मथुरा

रियो डी जनेरियो । भारत की युवा जिमनास्ट दीपा करमाकर 31वें ओलम्पिक खेलों में रविवार को वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं। वह महज कुछ अंकों के साथ कांस्य पदक से चूक गईं लेकिन इसके बावजूद वह इतिहास रच गईं। दीपा ने पहले प्रयास में 8.666 और दूसरे प्रयास में 8.266 अंक हासिल किए। दीपा ने पहले प्रयास में 6 डिफिकल्टी और दूसरे प्रयास में सात डिफिकल्टी चुना था। इस तरह उन्होंने पहले प्रयास में 14.866 और दूसरे प्रयास के लिए 15.266 अंक पाए, जिसका औसत 15.066 बना। दीपा ने अपने दोनों ही प्रयासों में बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरे प्रयास में सात डिफिकल्टी के साथ दीपा ने अगर थोड़ा और बेहतर प्रदर्शन किया होता और प्रोडोनोवा के दौरान अपनी लैंडिंग को सही तरीके से अंजाम दिया होता उनका स्कोर 8.5 से ऊपर होता और तब उस स्थिति में वह कांस्य की दौड़ में आ जातीं। एक समय दीपा दूसरे स्थान पर चल रही थीं लेकिन रूस की मारिया पेसेका और फिर ओलम्पिक तथा विश्व चैम्पियन अमेरिका की सिमोन बाइल्स ने उनसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्हें चौथे स्थान पर खिसका दिया। बाइल्स ने 15.966 अंकों के साथ स्वर्ण जीता जबकि पेसेका ने 15.253 अंकों के साथ रजत और स्विटजरलैंड की गुलिया एस. 15.216 अंकों के साथ कांस्य जीतने में सफल रहीं। बाइल्स ने सबसे अंत में प्रदर्शन किया। उनका प्रदर्शन अगर खराब होता तो फिर दीपा के लिए उम्मीदें बन सकती थीं लेकिन बाइल्स का जन्म ही शायद जिमनास्टिक की दुनिया में राज करने के लिए हुए है और इसको सही साबित करते हुए उन्होंने पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद तो दीपा के लिए कोई उम्मीद नहीं रह गई क्योंकि वह चौथे स्थान पर खिसक चुकी थीं। बहरहाल, पदक जीतने वाली खिलाडिय़ों के अलावा दीपा ही 15 अंकों से आगे बढ़ सकीं। किस्मत उनके साथ नहीं थी, नहीं तो वह स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के लिए ऐतिहासिक पदक जीत सकती थीं। दीपा ने अपने पहले ओलम्पिक में ही वॉल्ट के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रचा है और अब फाइनल में हिस्सा लेने वाली आठ दिग्गजों के बीच वह चौथे स्थान पर रहीं। यह उनके तथा भारतीय जिमनास्टों के लिए महान सफलता है। दीपा ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान 2020 के टोक्यो ओलम्पिक पर है, जहां पदक पाने के लिए वह अगले चार साल तक अपना पूरा दमखम लगा देंगी। दीपा ने कहा, चौथे स्थान पर आकर भी मैं खूश हूं। अगली बार जब मैं ओलम्पिक में हिस्सा लूंगी, मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। इस बार वॉल्ट में सभी प्रतियोगी मुझसे बेहतर थीं। दीपा के कोच बिसेसर नंदी ने कहा कि वह अपनी शिष्या के प्रदर्शन से खुश हैं। कोच ने कहा, वह शानदार हैं। मैं उसके प्रदर्शन से खुश हूं। मेरी समझ से प्रोडुनोवा में डीप लैंडिंग में थोड़ी सी खराबी उसे भारी पड़ी, नहीं तो वह पदक जीत सकती थी।            साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । देश 70वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर देश भर में आजादी का जश्न मनाया जा रहा है। वैसे 15 अगस्त के मौके पर दिल्ली में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम हैं। दिल्ली पुलिस के तकरीबन 10 हजार जवान और अर्धसैनिक बल राजधानी और लाल किले की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। आजादी के जश्न में खलल रोकने के लिए देश के चप्पे-चप्पे पर कड़ा पहरा है। आतंकी खतरे के मद्देनजर दिल्ली से लेकर मुंबई तक जमीन, हवा और पानी पर