मथुरा

शाहरुख खान के साथ भारत में अब तक सबसे कम उम्र के ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ के तौर पर नामांकित होने वाले दर्शील सफारी ने बतौर बाल कलाकार फिल्म तारें जमीन पर में काम करके उत्कृष्ट अभिनय का एक नया स्तर स्थापित किया है। एक किशोर के रूप में कुछ महत्वपूर्ण भूमिकाएं करने के बाद वह अपने पसंदीदा पेशे में वापस आ गए हैं। जब उनसे कहा गया कि वह बड़े हो गए हैं, यह यकीन करना मुश्किल है तो उन्होंने हंसते कहा कि हालांकि वह अभी भी तारें जमीन पर के बच्चे के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन शुक्र है कि यादें अब धुंधली हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह कुछ फिल्मों में बतौर बाल कलाकार काम करने के बाद अभिनय के क्षेत्र में ही काम करने को लेकर उन्होंने कुछ तय नहीं किया था। अपने पिता के कहने पर उन्होंने अभिनय से छुट्टी लेकर 11वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई की और अपने दोस्तों संग आनंद लिया। उनके अनुसार, कॉलेज में शौकिया तौर पर 30-35 नाटक करने के बाद उन्हें यकीन हो गया कि वह अभिनेता ही बनना चाहते हैं। नेशनल सेंटर ऑफ परफार्मिग आर्ट्स के नाटक में प्रदर्शन करने का मौका मिलने के बारे में वह बताते हैं कि जब निर्देशक अभिषेक पटनायक ने उन्हें दिलीप व अनंत महादेवन जैसे दिग्गजों के साथ नाटक ‘कैन आई हेल्प यू’ करने का प्रस्ताव दिया, तो उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह बहुत मुश्किल होगा। वह इस प्रकार की चुनौती का अपने अभिनय में परिपक्वता के लिए तलाश कर रहे थे। अपनी भूमिका के बारे में दर्शील ने बताया, मैं इसमें रिखाब नाम के आक्रामक तेज गेंदबाज का किरदार निभा रहा हूं। मुझे पता है कि तेज गेंदबाज हर लिहाज से आक्रामक होते ही हैं, लेकिन रिखाब का गुस्सा क्रिकेट के मैदान से परे चला जाता है। वह गुस्से में हैं, आक्रोश में हैं, वह अंदर से उत्तेजित है, जब तक उसके साथ कुछ हो नहीं जाता। नाटक के संदर्भ में चरित्र का शानदार विकास हुआ है। मैं इस तरह की भूमिका मिलने से खुद को सौभाग्यशाली समझता हूं। बॉलीवुड फिल्मों में काम करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह जरूर फिल्मों में काम करेंगे, लेकिन वह जल्दबाजी में नहीं हैं। वह मुख्य कलाकार के तौर पर सार्थक भूमिका करना चाहते हैं और वह फिलहाल दो साल तक अपने नाटकों के लिए प्रतिबद्ध हैं।                 साभार-khaskhabar.com  

Read More

मुंबई ।  देश के प्रमुख शेयर बाजार मंगलवार को बकरीद के मौके पर बंद हैं। शेयर बाजार नियमित कारोबार के लिए बुधवार, 14 सितंबर को खुलेंगे। इससे पहले सोमवार को शेयर बाजारों में नियमित कारोबार हुआ था। सोमवार को सेंसेक्स 443.71 अंकों की तेज गिरावट के साथ 28,353.54 पर बंद हुआ था। इसने दिनभर के कारोबार में 28,481.11 अंकों के ऊपरी व 28,251.31 अंकों के निचले स्तर को छुआ था। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 316.16 अंकों की गिरावट के साथ 28,481.09 पर खुला था।   वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सोमवार को 133.75 अंकों की गिरावट के साथ 8,732.95 पर खुला था। दिनभर के कारोबार में इसने 8,746.95 अंकों के ऊपरी व 8,699.40 अंकों के निचले स्तर को छुआ था।                 साभार-khaskhabar.com  

