मथुरा

बांदा। उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, चित्रकूट और महोबा जिलों में जल संचय के लिए बने तेरह बांध सूख गए हैं, अगर पिछले साल की भांति मानसून ने दगा दिया तो आने वाले दिनों में यहां और जल संकट बढ़ सकता है। उत्तर प्रदेश के हिस्से वाला बुंदेलखंड क्षेत्र पिछले कई सालों से सूखे की चपेट में है, पर्याप्त बारिश न होने से यहां हमेशा जल संकट छाया रहता है। बांदा, चित्रकूट और महोबा जिलों में सिंचाई और पेयजल संकट से उबरने के लिए तेरह बांध बने हुए हैं। पिछले साल इन बांधों में काफी पानी संचयित था, लेकिन इस साल कम बारिश की वजह से बांधों में पानी का संचयन नहीं हो पाया। जो थोड़ा हुआ भी, वह भीषण गर्मी की चपेट में आकर गायब हो गया। चित्रकूट जिले के दो बांध ओहन व बरुआ और महोबा जिले के चार अर्जुन बांध, चंद्रावल बांध, कबरई व मझगवां बांध बिल्कुल सूख गए हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा में बांदा जिले के रनगवां, बरियारपुर व गंगऊ बांध, महोबा के उर्मिल, मौदहा एवं चित्रकूट जिले के रसिन और गुंता बांध में नाम मात्र का पानी बचा है। यहां केन, बागै, चंद्रावल जैसी आधा दर्जन नदियों की जलधारा भी सिकुडक़र पतली हो गई हैं।   बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी के लिए एक दशक से ‘नदी बचाओ-तालाब बचाओ’ आंदोलन चला रहे सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश रैकवार ने बताया, ‘‘चित्रकूट जिले के ओहन और बरुआ बांध और महोबा जिले के अर्जुन, चंद्रावल, कबरई व मझगवां बांध विल्कुल सूख गए हैं। बांदा के रनगवां, बरियारपुर, गंगउ, महोबा के उर्मिल, मौदहा, और चित्रकूट जिले में रसिन व गुंता बांध में नाम मात्र का पानी बचा है।’’ उन्होंने बताया कि जीवन दायिनी नदियां- केन, बागै, बान गंगा, मंदाकिनी व चंद्रावल की धाराएं सिकुड़ चुकी हैं, जिससे गांवों से लेकर शहरों व कस्बों तक में जल संकट की काली छाया मंडरा रही है। यदि समय से बुंदेलखंड में मानसून की आमद न हुई तो जलसंकट और बढ़ सकता है।   इस सामाजिक कार्यकर्ता की मानें तो बुंदेलखंड में अब भी प्राकृतिक जलस्रोत मौजूद हैं, जिनको पुनर्जीवित कर सरकार जलसंकट से निजात दिला सकती है। उन्होंने बताया कि बांदा जिले के फतेहगंज इलाके में गोबरी, गोडऱामपुर, गोंड़ी बाबा का पुरवा, बिलरियामठ, कुरुहंू गांवों में लगे सरकारी हैंडपंप पानी देना बंद कर दिए तो वहां के ग्रामीणों के समूह ने कंड़ैली नाला की झील की सफाई कर पीने योग्य पानी निकाल लिया है, इस तरह के कई जलस्रोत मौजूद हैं। चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा के आयुक्त एल. वेंकटेश्वरलू ने भी बांधों के सूखने की बात स्वीकार की है, समय से बारिश होने के अलावा इनमें पानी संचय का दूसरा उपाय नहीं है, पर पेयजल संकट से निपटने में प्रशासन सक्षम है।    साभार-khaskhabar.com 