सुरक्षा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली, जम्मू, हैदराबाद, चेन्नई समेत देश के अलग अलग हिस्सों में पुलिस और सुरक्षाबल लगातार लोगों और गाडिय़ों की तलाशी ले रहे हैं। किसी भी संदिग्ध गाड़ी या फिर शख्स को बिना चेकिंग के जाने नहीं दिया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता पर रखा गया है। करीब 45,000 जवानों को शहर भर में तैनात किया गया है। लाल किला और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के अलावा पूरी राजधानी में खासतौर पर बाजारों, मॉल्स और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। अधिकारियों ने कहा कि जमीन और आसमान में सुरक्षा के लिए 17वीं शताब्दी के लाल किले पर उपकरण लगाए गए हैं, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को तीसरी बार संबोधित किया। दिल्ली की सडक़ों पर वाहनों और चालकों की जांच के लिए सैकड़ों पुलिस अवरोधक लगाए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि लाल किले के सामने और आसपास के रिहायसी इलाकों की अच्छी तरह से जांच की गई है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में पुलिस ने होटलों और अतिथि गृहों की जांच की है। मुगल स्मारक और इससे लगे पांच किमी के इलाके में दिल्ली पुलिस के करीब 9,000 सुरक्षाकर्मी, अर्धसैनिक बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की तैनाती की गई है। सैकड़ों अतिविशिष्ट अतिथि आज लाल किले पर होने वाले इस समारोह में भाग लिया इसमें वरिष्ठ राजनेता, राजनयिक और सैन्यकर्मियों के अलावा हजारों आम नागरिक और बच्चे शामिल हुए। समारोह स्थल की जमीनी सुरक्षा के साथ हवाई सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। लालकिले में और चारों तरफ करीब 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस विशाल स्मारक पर उच्च-रिजोल्यूशन क्षमता वाले कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करीब 3,000 पेड़ों की छंटाई की है।             साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। इस संबोधन के दौरान पीएम ने सरकार की नीति, नियत और निर्णय पर बोला तो आतंकवाद पर भी बेहद कड़ा संदेश दिया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम ने गरीबी खत्म करने का संकल्प लिया तो माओवादियों और आतंकवादियों को कड़े शब्दों चेतावनी भी दी। महंगाई पर पीएम ने कहा कि अकाल के बाद भी दाल, सब्जी के दाम ज्यादा नहीं बढ़े। गरीब की थाली महंगी नहीं होने दूंगा।   पीएम ने कहा कि यह देश उपनिषद से उपग्रह तक, महाभारत के भीम से भीमराव तक की यात्रा तय कर चुका है। मोदी ने देशवासियों से कहा कि वह टालना नहीं टकराना जानते हैं। मोदी ने कहा कि हम आजादी का जश्न मना रहे हैं तो हमारा कोई फौजी बंकर में बैठा होगा। कोई मोर्चा संभाल रहा होगा। हमारे जवान रक्षाबंधन पर अपनी बहन से भी मिल नहीं मिल पाते। हम इन्हीं के बलिदान के दम पर तो आज आजादी का जश्न मना रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन का मामला वर्षों से पड़ा था।    पीएम मोदी के भाषण की मुख्य बातें   बिल्डरों पर नकेल मोदी ने कहा कि मिडिल वर्ग पूरी पूंजी लगा देता है, लेकिन उसे समय से फ्लैट नहीं मिलता। हमने रियल स्टेट बिल लाकर बिल्डरों पर नकेल डाल दी है। हम चीजों को टालने विश्वास नहीं करते। हम टालना नहीं टकराना जानते हैं। समस्याओं से भिड़ेंगे नहीं तो समाधान नहीं होगा। युवाओं को अवसर मिले। युवाओं को रोजगार मिले। यह हमारे लिए समय की मांग है।    