स्वच्छता और शौचालय क्रांति की शुरुआत बेशक महात्मा गांधी जी ने की लेकिन यह दुर्भाग्य रहा कि लंबे अंतराल के बाद भी भारत में स्वच्छता की संस्कृति जन-जन तक पैठ नहीं बना सकी। इसलिए आज भी देश को पूरी तरह स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त नहीं किया जा सका है।
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