नई दिल्ली । देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। इस संबोधन के दौरान पीएम ने सरकार की नीति, नियत और निर्णय पर बोला तो आतंकवाद पर भी बेहद कड़ा संदेश दिया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम ने गरीबी खत्म करने का संकल्प लिया तो माओवादियों और आतंकवादियों को कड़े शब्दों चेतावनी भी दी। महंगाई पर पीएम ने कहा कि अकाल के बाद भी दाल, सब्जी के दाम ज्यादा नहीं बढ़े। गरीब की थाली महंगी नहीं होने दूंगा।
पीएम ने कहा कि यह देश उपनिषद से उपग्रह तक, महाभारत के भीम से भीमराव तक की यात्रा तय कर चुका है। मोदी ने देशवासियों से कहा कि वह टालना नहीं टकराना जानते हैं। मोदी ने कहा कि हम आजादी का जश्न मना रहे हैं तो हमारा कोई फौजी बंकर में बैठा होगा। कोई मोर्चा संभाल रहा होगा। हमारे जवान रक्षाबंधन पर अपनी बहन से भी मिल नहीं मिल पाते। हम इन्हीं के बलिदान के दम पर तो आज आजादी का जश्न मना रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन का मामला वर्षों से पड़ा था।
पीएम मोदी के भाषण की मुख्य बातें
बिल्डरों पर नकेल
मोदी ने कहा कि मिडिल वर्ग पूरी पूंजी लगा देता है, लेकिन उसे समय से फ्लैट नहीं मिलता। हमने रियल स्टेट बिल लाकर बिल्डरों पर नकेल डाल दी है। हम चीजों को टालने विश्वास नहीं करते। हम टालना नहीं टकराना जानते हैं। समस्याओं से भिड़ेंगे नहीं तो समाधान नहीं होगा। युवाओं को अवसर मिले। युवाओं को रोजगार मिले। यह हमारे लिए समय की मांग है।
टूटा समाज कभी टिक नहीं सकता
मोदी ने कहा कि टूटा समाज कभी टिक नहीं सकता है। हमने पूर्ववर्ती सरकारों के अच्छे कामों को आगे बढ़ाया है। हम सबका दायित्व है कि सामाजिक न्याय पर बल दें। दलित हो, पिछड़ा हो ,आदिवासी हो.... सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं। सामाजिक बुराइयों के खिलाफ हमने लडऩा होगा। हर नागारिक को उठना होगा। तभी सशक्त भारत बनेगा।
सरकार की उपलब्धि गिनाऊंगा तो हफ्तेभर लग जाएगा
मोदी ने कहा कि मैं भी बहुत बड़ा लंबा। सरकार के कामकाज का हिसाब आपके सामने रख सकता हूं। दो साल के कार्यकाल में अनगिनत पहल और काम हुए। ब्योरा देने जाऊंगा तो हफ्तेभर लालकिले की प्राचीर से बोलते रहना पड़ेगा। इसलिए उस मोह के बजाय आज कार्य की नहीं, इस सरकारकी कार्य संस्कृति के प्रति अपना ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। कभी-कभी कार्य का लेखाजोखा देना सरल होता है। लेकिन कार्य संस्कृति जब तक गहराई में न जाएं, जानना-पहचानना सरल नहीं होता।
नीति की नहीं, नीयत और निर्णय पर भी बात
मोदी ने कहा कि आज मैं सिर्फ नीति की नहीं, नीयत और निर्णय की भी बात कर रहा हूं। सिर्फ विषय नहीं, एक व्यापक दृष्टिकोण, रूपरेखा नहीं रूपांतरण का संकल्प है। ये लोक आकांक्षा और लोक संकल्प की त्रिवेणी धारा है। ये मति भी है, सहमति भी है। ये गति भी है और प्रगति का अहसास भी है। इसलिए मेरे प्यारे देशवासियो! मैं आज जब सुराज की बात करता हूं, तब इसका सीधा मतलब है कि हमारे देश के सामान्य से सामान्य मानविकी में बदलाव लाना। आक्षेपों से नहीं,
अपेक्षाओं से घिरी है मोदी सरकार
मोदी ने कहा कि एक समय था जब सरकारें आक्षेपों से घिरी रहती थी। आज सरकार आक्षेपों से घिरी नहीं है, लेकिन अपेक्षाओं से घिरी है। जब सरकारें अपेक्षाओं से घिरी रहती हैं तो संकेत होता है जब आशा हो, भरोसा हो तो उसी की कोख से अपेक्षाएं जन्म लेती हैं। अपेक्षाएं सुराज्य की ओर जाने के लिए प्रेरित करती है। समस्याएं हैं तो सामर्थ्य भी है। जब हम सामर्थ्य की शक्ति को लेकर चलते हैं तो समस्याओं से समाधान के रास्ते भी मिल जाते हैं। भाइयो-बहनो, भारत के पास लाखों समस्याएं हैं तो सवा सौ करोड़ मस्तिष्क भी हैं जो समस्याओं का समाधान करने का सामर्थ्य भी रखते हैं।
गरीब की थाली महंगी नहीं होने दूंगा
मोदी ने अगर मैं दो साल की सरकार उपलब्धियों के बारे में बोलूं तो हफ्ते भर यहां से बोलना पड़ेगा। महंगाई पर पीएम ने कहा,अकाल के बाद भी दाल, सब्जी के दाम ज्यादा नहीं बढ़े। गरीब की थाली महंगी नहीं होने दूंगा।
हर फौजी के घर में खुशहाली