टूटा समाज कभी टिक नहीं सकता मोदी ने कहा कि टूटा समाज कभी टिक नहीं सकता है। हमने पूर्ववर्ती सरकारों के अच्छे कामों को आगे बढ़ाया है। हम सबका दायित्व है कि सामाजिक न्याय पर बल दें। दलित हो, पिछड़ा हो ,आदिवासी हो.... सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं। सामाजिक बुराइयों के खिलाफ हमने लडऩा होगा। हर नागारिक को उठना होगा। तभी सशक्त भारत बनेगा।   सरकार की उपलब्धि गिनाऊंगा तो हफ्तेभर लग जाएगा मोदी ने कहा कि मैं भी बहुत बड़ा लंबा। सरकार के कामकाज का हिसाब आपके सामने रख सकता हूं। दो साल के कार्यकाल में अनगिनत पहल और काम हुए। ब्योरा देने जाऊंगा तो हफ्तेभर लालकिले की प्राचीर से बोलते रहना पड़ेगा। इसलिए उस मोह के बजाय आज कार्य की नहीं, इस सरकारकी कार्य संस्कृति के प्रति अपना ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। कभी-कभी कार्य का लेखाजोखा देना सरल होता है। लेकिन कार्य संस्कृति जब तक गहराई में न जाएं, जानना-पहचानना सरल नहीं होता।   नीति की नहीं, नीयत और निर्णय पर भी बात मोदी ने कहा कि आज मैं सिर्फ नीति की नहीं, नीयत और निर्णय की भी बात कर रहा हूं। सिर्फ विषय नहीं, एक व्यापक दृष्टिकोण, रूपरेखा नहीं रूपांतरण का संकल्प है। ये लोक आकांक्षा और लोक संकल्प की त्रिवेणी धारा है। ये मति भी है, सहमति भी है। ये गति भी है और प्रगति का अहसास भी है। इसलिए मेरे प्यारे देशवासियो! मैं आज जब सुराज की बात करता हूं, तब इसका सीधा मतलब है कि हमारे देश के सामान्य से सामान्य मानविकी में बदलाव लाना। आक्षेपों से नहीं,    अपेक्षाओं से घिरी है मोदी सरकार मोदी ने कहा कि एक समय था जब सरकारें आक्षेपों से घिरी रहती थी। आज सरकार आक्षेपों से घिरी नहीं है, लेकिन अपेक्षाओं से घिरी है। जब सरकारें अपेक्षाओं से घिरी रहती हैं तो संकेत होता है जब आशा हो, भरोसा हो तो उसी की कोख से अपेक्षाएं जन्म लेती हैं। अपेक्षाएं सुराज्य की ओर जाने के लिए प्रेरित करती है। समस्याएं हैं तो सामर्थ्य भी है। जब हम सामर्थ्य की शक्ति को लेकर चलते हैं तो समस्याओं से समाधान के रास्ते भी मिल जाते हैं। भाइयो-बहनो, भारत के पास लाखों समस्याएं हैं तो सवा सौ करोड़ मस्तिष्क भी हैं जो समस्याओं का समाधान करने का सामर्थ्य भी रखते हैं।   गरीब की थाली महंगी नहीं होने दूंगा मोदी ने अगर मैं दो साल की सरकार उपलब्धियों के बारे में बोलूं तो हफ्ते भर यहां से बोलना पड़ेगा। महंगाई पर पीएम ने कहा,अकाल के बाद भी दाल, सब्जी के दाम ज्यादा नहीं बढ़े। गरीब की थाली महंगी नहीं होने दूंगा।    हर फौजी के घर में खुशहाली मोदी ने कहा कि हमने वन रैंक, वन पेंशन को पूरा किया। हर फौजी के घर में खुशहाली पहुंचाई। स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन बढ़ाने का फैसला। उन्हें 25 हजार के बदले 30 हजार मिलेंगे।    सुशासन के मूल में है जवाबदेही मोदी ने कहा कि जवाबदेही सुशासन के मूल में है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा, जवाबदेही सुशासन के मूल में होनी चाहिए। मोदी ने कहा, सुशासन का मतलब सामान्य नागरिकों के जीवन में बदलाव है। इसका मतलब है सरकार सामान्य नागरिकों के प्रति संवेदनशील, जिम्मेदार तथा समर्पित है।   भुगतान बैंकों में तब्दील किए जाएंगे डाकघर मोदी ने सोमवार को कहा कि देश भर के डाकघरों को भुगतान बैंकों में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से बैंकों का एक जाल तैयार होगा, जिससे लोगों को मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के आगमन से डाकघर अप्रासंगिक होते जा रहे थे और सरकार का ध्यान इसे प्रासंगिक बनाए रखना है। प्रधानमंत्री ने कहा, हर कोई डाकिये से प्यार करता है।    