मथुरा

मथुरा। जिलाधिकारी नितिन बंसल की अध्यक्षता में कल (आज) 23 दिसम्बर को पूर्वान्ह 10.30 बजे से यहां जबाहर बाग परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह के जन्म दिवस पर किसान सम्मान दिवस, कृषि गोष्ठी एवं किसान मेला का आयोजन किया जा रहा है। उप कृषि निदेशक राकेश बाबू ने जानकारी देेते हुए बताया कि इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषि संबंधी समस्याओं का मौके पर निदान करने के साथ नवीन कृषि तकनीकियों की भी जानकारी दी जायेगी। साथ ही कृषकों को मानव चालित नैपसेक स्प्रेयर मशीन भी उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कृषकों से अधिकाधिक संख्या में पधारकर लाभ उठाने और नैपसेक स्प्रे मशीन क्रय हेतु खेत की खतौनी, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की छायाप्रति साथ लाने की अपील की है ताकि इसकी अनुदान राशि कृषकों के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से स्थानान्तरित की जा सके। उप कृषि निदेशक ने सभी उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे इस अवसर पर अपने अधीनस्थ क्षेत्रीय कर्मचारियों की कम से कम 5-5 कृषकों के साथ भागीदारी सुनिश्चित करें।

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मुंबई । अपनी फिटनेस को लेकर सजग रहने वालीं अभिनेत्री गुल पनाग का मानना है कि ताकत, लचक और धैर्य सहनशीलता फिटनेस के स्तंभ हैं। अभिनेत्री ने 45 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह अपने जिम के कपड़ों में डम्बल उठाए नजर आ रही हैं। गुल ने कहा कि वह रॉक बैंड ‘फोर्ट माइनर’ की गीतों को सुनते हुए धीरे-धीरे व्यायाम करने की आदत फिर से डाल रही हैं। फिल्म ‘डोर’ की अभिनेत्री ने यह भी पोस्ट किया कि वह योग को भी बढ़ावा देती हैं। गुल के मुताबिक, ‘मैं योग करती हूं और इसका प्रचार करती हूं। ताकत, लचक व धैर्य फिटनेस के तीन स्तंभ हैं।’ घूमने-फिरने और रोमांच की शौकीन अभिनेत्री गुल पनाग ने कुछ दिन पहले कहा था कि वह अपनी आजीविका के लिए फिल्मों पर निर्भर नहीं हैं। वह लंबे अर्से से फिल्मी पर्दे पर नहीं नजर आ रही हैं। इस बारे में पूछे जाने पर गुल ने बताया कि ऐसा नहीं है कि मैं फिल्में नहीं करना चाहती। बिल्कुल, मैं फिल्में कर रही हूं, लेकिन मैं अपनी आजीविका के लिए फिल्मों पर निर्भर नहीं हूं। मैं लंबे अर्से से फिल्मों पर निर्भर नहीं हूं। गुल कहती हैं कि वह पिछले सात-आठ सालों से उद्यमी हैं और जिस तरह की फिल्में वह करना चाहती हैं वैसी उन्हें नहीं मिल रही हैं। कहानी पसंद आने पर वह जरूर करेंगी। पूर्व मिस इंडिया गुल पनाग ने फिल्म ‘धूप’ (2003) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को गिरावट का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.41 बजे 35.26 अंकों की गिरावट के साथ 25,944.34 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 13.70 अंकों की कमजोरी के साथ 7,965.40 पर कारोबार करते देखे गए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 19.61 अंकों की गिरावट के साथ 25959.99 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 6.6 अंकों की कमजोरी के साथ 7,972.50 पर खुला। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी महेश भूपति को डेविस कप टीम का नया गैर खिलाड़ी कप्तान बनाया गया है। भूपति न्यूजीलैंड के खिलाफ पुणे में तीन से पांच फरवरी तक होने वाले एशिया ओशियाना जोन ग्रुप एक के मुकाबले में चार्ज संभालेंगे। फिलहाल आनंद अमृतराज कप्तान हैं। एआईटीए महासचिव हिरण्यमय चटर्जी ने कहा कि हर किसी को कप्तान बनने का मौका मिलना चाहिए। कोई पद किसी एक व्यक्ति के साथ हमेशा नहीं रहता।  