मथुरा

वृन्दावन। मंदिरों की नगरी वृन्दावन में चेतन्य महाप्रभु की पंचशती समारोह कार्यक्रमांे को लेकर वृन्दावन में हजारों लोग देश-विदेश से आये हुये हैं जिनमें संत, साधु, संन्यासी, महंत एवं चेतन्य महाप्रभु के अनुयायी भक्तों की भीड़ लगी है। हरे-कृष्ण मंत्र का अखंड कीर्तन एवं भावविभोर मुद्रा में प्रभु में लीन होकर नाचना आदि नगर की सड़कों पर देखा जा रहा है। चैतन्य महाप्रभु के वृन्दावन स्थित मंदिर में उनके अनुयायी भक्तों का तांता लगा हुआ है, जहां प्रातः से ही पूजन, भजन, कीर्तन सेवा आदि कार्य भारी श्रद्धा के साथ किये जा रहे हैं। वहीं अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ इस्काॅन के इस्काॅन मंदिर में विगत दो दिन से जहां संस्थापकाचार्य एसी भक्ति वेदान्त स्वामी प्रभुपाद का तिरोभाव महोत्सव मनाया जा रहा है, साथ ही चेतन्य महाप्रभु तथा जगन्नाथ रथयात्रा के कार्यक्रम का दौर चल रहा है। वहीं कल राष्ट्रपति के आगमन एवं पंचशदी समारोह का उदघाटन होने को लेकर समूचे वृन्दावन में भव्य कार्यक्रम को लेकर परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्यालय में तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं। इस कार्यक्रम को लेकर 6 बटालियन पीएसी तथा 1500 एएसआई एवं हजारों कांस्टेबिलों को सुरक्षा की दृष्टिगत लगाया गया है। आगमन के प्रमुख मार्गों पर वैरीकेटिंग एवं वाहनों की रोक लगायी गयी है। 

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नई दिल्ली : दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा आसपास के इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके चलते तटवर्ती आंध्र प्रदेश , रायलसीमा, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी एवं केरल के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की खबर है। आने वाले समय में यह जारी रह सकती है।  रविवार को तमिलनाडु एवं पुड्डुचेरी के कुछ स्थानों पर भारी से काफी भारी वर्षा होने की आशंका है। तटवर्ती आंध्र प्रदेश और केरल के कुछ इलाकों में भी भारी वर्षा हो सकती है।  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को भी कुछ स्थानों पर भारी से काफी भारी वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया है। विभाग ने तमिलनाडु एवं पुड्डुचेरी के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की आशंका व्यक्त की। तटवर्ती आंध्र प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से काफी भारी वर्षा होने की आशंका है। रायलसीमा, दक्षिण कर्नाटक के भीतरी भागों और केरल में भी भारी वर्षा के आसार हैं।  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने तमिलनाडु एवं पुड्डुचेरी के लिए रविवार, सोमवार और मंगलवार को अत्यधिक वर्षा होने की आशंका व्यक्त की है जबकि विभाग ने कहा है कि मंगलवार को तटवर्ती आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा होगी। 17 नवंबर को भी तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और तटवर्ती आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा की आशंका व्यक्त की गई है। रायलसीमा, दक्षिण कर्नाटक के भीतरी भागों और केरल के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।

