मथुरा

स्व0 डा0 शिव कुमार निडर की प्रेरणा से मन भाव पैदा हुआ भंडारे का-कृष्णकान्त मथुरा। पुरूषातम मास के चलते ब्रज क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक आयोजन किये जा रहें है जहाॅ श्रद्धालुओं द्वारा गोवर्धन की परिक्रमा कर मनौती माॅगी जा रही है वहीं वृन्दावन धाम की परिक्रमा कर श्रद्धालु अपने को पुण्य लाभ प्राप्त कर रहें हैं। इसी क्रम में ब्रज के ग्रामीणों क्षेत्रों में जनपद व जनपद के आसपास के क्षेत्रों से श्रद्वालुओं द्वारा चैरासी कोस की परिक्रमा लगाई जा रही हैं। इस परिक्रमा को प्रशासन ने कोई खास महत्व नहीं दिया है लेकिन धर्मपेमी जनता के सहयोग से ही चैरासी कोस परिक्रमा करने वाले श्रद्वालुओं की सेवा दिनरात की जा रही हैं। इसी क्रम में राया के नगर पंचायत अघ्यक्ष कृष्ण कान्त अग्रवाल द्वारा कस्वें के बलदेव रोड पर चैरासी कोस की परिक्रमा कर रहें श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारें का आयोजन किया गया। भंडारा प्रातः 8 बजें से प्रारंभ हुआ। जो रात्रि 11 बजें तक अनवरत चलता रहा। भंडारें में श्रद्वालुओं के साथ साथ आसपास के लोगों ने भी प्रसाद ग्रहण किया गया।   भंडारें में सुवह से ही प्रसाद ग्रहण करने वालें श्रद्वालुओं की लाइन लगी रही। वहीं पंचायत अघ्यक्ष कृष्णकान्त सहित दर्जनों भक्तभाव लोगों ने प्रसाद वितरण में अपना सहयोग प्रधान किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अघ्यक्ष कृष्णकान्त अग्रवाल ने बताया कि जनपद के वरिष्ठ पत्रकार स्व0 डा. शिव कुमार निडर उक्त ब्रज चैरासी कोसीय परिक्रमा में हरवार स्वास्थ्य शिविर लगाकर परिक्रमार्थियों की सेवा करते थे। और उन्हीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने भी ब्रज चैरासी कोस की परिक्रमा करने वाले श्रद्वालुओं की सेवा करने का मन में भाव उत्पन्न हुआ हैं। इस भंडारे में प्रसाद वितरण कराने वालों मे मुख्य रूप से सहयोग करने वालों में ओमप्रकाश गुप्ता, चन्द्रेश कुमार निडर के अलावा दर्जनों समाजसेवियों का सहयोग सरानीय रहा। ं 

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भ्रष्टाचार, लूट, अपहरण, बलात्कार, चर्म सीमा पर  मथुरा। छाता नगर के शेरगढ रोड स्थित बसपा के छाता विधानसभा कार्यलय पर विधान सभा अध्यक्ष डा0 श्याम सुन्दर कर्दम की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओ की एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमे विधानसभा स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया। और विधानसभा के हर बूथ पर जाकर संगठन को मजबूत कर बसपा की रीति नीति को कार्यकर्ता ग्रामीणो को बताये और जनता की समस्यो को सुनकर उनका समाधान अधिाकारियो व पदाधिकारियो से मिल कर कराये जाने की अपील कार्यकर्ताओ से की है। बसपा के छाता विधान सभा अध्यक्ष डा. श्याम सुन्दर कर्दम ने बैठक में कहा कि प्रदेश की सपा सरकार जनता का शोषण करने में लगी हुयी है। चारो तरफ भ्रटाचार, लूट , हत्या, बलात्कार एवं अपहरण जैसी घटनाये आये दिन समाचार पत्रे में पढने को मिल रही है। सपा सरकार से प्रदेश की जनता दुखी हो गयी है। 2017 के चुनावो में बसपा की पुन: प्रदेश में सरकार बनेगी। कार्यकर्ताओ से मेहनत और इमादारी व लग्न से छाता विधाान सभा में कार्य करने की अपील की बैठक में डा हरीसिंह, डा0 मुकेश, बच्चूसिंह एड. जगदीश बौद्व, ब्रजमोहन, राजेश प्रधाान, डा. नेत्रपाल, अच्छेलाल प्रधाान, चैधारी शिवराम, देवेन्द्र बाल्मीकि, उदयवीर भाष्कर, नानक चन्द दीवान, नन्दकिशोर गोतम, लालसिंह मास्टर, विजेन्द्र सिंह गंगाराम पेन्टर, प्रेमसिंह बौद्व आदि मौजूद थे। 

