ग्राम्य विकास विभाग की अधीनता का विरोध मथुरा। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के अधीन करने की कुचेष्ठा के विरोध में आज पंचायत राज सेवा परिषद द्वारा प्रान्तीय संगठन के आभार पर राजीव भवन पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें ग्राम्य विकास विभाग से पूर्ण मुक्ति तथा गत 1 अगस्त को जारी शासनादेश निरस्त करने की मांग की गई। मुख्यमंत्री को सम्बोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया। जिसमें ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्ति और विभागों के मध्य समन्वय बनाने के लिये आईएएस व पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत करने तथा इसके लिये जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर आईएएस सम्वर्ग के वरिष्ठ अधिकारी को तैनात किया जाये। सहायक विकास अधिकारी पं. पर खण्ड विकास अधिकारी के नियंत्रण को समाप्त किया जाये। ताकि वे पंचायत राज विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में ही कार्य करें। ग्राम्य विकास विभाग के ग्राम विकास अधिकारी जो पंचायत राज विभाग में सचिव का काम देख रहे है। उन्हें सचिव ग्राम पंचायत के कार्यों से हटाया जाये व सफाईकर्मियों को पंचायत राज विभाग में रिक्त पदों पर पदोन्नति दी जाये। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से शासनादेश निरस्त करने की मांग की। धरने को जिला पंचायत राज अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव ने सम्बोधित करते कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिये वे हर समय तैयार है। धरने में पंचायत राज सेवा परिषद की घटक संगठन उप्र ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, सहायक विकास अधिकारी संघ, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, मिनीस्ट्रीयल कर्मचारी संघ, वाहन चालक संघ, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी तकनीकी संघ, जिला पंचायत राज अधिकारी संघ एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचरी संघ ने सहभागिता की, उक्त सभी संगठनों के पदाधिकारी व कर्मचारी राजन्द्र प्रसाद यादव, देवीपूजन उपमन्यु, देवीचरन, ओमप्रकाश दीक्षित, महेन्द्र सिंह, श्यामसुन्दर सारस्वत, जगदीश प्रसाद शर्मा, कमल किशोर व्यास, जयपाल सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, लतेश कुमार शर्मा, राजबहादुर, गंगाराम सोनी, सुरेन्द्र सिंह, बच्चू सिंह, नरेन्द्रपाल, सुधीर गोयल आदि कर्मचारी सहित करीब आठ सौ सफाई कर्मचरी आज के धरने में उपस्थित हुए। धरने का संचालन परिषद के महामंत्री संजीव कुमार शर्मा द्वारा किया गया तथा अध्यक्षता देवीपूजन उपमन्यु ने की।
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