महंगाई दर को 6 फीसदी से नीचे लाए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार दो बार खराब मानसून के बावजूद वार्षिक महंगाई दर को छह प्रतिशत से नीचे लाने में सफल रही। वहीं, पहले महंगाई दर 10 प्रतिशत थी। लगातार दो साल तक सूखे की मार झेलने के कारण हमारी सरकार ने महंगाई के रूप में कई चुनौतियां झेलीं। उन्होंने कहा, पिछली सरकार में महंगाई ने 10 प्रतिशत के स्तर को पार कर लिया था, लेकिन हमने इसे छह प्रतिशत से अधिक नहीं बढऩे दिया।   ग्रामीण सडक़ निर्माण को नई गति मिली  मोदी ने सोमवार को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़ों के निर्माण को सरकार ने नई गति दी है और प्रतिदिन 100 किलोमीटर के हिसाब से सडक़ का निर्माण हुआ है। मोदी ने कहा कि महत्वाकांक्षी ग्रामीण सडक़ संपर्क कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने शुरू किया था, लेकिन बाद में इसका क्रियान्वयन बेहद धीमी गति से हुआ। मोदी ने कहा कि ग्रामीणों के सडक़ के सपने को साकार करने में मदद के लिए उनकी सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना को नई गति दी। उन्होंने कहा, इससे पहले सडक़ निर्माण प्रतिदिन 70-75 किलोमीटर की दर से किया जा रहा था। आज की तारीख में यह प्रतिदिन 100 किलोमीटर की दर से हो रहा है।    सरकार 77 करोड़ एलईडी बल्बों के वितरण के लिए प्रतिबद्ध मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान ऊर्जा की बचत करना है। सरकार देश में 77 करोड़ एलईडी बल्बों के वितरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम 77 करोड़ और एलईडी बल्बों का वितरण करना चाहते हैं। मैं आप सभी से एलईडी बल्बों का इस्तेमाल करने, ऊर्जा की बचत करने और अपने देश की मदद करने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 350 रुपये के एलईडी बल्ब की कीमत घटाकर 50 रुपये की। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं पूछना चाहता कि पिछली सरकारों के कार्यकालों के दौरान यह सारा पैसा कहां गया। मैं आपको यह बताकर खुश हूं कि हमने इस तरह के 13 करोड़ बल्बों का वितरण किया है।   सरकार ने एक वर्ष में 1.45 करोड़ पासपोर्ट जारी किए  नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने वर्ष 2015-16 में 1.45 करोड़ पासपोर्ट जारी किए हैं। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर अपने संबोधन में कहा कि लोगों को अब सिर्फ एक या दो सप्ताह में पासपोर्ट मिल जाता है। आज वार्षिक तौर पर लगभग दो करोड़ आवेदन प्राप्त होते हैं, जबकि पिछले वर्षो में इनकी संख्या 40 से 50 लाख ही थी। उन्होंने कहा कि अब लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं होती है।    सरकार का उद्देश्य सामान्य नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य देश के सामान्य नागरिक के जीवन में बदलाव लाने पर है। उन्होंने कहा कि कम से कम समय में आधार कार्ड व पासपोर्ट जारी करने तथा आयकर रिफंड की उपलब्धि को सफलता पूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। लोग पुलिस अधिकारियों से ज्यादा आयकर अधिकारियों से डरते हैं, खासकर मध्यम वर्ग के लोग। मैं इसे बदलना चाहता हूं। उन्होंने कहा, पहले आयकर रिफंड में काफी वक्त लगता था, लेकिन अब यह तीन सप्ताह के अंदर हो जाता है।   जन धन योजना ने असंभव को संभव बनाया मोदी ने सोमवार को कहा कि जन धन योजना से 21 करोड़ लोगों को जोडक़र असंभव को संभव बना दिया गया। प्रधानमंत्री जन धन योजना से बैंक खाते खोलने में मदद मिली है। लोगों को जन धन योजना से जोडऩा असंभव कार्य था क्योंकि कई लोग मुख्यधारा से परे थे। मोदी ने कहा कि सरकार सभी सरकारी योजनाओं को आधार से जोडऩे का प्रयास कर रही थी।   