मथुरा

मुंबई । देश के प्रमुख शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को गिरावट का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.40 बजे 137.19 अंकों की गिरावट के साथ 28,908.09 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 41.40 अंकों की गिरावट के साथ 8,911.10 पर कारोबार करते देखे गए।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 17.62 अंकों की तेजी के साथ 29,062.90 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.20 अंकों की गिरावट के साथ 8,934.30 पर खुला।               साभार-khaskhabar.com  

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रियो डे जेनेरो । रियो से शनिवार की सुबह भारत के लिए दोहरी खुशी लेकर आई। भारत के दो खिलाडिय़ों ने हाई जंप में मेडल जीता। सोना और ब्रॉन्ज मेडल भारत के नाम रहा। ऊंची कूद में मरियप्पन थांगावेलू ने गोल्ड पर कब्जा जमाते हुए इतिहास रच दिया है तो वहीं, वरुण सिंह भाटी ने 1.86 मीटर कूद कर इसी इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया। मरियप्पन थांगावेलू ने 1.89 मी. की जंप लगाते हुए सोना जीता, जबकि भाटी ने 1.86 मी. की जंप लगाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। वह मुरलीकांत पेटकर (स्वीमिंग 1972 हेजवर्ग) और देवेंद्र झाझरिया (भाला फेंक, एथेंस 2004 ) के बाद गोल्ड जीतने वाले तीसरे भारतीय हैं। दोनों भारतीय खिलाडिय़ों ने रियो पैरा ओलिंपिक में गोल्ड और कांस्य पदक जीतकर करोड़ों हिंदुस्तानियों को झूमने का मौका दे दिया है। जबकि रजत पदक अमेरिका के सैम ग्रेवी को मिला। उधर, भारत के ही संदीप भाला फेंक कांस्य जीतने से चूक गए और वह चौथे स्थान पर रहे। थांगावेलू और भाटी की इस सफलता के बाद अभी तक के सभी पैरा ओलिंपिक खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या 10 हो गई है जिसमें 3 स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य शामिल है।                साभार-khaskhabar.com  

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वृंदावन धाम में राधा अष्टमी पर भव्य कार्यक्रम हुआ और पूरा धाम राधामय हो गया। आप भी देखिए कार्यक्रम की मनोहारी तस्वीरें। राधा जन्मोत्सव पर पूरे वृंदावन को दुल्हन की तरह सजाया गया। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश-विदेश से जन सैलाब उमड़ पड़ा।यहाँ के श्री राधा वल्लभ मंदिर में यह उत्सव बड़े धूम धाम से और बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है ।कई दिन पहले से ही यहाँ राधा रानी के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो जाती हैं । श्री राधाबल्लभ मंदिर से चाव (डोला सवारी) निकाली गयी ।मंदिर प्रांगण में सुबह से ही सुन्दर कार्यक्रमों की झड़ी लगी रही। सुमधुर समाज गायन हो रहा है और बधाइयां गाई गईं। भक्त भाव विभोर मस्ती में नाच रहे थे। राधे मेरी स्वामिनी अरू मैं राधेजू को दासजनम जनम मोहे दीजियो श्रीवॄन्दावन वास । राधा प्यारी ने जनम लियो है ।वृषभानु दुलारी ने जनम लियो है ।। मरनो हो तो मैं मरूं, श्री राधेजू के द्वार।कभी तो लाडिली पूछेंगी,ये कौन पडो दरबार॥ ब्रज की रज में लोटकर, यमुना जल कर पान ।श्री राधा-राधा रटते ही या तन सों निकलें प्रान ॥ भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूम रहे थे, नाच रहे थे। देश-विदेश से भक्तों ने राधा अष्टमी से पहले ही वृंदावन में डेरा डाल लिया था और जैसे ही सुबह से कार्यक्रम की शुरूआत हुए पूरे शहर में भक्तों का रेला ही रेला नजर आ रहा था। भक्ति में सभी सराबोर थे। बुजुर्ग हों या महिलाएं या फिर बच्चे, भजनों पर झूमते नजर आ रहे थे। मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों में होड़ हो रही थी। प्रशासन को भी व्यवस्था बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। देर शाम तक लोग भक्ति में सराबोर रहे। जगह-जगह भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण कार्यक्रम चलता रहा।                    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दिल्ली विश्विद्यालय छात्रसंघ चुनावों के नतीजे आ गए हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी ने बाजी मारी है। एबीवीपी ने तीन सीटों पर और एनएसयूआई ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। इन छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के पद पर जीत दर्ज की जबकि संयुक्त सचिव के पद पर एनएसयूआई ने कब्जा किया। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के अमित तंवर, उपाध्यक्ष पद पर प्रियंका और अंकित सिंह ने सचिव पद पर जीत दर्ज की। जबकि एनएसयूआई के मोहित ने संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की। गौरतलब है कि डीयू में कल चुनावों के लिए मदतान हुआ था। इस बार वोटिंग का प्रतिशत मात्र 37 फीसदी रहा।                    साभार-khaskhabar.com  

