मथुरा

 बैठक में मौजूद गौरक्षा संस्था के पदाधिकारीगण  पूरे ब्रज में संयुक्त रूप से गौ रक्षा कर स्थापित होगी गौ वंश की महत्ता- गोपेश बाबा मथुरा। भगवान श्री कृष्ण की आराध्या और ब्रज मण्डल की परम सुशोभित शोभा गौ माता की रक्षा में जुटे सभी गौ रक्षक आज मथुरा में एक साथ एकत्रित हुए और संयुक्त रुप से मिलकर समूचे ब्रजमण्डल भर में गौ वंश की रक्षा संवर्धन का संकल्प लिया। श्री कृष्ण जन्मस्थान स्थित एक सभागार में आज बैठक कर ब्रज के सभी सक्रिय गौ रक्षकों ने गौ रक्षा का संकल्प दोहराया और संयुक्त रूप से पुरे ब्रज मंडल को गौ भक्षकों से मुक्त करने का संकल्प लिया।पुरे ब्रज में किसी भी कीमत पर एक भी गाय को कटने नहीं दिया जायेगा चाहे इसके लिए क्यों न हमें अपने प्राण ही न्यौछावर करने पड़ जायें उक्त विचारों के साथ इस सभा को संबोधित करते हुए पथमेड़ा गौ धाम के परम गौ रक्षक संत श्री गोपेश बाबा ने सभा की अध्यक्षता की और ब्रज मंडल में गौ भक्षकों से भी सौ गुनी ताकत का गौ रक्षकों का दल स्थापित करने का निर्णय लिया।संत गोपेश बाबा के विचार पर श्री कृष्ण जन्मभूमि संस्थान के गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी और श्री राधा कृष्ण सेवा समिति के पूरन प्रकाश कौशिक ने ब्रज मंडल गौ रक्षक समन्वय समिति बनाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए बरसाना धाम से आये संत श्री किशोरी शरण जी महाराज और राया की गौ रक्षक सेना के राकेश बंसल जी ने अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया। ब्रज मंडल गौ रक्षक समन्वय समिति के इस प्रस्ताव पर इसके बाद गोवर्धन के धीरज कौशिक, हर्षवर्धन कौशिक, श्याम जोशी, राजस्थान के ब्रम्हदेव शास्त्री, वृन्दावन के राहुल सिंह राजपुरोहित, होडल से भगत सिंह रावत, राया से सुनील चैधरी, छाता से केवल कृष्ण, कोसीकलां से मदन लाल, विजय सिंह एवं विजय बहादुर जी ने भी अपना समर्थन देते हुए इसमे अपनी आस्था व्यक्त की। सभा में राजमार्ग और सीमन्त क्षेत्र होने के कारण कोसी के गौ रक्षको के सहयोग पर ध्यान देने का भी प्रस्ताव रखा गया। संचालन श्याम जोशी ने किया।

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शनिवार कड़वे प्रवचन सत्संग के तीसरे दिन जैन मुनि तरूण सागर की आरती करते विधायक प्रदीप माथुर व पूरन प्रकाश एवं अन्य  मथुरा। क्रांतिकारी जैनमुनि श्रीतरूण सागर जी ने शनिवार को कहा कि अब संत मुनियों को आम आदमी के बीच प्रवचन करने की अपेक्षा लोकसभा और विधान  सभाओं में करना चाहिए। क्योंकि वहां खतरनाक लोग मौजूद हैं। अगर देश की लोकसभा और विधान सभा में बैठे करीब दस हजार लोग सुधर जाएं तो देश की जनता अपने आप रातों रात सुधर जाएगी। मुनि श्री कड़वे प्रवचन के बीच कृष्णानगर स्थित राधानगर पार्क में बोल रहे थे। जैन मुनि तरूण सागर महाराज ने कहा कि मजबूत इरादा व लगन पक्की हो तो लोहा बेचने वाला टाटा व जूता बेचने वाला बाटा बन सकता है। 90 प्रतिशत लोग उस वक्त हिम्मत हार जाते, जब वो सफलता की सीढ़ी से दस कदम की दूरी पर होते हैं। मुनि श्री का कहना है कि मूर्खों को हटा, संतों का काम है और मुर्दों को खड़ा करना भी संत का काम है। और संत के आने से जिंदगी की तस्वीर बदल जाती है। पुण्य का दुपट्टा छोटा व आकांक्षाओं के पैर बहुत बड़े हैं। इसलिए भले ही सूखी रोटी खाकर एक जोड़ी कपड़े से जीवन गुजार लेना, मगर कर्ज लेकर कभी झूठी शान शौकत मत दिखाना। कड़वे प्रवचनों के चर्चित तरूण सागर महाराज के ऐसे वचन सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालु भौचक्के हो गए।  संत्संग में कांग्रेस विधान मंडल दल नेता एवं विधायक प्रदीप माथुर, गोकुल श्रेत्र के विधायक पूरन प्रकाश, समिति अध्यक्ष विजय सेठ, डा. जयप्रकाश जैन, सुभाष जैन, सपा के महानगर अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, पंकज शास्त्री, आदि लोग मौजूद रहे। 

