तहसील संघर्ष समिति के कार्यालय पर मची रही दिन भर गहमा गहमी गोवर्धन। उत्तर प्रदेश शासन के मन्त्रिमण्डल की आज लखनऊ में हुई एक बैठक में गोवर्धन को तहसील का दर्जा दिये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी। लम्बे समय से गोवर्धन तहसील को लेकर क्षेत्र में चली आ रही उहा पोह की स्थित आज समाप्त होते ही गिरिराज धाम मंे चहुं ओर हर्ष का माहौल नजर आया। वहीं गोवर्धन तहसील संघर्ष समिति के कस्बा स्थित सौंख अडडा कार्यालय पर आज सुबह से ही गहमा गहमी का माहौल नजर आया। लेकिन इसकी सूचना मिलते ही संघर्ष समिति के लोगों मंे अपूर्व हर्ष का माहौल व्याप्त हो गया। विदित हो कि लम्बे समय से चली गोवर्धन को तहसील बनाने की मांग पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंजूर कर इसकी घोषणा तो कर दी लेकिन अभी तक कानूनी स्तर पर मुख्यमंत्री की इस घोषणा को कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिल सकी थी। इसी को लेकर गोवर्धन को तहसील का दर्जा मिलने और मुख्यमंत्री की घोषणा को लेकर क्षेत्र में भारी ऊहा पोह की स्थिति बनी हुई थी। लम्बे समय से तहसील की मांग कर रही गोवर्धन तहसील संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन प्रकाश कौशिक ने बताया कि पूर्व मंे अपने गिरिराज धाम जतीपुरा दौरे के समय भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी गोवर्धन को तहसील का दर्जा दिये जाने का प्रस्ताव कानूनी रूप से एक सप्ताह के अन्दर आगामी कैबिनेट की बैठक में पास कराये जाने की घोषणा की थी लेकिन इसके बाद डेढ़ माह से भी अधिक समय गुजर जाने के बाद ये घोषणा हवाई घोषणा जैसे लगने लगी थी। लेकिन आज देर से ही सही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपना यहां की जनता से किया वायदा निभाते हुए गोवर्धन को तहसील का कानूनी दर्जा दे ही दिया। गोवर्धन तहसील स्थापना के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश शासन के मंत्री मण्डल की मंजूरी मिलते ही संघर्ष समिति ने सरकार और मुख्यमंत्री को बारम्बार साधुवाद दिया है। साथ ही मिठाईयां बांट कर इसे अपने लम्बे संघर्ष की जीत बताया है। इस मौके पर उपस्थित एम0एम0 शर्मा, महादेव पाण्डेय, सियाराम शर्मा, दाऊदयाल शर्मा, सौरव द्विवेदी, एल0एन0 कौशिक, ब्रम्हदत्त तिवारी उर्फ दीपक शर्मा, ब्रज बिहारी कौशिक आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।
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