Read More

रियो डी जनेरियो । ब्राजील की मेजबानी में खेले जा रहे पैरालम्पिक खेलों में भारत की दीपा मलिक ने गोलाफेंक एफ53 स्पर्धा के फाइनल में रजत पदक अपने नाम किया है। इसके साथ ही वह पैरालम्पिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। लेकिन, क्या आपको पता है कि पैरेलाइज्ड होने के बावजूद भी दीपा ने हिम्मत नहीं हारीं और नया इतिहास रच डाला। दीपा ने यहां 4.61 मीटर की दूरी तय कर रजत पदक पर कब्जा जमाया। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। आपको बता दें कि 30 सितंबर 1970 को हरियाणा के सोनीपत में जन्मीं दीपा मलिक को 17 साल पहले 29 की उम्र में लकवा मार गया।    उनके कमर के नीचे का पूरा हिस्सा पैरेलाइज्ड है। इस बीमारी की शुरुआत में पहले उनकी टांगों में कमजोरी की शिकायत आई थी। बाद में पता चला कि उनके स्पाइनल कॉर्ड में ट्यूमर है। इसके बाद उनका ऑपरेशन हुआ, लेकिन 1999 में दोबारा परेशानी महसूस होने के बाद उनका दूसरा ऑपरेशन हुआ। इसके बाद तीसरी सर्जरी हुई और उनकी स्पाइनल कॉर्ड डैमेज हो गई। अब वे व्हील चेयर के सहारे जिंदगी जीती हैं। लेकिन शॉटपुट की बेहतरीन एथलीट हैं।   रजत भारत की विकलांग महिलाओं को समर्पित दीपा मलिक का कहना है कि वह इस पदक का इस्तेमाल भारत में विकलांग महिलाओं को समर्थन देने में करेंगी। भारत के पैरालम्पिक दल की सबसे उम्रदराज खिलाड़ी ने कहा है कि पदक जीतने उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है। दीपा ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मैं इस पदक का इस्तेमाल भारत की विकलांग महिलाओं की मदद करने के लिए करूंगी। यहां तक का सफर मेरे और मेरे परिवार के लिए काफी शानदार रहा है। मैं टीम की सबसे उम्रदराज खिलाड़ी और पदक विजेता बन कर खुश हूं।’’   ये है उपलब्धियों का सफर  45 वर्षीय दीपा दो बार लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। 2008 में उन्होंने यमुना नदी को एक कीलोमीटर तैर कर पार कर रिकार्ड बुक में नाम दर्ज करवाया था। वहीं दूसरी बार 2013 में 58 किलोमीटर तक विशेष मोटरसाइकिल चला कर इस किताब में नाम दर्ज करवाया था। दीपा 2012 में अर्जुन अवार्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं। वह आर्मी अधिकारी की पत्नी होने के साथ-साथ दो बच्चों की मां भी हैं।                  साभार-khaskhabar.com  

Read More

बेंगलूरु । कावेरी नदी जल बंटवारे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद आईटी सिटी और कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्थिति हिंसक हो गई। कर्नाटक के कई हिस्सों में हिंसक घटनाओं के बाद सोमवार को बेंगलूरु में पुलिस की गोली से एक शख्स की मौत हो गई। इसके बाद बेंगलूरु शहर के 16 पुलिस थानों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं, बेंगलूरु शहर में धारा 144 लगाया गया है।बेंगलूरु और प्रदेश के दूसरे हिस्सों में रह रहे तमिल समुदाय के लोगों को निशाना भी बनाया जा रहा है। इस बीच तमिलनाडु की सीएम जयललिता को चि_ी लिखकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दोनों राज्यों में शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, उन्होंने जनता से भी संयम बरतने की अपील की है। हिंसक प्रदर्शनों और अफवाहों से दूर रहने की अपील सरकार की तरफ से की गई है।सिद्धारमैया ने भी तमिलनाडु में कन्नड़ समुदाय के लोगों पर होने वाले हिंसक हमलों पर चिंता जताई। उन्होंने जयललिता से अपील की है कि कर्नाटक के निवासियों की सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय किया जाए। वहीं, उन्होंने तमिलनाडु सरकार को कर्नाटक में रहने वाले तमिल लोगों की संपत्ति और जीवन की सुरक्षा का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पडऩे पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से खुद इस बारे में बात करेंगे। सिद्धारमैया ने मीडिया से भी संयम बरतने की अपील की है। बता दें कि सोमवार को सोशल मीडिया पर लिखे कुछ आक्रामक पोस्ट की वजह से भी लोगों का गुस्सा भडक़ा था। सिद्धारमैया ने मीडिया से गुजारिश की है कि भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले भडक़ाऊ बयानों को प्रसारित न करें।शहर में तनाव के हालात देखते हुए बेंगलूरु के कई स्कूल सोमवार को समय से पहले ही बंद कर दिए गए। वहीं, पैरंट्स को सूचित कर दिया गया है कि मौजूदा स्थिति में स्कूल प्रशासन बच्चों को बस और ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं दे सकते, लिहाजा स्कूल बंद रहेंगे। सोमवार को हिंसा भडक़ने के बाद कुछ स्कूलों ने पैरंट्स को जल्दी बुलाकर बच्चों को घर भेज दिया था।                   साभार-khaskhabar.com  

