मथुरा

मथुरा। थाना हाईवें क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार सवार अज्ञात बदमाशों ने पैदल घूमनें निकलें युवक को जान से मारने की नियत से गोली मार दी। जिससें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर घायल को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया हैं। घटना को लेकर परिजनों में आक्रोश व्याप्त हैं। मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के आरके पुरम निवासी पवन कुमार प्रातः काल घर से घूमनें के लिए निकला था कि रास्ते में कार सवार अज्ञात बदमाशों ने पवन को जान से मारने की नियत से गोली मार दी। जिससें पवन लहुंलुहान होकर वहीं पर गिर पडा। कार सवार बदमाश हवा में फायरिंग करते हुए मौके पर से भाग गये। हाइ्रवें पर दिन दहाड़ें हुई फायरिंग से हड़कम्प मच गया। घटना स्थल पर लोगों की भीड़ लग गई। इसी दौरान किसी ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर घायल पवन को ईलाज के लिएण् अस्पताल में भर्ती कराया जहाॅ उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा हैं। पुलिस ने घायल पवन के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी हैं।

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घर पूजे गये गोवर्धन महाराज की अदभुत झाकी इन्द्र के अंहकार को नाश करने के लिये भगवान कृष्ण ने उठाया था गोवर्धन पर्वत मथुरा। गोवर्धन पूजा मे गोधन यानी गायो की पूजा। शास्त्रा मे बताया जाता है कि गाय उसी प्रकार पवित्र होती है जिस प्रकार नदियो मे गंगा, गाय को देवी लक्ष्मी का रूप भी कहा गया है। देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख समृद्वि प्रदान कर ती है उसी प्रकार गाय माता भी अपने दूध से स्वास्थय रूपी धन प्रदान करती है, इनका बछडा खोतो मे अनाज उगाता है। इस प्रकार गऊ माता सम्पूर्ण मानव जाति के लिये पूज्यनीय और आदरणीय है, गाय माता के प्रति श्रद्वा प्रकट करने के लिये कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोर्वधन पूजा की जाती है। इस दिन देश विदेश से लाखो की संख्या मे श्रद्वालु गोवर्धन मे गोवर्धन की पूजा करने के लिये आते है और गिर्राज महाराज की परिक्रमा कर अपने आपको धन्य मानते है।           गोवर्धन पूजा को बृज के नर और नारी दीपावली के दूसरे दिन बनाते है इस दिन गोवर की विशालकाय प्रतिमा बनाते है और उसकी पूजा करते है गोवर्धन के दिन अन्नकूट का प्रसाद भी घर घर मे बनाया जाता है और गोवर्धन महाराज को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया जाता है गोवर्धन पूजा की किवदती इस प्रकार है कि देवराज इन्द्र को अभिमान हो गया था, इन्द्र का अभिमान चूर करने हेतु भगवान श्री कृष्ण जो कि स्वंय लीलाधारी श्री हरि विष्णु के अवतार है ने एक लीला रची प्रभु की इस लीला मे हुआ यू कि एक दिन प्रभु ने देखा कि सभी बृवासी पकवान बना रहे है औश्र किसी की पूजा मे जुटे हुये है, तो श्री कृष्ण ने बढे प्यार से और भोलेपन मे मयया यशोदा से प्रश्न किया कि मयया ये लोग किसकी पूजा की तैयारियो मे जुटे हुये है तब मैया बोली लल्ला हम देवराज इन्द्र की पूजा के लिये अन्नकूट की तैयारिया कर रहे है, तब दोवारा श्री कृष्ण ने प्रश्न किया कि हम इन्द्र की पूजा क्यो करते है तब  मैया बोली कि वह हमारी पूजा से प्रसन्न होकर वर्षा करते है जिससे