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यमुना मिशन द्वारा कृष्णगंगा घाट से गउघाट तक घाटों को पुनः निकाल कर उनका जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण किया गया। यमुना मिशन द्वारा मोक्षधाम से लेकर स्वामी घाट तक नगर के 6 मुख्य मार्गो को जोड़ने वाली एक सड़क का निर्माण कराया गया है। यमुना मिशन द्वारा कृष्णगंगा के सामने वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया गया है। यमुना मिशन के पं अनिल शर्मा जी एवं यमुना मिशन के कार्यकर्तओं द्वारा मोक्ष धाम से लेकर स्वामी घाट यमुना मिशन द्वारा कार्यो से आये बदलाव एवं वहाॅ की स्थिति देखने के लिये मोक्ष धाम से लेकर स्वामी घाट सभी घाटों एवं नवनिर्मित मार्ग का निरिक्षण किया। यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा ने जानकारी देते हुये बताया कि कृष्णगंगा घाट के सामने घाटों वाली यमुना के किनारे सुन्दर वृक्ष लगाये जा रहे है तथ घाटों वाली यमुना के किनारे किनारे बडे स्तर पर गुलाब, गेंदा, चमेली एवं अन्य कई प्रकार के फूल वाले पौधे लगाये जा रहे है जब इन पौधो पर फूल खिलेगे तो यहाॅ का दृश्य देखने लायक होगा तथा पूरा वातावरण पुष्पों की सुगन्ध से महकेगा।  इस अवसर पर पन्नालाल शर्मा, मुकेश ठाकुर, लपुटी पंडित, महेश शर्मा, मोनू पंडित, मनीष, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।   

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 राधारानी ब्रजयात्रा के दौरान नाचते गाते चल रहे ब्रजयात्री। जीव को ब्रह्म से जोड़ने की धारा है राधाः रमेश बाबा -चालीस दिन बाद बरसाना पहुंची ब्रजयात्रा -राधा नाम की रस धारा में डूबे नजर आये ब्रजयात्री मथुरा। चालीस दिन बाद ब्रज के भ्रमण से लौटी राधारानी ब्रजयात्रा का राधा की नगरी बरसाना में जोरदार स्वागत किया गया। ब्रजयात्रा पर जगह-जगह पुष्प बर्षा की गयी, यात्रा के दौरान ब्रजयात्री बड़ी मस्ती मंे गाते-बजाते चल रहे थे। इस दौरान राधाकृष्ण के जयकारों से सम्पूर्ण बरसाना गूंजयमान हो रहा था।  ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में 25 अक्टूबर को गहवरवन से शुरु हुई चालीस दिवसीय राधारानी ब्रजयात्रा गुरुवार को सम्पूर्ण ब्रजमण्डल का भ्रमणकर अपने निज धाम बरसाना पहुंची। बरसाना पहुंचने पर ब्रजयात्रा का जगह-जगह पुष्प बर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। तो वहीं ब्रजयात्री भी लाडली के निज धाम पहुंचकर काफी खुश नजर आ रहे थे। इस दौरान संत रमेश बाबा ने कहा कि चालीस दिन से ठा. मानबिहारी बिना गहवरवन सुना था। ब्रज चैरासी कोस कि यात्रा करके ब्रजयात्रियों को आनंद की अनुभूति हुई। जो मनुष्य चैरासी कोस की ब्रजयात्रा करता है उस पर कभी परम ब्रह्म की माया अपना प्रभाव नहीं डालती। जबकि पैदल ब्रजयात्रा कर रहे लोगों को हर दिन और रात राधा नाम से दिव्य शक्तियां मिल रही थी जीव को चैबिस घंटों में कुछ समय राधा नाम के लिए निकालना चाहिए। राधा नाम के जाप से सम्पूर्ण कष्ट दूर हो जाते है राधा नाम जीव को ब्रह्म से जोड़ने वाली धारा है। इस मौके मानमन्दिर के अध्यक्ष रामजीलाल शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह, कथा वाचक मुरिलिका शर्मा, संजय, ब्रजशरण बाबा आदि मौजूद थे। 

