मथुरा

 नंदगांव ब्लॉक में प्रधान एवं ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव में मतदान को लगी लाइन नंदगांव। ग्राम पंचायत के प्रथम चरण में 75 प्रतिशत मतदान हुआ। जानकारी देते हुए जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत  राजेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में विकास खण्ड चौमुहां में 72़09 प्रतिशत, छाता में 75़99 तथा विकास खण्ड नन्द्गॉव में 76़01 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने बताया कि तीनों विकास खण्डों में मतदान का प्रतिशत 75़06 रहा। उन्होंने बताया कि तीनों विकास खण्डों में शान्तिपूर्ण मतदान सम्पन्न हुआ।  नंदगांव ब्लॉक के विभिन्न गांवों में प्रधान एवं ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव शांतीपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। ब्लॉक की 8 न्याय पंचायतों में प्रधान के 38 पदों और ग्राम पंचायत सदस्य के 512 पदों के लिए शनिवार को मतदान कराया गया। ठीक सात बजे से बूथों पर मतदान शुरू हो गया। वोटर पैदल और वाहनों से मतदान स्थल तक पहुंचे। कई बूथों पर मतदान कर्मी दो बजे के बाद खाली बैठे रहे तो कुछ बूथों पर साडे चार बजे के बाद तक मतदान चला। बठैन के एक बूथ पद देर तक मतदान हुआ। करीब सत्तानवे हजार मतदाताओं में से 76 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। ब्लॉक के 64 मतदान केंद्रों पर 152 मतदान स्थल पर जमकर वोटिंग हुई। बरसाना के राधाबिहारी इंटर कालेज में फर्जी मतदान को लेकर प्रत्याशी समर्थकों में वाद-विवाद हो गया। कमई व हाथिया में फर्जी मतदान का आरोप प्रत्याशी लगाते रहे। जिले में शांतीपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिलाधिकारी काफिले के साथ केंद्रों पर भ्र्रमण करते रहे। इस दौरान ब्लॉक के दर्जनों गांवों में जिलाधिकारी एवं एसएसपी ने दौरा कर चुनाव का निरीक्षण किया।   लाठी के सहारे वोट देने आई अनारदेई नंदगांव ब्लॉक के चौधरी चरनसिंह इंटरकालेज बठैनकलां में 90 वर्षीय अनारदेई लाठी के सहारे वोट डालने आर्इं। इस दौरान उनके सम्बंधियों ने भी उनको केंद्र तक पहुंचाने में मदद की। वहीं इसी केंद्र पर बीमार मोहन को गोद में उठाकर वोट डलवाने लाया गया।

Read More

 अमरनाथ शिक्षण संस्थान में दादियों व नानियों का सम्मान करते चेयरमैन डा. आदित्य कुमार वाजपेयी -प्राचीन सभ्यता, लोक संगीत एवं परम्पराओं का हुआ पुनर्जागरण   मथुरा। ‘‘ओल्ड इज गोल्ड’’ कहावत अमर नाथ शिक्षण संस्थान के मातृकृपा आॅडिटोरियम के मंच पर उस समय चरितार्थ हुई जब दादी-नानी के सुनहरी पल ‘‘वो भूली दास्तां-लो फिर याद आ गई’’ कार्यक्रम में दादी व नानियों ने बच्चे के जन्म से विवाह तथा अन्य शुभअवसरों पर गाये जाने वाले लोकगीतों को अपने मधुर स्वर में प्रस्तुत किया । इस अवसर पर अमर नाथ शिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम में पधारीं पांच दर्जन से अधिक दादियों एवं नानियों को शॉल तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया । अमर नाथ शिक्षण संस्थान के चैयरमेन डा़ आदित्य कुमार वाजपेयी ने बताया कि दादी-नानी के इस कार्यक्रम में घर की उन बुजुर्ग महिलाओं को अपने प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान किया है जो घरों से बाहर नहीं निकल पाती हैं, साथ ही बच्चों को दादी-नानी के माध्यम से अपनी लोक परम्पराओं से भी अवगत कराने का प्रयास किया है। कार्यक्रम मेंं मुख्य अतिथि के रूप में पधारीं मथुरा नगर पालिका परिषद की चैयरमेन मनीषा गुप्ता ने कहा कि मथुरा जनपद में दादियों-नानियों को सम्मानित करने का यह पहला प्रयास है, इसके लिये अमर नाथ शिक्षण संस्थान बधाई का पात्र है । बुजुर्ग दादियों एवं नानियों ने लोकगीत, रतजगा, खोइया, जच्चा गीत, बरना गीत, नौबत, ढोला गीत, भजन, रसिया गीत, लांगुरिया गीतों पर जब अपनी प्रस्तुति दी तो ऐसा लगा मानों सभी प्रकार के उत्सव स्वयं अमर नाथ शिक्षण संस्थान के स्टेज पर उतर आये हैं। इस अवसर पर श्रीमती कुसुम कुलश्रेष्ठ ने विद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुये कहा कि यह विद्यालय संस्कार, अनुशासन, आदर्शों का आइना है । कार्यक्रम में पांडिचेरी से विशेष रूप से पधारीं अर्चना माहेश्वरी ने भी कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य डा़ अनिल वाजपेयी, प्रशासनिक अधिकारी डा़ अरूण वाजपेयी, शैक्षणिक प्रभारी अनुराग वाजपेयी, मिथलेश, रेनू, मीता, सोनिका शर्मा, असलम खां, ट्विंकल भारद्वाज, अनुराग शर्मा सहित गणमान्य अतिथि एवं सांस्कृतिक कलाकार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।  