खेतो मे अनाज की पैदावार होती है और उससे हमारी गायो को चारा मिलता है, भगवान कृष्ण बोले कि हमे तो गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिये हमारी गाये तो वही चरती है इस दृष्टि से गोर्वधन पर्वत पूज्यनीय है और इन्द्र तो कभी दर्शन भी नही देते और पूजा न करने पर क्रोधित भी होते है अत ऐसे अंहकारी की पूजा नही करनी चाहिये। लीलाधारी की लीला और माया से सभी ने इन्द्र के बदले गोवर्धन पर्वत कीी पूजा की, बृज के ग्वालो द्वारा गोवर्धन पर्वत की को देख इन्द्र ने अपना अपमान समझ लिया और मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी, प्रलय के समान वर्षा होने पर सभी बृजवासी भगवान कृष्ण को कोसन लगे और कहने लगे यह प्रलय इनका कहा मानने से आयी है अगर कान्हा की बात न मानते तो आज हमको प्रलय का सामना नही करना पडता, बृजवासियो को ऊपर आफत की प्रलय को आता देख भगवान श्री कृष्ण ने अपनी कनिष्क उंगली पर पूरा गोर्वधन पर्वत को उठा लिया और सभी बृवासियो को उसमे अपने गायो और बछडो सहित शरण लेने के लिये बुला लिया, इन्द्र कृष्ण की इस लीला को देखकर और क्रोधित हो गया और इन्द्र ने बर्षा और तेज कर दी। तब कही जाकर भगवान कृष्ण ने अपने सुर्दशन चक्र को आदेश दिया कि आप गोर्वधन पर्वत के अपर जाकर वर्षा की गति को नियत्रण करे और शेषनाग से कहा कि आप मेड बनाकर पानी को पर्वत की ओर आने से रोके, इन्द्र लगातार सात दिन तक मूसलाधार बारिश करते रहे तव उन्हे एहसास हुआ कि उनका मुकाबला करने वाला कोई आम आदमी नही है वह तुरत ब्रहमा जी की शरण पहुचा और अपने साथ हुये बृतांत के बारे मे ब्रहमा जी को बताया इन्द्र की बात सुन ब्रहमा जी ने कहा कि इन्द्र जिस बालक की तुम बात कर रहे है हो वह भगवान विष्णु के साक्षात अंश है और पूर्ण पुरूषोत्तम नारायण है ब्रहमा जी के मुख से उस बालक की यह बात जानकर इन्द्र बहुत लज्जित हुआ और भगवान कृष्ण से बोला कि प्रभु मे आपको पहचान नही सका इसलिये अंहकारवश भूल बैठा, आप दयालु है और कृपालु है इसलिये मेरी भूल को क्षमा करे औश्र अपने चरणो मे जगह दे तभी से गोवर्धन की पूजा परे बृज मे होती है इस दिन बृवासी गाय और बैलो को स्रान कराकर उन पर रंग लगाते है और गले मे नई रस्सी डाकर उन्हे चावल, गुड इत्यादि भी खिलाते है।    

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गोवर्धन पूजा महोत्सव में पूजा अर्चना करते देशी-विदेशी भक्त गोवर्धन धाम में अवतरित हुआ द्वापर युग विदेश भक्त कृष्ण भक्ति में भावविभोर दिखायी दिये   मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली एवं गिरिराज पूजा के प्राकट्य स्थल गोवर्धन धाम में उस समय द्वापर युग का अवतरण हो गया, जब लाखों देशी ही नहीं बल्कि सात-समुंदर पार से आये विदेशी भक्तों ने कलियुग के प्रथम देवता कहे जाने वाले गिरिराज महाराज की पूजा अर्चना की। पग-पग पर मैं तौ गोवर्धन कूं जाऊं...... की अभिव्यक्ति नजर आयी। एक ओर जहां गिरिराज महाराज का दूध-दही, शहद, पंचामृत के साथ अभिषेक किया तो दूसरी ओर प्रातरू से शुरू हुई 21 किमी. गिरिराज परिक्रमा के पग देर सांय तक थमे नहीं। हर कोई आराध्य देव गिरिराज महाराज को मनाने में लगा रहा। गुरूवार की सुबह अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति के हजारों देशी-विदेशी कृष्ण भक्त ने श्रीगिरिधारी गौड़ीय मठ से लेकर राजा