मथुरा

लहरदार पगडंडियां, घने जंगल और घाटियां और संकरी नदियां और सोतों के मनोरम दृश्‍य, अनोखी वनस्‍पतियां और वन्‍य जीवों के आसपास होने का अहसास और अपनी शहरी जिंदगी की रेलमपेल से भागे हुए जंगल के अभयारण्‍यक। ऐसा ही है उनाकोटि का प्राकृतिक भंडार, जो इतिहास, पुरातत्‍व और धार्मिक खूबियों के रंग, गंध से पर्यटकों को अपनी ओर इशारे से बुलाता है। यह एक औसत ऊंचाई वाली पहाड़ी श्रृंखला है जो उत्‍तरी त्रिपुरा के हरे-भरे शांत और शीतल वातावरण में स्थित है। (Read in English: Rock-cut Carvings: Unakoti Tales Of Lost Civilization) राज्य की राजधानी से 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उनाकोटि की पहाड़ी पर हिन्दू देवी-देवताओं की चट्टानों पर उकेरी गई अनगिनत मूर्तियां और शिल्‍प मौजूद हैं। बड़ी-बड़ी चट्टानों पर ये विशाल नक्‍काशियों की तरह दिखते हैं और ये शिल्‍प छोटे-बड़े आकार में और यहां-वहां चारों तरफ फैले हैं। पौराणिक कथाओं में इसके बारे में दिलचस्प कथा मिलती है जिसके अनुसार यहां देवी-देवताओं की एक सभा हुई थी। भगवान शिव, बनारस जाते समय यहां रुके थे। उनाकोटि में चट्टानों पर उकेरे गए नक्‍का‍शी के शिल्‍प और पत्‍थर की मूर्तियां हैं। इन शिल्‍पों का केंद्र शिव और गणेश हैं। 30 फुट ऊंचे शिव की विशालतम छवि खड़ी चट्टान पर उकेरी हुई है, जिसे ‘उनाकोटिस्‍वर काल भैरव’ कहा जाता है। इसके सिर को 10 फीट तक के लंबे बालों के रूप में उकेरा गया है। इसी के पास शेर पर सवार देवी दुर्गा का शिल्‍प चट्टान पर उकेरी हुई है, वहीं दूसरी तरफ मकर पर सवार देवी गंगा का शिल्‍प भी है। यहां नंदी बैल की जमीन पर आधी उकेरे हुए शिल्‍प भी हैं। शिव के शिल्‍पों से कुछ ही मीटर दूर भगवान गणेश की तीन शानदार मूर्तियां हैं। चार-भुजाओं वाले गणेश की दुर्लभ नक्‍काशी के एक तरफ तीन दांत वाले साराभुजा गणेश और चार दांत वाले अष्‍टभुजा गणेश की दो मूर्तियां स्थित हैं। इसके अलावा तीन आंखों वाला एक शिल्‍प भी है, जिसके बारे में माना जाता है कि वह सूर्य या विष्णु भगवान का है। चतुर्मुख शिवलिंग, नांदी, नरसिम्‍हा, श्रीराम, रावण, हनुमान, और अन्‍य अनेक देवी-देवताओं के शिल्‍प और मूर्तियां यहां हैं। एक किंवदंती है कि अभी भी वहां कोई चट्टानों को उकेर रहा है, इसीलिए इस उनाकोटि-बेल्‍कुम पहाड़ी को देवस्‍थल के रूप में जाना जाता है, आप कहीं से भी, किधर से भी गुजर जाइए आपको शिव या किसी देव की चट्टान पर उकेरी हुई मूर्ति या शिल्‍प मिलेगा। पहाड़ों से गिरते हुए सुंदर सोते उनाकोटि के तल में एक कुंड को भरते हैं, जिसे ‘सीता कुंड’ कहते हैं। इसमें स्‍नान करना पवित्र माना जाता है। हर साल यहां अप्रैल के महीने में ‘अशोकाष्‍टमी मेला’ लगता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं और ‘सीता कुंड’ में स्‍नान करते हैं। माना जाता है कि उनाकोटि पर भारतीय इतिहास के मध्यकाल के पाला-युग के शिव पंथ का प्रभाव है। इस पुरातात्विक महत्‍व के स्‍थल के आसपास तांत्रिक, शक्ति, और हठ योगी जैसे कई अन्य संप्रदायों का प्रभाव भी पाया जाता है। भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई) के अनुसार उनाकोटि का काल 8वीं या 9वीं शताब्दी का है। हालांकि, इसके शिल्‍पों के बारे में, उनके समय-काल के बारे अनेक मत हैं। देखा जाए तो ऐतिहासिक रूप से और उनाकोटि की कथाएं अभी भी एएसआई और ऐसी ही अन्‍य संस्‍थाओं से इस पर समन्वित अनुसंधान की मांग कर रही हैं ताकि भारतीय सभ्‍यता के लुप्‍त अध्‍याय के रहस्‍य को उजागर किया जा सके। (लेखक पीआईबी, अगरतला में मीडिया एवं संचार अधिकारी हैं)

