वैश्वीकरण के दौर में साहित्य की दशा और दिशा

वैश्वीकरण एक उत्तर औपनिवेशिक अवधारणा है। दूसरे महायुद्ध के बाद दूसरी और तीसरी दुनिया के अनेक पराधीन देश, जो लंबे समय से अपनी आजादी के लिए संघर्षरत थे, एक-एक कर स्वतंत्र होते गए।

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