वाला मंदिर गिरिराज तलहटी तक गोवर्धन पूजा शोभायात्रा बैंडबाजे के बीच निकाली। इस शोभायात्रा में आकर्षण का केन्द्र विदेशी महिलाएं भारतीय परिधान पहने सिर पर प्रसाद की टोकरी व दूध-दही की मटकी लेकर चल रही थी। इस मौके पर गिरिराज जी की तलहटी में कई टन दूध-दही व पंचामृत के साथ अभिषेक किया गया। प्रशासनिक अव्यवस्थाओं में  जगह-जगह परिक्रमा मार्ग में जाम लगता रहा। तलहटी के सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग में गिरिराज महाराज के जय-जयकारों की गूंज रही। श्रद्धालुओं ने दानघाटी मंदिर से आन्यौर, पूंछरी, जतीपुरा होकर बड़ी परिक्रमा एवं राधाकुंड होकर छोटी परिक्रमा लगाई। गिरिराज जी के मुकुट मुखारविंद मंदिर स्थित मानसी गंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्रान किया। इसके बाद गिरिराज का दूध से अभिषेक किया। गिरिराज जी के दानघाटी मंदिर एवं मुकुट मुखारविंद मंदिर, जतीपुरा के मुखारविंद भीड़ से खचाखच भरे नजर आये। परिक्रमा मार्ग में परिक्रमार्थियों की मानव श्रंखला बनती नजर आयी। परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह अन्नकूट महोत्सव में भंडारों के आयोजन में प्रसाद वितरित किया गया। तलहटी के मुकट मुखारविंद, गिरिराज दानघाटी, मानसी गंगा के तट पर स्थित महल बदनसिंह में देवकीनंदन महाराज हरगोकुल, राधाश्यामसुंदर, कनक भवन सीताराम मंदिर, राधा दामोदर सेवा आश्रम, गिरिराज संत सेवा आश्रम ट्रस्ट कुसुम सरोवर, राधाकुंड स्थित रघुनाथ दास गोस्वामी, वैष्णव सेवा आश्रम, हरिदेव जी महाराज मंदिर पर भक्तों ने पूजा की।     फूल बंगला व छप्पन भोग के बीच बिराजे गिरिराज महाराज   गोवर्धन। गिरिराज पूजा महोत्सव में सुप्रसिद्ध गिरिराज दानघाटी मंदिर में सेवायत मथुरा प्रसाद कौशिक के निर्देशन में सुबह दूध से दुग्धाभिषेक किया, वहीं सांयकालीन बेला में चांदी के सिंहासन एवं अद्भुत श्रंगार के बीच गिरिराज महाराज के छप्पन भोग लगाये गये। रात्रि में भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया।     घर-घर में सजी गोबर की झांकी

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 गणमान्य लोगो ने अनाथ बच्चो के साथ मनाई दीपावली मथुरा। कोसीकला नगर के स्कूलों में दीपावली का त्यौहार हिन्दू मुस्लिम एकता और सौहार्द के साथ मनाया गया। जिसमें अध्यापकों व बच्चों ने लक्ष्मी पूजन कर आरती भी उतारी। वहीें दूसरी ओर अधिकांश लोगों ने अनाथाश्रम जाकर बच्चों के साथ दीपावली का पर्व मनाया। जीडी पब्लिक स्कूल में भी छात्राओं ने आकर्षक रंगोली सजाकर दीपावली पर्व को याद्गार बनाया।  नगर के विद्यालयों में दीपावली पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान स्कूल के समस्त बच्चों ने हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल कायम कर मां लक्ष्मी एवं गणेश का पूजन किया और पुष्प अर्पित कर आरती उतारी। स्कूल के अध्यापक अजीत सिंह रावत ने दीपावली के पर्व का महत्व बच्चों को समझाया। इस दौरान स्कूल के अध्यापक सब्बीर अहमद, अजीत सिंह रावत, रेखा देवी, जहांआरा आलम, ममता शर्मा, जाकिर खान, आबिद हुसैन, रेखा, अजय शर्मा आदि ने पूजन कर आरती भी उतारी। वहीं दूसरी ओर नगर के गणमान्य लोगो ने गोपाल बाग स्थित स्वामी दयानन्द स्रेह आश्रम जाकर करीब 3 दर्जन अनाथ बच्चो के साथ दीपावली का पर्व मनाया। इस दौरान