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 पकड़े गए दोनों वाहन चोर तथा पीछे खड़े हैं कोतवाली प्रभारी चन्द्रभान सिंह  चोरी की दस मोटरसाईकिलें कीं बरामद मथुरा। शहर कोतवाली पुलिस ने धौलीप्याऊ क्षेत्र से दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दस चोरी की बाइकें बरामद हुयी हैं।  आज इसकी जानकारी देते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. राकेश सिंह ने बताया कि कोतवाली प्रभारी चन्द्रभान सिंह पुलिस फोर्स के साथ चैकिंग कर रहे थे। तभी धौलीप्याऊ रेलवे क्राॅसिंग के पास मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो व्यक्तियों को घेर कर रोका जिन्होंने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को घेरकर पकड़ लिया। पकड़े गये लोगों में महेश पुत्र बच्चू सिंह निवासी पौंखर वाला थोक ग्राम सिहोरा जमुनापार और नागेश पुत्र सुभाष चन्द्र निवासी पछाया थोक ग्राम सिहोरा जमुनापार हैं।  तलाशी में इनके कब्जे से दो तमंचे व चार जिंदा व दो खोखा कारतूस और एक चोरी की पल्सर मोटरसाईकिल मौके से बरामद हुयी। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने शहर से 25-30 मोटरसाईकिलों की चोरी करना स्वीकार किया है। इन्होंने बताया कि ये शहर से चोरी की गयी बाइकों को देहात में सस्ते दामों पर बेच देते थे। पूछताछ में इन्होंने अपने घरों पर 8-10 मोटरसाईकिलें खड़ी होना बताया । पुलिस ने गांव सिहोरा जमुनापार मथुरा जाकर महेश व नागेश की निशानदेही पर इनके घरों से नौ चोरी की मोटरसाईकिलें बरामद की हैं। कोतवाली प्रभारी के साथ इस दौरान उपनिरीक्षक महेन्द्र चाहर, कांस्टेबल रियाज खां, सचिन कुमार, रवेन्द्र सिंह, राजीव कुमार, अरूण कुमार मौजूद थे।  