मैने भूपति से बात की और पूछा कि क्या वे उपलब्ध हैं, तो उन्होंने हां भर दी। हम आनंद को विदाई मुकाबला देना चाहते थे। यह पूछने पर कि आनंद इस फैसले से खुश हैं, चटर्जी ने कहा कि कोई जाना नहीं चाहता. लेकिन हर किसी को कप्तान बनने का मौका मिलना चाहिए। यह पूछने पर कि क्या खिलाडिय़ों से इस बारे में पूछा गया था , उन्होंने कहा कि यह उन्हें तय नहीं करना है। हम खिलाडिय़ों से सलाह-मशविरा नहीं करना चाहते। लिएंडर पेस से भी नहीं पूछा गया। पेस और भूपति के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के इतिहास के बारे में पूछने और क्या भूपति को कप्तानी दिए जाने से पेस के लिए आगे की राह खत्म हो गई तो चटर्जी ने कहा कि जब समय आएगा तो हम इस पर फैसला कर लेंगे। जहां तक अनुशासन की बात है तो अमृतराज द्वारा खिलाडिय़ों को दी गयी ढील के साथ मीडिया में उनके विचार भी एक मुद्दा था तो एआईटीए के शीर्ष अधिकारी ने इससे इनकार नहीं किया। साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । दिल्ली के उपराज्यपाल पद से अचानक इस्तीफा दे चुके नजीब जंग शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने पहुंच गए हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार एलजी का इस्तीफा अभी मंज़ूर नहीं हुआ है। अभी कानूनी प्रक्रिया चल रही है और तब तक वह पद पर बने रहेंगे। राष्ट्रपति दिल्ली से दस दिन के लिए बाहर हैं इसलिए जब तक उनका इस्तीफा आधिकारिक तौर पर मंजूर नहीं होता है, नजीब जंग पद पर बने रहेंगे। हालांकि सरकार इस मामले पर उनसे चर्चा कर सकती है। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राजीनिवास जाकर नजीब जंग से मुलाकात की। शुक्रवार सुबह हुई मुलाकात के बाद केजरीवाल ने इसे सिर्फ औपचारिक मुलाकात बताया। दोनों की मुलाकात एक घंटे तक चली। केजरीवाल से जब सवाल किया गया कि एक घंटे क्या बात हुई, तो उन्होंने कहा कि यह नाश्ते पर हुई मुलाकात थी। जंग के इस्तीफा के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा, उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है। जंग के अचानक इस्तीफे के बारे में कोई विस्तृत जानकारी दिए बगैर उपराज्यपाल के कार्यालय ने गुरुवार को कहा था, वह शिक्षण की ओर लौटना चाहते हैं। हालांकि जंग के निर्णय को राजनीतिक गलियारों में हैरानी के रूप में देखा गया। उनके करीबी सूत्रों ने गुरुवार को कहा था कि आप सरकार के साथ अधिकार को लेकर अपने कटु रिश्ते के कारण उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है और वह पिछले कुछ महीनों से पद छोडऩे पर विचार कर रहे थे। गुरुवार को जब जंग के इस्तीफे की खबर सामने आई उस समय मुख्यमंत्री केेजरीवाल रांची में थे। केजरीवाल ने ट्वीट किया था, श्री जंग के इस्तीफे से मैं अचरज में हूं। उनके भविष्य की योजनाओं के लिए मेरी शुभकामनाएं। केजरीवाल ने शुक्रवार को राजनिवास के दूसरे गेट से अंदर गए जबकि अक्सर बैक गेट का इस्तेमाल करते हैं। सीएम केजरीवाल के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया नजीब जंग से मिले। मुलाकात के बाद सिसोदिया ने बताया कि उपराज्यपाल के पद से अचानक इस्तीफा देने पर उन्होंने कोई नाराजगी नहीं जताई है। उन्होंने यही कारण बताया है कि वह परिवार को समय देना चाहते हैं। एकेडमिक्स में वापस जाना चाहते हैं। पिछले एक साल से इस्तीफा देने की सोच रहे थे, लेकिन दिल्ली में चिकनगुनिया आदि, कुछ इस तरह के मामले होते रहे, जिसकी वजह से वह इस्तीफा नहीं दे पाए। वहीं, नजीब जंग के इस्तीफे के बाद से इस पर राजनीति भी तेज है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि भाजपा और केजरीवाल की वजह से एलजी को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। भाजपा दिल्ली में म्युनिसिपल चुनाव में तीसरे नंबर पर आने को पचा नहीं पाई या आरएसएस की तरफ से कोई दबाव आया कि उनको इस्तीफा देना