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पत्नी की हत्या का आरोप लगाए जाने से था व्यथित   मथुरा। पत्नी की मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराए जाने से व्यथित एक व्यक्ति ने अपने दो बच्चों के साथ ट्रेन के आगे छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।  जानकारी के मुताबिक आगरा के सदर थाना क्षेत्र के चोर नगरिया निवासी 32 वर्षीय हेमंत ने रेनू के साथ लव मैरिज की थी। बताया जाता है कि शादी के बाद हेमंत पत्नी को लेकर मथुरा आकर थाना हाइवे क्षेत्र की अमर कालौनी में रहने लगा। रेनू ने एक पुत्र गोकुलेश और एक पुत्री पायल को जन्म दिया। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था लेकिन करीब 5 माह पूर्व रेनू की संदिग्घ परिस्थिति में मौत हो गई। रेनू की हत्या का आरोप उसके पति हेमंत पर लगाया जा रहा था और पुलिस भी बार-बार उसे टार्चर कर रही थी। बताया गया है कि पत्नी की हत्या का आरोप लगने के बाद से हेमंत बेहद परेशान था। पानी के प्लांट पर काम क्लर्क की नौकरी कर अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। पत्नी की मौत के बाद हेमंत अमर कालौनी छोड़ तुलसी नगर में रहने लगा। सोमवार को हेमंत ने आत्मघाती कदम उठा लिया और अपने 5 साल के बेटे गोकुलेश और ढाई साल की बेटी पायल को साथ लेकर हाइवे पर बाजना पुल के समीप पहुॅचा और ट्रेन आते देख रेलवे लाइन पर कूद कर आत्महत्या कर ली। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुॅची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शिनाख्त करा मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी और शव पोस्टमार्टमगृह पर भेज दिए। पुलिस के अनुसार मृतकों के पास सुसाइड नोट बरामद हुआ। डीएम मथुरा और डीएम आगरा के नाम लिखे सुसाइड नोट में इसमें पत्नी की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने का हवाला देते हुए आत्महत्या की बात कही गई है। सुसाइड नोट पर कुछ नाम और नंबर भी दिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

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मथुरा। थाना सदर क्षेत्र स्थित एआरटीओ कार्यालय में से सोमवार तड़के आग की लपटे उठते दिखाई देने पर आस-पास की कालौनी में रह रहे लोगों में हड़कम्प मच गया। सरकारी ऑफिस में आग लगने की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायरब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस और फायर बिग्रेड की दमकल आग पर काबू पाने के लिए पहुॅच गई। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग से एआरटीओ कार्यालय का सारा रिकॉर्ड जलकर राख हो गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सदर क्षेत्र स्थित एआरटीओ कार्यालय में से सोमवार की सुबह करीब साढ़े 3 बजे आस-पास की कालौनी में रहने वाले लोगों ने आग की लपटें उठती देखी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना इलाका पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना पाकर पहुॅची पुलिस टीम और फायरब्रिगेड की दमकल आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गई। आग इतनी भयंकर थी कि दमकल की 5 गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आफिस में लगी इस आग से यहां रखा सारा रिकॉर्ड जलकर राख हो गया। मौके पर विभागीय अधिकारी भी पहुॅच गए और नुकसान का जायजा लिया। आफिस में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।  