सपा लोहिया वाहिनी के तहसील अध्यक्ष राजीव दीक्षित, सुनील पाण्डेय एडवोकेट आदि ने बच्चों के साथ पूजन किया, मिठाईयां दी और आतिशबाजी चलाई। राजीव दीक्षित ने कहा कि अपने घर में दीपावली मनाये लेकिन ये बच्चें जिनका कोई घर नहीं होता ये त्यौहारों को सिर्फ सोंचते है लेकिन इनके साथ त्यौहार मनाने वाला कोई अपना नहीं होता। इन बच्चों के साथ त्यौहार अवश्य मनाने चाहिये। उन्होने अनाथाश्रम को हर सम्भव सहायता देने की बात भी कहीं। इस दौरान भानू प्रताप, अजीत रावत, कृष्णा सक्सैना, गौरवी, राहुल सैनी, सचिन, नेत्रपाल शास्त्री, पप्पू मास्टर आदि लोग उपस्थित थे।  बालाजी नगर स्थित जीडी पब्लिक स्कूल में भी छात्राओं ने आकर्षक रंगोली सजाकर दीपावली का पर्व मनाया। इस दौरान स्कूल के चैयरमैन पवन शर्मा, गणेश दत्त शर्मा, शीला शर्मा, सीमा शर्मा, गरिमा, हेमल, अल्पना, रचना, चंचल, नीलम, नेहा, पूनम आदि ने बच्चों के साथ पूजन कर दीपावली का पर्व मनाया।

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मथुरा। यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की अलख जगाने वाले यमुना कार्य योजना के याचिकाकर्ता एवं श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान की बंध-समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी द्वारा यमद्वितीया के अवसर पर श्रृद्घालु भाई-बहिनों के स्रान हेतु स्वच्छ यमुना-जल उपलब्ध कराने की मुहिम अपना रंग दिखा रही है और पिछले कई दिनों से यमुनाजी में जल का रंग बिल्कुल बदला हुआ दिख रहा है ।    उक्त संदर्भ में जानकारी देते हुए हिन्दूवादी नेता गोपेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले सप्ताह यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एवं एडीऐम वित महेन्द्र प्रसाद से संपर्क कर यम द्वितीया के स्रान-पर्व पर लाखों की संख्या में आने वाले श्रृद्घालुओं को स्वच्छ जल उपलब्ध कराये जाने व तत्संबंधित अन्य व्यवस्थाओं की सुनिश्चितता करने संबंधी मॉग की गयी थी, जिसके उपरांत नगर पालिका स्तर पर जहॉ स्रानार्थियों की सुविधा हेतु संपर्क मार्गों पर व्यापक प्रकाश एवं सफाई व्यवस्था के साथ गोताखोरों, खोया-पाया केन्द्र व गष्ती नौकाओं आदि की व्यवस्थायें की गयीं हैं, वहीं प्रषासन स्तर पर 1000 क्यूसेक स्वच्छ जल की मॉग के सापेक्ष ओखला बैराज से 101 क्यूसेक, ओखला सिल्ट रिजेक्टर चैनल से 400 क्यूसेक, हिण्डन कट से 262 क्यूसेक व हरनौल ऐस्केप से 150 क्यूसेक स्वच्छ गंगा-जल निरन्तर आने से श्रृद्घालुओं को सुखद अनुभूति होने की अपेक्षा है। गोकुल बैराज से निरन्तर गंदले जल का डिस्चार्ज व स्वच्छ जल के आने से यमुना जी में स्रानार्थियों व परिक्रमार्थियों के लिये वातावरण रमणीक हो गया है ।    श्रीचतुर्वेदी ने सभी स्थानीय व भाई दूज स्रान हेतु बाहर से पधार रहे आगन्तुक तीर्थयात्रियों से निश्चिन्त होकर स्रानार्थ पधारने का आग्रह किया है।

