संपादकीय

युवाओं की उद्यमी महत्‍वाकांक्षा और उपभोक्‍तावादी इच्‍छाओं को उनके दृष्टिकोण और विवेकपूर्ण कार्यों में नैतिकता और नैतिक मूल्‍यों को विकसित करने के लिए विवेकानंद का जन्‍म दिवस 12 जनवरी देश के युवाओं को समर्पित है। आज के युवा बाजार संचालित उपभोक्‍तावादी संस्‍कृति के अ‍त्‍यधिक दिखावे से सम्‍मोहित हैं।

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प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के 15वें संस्करण का कर्नाटक के बैंगलुरू में 7-9 जनवरी में आयोजन किया जा रहा है। इस तरह के पहले वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 9-11 जनवरी को साल 2003 में किया गया था और अगस्‍त 2000 में गठित एक उच्‍चस्‍तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर इसे 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस अथवा ओवरसीज इंडियन के रूप में अपनाया गया।

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भारत को अपनी 60 प्रतिशत जनसंख्या क्रियाशील (कार्य करने वाली) आयु में होने का जनसांख्यिकीय लाभ है। भारत के समक्ष यह युवा शक्ति विकास दर में वृद्धि करने और शेष विश्व को कुशल श्रमशक्ति प्रदान करने का सुअवसर प्रदान करती है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार यह जनसांख्यिकीय फायदा इसलिए है क्योंकि भारत की क्रियाशील आयु वाली जनशक्ति अगले तीन दशकों, कम से कम 2040 तक, आश्रित जनसंख्या से अधिक बनी रहेगी।

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उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में विलंब के लिए लगातार कार्यपालिका को जिम्मेदार ठहराने और उसपर न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करने के लग रहे आरोपों के बीच एक संसदीय समिति ने देश के प्रधान न्यायाधीश और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल एक साल से अधिक समय का निर्धारित करने की सिफारिश की है। समिति की इस सिफारिश पर यह सवाल उठना स्वाभाविक होगा कि आखिर देश की स्वतंत्र न्यायपालिका के इतिहास में अभी तक कभी ऐसा महसूस क्यों नहीं किया गया और अब इस तरह का सुझाव संसदीय समिति ने क्यों दिया?

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साल 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 2.68 करोड़ (2.21 प्रतिशत) दिव्यांगजन हैं, लेकिन कुछ अन्य अनुमानों के अनुसार वास्तविक संख्या इससे ज्यादा हमारी आबादी का पांच प्रतिशत अधिक हो सकती है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांगजनों के प्रति दृष्टिकोण में काफी बदलाव आया है। सरकार ने भी अब दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार आधारित आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। इस वर्ष 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस मनाया जा रहा है।

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उच्च मूल्य के नोटों के चलन को बंद करने के कदम के जरिए काले धन के खिलाफ मोदी सरकार द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक अचल संपत्ति क्षेत्र को हिलाकर रख देगी क्‍योंकि इस क्षेत्र में मुख्‍यत: अघोषित पैसे से ही लेन-देन होते रहे हैं। इस ऐतिहासिक कदम से शुरू में इस सेक्टर को सुस्‍ती का सामना करना पड़ सकता है लेकिन काला धन बाहर निकालने एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्‍य से की गई यह बड़ी अहम पहल अचल संपत्ति क्षेत्र के लिए एक वरदान साबित होगी।

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