मोदी ने कहा कि हमने वन रैंक, वन पेंशन को पूरा किया। हर फौजी के घर में खुशहाली पहुंचाई। स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन बढ़ाने का फैसला। उन्हें 25 हजार के बदले 30 हजार मिलेंगे।
सुशासन के मूल में है जवाबदेही
मोदी ने कहा कि जवाबदेही सुशासन के मूल में है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा, जवाबदेही सुशासन के मूल में होनी चाहिए। मोदी ने कहा, सुशासन का मतलब सामान्य नागरिकों के जीवन में बदलाव है। इसका मतलब है सरकार सामान्य नागरिकों के प्रति संवेदनशील, जिम्मेदार तथा समर्पित है।
भुगतान बैंकों में तब्दील किए जाएंगे डाकघर
मोदी ने सोमवार को कहा कि देश भर के डाकघरों को भुगतान बैंकों में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से बैंकों का एक जाल तैयार होगा, जिससे लोगों को मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के आगमन से डाकघर अप्रासंगिक होते जा रहे थे और सरकार का ध्यान इसे प्रासंगिक बनाए रखना है। प्रधानमंत्री ने कहा, हर कोई डाकिये से प्यार करता है।
महंगाई दर को 6 फीसदी से नीचे लाए
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार दो बार खराब मानसून के बावजूद वार्षिक महंगाई दर को छह प्रतिशत से नीचे लाने में सफल रही। वहीं, पहले महंगाई दर 10 प्रतिशत थी। लगातार दो साल तक सूखे की मार झेलने के कारण हमारी सरकार ने महंगाई के रूप में कई चुनौतियां झेलीं। उन्होंने कहा, पिछली सरकार में महंगाई ने 10 प्रतिशत के स्तर को पार कर लिया था, लेकिन हमने इसे छह प्रतिशत से अधिक नहीं बढऩे दिया।
ग्रामीण सडक़ निर्माण को नई गति मिली
मोदी ने सोमवार को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़ों के निर्माण को सरकार ने नई गति दी है और प्रतिदिन 100 किलोमीटर के हिसाब से सडक़ का निर्माण हुआ है। मोदी ने कहा कि महत्वाकांक्षी ग्रामीण सडक़ संपर्क कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने शुरू किया था, लेकिन बाद में इसका क्रियान्वयन बेहद धीमी गति से हुआ। मोदी ने कहा कि ग्रामीणों के सडक़ के सपने को साकार करने में मदद के लिए उनकी सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना को नई गति दी। उन्होंने कहा, इससे पहले सडक़ निर्माण प्रतिदिन 70-75 किलोमीटर की दर से किया जा रहा था। आज की तारीख में यह प्रतिदिन 100 किलोमीटर की दर से हो रहा है।
सरकार 77 करोड़ एलईडी बल्बों के वितरण के लिए प्रतिबद्ध
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान ऊर्जा की बचत करना है। सरकार देश में 77 करोड़ एलईडी बल्बों के वितरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम 77 करोड़ और एलईडी बल्बों का वितरण करना चाहते हैं। मैं आप सभी से एलईडी बल्बों का इस्तेमाल करने, ऊर्जा की बचत करने और अपने देश की मदद करने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 350 रुपये के एलईडी बल्ब की कीमत घटाकर 50 रुपये की। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं पूछना चाहता कि पिछली सरकारों के कार्यकालों के दौरान यह सारा पैसा कहां गया। मैं आपको यह बताकर खुश हूं कि हमने इस तरह के 13 करोड़ बल्बों का वितरण किया है।
सरकार ने एक वर्ष में 1.45 करोड़ पासपोर्ट जारी किए
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने वर्ष 2015-16 में 1.45 करोड़ पासपोर्ट जारी किए हैं। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर अपने संबोधन में कहा कि लोगों को अब सिर्फ एक या दो सप्ताह में पासपोर्ट मिल जाता है। आज वार्षिक तौर पर लगभग दो करोड़ आवेदन प्राप्त होते हैं, जबकि पिछले वर्षो में इनकी संख्या 40 से 50 लाख ही थी। उन्होंने कहा कि अब लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं होती है।
सरकार का उद्देश्य सामान्य नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य देश के सामान्य नागरिक के जीवन में बदलाव लाने पर है। उन्होंने कहा कि कम से कम समय में आधार कार्ड व पासपोर्ट जारी करने तथा आयकर रिफंड की उपलब्धि को सफलता पूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। लोग पुलिस अधिकारियों से ज्यादा आयकर अधिकारियों से डरते हैं, खासकर मध्यम वर्ग के लोग। मैं इसे बदलना चाहता हूं। उन्होंने कहा, पहले आयकर रिफंड में काफी वक्त लगता था, लेकिन अब यह तीन सप्ताह के अंदर हो जाता है।
