समूचे बृज क्षेत्र में होली के हुड़दंग की धूम मची हुई है। हजारों वर्षों से बृज की धरती पर होली खेली जाती रही है। इतिहास के बादल गुजरते चले गए, संस्कृति और परम्पराओं में बदलाव आता रहा किन्तु बृज के कण-कण में आज भी राधा-कृष्ण का प्रेम व होली जनमानस के मन-मस्तिक पर अमिट छाप लिए बनी हुई है।
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