लखनऊ । उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले अखिलेश सरकार दनादन लोक-लुभावन घोषणाएं कर रही है। गुरुवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए अखिलेश कैबिनेट ने 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने का प्रस्ताव पास कर दिया। इनमें कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, प्रजापति, बाथम, गोंड, धीवर, बिंद, राजभर जातियां शामिल हैं। इससे पहले बुधवार को महज चार घंटों में 50 हजार करोड़ से अधिक की करीब 300 परियोजनाओं को लॉन्च करने के बाद शिक्षकों व राज्यकर्मियों को तोहफा देकर खुश करने की कोशिश की गई। राज्य कर्मियों की भांति सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थानों, स्वायत्तशासी संस्थाओं व निगमों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों के मामले में पति-पत्नी दोनों को मकान किराया भत्ता देने की घोषणा की गई। जानकारी के मुताबिक, अभी तक सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों में यदि पति-पत्नी दोनों कार्यरत हैं, तो सिर्फ एक ही एचआरए का लाभ मिलता था, जबकि राज्य कर्मचारियों में पति-पत्नी दोनों को इसका लाभ दिया जा रहा है। राज्यकर्मियों की तरह सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थाओं, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों के कर्मचारी भी पति-पत्नी को एचआरए देने की मांग कर रहे थे। सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गों की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोडऩे का फैसला किया है। यूपी की तमाम पिछड़ी जातियों की तरफ से ऐसी मांग आती रही है। हालांकि इसको लेकर विवाद भी रहा है, क्योंकि जो जातियां पहले से अनुसूचित जाति के दायरे में हैं, उन्हें इससे दिक्कत महसूस होती है। यह इसलिए कि 17 नई जातियों के शामिल होने से अनुसूचित जाति के तहत मिलने वाला कोटा अब ज्यादा जातियों में बंट जाएगा।
इसके अलावा सरकार ने कमजोर वर्ग के लिए ई-रिक्शा में राहत की सौगात दी। अखिलेश यादव ने ई-रिक्शा पर लगने वाला वैट को साढ़े 12 फीसदी से घटाकर चार फीसदी कर दिया है। बाजार में 60 हजार से लेकर 80 हजार रुपये के बीच ई-रिक्शा आ रहा है। सरकार के इस कदम से ई-रिक्शा 5 से लेकर 7 हजार रुपये तक सस्ता हो जाएगा। सरकार ने सरकारी, स्वयत्ताशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओंको भी हर महीने 400 रुपये विशेष भत्ता देने का फैसला किया है। इनके अलावा प्रदेश कैबिनेट ने मथुरा के जवाहरबाग को लोहिया पार्क की तर्ज पर विकसित करने, बुंदेलखंड में विशेष पैकेज के तहत डीजल पंपसेट वितरित करने, गोरखपुर में एम्स के लिए मुफ्त जमीन देने, लखनऊ विकास प्राधिकरण में 197 गांवों को शामिल करने, वृंदावन-बृजधाम सदनों की निराश्रित महिलाओं व विधवाओं को और सुविधा देने, उत्तराखंड को 37 नहरों को हस्तांतरित करने आदि को भी अपनी मंजूरी दी है।
साभार-khaskhabar.com
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