मथुरा। यमुना को प्रदूषण रहित और पूर्ण शुद्ध होने तक यमुना मिशन का कार्य चलता रहेगा। इसमें घाटों की दशा सुधारने, हरियाली, गाय और पशु-पक्षियों के लिये विशेष इंतजाम किये जा रहे हैं ताकि यमुना किनारा और अधिक रमणीक और श्रद्धालुओं व परिक्रमार्थियों के लिये सुगम रास्ते से सुसज्जित हो जायेगा। आज यमुना मिशन के स्थापना दिवस और मिशन से दो लाख कार्यकर्ताओं से जुड़ने पर एक वृहद आयोजन किया गया जिसमें स्कूली बच्चे और गणमान्य नागरिकांें, संत-महंतों ने भाग लिया और यमुना मिशन के किये जा रहे कार्यों की सराहना की। यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा ने एक वर्ष में मिशन द्वारा किये गये जीर्णोद्धार एवं पुनरूद्र्धार का कार्य और उससे आये परिवर्तन से सभी को अवगत कराया। यमुना मिशन के संस्थापक प्रदीप बंसल ने कहा कि यदि सच्चाई की राह पर चलते हुये कोई प्रयास किया जाये तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। आज हम सभी देख सकते एक वर्ष में स्थिति में बदलाव आया है और आगे भी ऐसे ही यमुना मिशन हरियाली, सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा और संवर्धन के लिये सदैव कृत संकल्पित रहेगा। बाबा आनन्द गोपाल दास महाराज एवं पं देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि एक वर्ष पूर्व मोक्षधाम से लेकर स्वामी घाट के बीच की स्थिति बद से बदतर थी। ईश्वरीय कृपा और यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं की मेहनत का यह परिणाम है कि आज वह स्थिति उलट है। केवल मथुरा में ही नहीं अपितु गोवर्धन, रमणरेती, दिल्ली आदि में भी यमुना मिशन सघन तौर पर वृक्षारोपण, घाटों एवं कुण्डो के संरक्षण के कार्यरत है। दिल्ली में 32 घाटों का जीर्णोद्धार एवं सघन रूप से वृक्षारोपण कर प्रकृति को संरक्षित किया जा रहा है। इस अवसर पर स्वामी नारायण दास त्यागी, सत्यदेव दास काठिया, समाजसेवी बिहारीलाल वशिष्ठ, भूरा बाबा, चन्द्रशेखर, श्रीनिवास शर्मा, विशन सिंह, केएन शशी, प्रोबीर कुमार मित्रा, सचिन शर्मा, श्रीहर्षा, चन्द्र मोहन, दाउदयाल शर्मा, राजीव गोस्वामी, डाॅ भगत सिंह, रेनू बाला, गीता शर्मा, मोनू पंडित बड़ा हनुमान, मुकेश ठाकुर, महेश पंडित, लपुटी पंडित आदि मौजूद थे।
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