पर्यावरण / मौसम

कर्नाटक हाईकोर्ट का ताज़ा फैसला कोई साधारण कानूनी टिप्पणी नहीं है। यह शासन व्यवस्था की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट है। अदालत ने दो टूक शब्दों में स्वीकार किया है कि अवैध रेत खनन पर राज्य का कोई नियंत्रण नहीं बचा है। कानून थक चुका है। प्रशासन ने हथियार डाल दिए हैं। राजनीति ने आंखें मूंद ली हैं...

Read More

भारत में पहले की अपेक्षा कहीं अधिक तीव्र मानसून का सामना करना पड़ा होगा। वैज्ञानिकों ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित राजा रानी झील में लगभग 1060 से 1725 ईस्वी के बीच मध्य भारत में तीव्र वर्षा, वर्षा, वनों और जलवायु परिवर्तन के प्रमाण पाए हैं...

Read More

ज़रा जाड़े की उस सुबह की कल्पना कीजिए, धुंध इतनी गाढ़ी कि ताज महल का सफ़ेद संगमरमर भी भूत-सा दिखने लगे। हवा में ऐसी सड़ांध कि सांस लेते ही सीने में जलन हो और ठीक ताज के पीछ, यमुना नदी, जिसने कभी मुग़लों का इतिहास देखा, आज ज़हरीले झाग का उबलता कब्रिस्तान बन चुकी है। ऐसा लगता है मानो ताज महल अपनी ही धीमी मौत का मातम मना रहा हो।

Read More

18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक खामोश लेकिन बोल्ड फैसले में, वह दरवाज़ा फिर खोल दिया जिसे उसने पहले पूरी ताक़त से बंद कर दिया था। जो काम पहले ग़ैर-क़ानूनी कहा गया था, उसे अब अपवाद बना दिया गया है। असल में कोर्ट ने सिर्फ़ क़ानून की व्याख्या नहीं बदली, उसने जवाबदेही का मायना बदल दिया। एक मुल्क जहां हवा ज़हरीली, नदियां बीमार और जंगल ग़ायब हो रहे हों, वहां यह फैसला क़ानूनी उलझन नहीं बल्कि एक खतरे का संकेत हो सकता है।

Read More

इस साल मॉनसून के समय पर आगमन ने पूरे भारत के किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी। नदियां उफान पर रहीं, जलाशय लबालब भर गए, नहरों का जलस्तर उम्मीदों से ऊपर रहा। लेकिन, सितंबर तक जारी रही बारिश के बाद अब फिर हर साल की तरह पानी की कमी और आपूर्ति में रुकावट की चिंता सताने लगी है।

Read More

मथुरा में यमुना किनारे शाम ढल रही है। आरती की घंटियां बज रही हैं, अगरबत्तियां जल रही हैं, पुजारी मंत्रोच्चार कर रहे हैं, और सैकड़ों श्रद्धालु पवित्रता व मोक्ष की कामना में एकत्र हैं। लेकिन, गेंदा फूलों की महक के उस पार एक कड़वी हक़ीक़त है, प्लास्टिक कचरा यमुना में तैर रहा है, रासायनिक झाग डरावने अंदाज़ में चमक रहे हैं, और यह नदी, जो करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है, उपेक्षा के बोझ तले कराह रही है। यही दृश्य गंगा, कावेरी, नर्मदा के किनारों पर देखने को मिल सकते हैं...

Read More

भारत का नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र एक नए रूपान्‍तरकारी चरण में प्रवेश कर रहा है, जो न केवल क्षमता वृद्धि की गति से बल्कि इसकी प्रणालियों की मजबूती, स्थिरता और गहनता से भी परिभाषित होगा। एक दशक के रिकॉर्ड विस्तार के बाद, अब फोकस मज़बूत, वितरण योग्य और लचीली स्वच्छ ऊर्जा संरचना के निर्माण पर केंद्रित है जो 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता प्राप्त करने के देश के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक हो सके...

Read More

राजस्थान के रेगिस्तान को बढ़ने से रोकने और हरियाली बढ़ाने में इंदिरा गांधी नहर और बेहतर जल प्रबंधन ने अहम भूमिका निभाई है। इस परियोजना ने थार के रेगिस्तान में पानी पहुंचाकर कृषि योग्य भूमि बढ़ाई, वनाच्छादन को प्रोत्साहित किया और स्थानीय वर्षा दर में सुधार किया है।

Read More

भारत में भारी बारिश से हुई त्रासदी ने अपना कहर बरपाया है। आगरा के ऐतिहासिक ताज महल से लेकर मथुरा-वृंदावन की पवित्र भूमि तक, यमुना नदी अपने किनारों से उफनकर बाहर निकली है, जिससे भारी तबाही हुई है। यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मानवजनित विनाश है।

Read More

हवा में मौजूद रोगाणु यानी फेफड़ों, आंतों, मुंह और त्वचा में संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया, दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में कम भीड़-भाड़ वाले इलाकों की तुलना में दोगुने से ज़्यादा हैं...

Read More