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अपने देश की स्मृतियां परदेश में बिखरी पड़ी मिलें तो ख़ुशी तो होगी ही...। मेलबर्न में करीब 15 हजार आबादी वाले उपनगर 'मिचम' में घूमते हुए गलियों के नाम मेरठ स्ट्रीट, आगरा स्ट्रीट, लखनऊ, बनारस, दिल्ली, कलकत्ता, शिमला स्ट्रीट दिखाई देने लगें तो मन मयूर हो उठा। दनादन उन नाम लिखे खम्भों के फोटो खिंचवाए ताकि आपको दिखा सकूं।  यूरोप के तमाम देशों में अपने देश से जुड़ी बातें दिखाई देती हैं लेकिन तीन करोड़ आबादी वाले ऑस्ट्रेलिया में अपने मुल्क के इतिहास से ताल्लुक रखने वाले चिह्न न के बराबर हैं। ऐसे में भारत के नगरों के नाम की पट्टिका 10 हजार किमी दूर इस देश में देख जिज्ञासा पैदा हुई कि आखिर एक उपनगर की तमाम स्ट्रीट ‘आगरा’, ‘मेरठ’ आदि ही क्यों है...? जानकारी करने पर मालूम हुआ कि सन 1860 में इस उपनगर को बसाया गया था। तब यहां गोल्ड रश अपने चरम पर था यानी ऑस्ट्रेलिया में इस जगह पर धरती सोना उगल रही थी। अंग्रेज इसको विकसित करने में जुटे थे और भारत में अंग्रेज स्वाधीनता संग्राम के (1857) आंदोलन को कुचलने की कामयाबी का जश्न मन रहे थे। इस आंदोलन में भारतीय वीरों की बहादुरी से वे घबरा भी गए थे। इसी घबराहट से पिंड छुड़ाकर बड़े ओहदे के गोरे फौजी ऑस्ट्रेलिया भी आ रहे थे। सन 1932 में ऐसा ही एक फौजी जो उत्तर भारत में कई स्थानों पर रहा था, मेलबर्न आया। यहां आने पर इस ब्रिटिश अफसर ने इस उपनगर 'मिचम' की बसावट में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस अज्ञात फौजी के मानस छाए हमारे देश के यह नगर यहां इतिहास बन गए और हमारी खुशी का एक भाग। आज यह उपनगर 'मिचम' मेलबर्न के इतिहास का सुनहरा पन्ना तो है ही साथ ही यहां अनेक कलाकार, लेखक और साहित्यकार रहते हैं। ऑस्ट्रेलिया के जननायक नेड केली पर बनी फीचर फिल्म "दी स्टोरी ऑफ़ नेड केली' की शूटिंग इन्हीं स्थानों पर हुई थी। यह फिल्म दुनिया की पहली फीचर फिल्म मानी जाती है।  कई बार तो ऐसा लगता है जैसे मेलबर्न जिसकी गिनती दुनिया के सर्वाधिक खूबसूरत और रहने योग्य नगरों में की जाती है के इस उपनगर ‘मिचम' में गलियों के खम्भों पर लिखे नाम नहीं बल्कि अपने देश का तिरंगा है।

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हैदराबाद : केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्‍य मंत्री राज्‍यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि हैदराबाद भारत अंतरराष्‍ट्रीय बाल फिल्‍म महोत्‍सव (आईसीएफएफआई) आयोजित करने का स्‍थायी स्‍थान बन सकता है। राठौड़ ने शनिवार को हैदराबाद के शिल्‍प कला वैदिका में आयोजित 19वें भारत अंतरराष्‍ट्रीय बाल फिल्‍म महोत्‍सव के उद्घाटन समारोह में यह बात कही।  राठौड़ ने कहा कि भारत में अति प्रतिभावान बच्‍चे हैं और उन्‍हें अपनी प्रतिभा को विश्‍व मंच पर प्रदर्शित करना चाहिए। उन्‍होंने बच्‍चों से सेल फोन के ज़रिए लघु फिल्‍म बनाने और विश्‍व को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उसे इंटरनेट पर डालने का आग्रह किया। भारत को रचनात्‍मकता और कहानी सुनाने की भूमि बताते हुए राठौड़ ने महोत्‍सव की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।  सीएफएसआई के इतिहास के बारे में बताते हुए सुनील अरोड़ा ने कहा कि इस 19वें महोत्‍सव की खासियत यह है कि इसके लिए करीब 1200 प्रविष्टियां आई हैं। उन्‍होंने कहा कि पिछले वर्ष शुरू हुआ नन्‍हे निर्देशकों का वर्ग अंतरराष्‍ट्रीय बन गया है, जो अपने आप में एक उपलब्धि है। इस वर्ग के अंतर्गत सात देशों से कुल 200 प्रविष्टियां प्राप्‍त हुई हैं। उन्‍होंने कहा कि प्रदर्शन के लिए 70 फिल्‍में का चयन किया गया है। 18वें आईसीएफएफआई में गोल्‍डन एलीफेंट पुरस्‍कार प्राप्‍त फ्रेंच फिल्‍म ‘अर्नेस्‍त एत सेलेस्‍ताइन’ को ऑस्‍कर पुरस्‍कार के लिए भी नामित किया गया था। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि इस आईसीएफएफआई में प्रदर्शित होने वाली फिल्‍मों को भी इसी प्रकार का सम्‍मान मिलना चाहिए।  सीएफएसआई के अध्‍यक्ष मुकेश खन्‍ना ने महोत्‍सव में आए बाल कलाकारों और प्रतिनिधियों का स्‍वागत करते हुए कहा कि कई देशों से इतने प्रतिभागियों का इस महोत्‍सव में भाग लेना गर्व का क्षण है। उन्‍होंने कहा कि भारतीय पौराणिक कहावत ‘वसुदैव कुटुम्‍बकम’ जिसका मतलब ‘विश्‍व एक परिवार है’ की यह विचारधारा इस प्रकार के कार्यक्रमों से पुख्‍ता होती है।  फिल्‍मी हस्तियां तब्‍बू, करीना कपूर और उनकी बहन करिश्‍मा कपूर भी समारोह में उपस्थित थीं। केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्‍यमंत्री राज्‍यवर्धन सिंह राठौड़ ने अन्‍य अतिथियों के साथ दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर महोत्‍सव का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर सांस्‍कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। देश के अति प्रतिभावान बालक मास्‍टर अक्षत के नृत्‍य प्रदर्शन से बच्‍चों सहित सभी दर्शक मंत्रमुग्‍ध हो गए। ‘डिजिटल इंडिया’ के ट्रूप का शानदार प्रदर्शन और हरिकृष्‍ण के सैंड आर्ट को भी दर्शकों ने काफी सराहा।