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 मतदेय स्थलों का निरीक्षण करते डीएम राजेश कुमार एवं एसएसपी डा. राकेश सिंह  पोलिंग पार्टियां को दिशा निर्देशित करते हुये किया रवाना डीएम, एसएसपी और प्रेक्षक ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा मथुरा। जिला पंचायत के चैथे और अंतिम चरण का मतदान आज गुरूवार राया और बल्देव ब्लाॅक में होने जा रहा है। इसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह चैकन्ना बना हुआ है। इसको लेकर पोलिंग पार्टियों को क्षेत्रों मंे रवाना कर दिया गया है। डीएम और एसएसपी अंतिम चरण के मतदान को शांतिपूर्ण तरीके के संपन्न कराने के लिये जुटे हुये हैं। कल अंतिम चरण के मतदान के लिये आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी ने क्षेत्र में जाकर संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों की जानकारी ली और वहां किसी भी प्रकार की घटना न हो इसके लिये स्थानीय पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निर्देश भी दिये। मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिये जिला प्रशासन के अधिकारी काफी गंभीर हैं। मतददेय स्थलों के बाहर लगने वाले प्रत्याशियों के बस्तों को मतदेय स्थल से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर रखने के निर्देश भी जिला प्रशासन ने दिये हैं।  कल के चुनाव को लेकर आज बुधवार चुनाव प्रेक्षक अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ. राकेश सिंह ने राया क्षेत्र में जाकर मतदेय स्थलों का निरीक्षण किया और पोलिंग पार्टियांे को रवाना करते हुये उन्हें आवश्यक निर्देश दिये।  राष्ट्रीय इंटर कालेज से निकला पोलिंग पार्टियों का रेला आज होने वाले ग्राम पंचायत के अंतिम चरण के लिए राया के राष्ट्रीय इण्टर कालेज से सभी पोलिंग पार्टियों को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया। सुबह से ही कालेज पर बसों व मतदान अधिकारीयों की भारी भीड़ जमा हो गयी थी जो शाम होते होते रवाना कर दी गयी। चुनाव प्रेक्षक अभिषेक प्रकाश, जिला अधिकारी राजेश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने कालेज का निरीक्षण किया। गौरतलब ही कि इसी कालेज में चुनाव के बाद मतपत्र जमा किये जायेंगे। जिसे लेकर स्ट्रांग रूम का भी निरीक्षण किया गया।   

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‘भूजल बचाओ’ आन्दोलन का आगाज मथुरा। राक्षसी प्रवत्तियों के चलते जहरीले हो रहे धरती माता की कोख के अमृत भूजल की हिफाजत के मद्देनजर रविवार को विश्रामघाट क्षेत्र में ‘भूजल बचाओ’ आन्दोलन के जरिये प्रदूषकों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया। डा. रमेश चन्द्र शर्मा स्मारक शोध एवं सेवा संस्थान के तत्वावधान में आन्दोलन के मूर्तन पर संस्थापक अध्यक्ष डा. सुरेश चन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया कि भूजल रक्षा पर बने कानूनों की धज्जियां इस हद तक उड़ायी जाने लगी हैं कि कारखानों के जहरीले रसायनों के साथ-साथ शैतानी ताकतें बोरिंग पाइपों के जरिये मल-मूत्र तक भूजल में प्रवाहित करने लगी हैं जिसे जयसिंहपुरा खादर, राधिका विहार काॅलोनी समेत कई इलाकों के लोग पीने को बेबश हो रहे हैं। बताया कि हैवानियत का यह मंजर सिर्फ कृष्णनगरी ही नहीं बल्कि अन्य शहरों में भी देखा गया है। डा. शर्मा ने रोष जताया कि प्रजातांत्रिक स्तम्भों ने जहां सीवरों के बजाय देव प्रतिमाओं को नदियों का प्रदूषक तत्व करार दिया, वहीं भूजल की रक्षा के लिए कानून होने के बावजूद प्रतिमा विसर्जन पर रोक जैसी सक्रियता नहीं दिखाई है। गौरतलब है कि पंचमहाभूतों के प्रमुख घटक जल की रक्षा के लिए पूरा वैदिक दर्शनशास्त्र खड़ा किया गया जिसके आधार पर ही आधुनिक युग मेें भी 1993 में संविधान में किये गये 73 वें और 74 वें संशोधन एवं अनुच्छेद 30 डी, परम्परा से चलते आये जल कानूनों के संरक्षण व अधिकार की ही वकालत करते हैं। मगर जनाधार केन्द्रित शासन पद्धति में पारिस्थिति की मूल्यों को नजर अन्दाज किया जा रहा है।  डाॅ0 शर्मा ने क्षोभ जताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी जितनी तवज्जो विघटनकारी ताकतों को दी है, उतनी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन को नहीं दी। उसी का नतीजा है कि भारत में सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्राकृतिक विरासत के संरक्षण स्थल बहुत कम बनाये जा सके जबकि प्रकृति हमेशा अपनी परवाह किये बगैर संस्कृति को सींचती रही है। डा0 शर्मा ने प्रधानमंत्री समेत राज्य सरकारों से जहरीली हवा, पानी और भोजन के मौलिक अधिकार की रक्षा की मांग की। बताया कि जब जीवन के मौलिक आधार ही खतरों से घिर जायेंगे तो फिर लोग किस भरोसे जी सकेंगे। चेतावनी दी कि यदि सरकारों ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाये तो उग्र आन्दोलन किया जायेगा।  इससे पूर्व उपस्थितों ने मां यमुना के चित्रपट पर पुष्पार्चन से आयेजन की शुरूआत की, तत्पश्चात आयोजन स्थल देश प्रेम के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर स्वेता पान्डेय, बलिया, प्रियंका देवरिया, आभा पटेल अम्बेडकर नगर फैजावाद, ललिता देवरिया, कमली चतुर्वेदी, विपिन चतुर्वेदी, देवेन्द्र चतुर्वेदी, संतोषी, मंनशोला चतुर्वेदी, सुनील शर्मा पत्रकार, वीरेन्द्र चतुर्वेदी .उपस्थित थे।  