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घर के मंदिर में भगवान की मूर्तियां रखकर पूजा अर्चना करने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस कारण घर में छोटा मंदिर होता है और उस मंदिर में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं रखी जाती है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में भगवान का वास नहीं है वो घर कभी घर नहीं बन सकता वो केवल एक मकान रहेगा। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि सभी मूर्तियां शुभ प्रभाव देने वाली नहीं होती। वास्तु के अनुसार, कई मूर्तियां ऐसी भी होती हैं, जिनके दर्शन करना मनुष्य के लिए अशुभ प्रभावों का कारण भी बन सकता है। आज हम आपको भगवान के ऐसे ही कुछ स्वरूप और मूर्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके दर्शन करना अच्छा नहीं माना जाता।  1. भले ही किसी मूर्ति से कितनी ही गहरी आस्था जुडी हो, लेकिन मूर्ति खंडित हो जाए तो उसके दर्शन करना अच्छा नहीं होता है। ऐसी मूर्ति के दर्शन या पूजा करना अशुभ फलों का कारण बनता है।  2. पूजा स्थल में एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखना भी अच्छा नहीं होता है। खासतौर पर अगर दोनों मूर्तियां आस-पास या आमने-सामने हो। ऐसी मूर्तियों के दर्शन करने से बार-बार लड़ाई होती है। 3. भगवान की मूर्ति घर में इस तरह रखनी चाहिए कि इनके पीछे का भाग यानि पीठ दिखाई नहीं दे। भगवान की पीठ का दिखना शुभ नहीं माना जाता।  4. मंदिर में भगवान की ऐसी मूर्ति रखनी चाहिए, जिसमें उनका मुंह सौम्य और हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में हो। रौद्र और उदास मूर्ति के दर्शन करने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 5. भगवान की ऐसी किसी मूर्ति के दर्शन नहीं करने चाहिए, जिसमे वे युद्ध करते या किसी का विनाश करते नजऱ आए। ऐसी मूर्ति के दर्शन करना भी दु:खों का कारण बन सकता है।                                साभार-khaskhabar.com  

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देखने में सुंदर और वजन में हल्का-फुल्हा फूल मखाना। लेकिन आप में से बहुत कम लोग यह जानते हैं कि मखाना पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है जो आपके कई रोगों को भी ठीक कर सकता है। फूल मखाना किसी औषधि से कम नहीं होता है। तो आइये जानते हैं फूल मखाने के गुणों बारे में...लंबे वक्त जवां दिखना है, तो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर मखाने खाएं। दरअसल ये एंटी एजिंग डाइट है। कैल्शियम से भरपूर मखाना जोडों के दर्द में फायदेमंद होता है। गठिया में भी इसे खाने आराम मिलता है। मखानों को देसी घी में भूनकर खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है साथ ही दस्त जैसे रोग से छुटकारा मिलता है।फूल मखाने में कार्बोहाईडे्रट, प्रोटीन, वसा, खनिज लवण, फॉस्फोरस एवं लौह पदार्थ भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। मखानों को देसी घी में भूनकर खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है साथ ही दस्त जैसे रोग से छुटकारा मिलता है।                                   साभार-khaskhabar.com  

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