एक माह बाद भी लोगों के लिये अजूबा बना खड़ा है रेडीमेट और भुतहा प्लान्ट गोवर्धन। गिरिराज धाम में रूद्रकुण्ड लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री ने यहां स्थापित एक वाटर एटीएम प्लान्ट का भी लोकार्पण किया था। मुख्यमंत्री जी को खुश करने के लिये आरक्षित किस्म की एक सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर आनन फानन में दो दिन के अन्दर स्थापित किया गया ये वाटर प्लान्ट अपने लोकार्पण के एक माह बाद भी बन्द अजूबा बना हुआ है। वहीं प्रशासन अब कस्बा सौंख में भी ऐसे ही एक नये प्लान्ट पर लाखों निवेश करने जा रहा है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण के बावजूद अधिकारी इस वाटर एटीएम को इस कदर भूले है कि वे कस्बा सौंख में नये बनने वाले वाटर एटीएम को प्रदेश में इस तरह की पहली मशीन बता रहे है। जनता के सरकारी धन के प्रति ये अधिकारी और सरकार कितनी सजग है इसका इससे बेहतर उदाहरण शायद ही कहीं मिल पाये। विदित हो कि गत 11 मार्च को गिरिराज धाम में रूद्र कुण्ड के लोकार्पण को आये सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कई ऐसी योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्याष किया था जो प्रशासन द्वारा सिर्फ उन्हें खुश करने के लिये तैयार की गयी थी। ऐसी ही एक योजना के तहत जिला प्रशासन ने नगर पंचायत के सहयोग से यहां करीब 20 लाख रूपये की भारी भरकम धनराशि खर्च कर एक वाटर एटीएम मशीन प्लान्ट की मात्र दो दिन के अन्दर आनन फानन में स्थापना कर डाली थी। स्थानीय लोगों के भारी विरोध और नियम कानूनों को ताक पर रख कर आरक्षित किस्म की एक भूमि पर अवैध कब्जा कर इस प्लान्ट को रातों रात रेडीमेट दीवालों और छत के सहारे खड़ा भी कर दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा इस विवादित प्लान्ट का भी लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री यादव के कर कमलों द्वारा कराया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री के जाते ही जनपद का हर अधिकारी कर्मचारी इस प्लान्ट को इस कदर भूला कि लाखों खर्च करने के बावजूद आज तक इससे एक बंूद पानी भी किसी एटीएम से नहीं निकला है। मुख्यमंत्री के जाते ही जनपद के हर अधिकारी कर्मचारी ने इस ओर से मुंह मोड़ लिया। यहां तक कि करीब 20 लाख रू0 से सुनसान इलाके में स्थापित इस प्लान्ट के रख रखाव को कोई चैकीदार भी उपलब्ध नहीं है। वहीं रातों रात खड़े होकर बने और चारों ओर से स्थायी रूप से बन्द कर दिये गये इस प्लान्ट को देखकर हर कोई अचम्भित होकर इसके बारे में पूछने लगता है। इस प्लान्ट से लोगों को पानी मिलना तो दूर अभी तक उन्हें इसकी हकीकत बताने वाला भी कोई नजर नहीं आता है। वहीं लम्बे समय से जल संकट जूझ रहे कस्बा सौंख में भी यहां की जल समस्या के समाधान हेतु यहां भी एक ऐसी ही वाटर एटीएम मशीन स्थापित की जा रही है। जिले के आला अधिकारियों के अनुसार जल प्रसंस्कृत करने की तकनीक आरओ से युक्त यह वाटर एटीएम मशीन समूचे उत्तर प्रदेश में अपनी तरह की पहली मशीन होगी। जबकि इससे पहले स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित कर स्थापित की गयी गोवर्धन की वाटर एटीएम मशीन को वे पूरी तरह भूल ही गये है। इस प्रकार की एक मशीन से करीब 2500 परिवारों के लिए पेयजल की आपूर्ति की जा सकेगी। पेयजल एटीएम मशीन से जल प्राप्त करने के लिए इच्छुक परिवारों को एक प्री पेड कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। पेयजल की कीमत भी काफी कम रखी जाती है। इस मशीन से पानी लेने वाले को प्रति लीटर 10 से 20 पैसे भुगतान करना होगा, जबकि स्कूली छात्रों को पानी मुफ्त में दिया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि 20 हजार लीटर वाले इस संयंत्र को स्थापित करने में करीब 18.56 लाख रूपये की लागत आती है। कस्बा गोवर्धन को इस समय करीब 2-3 किलोमीटर तो सोंख को करीब 10 किलोमीटर दूर से इस समय पाइप लाइन के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जाती है। गोवर्धन नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी रजनीश शर्मा के अनुसार यहां इस प्लान्ट का कार्य तो लगभग पूरा हो चुका है लेकिन ये किस निधि से हुआ किस विभाग के द्वारा हुआ है उन्हें इसके बारे में पता ही नहीं है। बल्कि वे पूछने पर वे कहते है कि इस समय उस प्लान्ट पर कौन काबिज है उन्हें पता ही नही हैै। वहीं कस्बा सौंख के अधिशाषी अधिकारी राम आसरे कमल ने बताया कि कस्बे में इस परियोजना पर 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसी पखवाड़े में पेयजल आपूर्ति करने वाले इस एटीएम मशीन के शुरू हो जाने की उम्मीद है। कमल ने बताया कि एटीएम से उपलब्ध होने वाला जल पूरी तरह सुरक्षित, ठंडा और पेय योग्य होगा।
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