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मथुरा। जनपद की खराब सड़कों, पेयजल व्यवस्था सुदढ कराने की मांग और बिजली पूर्ति को लेकर सोमवार आज राष्ट्रीय लोकदल ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।  भारी संख्या में रालोद कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उनका कहना था कि जिलाधिकारी द्वारा आज सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया गया था लेकिन समय देने के बाद भी उनका कार्यालय में न रहना बड़े शर्म की बात है। वे जनता की समस्याओं के निस्तारण की बात तो दूर उनसे मिलना तक पसंद नहीं करते। ज्ञापन में रालोद नेताओं ने बाजना से मानागढी रोड बाया टप्पल, जटटारी व बाजना 10 किमी सड़क मार्ग, कोसी से शेरगढ रोड का पुर्ननिर्माण, कोसी से कोटवन-बठैन, कामर रोड, बलदेव बरौली रोड से कंजौलीघाट यमुना पुल तक सैदपुर मडौरा रोड की मरम्मत, अवैरनी से पचावर रोड पुर्ननिर्माण, फरह से जाजमपटटी रोड, जुगसना से भरऊ रोड, जुगसना से पचावर रोड मरम्मत कार्य, बिझारी मोड से नगला चेता सड़क निर्माण, परीगढी से भरऊगढी , बखण्डी से भरऊगढी, ब्यौंही से नगला भरऊ तक के रास्तों को ठीक कराने की मांग की। इस अवसार पर जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सिकरवार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप सिंह, कुँ० नरेन्द्र सिंह, वीरपाल सिंह भरंगर, रविन्द्र नरवार, भगत सिंह जादौन, रामपाल सिंह भरंगर, दीपक चौधरी, योगेश चौधरी, ठा. ज्ञानेन्द्र सिंह, मोतीराम बौद्ध, बाबूलाल प्रधान, खजान सिंह, ठा. विक्रम सिंह, पवन चतुर्वेदी, रजत चतुर्वेदी आदि थे।

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प्रदर्शन कर जमकर की नारेबाजी, डाक्टर पर लगाया अभद्रता का आरोप  मथुरा। डॉक्टरों द्वारा एएनएम और आशा कार्यकत्रियों के उत्पीड़न को लेकर आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर भारी संख्या में एएनएम एवम आशाओं ने प्रदर्शन कर डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। एएनएम व आशाओं का कहना था कि डॉक्टरों द्वारा उनका अनावश्यक रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक हमारे द्वारा कार्य किया जाता है। इसके बाद भी डॉक्टर पांच बजे के बाद मीटिंग करने की बात करते हैं। कुछ कार्यकत्रियों ने डॉक्टरों पर अभद्रता का भी आरोप लगाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन करते हुये चौमुहा, मांट, राल, पानीगांव की एएनएम और आशा कार्यकत्रियों ने कहा कि डॉक्टरों द्वारा उनका उत्पीड़न किया जाता रहा है। इसके विरोध में यदि कोई बोलता है तो वे उसका अनावश्यक रूप से ट्रांसफर कर उन्हें परेशान करते हैं। प्रदर्शन करने वालों में एएनएम सचेता भारद्वाज, महिला स्वास्थ्य कार्यकत्री आशा विद्यावती, ओजवती, पुष्पा, फूलवती, लता, कमलेश, लज्जावती, नीतू िंसह, सोनिया, पार्वती, सोनम आदि मौजूद थीं। इस अवसर पर कार्यकत्रियो ने कहा कि सौनई में तैनात डॉ. मनोज वशिष्ठ यहां कार्यरत लक्ष्मी बेन, प्रिया सिंह और स्टाफ नर्सों का उत्पीड़न कर रहे हैं। वहीं गोवर्धन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टर मुनेश द्वारा भी इनका उत्पीड़न और बेवजह ट्रांसफमर किया जा रहा है।

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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री उमा भारती के अबकर रोड स्थिति बंगले में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने रविवार रात अपनी सर्विस रिवॉल्वर से कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि यह घटना रविवार रात करीब साढे दस बजे की है।  घटना की सूचना मिलने ही पुलिस की टीम जल संसाधन, नदी विकास और गंगा जीर्णोद्धार मंत्री उमा भारती के अकबर रोड स्थित आवास पर पहुंच गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक हेड कांस्टेबल की पहचान दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी यूनिट के बृजपाल के रूप में हुई है। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अभी सुसाइड की वजह पता नहीं चल पाई है। मौके से मृत हेड कांस्टेबल की सर्विस रिवॉल्वर भी बरामद कर ली गई है। डीसीपी (नई दिल्ली) जतिन नरवाल ने बताया, अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। बृजपाल के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं।    साभार-khaskhabar.com   

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