Read More

मथुरा। मथुरा रेलवे जंक्शन पर शनिवार को शहर के विधायक प्रदीप माथुर तथा उप्र के यश भारती सम्मान से विभुषित प्रख्यात नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा ने हाथों में झाड़ू लेकर निरंकारी भजक्तों के साथ सफाई की। संत निरंकारी चैरीटेबल फाउंडेशन के स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान के 11 चरण का शुभारंभ दिल्ली से आये निरंकारी प्रचारक संत सुरजीत सिंह ‘नशीला’ तथा शहर विधायक ने किया। निरंकारी मंडल के जिला संयोजक हरविन्द्र कुमार, सेवादल संचालक मोहन सिंह, शिक्षक अशोक दयालु तथा मीडिया प्रभारी किशोर स्वर्ण के नेतृत्व में लगभग निरंकारी भक्तों ने रेलवे स्टेशन के सभी प्लेट फार्मो की सफाई की। इसमें सादाबाद हाथरस तथा कोसीकलां के भक्तों ने भी भाग लिया। विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर चलाया जा रहा ‘स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान’ निरंकारी भक्तों के त्याग, समर्पण और सेवा भाव को दर्शाती सच्ची तस्वीर है। इस मौके पर अपनी कथक गुरू उमा डोगरा के साथ आयी प्रख्यात नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण नगरी स्वच्छता के लिए भी पहचानी जाए, इसके लिए हमें गम्भीरता पूर्वक स्वच्छता अभियान को अपनाना होगा, जिससे समृद्धि भी बढ़ेगी। मीडिया प्रभारी किशोर स्वर्ण ने स्टेशन पर आये उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल डीके सिंह तथा उप्रके राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ठ को संत निरंकारी चैरीटेबल फाउंडेशन के स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान के 11 चरणों की जानकारी दी, जिससे वह काफी प्रभावित हुए। रेलवे मजिस्ट्रेट सुनील सिंह तथा एरिया मैनेजर एन.पी.सिंह ने भी निरंकारी भक्तों के उत्साह की तारीफ की। 

Read More

मथुरा। अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर ससुरालीजनों ने विवाहिता का उत्पीड़न किया। इससे तंग आकर विवाहिता के पिता ने आत्महत्या कर ली। न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज हुआ है। थाना जमुनापार के लक्ष्मीनगर पैट्रोल पम्प के पास रहने वाली राधा देवी पुत्री परशुराम ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है कि उसके ससुरालीजनों ने दहेज में एक लाख रूपये और भैंस की मांग पूरी न करने पर लगातार उसका उत्पीड़न किया। जिससे तंग आकर उसके पिता परशुराम ने आत्महत्या कर ली। इस सम्बन्ध में सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, शैलेन्द्र, महेन्द्र पुत्रगण जनकसिंह उनकी मां रानी देवी उसके पति जनक सिंह तथा रेखा पत्नी धर्मेन्द्र निवासी इटावा के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करायी है। 

Read More



Mediabharti