पर है। यह लड़ाई लंबी चलने की उम्मीद है। इराकी सेना के मुताबिक, सुन्नी कबीलों के लड़ाके और कुर्दिश पेशमेरगा के जवान पहले शहर को चारों ओर से घेरने की कोशिश करेगें। इसके बाद से आईएसआईएस को बाहर खदेडऩे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि मोसुल में फिलहाल 10 लाख लोगों की आबादी है। शहर में 4,000 से 8,000 आईएसआईएस आतंकवादियों के मौजूद होने की संभावना है। मंगलवार को इस लड़ाई में ब्रिटिश लड़ाकू विमानों की भूमिका काफी अहम साबित हुई। जेट विमानों ने आईएसआईएस की पोजिशन्स को निशाना बनाकर बमबारी की। सैन्य प्रमुखों के मुताबिक, अभी तक की लड़ाई में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। हमले में 40,000 से ज्यादा इराकी और कुर्दिश सैनिक शामिल हैं। इन्हें अमेरिका के नेतृत्व में गठित 60-देशों से आसमान और जमीन दोनों पर ही मदद मिल रही है। माना जा रहा है कि मोसुल को जीतना काफी चुनौतीपूर्ण साबित होगा और इस अभियान में महीनों लग सकते हैं।                     साभार-khaskhabar.com  

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