भारतीयों में समस्याओं से सफलतापूर्वक निपटने की क्षमता  मोदी ने कहा कि देश के समक्ष लाखों समस्याएं हैं, लेकिन भारतीयों में इससे सफलतापूर्वक निपटने की क्षमता है। मोने ने कहा, हां, हमने कई समस्याओं का सामना किया है, लेकिन हम इनसे निपटने में सक्षम हैं। भारत में लाखों समस्याएं हैं, लेकिन देश के 125 करोड़ नागरिकों के पास इससे सफलतापूर्वक निपटने की क्षमता है।    भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूना चाहिए  मोदी ने सोमवार को कहा कि देश की ऊर्जा को प्रगति की नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए मदद करनी चाहिए। आज इस विशेष दिवस पर मैं देश में रहने वाले 125 करोड़ लोगों व विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि देश की यह ऊर्जा आने वाले वक्त में देश को प्रगति की नई ऊंचाई तक पहुंचाने में मदद करेगी।   हम शासन में सुधार ला रहे हैं : प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने शासन की गुणवत्ता में नाटकीय ढंग से सुधार किया है। सरकार ने लोगों को अस्पतालों में इलाज के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदान करने का फैसला लिया था। राष्ट्रीय राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसी तरह का बदलाव देश के 40 प्रमुख अस्पतालों में लाया गया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, बस केवल एक मिनट में रेलवे की 15 हजार टिकटें ऑनलाइन कट रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, जब मैं सुराज (सुशासन) के बारे में बात करता हूं, तो इसका मतलब देश के हर नागरिक के जीवन में बदलाव लाना है।   मोदी ने पर्याप्त खाद्य भंडारण के लिए किसानों को बधाई दी मोदी ने देश के किसानों को बधाई दी, जिन्होंने दो साल तक सूखे की मार झेलने के बाद भी खाद्य भंडारण को बनाए रखा है। मोदी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों की आय साल 2020 तक दोगुनी करना है। उन्होंने कहा कि सरकार दालों की पैदावार को बढ़ावा दे रही है और इनकी बुआई इस साल 1.5 गुना बढ़ी है।   अब चीजें बदल चुकी  मोदी ने सोमवार को पिछली सरकारों पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियां या तो घाटे में चली गई या फिर उन्हें बेच दिया गया। मोदी ने कहा कि अब चीजें बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया, दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया अब लाभ कमा रही हैं। मोदी ने कहा, एयर इंडिया की पहले आलोचना की जाती थी। जिस वक्त विश्व की हर दूरसंचार कंपनी मुनाफा कमा रही थी, वहीं बीएसएनएल घाटे में चल रही थी। अब बीएसएनएल भी अच्छा लाभ कमा रही है।   मध्यम वर्ग में कर के प्रति डर को दूर करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश का सामान्य नागरिक पुलिस से ज्यादा आयकर अधिकारियों से डरता है और सरकार इसे बदलेगी। देश की आजादी की 70वीं वर्षगांठ पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, मध्यम वर्ग के लोग पुलिस की तुलना में कर से ज्यादा भयभीत रहते हैं। इस स्थिति को बदलने की जरूरत है। मैं इसे बदलकर रहूंगा। उन्होंने कहा, एक समय में ईमानदार नागरिक कर अदा करते थे, लेकिन एक बार जब पैसा सरकार के कोष में चला जाता था, तब वापसी में महीनों का समय लगता था। उन्होंने कहा, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और वापसी की प्रक्रिया ऑनलाइन है और यह कुछ सप्ताह में हो जाता है।             साभार-khaskhabar.com  

