करौली । जिला कलक्टर मनोज कुमार शर्मा ने रोजगार मेले की संभागी कंपनियों को निर्देश दिए कि वे जिले के बेरोजगार युवाओं को अधिक से अधिक निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान कर सरकार का सहयोग करें, जिससे कि इन शिविरों का महत्व बढ़ सके। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पद्र्धा के इस दौर में जहां युवाओं का सरकारी नौकरियों से मोह भंग हुआ है, वहीं निजी क्षेत्र में युवाओं को उनके श्रम का अधिक लाभ भी मिल रहा है। शर्मा कौशल रोजगार एवं उद्यमिता विभाग राजस्थान एवं जिला प्रशासन करौली के संयुक्त तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) करौली परिसर में आयोजित एक दिवसीय मासिक कौशल रोजगार एवं उद्यमिता शिविर का अवलोकन कर रहे थे। शिविर में सैकड़ों युवाओं ने रोजगार के लिए आवेदन कर लाभ उठाया। जिला कलक्टर ने रोजगार अधिकारी को निर्देशित किया कि मेले मे आने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियां पूरी प्रामाणिकता के साथ युवाओं का चयन करें, जिससे कि इन कंपनियों के प्रति युवाओं का विश्वास कायम हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो कि यहां आने वाली कंपनियां बेरोजगार युवाओं के श्रम का दुरुपयोग कर उनके साथ खिलवाड़ कर सके। शिविर में अग्रणी जिला प्रबंधक ओ.पी.एस. पालावत ने युवाओं का आह्वान किया कि कंपनियों के बारे में एवं उनकी रिक्तियों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर एवं संशय रहित होकर आवेदन करें। चयनित किये जाने पर जॉइन करने के लिये अवश्य जायें, ताकि ये कंपनियां जिले के युवाओं को रोजगार देने के लिए बार-बार आती रहें। जिला रोजगार अधिकारी जगदीश नारायण निर्वाण ने शिविर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नियोक्ताओं से अपेक्षा की कि वे अपनी कंपनियों के बारे में आशार्थियों को पूर्ण जानकारी प्रदान दें, ताकि युवा बिना किसी संशय के नौकरी के लिए आवेदन कर सकें। उन्होंने बताया कि शिविर में प्रारंभिक चयन 309 एवं स्वरोजगार एवं प्रशिक्षण मार्गदर्शन 412 आशार्थियों को दिया गया। साभार-khaskhabar.com
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