कवि-कथाकार राजेंद्र आहुति के 'वाक्यांश' (कविता-संग्रह) को पढ़ते हुए एक सुखद रचनात्मक अनुभूति होती है। रोजमर्रा के जीवन से कदमताल करते, जीवन की कठिनाईयों और सच्चाईयों से मुठभेड़ करते हुए राजेंद्र आहुति कविता लिखते हैं। उनकी गहन अनुभूति से उपजी कविताएं इस मामले में बेपरवाह हैं कि कविता को आप कैसे देखते-समझते हैं! वह आपकी अनुभूति हो सकती है! कवि प्रयोगधर्मी है। रूप और अन्तर्वस्तु के अकादमिक विमर्श से अलग अपनी राह चलते रहने को प्रस्तुत...
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