Read More

संस्कृति ज्ञान खोज प्रतियोगिता में विजयी रहीं छात्र-छात्राएं एवं विद्यालय के अध्यापक -प्रदेश व अन्य जिले से आए छात्रों ने लिया भाग मथुरा। संस्कृति ज्ञान खोज प्रतियोगिता 2015 अन्तर्राविद्यालय अन्तर्राज्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन संस्कृति कैम्पस छाता, आज किया गया। जिसमें इलाहाबाद, कानपुर, लखनऊ, आगरा, मथुरा, हाथरस के प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य विभिन्न जिलों एवं होडल, पलवल एवं हरियाणा और राजस्थान प्रदेश के समीप के क्षेत्रों के विद्यालयों ने भी शिरकत की। इस प्रतियोगिता को विभिन्न चक्रों में आयोजित किया गया था। प्रारम्भिक चक्रों का आयोजन विभिन्न विद्यालयों के प्रांगण में संपन्न किया गया, जिसके माध्यम से विभिन्न टीमों का चयन किया गया। विभिन्न चयनित टीमों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर प्रगतिशील अनुवीक्षण विभिन्न विद्यालयों में दस टीमों की चयन प्रक्रिया के साथ संपन्न हुई जिन्हें महामुकाबले के लिए चुना गया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता विभिन्न क्षेत्रों में ज्ञानबोध की परीक्षा होने के कारण इसकी लोकप्रियता विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं में अत्यधिक है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपने ज्ञान बोध को बढ़ाने में मदद मिलती है। विभिन्न चक्रों में पूछे गये प्रश्नों में कठिनाई का स्तर बढता गया जिसके माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों का चयन संभव हो पाया। सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती ज्ञानसुधा मिश्रा, एवं एचसी गणेशिया सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता ने क्रमश: मुख्य अतिथि पीठासीन अतिथि एवं अतिथि सम्मान के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।  मुख्य अतिथि न्यायाधीश श्रीमती ज्ञानसुधा मिश्रा ने दर्शकों को संबोधित करते हुए इस तरह की प्रतियोगिता के निरंतर आयोजन पर बल देते हुए इसे आवश्यक बताया जिससे कि विद्यार्थियों के ज्ञानबोध को विभिन्न विषयों एवं क्षेत्रों में बढ़ाया जा सकता है। संस्कृति ज्ञान खोज प्रतियोगिता 2015 के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इनामी राशि संस्कृति ग्रुप समूह के चेयरमैन सचिन गुप्ता के द्वारा प्रदान किया गया। ज्ञान खोज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान श्रीबाबा सरस्वती विद्या मन्दिर, मथुरा, द्वितीय स्थान होली पब्लिक स्कूल, आगरा तथा तृतीय स्थान  परमेश्वरी धानुका सरस्वती विद्या मन्दिर मथुरा ने प्राप्त किए।  