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नई दिल्ली : रेल मंत्रालय ने 13 जुलाई से गोरखपुर एवं आनंद विहार (दिल्‍ली) के बीच पहली सुविधा ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग 8 जुलाई से शुरू हो गई है। यह ट्रेन 13 जुलाई से लेकर 30 जुलाई के बीच चलाई जाएगी।  ट्रेन संख्‍या 05027 गोरखपुर-आनंद विहार सुविधा स्‍पेशल ट्रेन सप्‍ताह में दो दिन यानी हर सोमवार एवं बुधवार (13, 15, 20, 22, 27, 29 जुलाई) को गोरखपुर से रात 20:55 बजे रवाना होगी और वह अगले दिन सुबह 11:00 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान खलिलाबाद, बस्‍ती, गोंडा, लखनऊ और मुरादाबाद में रुकेगी। वहीं, अपनी दूसरी दिशा में ट्रेन संख्‍या 05028 आनंद विहार सुविधा स्‍पेशल ट्रेन सप्‍ताह में दो दिन यानी हर मंगलवार एवं गुरुवार (14, 16, 21, 23, 28, 30 जुलाई) को अपराह्न 14:00 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 05:10 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन भी उपर्युक्‍त स्‍टेशनों पर रुकेगी।  सुविधा ट्रेनें विशेषकर गर्मियों एवं सर्दियों के भीड़-भाड़ वाले सीजन और त्‍योहारों के दौरान चलाई जाएंगी। इसी तरह सुविधा ट्रेनें उन अवसरों पर भी चलाई जाएंगी जिनके बारे में जोनल रेलवे के सीसीएम और सीओएम द्वारा संयुक्‍त रूप से तय किया जाएगा। इन ट्रेनों में सफर के लिए यात्रियों को केवल कन्‍फर्म और आरएसी टिकट ही जारी किए जाएंगे। इन ट्रेनों में सफर के लिए अग्रिम आरक्षण अवधि अधि‍कतम 30 दिन और न्‍यूनतम आरक्षण अवधि 10 दिन होगी। सुविधा ट्रेनों के लिए टिकट रेलवे के आरक्षण काउंटरों पर भी मिलेंगे। इसके अलावा आईआरसीटीसी के जरिए इन ट्रेनों के लिए ई-टिकट भी मिलेंगे। 

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अमर्त्य सेन कह रहे हैं कि विकास का मतलब सिर्फ विदेशी निवेश या ढांचागत उद्यमों को बढ़ावा दे देना ही नहीं है। ‘असल’ विकास का मतलब यह है कि देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर में कितना ‘तालमेल’ है और आमजन को इसका कितना ‘फायदा’ मिल रहा है...।  मोदी के ‘गुजरात मॉडल’ को देखें (जिसे वह पूरे देश में लागू करना चाहते हैं) तो वहां ढांचागत विकास तो हुआ है लेकिन कुपोषण और अशिक्षा के आंकड़े कई अफ्रीकी देशों की तुलना में बहुत खराब हैं। कई मामलों में तो ये पड़ोसी बांग्लादेश से भी खराब हैं।  अब सवाल यह है कि विकास को बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से कैसे जोड़ा जाए। इसका एक उपाय है... वह भी अपने ही देश में... अक्षय पात्र अभियान...।  अक्षय पात्र फाउण्डेशन भारत की एक अशासकीय संस्था है जो देश के 10 राज्यों में सात हजार से ज्यादा स्कूलों में 15 लाख से ज्यादा स्कूली छात्रों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराती है। साल 2000 में इस संस्था का गठन कर्नाटक के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब बच्चों की मदद करने के लिए किया गया था और धीरे-धीरे राज्य सरकार तथा कॉरपोरेट जगत की मदद मिलने से संस्था ने अपनी विशिष्ट पहचान बना ली। इस संस्था का मकसद यही है कि देश में कोई भी गरीब बच्चा भूख की वजह से अपनी पढ़ाई नहीं छोड़े और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर उन्होंने दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों को ही प्राथमिकता दी है। फिलहाल यह संस्था असम, कर्नाटक, तमिल नाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा, गुजरात, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों को भोजन उपलब्ध करा रही है। गुजरात में करीब डेढ़ लाख, राजस्थान में सवा लाख, बेंगलुरू में सवा दो लाख और हुबली में करीब दो लाख विद्यार्थी इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रहे हैं। बेंगलुरू में करीब तीन हजार गर्भवती महिलाएं भी इस योजना से लाभ उठा रही हैं। प्रति विद्यार्थी भोजन की लागत पांच रुपये में से तीन रुपये सरकार वहन कर रही है और शेष राशि बेंगलुरू स्थित इस्कॉन मंदिर में प्राप्त दान के अलावा उद्यमियों व स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से वर्ष में औसतन 235 दिन यह कार्यक्रम संचालित हो रहा है।   इसे इंटरनैशनल सोसायटी फॉर कृष्ण कांशसनेस (इस्कॉन) चलाती है। संगठन अगले पांच वर्षों में करीब 50 लाख बच्चों को यह सुविधा देने का लक्ष्य बना रहा है। अभी इसके जरिए करीब 15 लाख बच्चों को खाना मुहैया कराया जाता है। खास बात यह है कि भोजन बनाने के लिए 25 अत्याधुनिक रसोई घर बनाए गए हैं जो पहली नजर देखने में कोई फैक्ट्री जैसे लगते हैं। दो से तीन मंजिल के इन भवनों में शुद्धता के कड़े मानकों का पालन कर रोजाना भोजन तैयार कर स्कूलों में पहुंचाया जाता है।  अब कोई सरकार यदि इस मॉडल को अपनाकर इसकी पहुंच को तीन गुना कर दे तो देश के बच्चों को दिन में कम से कम एक बार पौष्टिक भोजन मिलना तय हो जाएगा। इससे वे स्वस्थ रहकर और शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागेदारी तय कर पाएंगे। ‘ढांचागत विकास’ को ही ‘असल’ विकास मानने की ‘गलती’ करने वाले हमारे नेतृत्वकर्ता जरा इधर ध्यान दें तो अमर्त्य सेन के ‘ज्ञान’ का ‘लाभ’ देश ले सकेगा। ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर’ को बढ़ाना ही है तो क्यों न इस तरह के और ज्यादा रसोईघर पूरे देश के दूरदराज के इलाकों में बनाए जाएं। इन रसोईघरों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर लोगों को न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि वहां के अन्य उत्पादकों और किसानों द्वारा किए जा रहे ‘अतिरिक्त’ उत्पादन को सही अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है। हालांकि, इस अभियान में सरकार अपनी एक ‘भूमिका’ पहले से ही निभा रही है। लेकिन, अब इसे और बढ़ाए जाने की जरूरत है। सरकार का यह ‘एक’ कदम हालातों में बड़े बदलाव का द्योतक बन सकता है।