पड़ा। अभी तक सब ठीक चल रहा था, तो एकदम से कैसे उनको इस्तीफा देने को कहा गया? वहीं, गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि जंग जी ने इस्तीफा क्यों दिया है, यह वही बताएंगे। इसको लेकर अटकलें लगाना सही नहीं है। आप और कांग्रेस के लोग जब वह काम कर रहे थे, तो कहते थे कि उनको इस्तीफा देना चाहिए था, जब दे दिया तो कह रहे हैं क्यों दिया, पता नहीं वे लोग क्यों कूद पड़ते हैं। दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता विजेंदर गुप्ता ने कहा कि इतने आरोप-प्रत्यारोप लगे पर वह कभी अपसेट नहीं हुए थे। हम लोगों का एक डेलीगेशन उनसे मिला था तो लग नहीं रहा था कि वह इस्तीफा देंगे। उनको अभी इस्तीफा नहीं देना चाहिए था, दिल्ली को उनकी जरूरत थी। उन्होंने दिल्ली में बहुत सूझबूझ से काम किया है। नए एलजी के लिए ये नाम हैं चर्चा में गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से खबर है कि एलजी पद के लिए नए नामों पर विचार जारी है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि 1969 बैच के आईएएस अधिकारी रहे अनिल बैजल को दिल्ली का अगला उपराज्यपाल बनाया जा सकता है। बैजल 2006 में शहरी विकास मंत्रालय के सचिव पद से रिटायर हुए थे। वह विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के कार्यकारिणी समिति के सदस्य रह चुके हैं। केंद्र सरकार इस संस्थान के कई सदस्यों को वरिष्ठ पदों पर नियुक्त करती रही है, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्र प्रमुख हैं। बैजल के अलावा दिल्ली के अगले एलजी के लिए दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी और पुडुचेरी की मौजूदा उपराज्यपाल किरन बेदी के नाम की भी सुगबुगाहट है। साभार-khaskhabar.com  

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मथुरा। अपर जिलाधिकारी प्रशासन उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में गत सांय उनके कार्यालय कक्ष में जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित हुआ जिसमें आगामी विधान सभा निर्वाचन के कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी देने के साथ अवगत कराया गया कि मतदान हेतु सर्विस वोटर आॅनलाइन विभाग को देना होगा, काउंिटंग के लिए बारकोड लगेगा, वीडियो वैन की एक विधान सभा क्षेत्र में अधिकतम 3 दिन की अनुमति आयोग से प्राप्त करने सहित आॅर्डर आॅफ सिम्बल नेट स प्राप्त करने होंगे व आरपी एक्ट के द्वारा कार्यवाही सुनिश्चित की जायेेगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने राज्य स्तरीय मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर बताया कि देवनागरी लिपि में एल्वावेट तैयार किया जायेगा तथा क्रिटिकल बूथों पर विशेष फोकस रहेगा। सर्विस वोटरों के लिफाफे अलग-अलग रंग के होंगे व प्रशिक्षण के दिन ड्राप बाॅक्स रखे जायेंगे। समस्त कार्यों की अनुमति सुविधा, सुगम, सुलेखा आदि मोबाइल एप से कराये जायेंगे। रैली एवं गाडियों की अनुमति के ओवदन एवं अनुमति कार्य आॅनलाइन हांेगे। उन्होंने निर्देश दिये कि इस संबंध में सभी ईआरओध्एईआरओ अपने-अपने विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत बीएलओ को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे और फोटोग्राफी सहित 30 दिसम्बर तक इसका कार्यवृत निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे। इसके साथ ही उनकी ओर से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पत्रों व हस्त पुस्तिकाओं का भलीभांति अध्ययन कर स्वतंत्र निष्पक्ष व शांतिपूर्ण निर्वाचन कराने के खास निर्देश दिये। सभी ईआरओ एईआरओ सहित सहायक विकास अधिकारी वीपी लवानियां एवं निर्वाचन कर्मी आदि बैठक में उपस्थित रहे। 

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