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बदमाशों द्वारा रात्रि में घर को खंगालने के बाद बिखरा पड़ा सामान   घटना के बाद एसएसपी राकेश सिंह अन्य पुलिस अधिकारी जानकारी लेते हुए  गोवर्धन ब्लाॅक प्रमुख हरचंदी देवी घायल अवस्था में उपचार के लिए जाते हुए  आधे घंटे तक की फायरिंग  दो पुत्रों सहित आधा दर्जन ग्रामीण घायल मथुरा। थाना मगोर्रा के गांव पालीडूंगरा में बीतीरात ब्लाॅक प्रमुख गोवर्धन के घर पर हथियार बंद बदमाशों ने ताबड़-तोड़ गोलिया चलाकर दहशत फैला दी। घर में घुसकर लाखों का माल ले गये और ब्लाॅक प्रमुख सहित दर्जनों लोगों को गोली मारकर घायल कर दिया। घटना से गांव में दहशत का माहौल है।  बदमाशों ने जमकर लूटपाट की इस घटना में ब्लाॅक प्रमुख हरचंदीदेवी और उनके पुत्र विपिन पर हरेंद्र घायल हुए है। दो ग्रामीण भी विरोध करने पर बदमाशों द्वारा जख्मी कर दिये गये है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घायलों को चिकित्सा के लिए अस्पताल भेजा गया है। डकैती की इस घटना से पूरे परिवार में दहशत है। मौके पर एसएसपी और पुलिस के अधिकारी पहुंचे है।  मिली जानकारी के मुताबिक ब्लाॅक प्रमुख गोवर्धन हरचंदी देवी और उनके प्रधान पुत्र तथा सपा के नेता प्रीतम सिंह के घर रात में एक दर्जन के करीब हथियारों से लैस बदमाशों ने डांका डाला घर की अलमारियों तोड़कर लाखों रुपये के जेबर और नकदी लूटी जब परिवार के लोगों ने विरोध किया तो गोलियां चलाकर उन्हंे घायल कर दिया। उनमें ब्लाॅक प्रमुख हरचंदीदेवी और परिवार के दो लोग शामिल है। घटना में आधा दर्जन लोग घायल हुए है। बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए जमकर फायरिंग की। बचाव में आये दो ग्रामीण हरेंद्र व विपिन भी जख्मी हुए है।  सपा नेता के घर पड़ी डकैती से पुलिस के तोते उड़ गये है। एसएसपी राकेश सिंह क्षेत्र की पुलिस और अन्य छोटे अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर घटना की जांच में जुट गये है। घायलों को अस्पताल भेजा गया जिनमें से उपचार के लिये उन्हें आगरा और मथुरा रैफर किया गया है। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत है। बताया गया कि देररात करीब दो और तीन बजे के बीच एक दर्जन बदमाशों ने हमला बोला और ताबड़-तोड़ गोलियां चलाकर सनसनी फैला दी।  बताया गया कि एक दर्जन बदमाशो ने करीब 2.30 बजे प्रमुख के घर पर धावा बोल दिया। बदमाश सबसे पहले उन कमरों में पहुंचे यहां पर अलमारी में गहने और नकदी रखी थी। इसी दौरान प्रमुख हरनंदी देवी जाग गयीं और उन्होने शोर मचा दिया। इस पर बदमाश ने हरनंदी देवी के सिर पर चोट मारकर घायल कर दिया। शोर सुनकर उनके दोनों पुत्र विपिन और हरेन्द्र भी जाग गये ओर शोर सुनकर कमरे से बाहर आने की कोशिश की लेकिन बदमाशो द्वारा पहले ही बाहर से गेट की कुंदी लगी होने के कारण बाहर न आ सके। काफी प्रयासों के बाद वह जैसे तैसे बाहर आये तो बदमाशो ने दोनों को गोली मारकर घायल कर दिया। इसी बीच शोर शराबा सुनकर हरनंदी देवी के पति घर के सामने बने दूसरे घर से आवाज लगायी तो बदमाशो ने उन पर भी फायर झोंक दिया। गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीणों में दहशत फैल गयी। बाद में ग्रामीणो ने एकजुट होकर शोर मचाना शुरू कर दिया तो बदमाशो ने ग्रामीणों पर भी फायर कर दिये। इससे ग्रामीण में पुरूषोत्तम, अजय, संत कुमार, बनय सिंह, गोलो देवी, रेखा देवी, अल्पना आदि घायल हो गये। इससे ग्रामीण दहशत में आ गये और बदमाश मौके का फायदा उठाते हुए गांव से भाग निकलने में सफल हो गये। घटना में ब्लाॅक प्रमुख हरनंदी देवी को इलाज के लिए मथुरा ले जाया गया जबकि दोनों पुत्रों की हालत गंभीर होने पर आगरा रैफर कर दिया गया।

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