धर्मेंद्र कुमार

दैनिक जागरण, अमर उजाला, नवभारतटाइम्स.कॉम और एनडीटीवीखबर.कॉम के रास्ते पत्रकारिता में पिछले दो दशक से ज्यादा समय से सक्रिय धर्मेंद्र कुमार मीडियाभारती वेब सॉल्युशन्स के प्रमुख हैं।

जेके टायर्स एंड इंडस्ट्रीज़ भारत के ऑटो सेक्टर की तेज़ रफ्तार पर सवार है। जैसे-जैसे ट्रक, बसें और कारें बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर रही हैं, वैसे-वैसे टायरों की मांग भी बढ़ती जा रही है। और, जेके टायर्स, अपनी रेडियल तकनीक में मज़बूत पकड़ के साथ, इस विकासक्रम को भुनाने की अच्छी स्थिति में प्रतीत होता है...

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इंडस टावर्स की कहानी दरअसल भारत के डिजिटल परिवर्तन की लहर पर सवार होने की है। कंपनी के पास पहले से ही एक विशाल नेटवर्क है। 2,25,000 से अधिक टावर और लगभग 3,75,000 साझा केंद्र, जो देश के सभी 22 टेलीकॉम सर्किल में फैले हुए हैं। यही पैमाना इसे मजबूत आधार देता है...

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बॉलीवुड की ‘आत्मा’ हिंदी फिल्मों में वापस लौट रही है, और ऐसा लगता है कि पिछले कम से कम दो दशकों से हिंदी के दर्शक जिस चीज को बेइंतहा 'मिस' कर रहे थे, उसे अब वापस परोसा जाने लगा है। बात चाहे संगीत की हो, धुआंधार एक्शन की हो या फिर वास्तविक दुनिया से दूर, कहीं बहुत ऊंचाई पर खड़े, अविश्वसनीय खलनायकों की। पिछली कई फिल्मों के बाद, 'ओ रोमियो' भी इसे साबित करती है...

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काफी समय तक बुद्धिलब्धि, यानी आईक्यू, का स्कोर पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ता रहा है। इस प्रवृत्ति को 'फ्लिन प्रभाव' कहा जाता है। लेकिन, हाल के वर्षों में शोधकर्ताओं ने कुछ अलग ही रंग देखा है। नई पीढ़ियां, खासकर जेन-जी, उसी उम्र में मिलेनियल और बूमर्स की तुलना में कम अंक ला रही हैं। क्यों...

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कभी 'खिलाड़ी', 'बाजीगर', 'सोल्जर', 'अजनबी' और 'हमराज' जैसी 'कल्ट' फिल्में देने वाले वाले अब्बास-मस्तान को 'किस किसको प्यार करूं' जैसी फिल्में बनाते देखने से दिल को बहुत दर्द होता है। इतना ही नहीं, दोबारा 'किस किसको प्यार करूं2' जैसी फिल्म बनाने की क्या मजबूरी रही होगी, समझ से बाहर है...

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जब अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने की खबर आई, तो बाज़ार की प्रतिक्रिया लगभग तुरंत दिखी। भारी टैरिफ़ के बोझ तले दबे हुए टेक्सटाइल निर्यातक, अचानक राहत महसूस करने लगे। गोकलदास एक्सपोर्ट्स और केपीआर मिल जैसे शेयर तेज़ी से ऊपर गए और अपर सर्किट तक पहुंच गए, क्योंकि निवेशकों को साफ़ दिख रहा था कि कम शुल्क का मतलब है, बेहतर मार्जिन, मज़बूत प्रतिस्पर्धा और अमेरिकी बाज़ार में विकास का रास्ता बिल्कुल साफ...

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