‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का मुद्दा फिर से गर्म होने लगा है। साथ ही, यह बहस भी एक बार फिर से शुरू हो चुकी है कि क्या ऐसा करना जरूरी है!
Read More
दैनिक जागरण, अमर उजाला, नवभारतटाइम्स.कॉम और एनडीटीवीखबर.कॉम के रास्ते पत्रकारिता में पिछले दो दशक से ज्यादा समय से सक्रिय धर्मेंद्र कुमार मीडियाभारती वेब सॉल्युशन्स के प्रमुख हैं।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का मुद्दा फिर से गर्म होने लगा है। साथ ही, यह बहस भी एक बार फिर से शुरू हो चुकी है कि क्या ऐसा करना जरूरी है!
Read More
आपद काल में छोटी बचतें कितनी कारगर साबित हो सकती हैं, बता रहे हैं वित्त नियोजक अभिनव गुप्ता। पूरा आलेख पढ़ने, वीडियो देखने, पोडकास्ट सुनने और अपनी राय व्यक्त करने के लिए महज एक रुपये में सब्सक्राइब करें, दिनभर के लिए...
Read More
चुनावी प्रक्रिया में, 'साइलेंट वोटर' के रूप में एक नया 'फिनोमिना' सामने आया है। मतदाताओं का यह वर्ग अपनी 'राय' जाहिर नहीं करता है, सिर्फ वोट करता है। मतदाताओं के इस नए रूप और व्यवहार के बारे में बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल। पूरा आलेख पढ़ने, वीडियो देखने, पोडकास्ट सुनने और दिनभर विमर्श में भाग लेने के लिए अभी सब्सक्राइब करें महज एक रुपये में...
Read More
निजता के नाम पर रिश्तों में दूरी बनाने से होने वाले नुकसानों का जिक्र कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार केशव चतुर्वेदी। इस विषय पर विचार व्यक्त करने के लिए अभी सब्सक्राइब करें, महज एक रुपये में दिनभर के लिए...
Read More
भोजपुरी साहित्य की परंपरा संत कबीर दास, दरिया दास व तुलसी दास से लेकर भिखारी ठाकुर की रचनाओं तक विस्तारित है। माना जाता है कि संस्कृत की साक्षात पुत्री है भोजपुरी भाषा...। साहित्य समालोचक प्रमोद कुमार पांडेय बता रहे हैं, भोजपुरी भाषा के उद्गम की कहानी। पूरा आलेख पढ़ने और अपने विचार व्यक्त करने के लिए अभी सब्सक्राइब करें, महज एक रुपये में...
Read More
बीते कई राजनीतिक और सामाजिक प्रकरणों में रिपोर्टिंग से ऐसा लगने लगा है कि मीडिया अपनी मारक क्षमता कहीं खो बैठा है। मीडिया के सुर, लय और ताल के खो जाने से खिन्न ब्रज खंडेलवाल बता रहे हैं इसकी वजह...। इस विमर्श में भाग लेने और अपनी राय व्यक्त करने के लिए अभी सब्सक्राइब करें, महज एक रुपये में...
Read More