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मथुरा। थाना वृंदावन क्षेत्र अंतर्गत पानीगांव संपर्क मार्ग के कच्चे रास्ते पर रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे सामान से भरा ट्रक धंस गया। जिससे उक्त मार्ग पर आवागमन करीब दो घंटे तक प्रभावित रहा। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। अनेक लोग विलंब होने पर मंदिरों के दर्शन से वंचित रह गए। अधिक मास के दौरान मांट पुल से परिक्रमा मार्ग पर चलने वाले बड़े वाहनों का प्रवेश प्रशासन ने बंद करा दिया था। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत यमुना एक्सप्रेस-वे से आने और जाने वाले वाहनों को मथुरा मार्ग पर बने सौ सैया अस्पताल से मांट पुल संपर्क मार्ग से गुजारा जाने लगा। हालांकि इस मार्ग का निर्माण अभी पूरी तरह कच्चा है फिर भी वाहन धीरे-धीरे चल रहे थे। लेकिन दो दिनों से हो रही बारिश के कारण यह मार्ग कई जगह से कच्ची मिट्टी के कारण कट कर धंसक चुका है। रविवार सुबह मांट की ओर से सामान से भरा ट्रक इस कच्चे मार्ग से मथुरा मार्ग की ओर आ रहा था, तभी वह गड्ढे में धंस गया। जिससे पीछे से आ रहे अन्य वाहन जहां के तहां खड़े हो गए। जबकि विपरीत दिशा मथुरा मार्ग से आ रहे दर्जनों वाहन भी रुक गए। इस बीच मांट पुल की ओर से आ रहे दो दर्जन कार चालकों ने जल्दबाजी करते हुए कम जगह में अपने वाहनों को निकलने का प्रयास किया। जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। जानकारी मिलने पर कोतवाली प्रभारी संजय जयसवाल मौके पर गए और आनन-फानन में क्रेन मंगा कर ट्रक को गड्ढे के बाहर निकलवाया। तब कहीं दो घंटे बाद आवागमन सुचारू हो सका।

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मथुरा। थाना हाइवे क्षेत्र अंतर्गत सौंख रोड पर गांव पालीखेड़ा के निकट परिक्रमार्थियों से भरा टेंपो पलट गया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।  प्राप्त जानकारी के अनुसार औरंगाबाद के जाटव मौहल्ला के कुछ लोग शनिवार रात को परिक्रमा लगाने के लिए टेंपो से गोवर्धन जा रहे थे। हाईवे स्थित गोवर्धन चैराहा पर जाम लगा हुआ था तो वह सौंख रोड होकर गोवर्धन जाने लगे। तभी गांव पालीखेड़ा के निकट टेंपो पलट गया। दुर्घटना में औरंगाबाद निवासी 25 वर्षीय भारत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आनन-फानन में कृष्णानगर क्षेत्र स्थित एक अस्पताल में पहुंचाया गया, वहां से लाइफ लाइन और इसके बाद स्वर्ण जयंती अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने भारत को मृत घोषित कर दिया। भारत एक शोरूम में काम कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। उनके पत्नी और एक बेटी तथा दो भाई हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। 

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