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कल्याणं करोति संस्था के पदाधिकारी बच्चों को गिफ्ट देते हुए  मथुरा। कल्याणं करोति संस्था द्वारा विश्व विकलांग दिवस की पूर्व संध्या पर एक सांस्कृति कार्यक्रम के बीच कार्यक्रम के आयोजक डा. अशोक अग्रवाल ने कहा कि यह संस्था पिछले 34 वर्षांे से कार्य कर रही है। हम इस संस्था की उन्नति की कामना करते हैं।  गणेश प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित के पश्चात संस्था के सम्बल संस्थान के मूकबधिर विकलांग बच्चों ने ‘जय हो’ गीत और ‘मां तुझे सलाम’ गीत पर आकर्षक नृत्य किया। तत्पश्चात इस मौके पर आये सपा नेता नीटू चैधरी ने कहा कि संस्था काफी समय से विकलांग बच्चों की सेवा में जुटी है। संस्था के महासचिव सुनील शर्मा ने बताया कि संस्था मंे शिक्षण-प्रशिक्षण कार्य के लिये योग्य शिक्षक कार्य कर बच्चों की देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संस्था के सम्बल विद्यालय में लगभग 150 बच्चे हैं जिन्हें शिक्षा एवं सेवा की जा रही है। उन्होंने बताया कि संस्था ने वर्ष 2002 में सम्बल विद्यालय की स्थापना की। उस समय इसकी स्थापना को लेकर एक सांस्कृतिक कार्य कर 51 हजार रूपये जुटाये गये जिससे विद्यालय को प्रारंभ किया गया। इस मौके पर शैलेन्द्र शर्मा ने संस्था की उन्नति की कामना करते हुये मूकबधिर बच्चों के विकास की कामना सहित संस्था की इस सेवा के लिये धन्यवाद दिया। इस मौके पर संस्था के बच्चों के साथ शिक्षक-प्रशिक्षण मौजूद थे।  

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मथुरा। महिला हिंसा को लेकर विगत वर्षों हुई दिल्ली की घटना के बाद केन्द्र और राज्य सरकार जहां काफी गंभीर नजर आ रही हैं वहीं पुलिस इन मामलों को अब भी हल्के में ले रही है। जनपद के हाइवे थाना क्षेत्र अंतर्गत अडूकी में पांच वर्षीय बालिका के साथ चार लोगों द्वारा किए गए कृत्य की घटना को थाना प्रभारी गंभीरता से नहीं लेते। उनका कहना है कि वह चुनाव ड्यूटी करें या ऐसी छोटी-छोटी वारदातों पर ध्यान दें।  विदित रहे कि हाइवे थाना क्षेत्र अंतर्गत भरतपुर रोड स्थित अडूकी गांव में बुधवार की दोपहर तीन बजे गांव निवासी राजन सिंह की बेटी रेखा (दोनों नाम काल्पनिक) घर के बाहर खेल रही थी, तभी उसे चाॅकलेट और टीवी दिखाने के बहाने गांव में ही रहने वाले भूपेश पुत्र चन्द्र सिंह व तीन अन्य लोगों ने घर के कमरें में बुला लिया और उसके साथ दुराचार किया। घटना की सूचना मिलने पर गांव में हाय-तौबा मच गई। घटना की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज तो कर ली, लेकिन चुनावी व्यवस्था के चलते इस मामले में पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं बरती है। जिसकी सर्वत्र चर्चा है। थाना प्रभारी का कहना है कि पीडि़ता के आरोपी चचेरे भाई हैं। थाना प्रभारी का यह कहना सत्य साबित हो सकता है, लेकिन बगैर किसी जांच के इस तरह का बयान, क्या आरोपियों को मदद पहुंचाने वाला साबित नहीं होता। क्या परिवारीजन महिला हिंसा कानूनों के चलते अपने ही परिवार की महिला के साथ हिंसा और दुराचार कर सकते हैं। उसमें भी यह बालिका अबोध है। थाना प्रभारी का यह कहना कि वह चुनावी ड्यूटी में व्यस्त हैं, इस तरह के आरोपों बढ़ावा देने वाला सिद्ध नहीं होता। 

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