जन धन योजना ने असंभव को संभव बनाया
मोदी ने सोमवार को कहा कि जन धन योजना से 21 करोड़ लोगों को जोडक़र असंभव को संभव बना दिया गया। प्रधानमंत्री जन धन योजना से बैंक खाते खोलने में मदद मिली है। लोगों को जन धन योजना से जोडऩा असंभव कार्य था क्योंकि कई लोग मुख्यधारा से परे थे। मोदी ने कहा कि सरकार सभी सरकारी योजनाओं को आधार से जोडऩे का प्रयास कर रही थी।
भारतीयों में समस्याओं से सफलतापूर्वक निपटने की क्षमता
मोदी ने कहा कि देश के समक्ष लाखों समस्याएं हैं, लेकिन भारतीयों में इससे सफलतापूर्वक निपटने की क्षमता है। मोने ने कहा, हां, हमने कई समस्याओं का सामना किया है, लेकिन हम इनसे निपटने में सक्षम हैं। भारत में लाखों समस्याएं हैं, लेकिन देश के 125 करोड़ नागरिकों के पास इससे सफलतापूर्वक निपटने की क्षमता है।
भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूना चाहिए
मोदी ने सोमवार को कहा कि देश की ऊर्जा को प्रगति की नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए मदद करनी चाहिए। आज इस विशेष दिवस पर मैं देश में रहने वाले 125 करोड़ लोगों व विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि देश की यह ऊर्जा आने वाले वक्त में देश को प्रगति की नई ऊंचाई तक पहुंचाने में मदद करेगी।
हम शासन में सुधार ला रहे हैं : प्रधानमंत्री
मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने शासन की गुणवत्ता में नाटकीय ढंग से सुधार किया है। सरकार ने लोगों को अस्पतालों में इलाज के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदान करने का फैसला लिया था। राष्ट्रीय राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसी तरह का बदलाव देश के 40 प्रमुख अस्पतालों में लाया गया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, बस केवल एक मिनट में रेलवे की 15 हजार टिकटें ऑनलाइन कट रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, जब मैं सुराज (सुशासन) के बारे में बात करता हूं, तो इसका मतलब देश के हर नागरिक के जीवन में बदलाव लाना है।
मोदी ने पर्याप्त खाद्य भंडारण के लिए किसानों को बधाई दी
मोदी ने देश के किसानों को बधाई दी, जिन्होंने दो साल तक सूखे की मार झेलने के बाद भी खाद्य भंडारण को बनाए रखा है। मोदी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों की आय साल 2020 तक दोगुनी करना है। उन्होंने कहा कि सरकार दालों की पैदावार को बढ़ावा दे रही है और इनकी बुआई इस साल 1.5 गुना बढ़ी है।
अब चीजें बदल चुकी
मोदी ने सोमवार को पिछली सरकारों पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियां या तो घाटे में चली गई या फिर उन्हें बेच दिया गया। मोदी ने कहा कि अब चीजें बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया, दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया अब लाभ कमा रही हैं। मोदी ने कहा, एयर इंडिया की पहले आलोचना की जाती थी। जिस वक्त विश्व की हर दूरसंचार कंपनी मुनाफा कमा रही थी, वहीं बीएसएनएल घाटे में चल रही थी। अब बीएसएनएल भी अच्छा लाभ कमा रही है।
मध्यम वर्ग में कर के प्रति डर को दूर करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश का सामान्य नागरिक पुलिस से ज्यादा आयकर अधिकारियों से डरता है और सरकार इसे बदलेगी। देश की आजादी की 70वीं वर्षगांठ पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, मध्यम वर्ग के लोग पुलिस की तुलना में कर से ज्यादा भयभीत रहते हैं। इस स्थिति को बदलने की जरूरत है। मैं इसे बदलकर रहूंगा। उन्होंने कहा, एक समय में ईमानदार नागरिक कर अदा करते थे, लेकिन एक बार जब पैसा सरकार के कोष में चला जाता था, तब वापसी में महीनों का समय लगता था। उन्होंने कहा, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और वापसी की प्रक्रिया ऑनलाइन है और यह कुछ सप्ताह में हो जाता है।
साभार-khaskhabar.com
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