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इतने वर्षो में दर्शकों ने बड़े परदे पर कई फ्रीडम फाइटर्स और राजनेताओ की जिंदगी पर आधारित फिल्मों को देखा हैं। इसका मतलब यह नहीं कि अजय देवगन सिर्फ भगत सिंह की भूमिका में ही अच्छे लगे या फिर आमिर खान मंगल पाण्डेय की भूमिका में। अगर आज के समय में बॉलीवुड में कोई ऐसी फिल्म का निर्माण किया जाये जिसमे आजादी से लेकर इंद्रागाँधी के प्रधानमंत्री बनने तक की कहानी दिखाई जाये। तो एक ही फिल्म में कई सारे सितारे बेहद महत्वपूर्ण भूमिका में पर्दे पर दिख सकतें हैं। आप एक्टिंग छोड़िये और देखिये कि किस फ्रीडम फाइटर की भूमिका में कौन सा बॉलीवुड स्टार फिट बैठता हैं।    तो फिर आइये स्लाइड्स पर डालतें हैं एक नजर .........    दीपिका पादुकोण -रानी लक्ष्मीबाई आगर आप इस तसव्वर को गौर से देखेंगे तो आपको भी दीपिका की आँखों में वही गुस्सा नजर आएगा जो आजादी के लिए रानी लक्ष्मी बाई की आँखों में था। एक बहादुर और खूबसूरत और वीरांना के किरदार की एक्टिंग दीपिका से बेहतर कोई नहीं कर सकता।    कंगना रणावत- इंदिरा गांधी  देखा जाए तो कंगना रनौत पूर्व प्रधानमंत्री के रोल में सबसे अच्छी लग सकती हैं क्योंकि इंदिरा गांधी की ही तरह कंगना भी बेहद स्ट्रीक्ट और कॉनफिडेंट लगेंगी साथ इंदिरा का हेयरस्टाइल भी उनपर परफेक्ट लगेगा।    आमिर खान चंद्रशेखर आजाद की पर्सनैलिटी एक पहलवान जैसी थी और आमिर खान जिस तरह से अभी दंगल के लिए मेहनत कर रहे हैं वो इस रोल में भी बहुत हीं अच्छे लगेंगे।   रणवीर सिंह यूं तो रणवीर सिंह बाजीराव की भूमिका काफी अच्छे निभा चुके हैं। लेकिन हमे लगता है कि वह पर्दे पर भगत सिंह की भूमिका में जंचेंगे। आप तस्वीर में साफ देख सकतें हैं। इतना ही नही बता दे भगत सिहं काफी कम उम्र में शहीद हुए थे और वो हंसमुख के साथ-साथ काफी बहादुर थे और ये दोनों कॉम्बिनेशन पर्दे पर एक साथ रणवीर सिंह हीं ला सकते हैं।   रजिया सुल्तान जितनी खूबसूरत रजिया थी उतनी ही खूबसूरत आलिया भट्ट है। रजिया ऐसी पहली महिला थी जो सुल्तान बनी। आलिया रजिया के किरदार में जचेंगी।    रणबीर कपूर सुभाष चन्द्र के रोल में एकदम फिट बैठेगे। क्योंकि वो सुबाष चंद्र बोस की स्मार्टनेस को बखूबी स्क्रीन पर उतार सकते हैं।   बोमन ईरानी बोमन ईरानी एक बेहद अच्छे एक्टर हैं जो खुद को हर किरदार में फिट कर लेते हैं। इसमें एक पढ़े लिखे लॉयर इंटलैक्चुअल रोल में परफेक्ट लगेंगे और वो भी भीमराम अंबेदकर की तरह भी पर्दे पर दिखेंगे।    ऋषि कपूर  लाला लाजपत रॉय पंजाबी थी और काफी रॉयल लुक वाले थे और इसमें ऋषि कपूर अच्छे लगेंगे क्योंकि पंजाबी और रॉयल लुक तो उनके घर की बात है।    संजय दत्त सरदार वल्लभ भाई पटेल कितने सिरियस और दूरदर्शी सोच के थे ये तो सभी जानते हैं तभी वे 517 से ज्यादा रियासतोंक भारत में मिला पाए और इस तरह के किरदार को संजय दत्त पर्दे पर ला सकते हैं।     साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । शेयर बाजार में आगामी सप्ताह में व्यापक आर्थिक आंकड़े, मानसूनी बारिश की प्रगति, विदेशी संस्थापक निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) द्वारा किए जाने वाले निवेश, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमत मिलकर इसकी चाल तय करेंगे।    सोमवार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कारण शेयर बाजार बंद रहेंगे। मंगलवार को जब बाजार खुलेंगे तो निवेशकों की नजर सरकार द्वारा घोषित किए जाने वाले जुलाई के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़ों पर रहेगी, जो 16 अगस्त 2016 को जारी किए जाएंगे। इससे पहले जून में डब्ल्यूपीआई में 1.62 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी और मई 2016 में यह 0.79 फीसदी पर था।    