मथुरा। धन का सदुपयोग सेवा में, जनकल्याण कार्यो में दीन दुखी जनों की सेवा में करते है वे धन्य है ईश्वर के विशेष कृपा पात्र है। धर्म मैं धन के उपयोग से धन कम नहीं होता अपितु ईश्वर किसी न किसी माध्यम से उसे देता है। इसलिए हमें धन का सदुपयोग कर सेवा के कार्यो में लगाना चाहिए। यह उद्गार स्वामी महेशानन्द सरस्वती कल्याणं करोति मथुरा द्वारा आयोजित नेत्रदान पखवाड के अन्र्तगत निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर के समापन समारोह के अवसर पर श्रीजी बाबा चिकित्सा संस्थान गोवर्धन रोड, मथुरा के प्रांगण में व्यक्त किये। इस अवसर पर मीरा अग्रवाल ने आप सकंल्प करें कि आपके मरणोंउपरान्त आपकी आॅंखों से कोई इस सुन्दर संसार को देख सकें तथा विचारणीय है कि उसकी आत्मा आपके इस दान से कितनी अभिभूत होगी व कितना सराहेगी। संस्था के महासचिव सुनील कुमार शर्मा जी ने शिविर की समीक्षा करते हुए बताया कि कल्याणं करोति मथुरा द्वारा आयोजित नेत्रदान पखवाडा मे 185 नेत्र दानदाताओं ने मृत्युउपरान्त नेत्रदान करने का संकल्प लिया एवं निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में 584 नेत्र रोगियों ने परीक्षण कराया। जिसमें से 108 नेत्र रोगियों के आॅपरेशन डाॅ. रिक्की मित्त्ल एवं डाॅ. प्रतिभा बंसल की टीम द्वारा सम्पन्न किये गये। शिविर में नेत्र रोगियों के पलंग, विस्तर, चश्मे, भोजन, दवा आदि की व्यवस्था पूर्णतः निशुल्क रुप से की गयी।
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