Read More

मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार के हवाले से नगर मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उप्र कर्मचारी कल्याण निगम डीपो में 10 कुन्तल अरहर की दाल उपलब्घ है। उन्होंने बताया कि प्रति राशन कार्ड पर 120 रूपये प्रति किग्रा. की दर से दो किग्रा. दाल उपलब्ध करायी जायेगी। इच्छुक राशन कार्ड धारक उपरोक्तानुसार अरहर की दाल प्राप्त कर सकते हैं।

Read More

मथुरा। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गत दिवस 26 नवम्बर को जनपद न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय के केन्द्रीय कक्ष में चार बजे विधि दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं द्वारा संविधान के महत्व, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य आदि पर प्रकाश डाला गया। महर्षि दयानन्द वैदिक विद्यालय की छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति से सम्बन्धित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। सभी वक्ताओं द्वारा आगामी 12 दिसम्बर को जनपद की विभिन्न अदालतों में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार पर बल देते देते हुए लोगों का आवाहन किया गया कि लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थित होकर अपने वादों का निस्तारण करायें। इस अवसर पर अपर जिला जज अनिल कुमार गुप्त, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजवीर सिंह सहित सभी न्यायिक मजिस्ट्रेट, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन विजय पाल सिंह तोमर व अन्य अधिवक्तागण, अधिकारीगण तथा प्रधानाचार्य, महर्षि दयानन्द वैदिक विद्यालय व छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।  

Read More

मथुरा। पूरे विश्व के लगभग 88 देशों में रहने वाले तकरीबन 350 मिलियन लोगों में कालाजार बीमारी के जोखिम है और लगभग  50 लाख लोग इस जानलेवा बीमारी से ग्रसित हैं।  यह रोग दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में बहुत हीं आम है, लगभग 200 मिलियन लोगों के इसकी चपेट में आने का खतरा है।  भारत में लगभग 165 मिलियन लोगों को कालाजार होने का जोखिम है। एक सर्वे के अनुसार देश में एक लाख मामले हर साल कालाजार के सामने आते हैं। जिनमें से लगभग प्रत्येक वर्ष 200 रोगी कालाजारी की बीमारी से मौत के मुंह में चले जाते हैं। इस बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह जानकारी केडी मेडिकल कालेज, हॉस्पीटल एवं रिसर्च सेंटर अकबरपुर मथुरा में आयोजित देश में बढती कालाजार बीमारी पर एक परिचर्चा कालेज के महिला एवं बाल रोग विभाग में आयोजित सेमिनार में बालरोग विशेषज्ञ डॉ़ डीके जुनेजा ने व्यक्त करते हुए दी। उन्होंने बताया कि कालाजार एक घातक संक्रमण है जो एक परजीवी के कारण होता है।  कीट के काटने से यह एक व्यक्ति से दूसरे में फैल जाता है। उन्होंने बताया कि काला अजार या आंत लीशमनियासिस एक घातक संक्रमण होता है जो परजीवी प्रोटोजोआ लीशमनिया डोनोवनी के कारण होता है।  यह एक संक्रमित व्यक्ति से, संक्रमित स्त्री जाति की सेंड मक्खी के काटने से, दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में फैल सकता है जिसका नाम फ्लेबोटोमस अर्जेन्टाप्सि है।  स्त्री रोग विभाग की एमएस डॉ़ उषा वत्स ने कालाजार बीमारी से ग्रसित व्यक्ति या महिला को यदि उनमें अनियमित रूप से बुखार आते जाते रहते हैं जिसके साथ कोई जरुरी नहीं है कि किसी प्रकार की कठोरता या ठंड जुड़ा हुआ हो। कुछ रोगियों का वजन कम हो सकता है तथा  हाइपरगामाग्लोब्युलिनेमिया  के साथ हाइपोअल्ब्युनेमिया हो सकता है। स्त्री रोग चिकित्सक डॉ़ हसना हना चौधरी ने बताया कि काला अजार को अक्सर लोग मलेरिया, टाइफाइड या तपेदिक समझने की भूल कर बैठते हैं क्योंकि इनके  लक्षण और बाकी रोगों के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं।  कुछ  रोगियों को अन्य दूसरी बीमारियों के साथ काला अजार भी हो जाता है। संगोष्ठी की अध्यक्षता आरके ग्रुप के चेयरमैन डॉ़ रामकिशोर अग्रवाल, डायरेक्टर मनोज अग्रवाल ने की।

Read More



Mediabharti