इसके साथ ही निवेशकों की नजर मानसून की चाल पर भी रहेगी। अब तक पूरे देश में औसत से बेहतर मानसून रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने 11 अगस्त को जारी अपने साप्ताहिक पूर्वानुमान में बताया कि पूरे देश में इस साल अब तक (एक जून से 10 अगस्त तक) मानसूनी बारिश लंबे समय के औसत से 3 फीसदी अधिक हुई है।    इस सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों पर भी नजर रहेगी, क्योंकि वे महीने के बीच में तेल की कीमतों की समीक्षा करेंगी। तेल कंपनियां महीने के बीच में और अंत में हर पखवाड़े कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के आधार पर तेल कीमतों की समीक्षा करती हैं।   वही, वैश्विक स्तर पर अमेरिका में जुलाई के हाउसिंग स्टार्ट रिपोर्ट पर भी नजर रहेगी जो 16 अगस्त को जारी किए जाएंगे। इसमें अमेरिका में पिछले महीने की आवासीय गतिविधियों की जानकारी होती है कि कितने नए निर्माण किए गए आदि। इसी दिन अमेरिका के औद्योगिक उत्पादन के जुलाई के आंकड़े भी जारी किए जाएंगे।   वहीं, बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपेन मार्केट कमिटी (एफओएमसी) मौद्रिक नीति को लेकर हुई अंतिम बैठक के मिनट्स जारी करेगी। फेड ने 28 जुलाई 2016 को हुई मौद्रिक नीति की दो दिवसीय बैठक के बाद ब्याज दरों को अत्यंत निचले स्तरों पर बनाए रखने का फैसला किया है। इस बैठक के मिनट्स से फेड के अगले कदमों के बारे अंदाजा मिलेगा, जिसका दुनिया भर के शेयर बाजारों पर असर होगा।    वहीं, मंगलवार को बाजार खुलने के बाद सिप्ला के शेयरों पर नजर रहेगी। क्योंकि सिप्ला ने अपनी तिमाही के आंकड़े शुक्रवार (12 अगस्त 2016) को बाजार बंद होने के बाद जारी किए थे। पॉवरग्रिड कॉरपोरेशन मंगलवार (16 अगस्त 2016) को वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़े जारी करेगी।     साभार-khaskhabar.com  

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रियो डि जिनेरियो । रियो ओलंपिक में भारत के लिए आज का दिन काफी अहम है। 23 साल की दीपा कर्माकर आज रियो ओलंपिक में जिमनास्टिक्स के फाइनल में उतरेंगी। अगर दीपा गोल्ड जीतने में कामयाब होती है तो नया इतिहास रच जाएगा। वैसे तो दीपा 52 सालों के बाद ओलंपिक खेलों की जिम्नास्टिक स्पर्धा में पहली भारतीय महिला एथलीट के तौर पर प्रवेश कर इतिहास रच चुकी है। दीपा कर्माकर ने रियो ओलंपिक के वॉल्ट के फाइनल में प्रवेश कर एक और इतिहास रचा था। लेकिन, आज एक और इतिहास रचने जा रही है। दीपा को फाइनल में पदक हासिल करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। दीपा जिम्नास्टिक की सभी पांच क्वालिफिकेशन सबडिवीजन स्पर्धा के समापन के बाद वॉल्ट में आठवें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में क्वालिफाई करने के लिए आखिरी स्थान था। दीपा जब महज पांच साल की थीं तो स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी साई के कैम्प में ट्रेनिंग लेने पहुंची। उनके फ्लेट फीट (तलवों का सपाट होना) थे। इसकी वजह से साई में उन्हें ट्रेनिंग के लिए भी रिजेक्ट कर दिया गया था। दरअसल, जिमनास्टिक्स में सपाट तलवों को बहुत बड़ी कमी माना जाता है। इसकी वजह से उछलने में दिक्कत आती है। दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी ने खुद दीपा को रिजेक्ट किए जाने की बात मानी है। फ्लेट फीट की कमी दूर करने के लिए दीपा कई घंटोंं तक पंजे मोडक़र खड़ी रहतीं। इससे उनकी फ्लेट फीट की दिक्कत काफी हद तक दूर हो गई।      साभार-khaskhabar.com  

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