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इस्काॅन द्वारा निकाली गई जगन्नाथ रथ यात्रा में यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा रथ यात्रा कार्यक्रम में बढ चढ कर सहभागिता की गई। यमुना मिशन द्वारा रथ यात्रा में वैष्णवभक्तों की सेवा कर पुण्य लाभ प्राप्त किया गया।  यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा ने बताया कि भगवान जगन्नाथ बलदेव और बहन शुभद्रा के साथ हमारी मथुरा नगरी में पधारे है यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम उनके स्वागत में पलक पावड़े विछा दें। और यही यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा करने का प्रयास किया गया। पुष्पवर्षा एवं वैष्णवों के स्वागत कर रथयात्रा का भव्य स्वागत कर यात्रा में सहभागिता की। यमुना मिशन के सभी कार्यकर्तााओं ने भगवान जगन्नाथ से यमुना महारानी के शीघ्र अविरल होने का वर मांगा।  रथ यात्रा का मार्ग में हो रहे पुष्पों की वर्षा से स्वागत ऐसी छटा बिखेर रहे थे जैसे आकाश से स्वयं देवता आकर पुष्पवर्षा कर रहे हो।  जगन्नाथ रथ यात्रा से आज पूरा शहर हरिनाम संकीर्तन की धुन पर थिरकने लगा। जय जगन्नाथ और जय यमुना मैया के नारों से आज नभ गुंजायमान हो गया।    

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मथुरा। यमुना एक्सप्रेस वे पर बलदेव क्षेत्र के गांव खेरडा में भाई दूज पर पत्नी और बच्चों के साथ ससुराल आ रहे बाइक सवार को कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार दंपति सहित चार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक दो वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए गंभीर हालत में आगरा भेजा गया है। जानकारी के अनुसार आगरा के ताजगंज निवासी 30 वर्षीय हरपाल पुत्र छोटेलाल अपनी पत्नी खुशबू और अपने तीन बच्चों में पांच वर्षीय मनीष, तीन वर्षीय गगन, दो वर्षीय मंगन के साथ अपनी बाइक से बलदेव क्षेत्र के गांव खरेड़ा स्थित ससुराल आ रहा था। उसे सामने से आ रही अनियंत्रित स्विफ्ट कार ने टक्कर मार दी। इससें वह परिवार के साथ सड़क पर काफी दूर तक घिघ्सटता चला गया। इस हादसे में हरपाल, उसकी पत्नी खुशबू, 5 वर्षीय पुत्र मनीष और 3 वर्षीय गगन की मौके पर ही मौत हो गई तथा दो वर्षीय मगन गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा हुआ था। आसपास के लोग घटनास्थल की और दौड़े और पुलिस को सूचना दी। पुलिस कर्मियों ने घायल को इलाज के लिए आगरा भेजा। इसी दौरान मृतकों के ससुराल पक्ष के लोग मौके पर आ गए। उन्होंने चारों शवों को पुलिस से छीन लिया। उन्हें यमुना एक्सप्रेस वे पर रखकर ग्रामीणों के सहयोग से जाम लगा दिया। इस कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे। बहुत प्रयास के बाद ग्रामीणों को मनाने में प्रशासन सफल हुआ। पुलिस ने कार को भी जब्त कर लिया लेकिन उसका चालक मौके से भाग जाने में सफल रहा।

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