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-नेत्र रोगियों से उपचार कराने की अपील  मथुरा। भक्ति वेदांत हाॅस्पीटल एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा बरसाना में लगाए गए नेत्र चिकित्सा शिविर में एक हजार से अधिक मरीजोें की जांच के बाद 500 मरीज आॅपरेशन के लिए चिन्हित किए गए। जिनके आॅपरेशन का क्रम लगातार चल रहा है। दिसम्बर 2015 तक 500 मरीजों के आॅपरेशन का लक्ष्य तय किया गया है।  शेयर योर केयर के डा. के वैंकट रामन व नेत्र चिकित्सक डा. रंजित बागले द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बरसाना क्षेत्र में 120 गांवों में प्रतिवर्ष 3500 से अधिक लोग अंधे हो जाते हैं। अभी भी 25000 से अधिक आंखों के मरीज उपचार के लिए प्रतिक्षारत हैं। संस्था अब तक एक लाख 30 हजार मरीजों की नेत्र जांच करने के बाद 28 हजार से अधिक मरीजों का मोतिया बिंद का आॅपरेशन कर चुकी है। स्थाई रूप से बरसाना में संस्था शीघ्र ही आंखों का अस्पताल शुरू करेगी। जिससे प्रतिदिन मरीजों की जांच व आॅपरेशन संभव हो सके। प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी फरवरी 2016 में बरसाना में एक विशाल नेत्र चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा। जिसमें तीन हजार से अधिक रोगियों की जांच के साथ एक हजार मरीजों के आॅपरेशन का लक्ष्य तय किया गया है। आयोजकों ने अधिक से अधिक संख्या में लोगों से इस निःशुल्क शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।   

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मथुरा। थाना गोविन्द नगर क्षेत्र की पुलिस चैकी बिरला मंदिर पर तैनात एक उपनिरीक्षक पर किशोरी के अपहृर्ताओं को संरक्षण देने व बरामदगी न करने का आरेाप लगाते हुए क्षत्रिय महासभा ने निश्चित कालीन धरने की चेतावनी देते हुए आज अपर पुलिस अधीक्षक प्रशासन से मुलाकात कर, दूसरे समुदाय के युवक द्वारा भगा कर ले जाई गई युवती की बरामदगी की मांग की।  अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महासभा के मोहन सिंह राजपूत एवं जिलाध्यक्ष ठा. सतेन्द्र सिंह द्वारा एडीएम प्रशासन को दिए ज्ञापन में मांग की गई है कि बिरला मंदिर पुलिस चैकी थाना गोविन्द नगर के मौहल्ला किशोरीनगर निवासी एक युवती को दूसरे समुदाय का युवक साबिर पुत्र मुन्ना व उसकी बहिन शबनम मां शमीना निवासी लक्ष्मीनगर बहला फुसलाकर भगा ले गए हैं। जिसका मुकद्मा 25 अक्टूबर को अपराध सं. 582/2015 धारा 366 थाना गोविन्द नगर में दर्ज है। लेकिन इलाका पुलिस युवती की बरामदगी में लापरवाही कर रही है। क्षत्रिय महासभा के मोहन सिंह राजपूत ने एडीएम प्रशासन से गुहार लगाई है कि यदि 30 अक्टूबर तक युवती की बरामदगी नहीं हुई, बिरला मंदिर पुलिस चैकी पर अनिश्चित कालीन अनशन व आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। 

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