नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देशवासियों को 24वीं बार ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत कश्मीर के मुद्दे से की है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उरी में हुए हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और हमले को कायरपूर्ण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि उरी आतंकी हमले में18 वीर सपूतों को हमने खो दिया। मैं इन सैनिकों को नमन करता हूं और श्रद्धांजलि देता हूं। ये क्षति पूरे राष्ट्र की है और मैं देशवासियों को फिर से दोहराना चाहता हूं कि दोषी सज़ा पा कर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमें सेना पर भरोसा है। देशवासी सुख-चैन की जि़ंदगी जी सकें, इसके लिए वो पराक्रम की पराकाष्ठा करने वाले लोग हैं। हम नागरिकों के लिए, राजनेताओं के लिए, बोलने के कई अवसर होते हैं। हम बोलते भी हैं लेकिन सेना बोलती नहीं है। सेना पराक्रम करती है।
पीएम मोदी ने कहा कि कश्मीर के नागरिक देश-विरोधी ताकतों को समझने लगे हैं, वे ऐसे तत्वों से अपने-आप को अलग करके शांति के मार्ग पर चल पड़े हैं। शान्ति, एकता और सद्भावना ही हमारी समस्याओं का समाधान का रास्ता भी है, हमारी प्रगति का रास्ता भी है, हमारे विकास का भी रास्ता है। हर समस्या का समाधान हम मिल-बैठ करके खोजेंगे, रास्ते निकालेंगे और साथ-साथ कश्मीर की भावी पीढ़ी के लिये उत्तम मार्ग भी प्रशस्त करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि उरी आतंकवादी हमले के बाद नागरिकों के मन में जो आक्रोश है, उसका एक बहुत-बड़ा मूल्य है। ये राष्ट्र की चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 1965 की लड़ाई में लाल बहादुर शास्त्री जी ने ‘जय जवान- जय किसान’ मंत्र देकर के सामान्य मानव को देश के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी। बम-बन्दूक की आवाज़ के बीच देशभक्ति को प्रकट करने का और भी एक रास्ता हर नागरिक के लिये होता है, ये शास्त्री जी ने प्रस्तुत किया था। महात्मा गांधी भी आन्दोलन की तीव्रता को समाज के अन्दर रचनात्मक कामों की ओर प्रेरित करने के लिए बड़े सफल प्रयोग करते थे। सेना अपनी जि़म्मेवारी निभाए, शासन कर्तव्य निभाएं, नागरिक देशभक्ति के जज़्बे के साथ रचनात्मक योगदान दें, तो देश ऊंचाइयों को पार करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि दीपा मलिक ने जब मेडल प्राप्त किया, तो कहा कि इस मेडल से मैंने विकलांगता को ही पराजित कर दिया है। इस वाक्य में बहुत बड़ी ताक़त है। गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले देवेन्द्र झाझरिया ने दिखा दिया कि शरीर की अवस्था, उम्र का बढऩा, उनके संकल्प को कभी भी ढीला नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि इस बार के पैराओलंपिक में दिव्यांगजनों ने जनरल ओलंपिक के रिकार्ड को तोड़ दिया हैं। खेल से भी बढक़र इस पैराओलंपिक और खिलाडिय़ों के प्रदर्शन ने, दिव्यांगों के प्रति दृष्टिकोण को, पूरी तरह बदल दिया है। मैं फिर एक बार, हमारे इन सभी खिलाडिय़ों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आने वाले दिनों में भारत पैराओलंपिक के लिये भी, उसके विकास के लिये भी, एक सुचारु योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने नवसारी की धरती पर विश्व रिकॉर्ड किया, 8 घंटे में 600 दिव्यांगजनों को सुनने के लिए मशीनें फीड करने का सफल प्रयोग किया। पीएम मोदी ने कहा कि 2 साल पहले, 2 अक्टूबर को बापू की जन्म जयंती पर मैंने कहा था कि स्वच्छ्ता- ये स्वभाव बनना चाहिए, हर नागरिक का कर्तव्य बनना चाहिए। 2 अक्टूबर को जब दो वर्ष हो रहे हैं, तब मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देशवासियों के दिल में स्वच्छ्ता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। सब कोई, स्वच्छ्ता के अन्दर कुछ-न-कुछ योगदान दे रहे हैं मैं मीडिया के मित्रों ने भी एक सकारात्मक भूमिका निभाई है। ग्रामीण भारत में अब तक करीब-करीब ढाई-करोड़ शौचालय का निर्माण हुआ है और आने वाले एक साल में डेढ़ करोड़ और शौचालय बनाने का इरादा है।
साभार-khaskhabar.com
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