मथुरा

चेन्नई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तमिलनाडु की सीएम जयललिता के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने चेन्नई पहुंचे। पीएम चेन्नई के राजाजी हॉल पहुंचे, जहां जयललिता के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है। गौरतलब है कि लंबी बीमारी के बाद कल जयललिता की मौत हो गई। जयललिता को लंग इंफेक्शन था। उन्हें 22 सितंबर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।    रविवार देर शाम जयललिता को दिल का दौरा पडा। इसके बाद उनकी स्थिति नाजुक हो गई। जयललिता को बचाने की हरसंभव कोशिश की गई लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। सोमवार देर रात 11.30 बजे उन्होनें अंतिम सांस ली। जयललिता के पार्थिव शरीर को राजाजी हॉल में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। पीएम मोदी ने भी चेन्नई पहुंच उनको श्रद्धांजलि दी।    तमिलनाडु के नए सीएम और जयललिता के सबसे विश्वस्त ओ. पन्नीरसेल्वम पीएम मोदी के कंधे पर सिर रखकर रोए। पीएम मोदी ने उनको ढांढस बंधाया। पीएम ने जयललिता के पार्थिव शरीर को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देते समय पीएम मोदी भावुक हो गए। सुपरस्टार रजनीकांत भी पहुंचे श्रद्धांजलि देने: साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत भी तमिलनाडु की सीएम जयललिता को श्रद्धांजलि देने राजाजी हॉल पहुंचे। रजनीकांत ने जयललिता के पार्थिव शरीर को नमन किया और उनको श्रद्धांजलि दी।    राष्ट्रपति वापस रवाना हुए: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी जयललिता को श्रद्धांजलि देने के लिए सुबह चेन्नई रवाना हुए थे लेकिन रास्ते में उनके विमान में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। इस वजह से उन्हें रास्ते से ही वापस लौटना पडा। इसके बाद राष्ट्रपति फिर से चेन्नई के लिए रवाना हो गए हैं।    साभार-khaskhabar.com  

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चेन्नई । भारतीय राजनीति की सबसे करिश्माई शख्सियतों में से शुमार जयललिता चेन्नेई के अपोलो अस्पताल में सोमवार को निधन हो गया। अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देख चुकी जयललिता ने कभी हार नहीं मानी थी। वह हर परेशानी के आगे अडिग खड़ी रहीं और उनसे उभरीं। चाहे व आय से अधिक संपत्ति का मामला हो, दत्तक पुत्र की शादी का मामला हो या फिर तांसी भूमि घोटाला हो। बचपन में ‘अम्मू’ से ‘अम्मा’ के मुकाम तक पहुंची जयललिता में इंदिरा गांधी जैसी दबंगी और मुद्दों को समझने की गजब की क्षमता थी। और जिद्दी भी ऐसी की उनके तीन शब्द ‘यू डोन्ट नो’ के बाद सामने वाले की बोलती बंद हो जाती थी। हालांकि ये तीन शब्द बेहद सामान्य से ही प्रतीत होते हैं, लेकिन जब जे जयललिता इन शब्दों को बोलती थीं, तो सामने वाले के लिए अंतिम आदेश जैसे होते थे।तमिलनाडु में पोस्टिंग पाने वाले नौकरशाहों को पता होता था कि जब अम्मा ‘यू डोन्ट नो’ बोलें, तो वह बातचीत खत्म कर रही हैं। इसके बाद सामने वाला कुछ नहीं बोलता था। जयललिता की न केवल अपनी पार्टी अन्नाद्रमुक पर, बल्कि सरकार पर भी बहुत मजबूत पकड़ थी। उनकी छवि इतनी कद्दावर थी कि उनके सामने कोई दूसरा टिक नहीं पाता था। जयललिता को ‘ना’ सुनने की जैसे आदत ही नहीं थी। जैसे इंदिरा गांधी के लिए कहा जाता था, ठीक वैसे ही जयललिता को भी ‘अपनी कैबिनेट का इकलौता मर्द’ बोलते थे।    नौकरशाहों का कहना है कि जयललिता अपने फैसले बड़ी जल्दी लेती थीं। जो लोग उनके फैसले के खिलाफ जाने की हिम्मत करते, उनको जयललिता का गुस्सा भी झेलना पड़ता था। उनके साथ काम करने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, समीक्षा बैठकों के लिए वह तैयारी के साथ आती थीं। बातों को समझने की उनकी क्षमता लाजवाब थी। ज्यादा से ज्यादा वह कुछ सुझाव मांगती और फैसला उसी वक्त ले लिया जाता था।जयललिता के करीबी और भरोसेमंद जो चाहे कर सकते थे, शर्त बस इतनी थी कि उन्होंने अम्मा को पहले से जानकारी दे दी हो। अगर कोई भी जयललिता का भरोसा खो देता, तो उसे निकालने में वह जरा भी नहीं हिचकती थीं। पूर्व मुख्य सचिव के गणनदेसिकन (2016) और पूर्व डीजीपी ए रवींद्रनाथ (2011) का निलंबन इसी बात का उदाहरण है। अधिकारी तो मुद्दों को समझने की उनकी काबिलियत और सुलझी सोच के कायल थे।    इतना ही नहीं, जयललिता की याद्दाश्त भी कमाल की थी। वह काफी व्यवस्थित तौर पर काम करने में भरोसा करती थीं। उनके पास एक डायरी होती थी, जिसमें तमिलनाडु में नियुक्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सभी अधिकारियों का ब्योरा होता था। अधिकारियों के तबादले, नियुक्ति और प्रमोशन से जुड़े फैसले लेने के पहले वह अपनी यह डायरी जरूर देखती थीं। जयललिता ऐसे तमिल राषट्रवादी संगठनों और जातिगत राजनीति पर आधारित छोटे राजनैतिक दलों पर भी बारीक नजर रखती थीं, जो कि सामाजिक तनाव पैदा कर सकते थे।2001 से 2006 के बीच के अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी वायको को हिरासत में लिए जाने का आदेश दिया था। वायको पर आरोप था कि उन्होंने अपने एक भाषण में एलटीटीई का समर्थन किया है। जयललिता के ही आदेश पर साल 2013 में पीएमके के रामदास और उनके बेटे अंबुमणि को हिंसा भडक़ाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। जयललिता तक पहुंच पाना हर किसी के बस की बात नहीं थी। उनके इर्द-गिर्द लोगों का मजबूत घेरा हुआ करता था, जिसे पार कर जयललिता तक पहुंच पाना मुश्किल था।इसके बावजूद उनका राजनीतिक अनुमान शायद ही कभी गलत साबित हुआ हो। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जब उनके निलंबन की तलवार लटक रही थी, तब भी उन्होंने सभी 234 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए। द्रमुक के मजबूत होने की कयासबाजियों के बीच भी जयललिता का यह फैसला गलत साबित नहीं हुआ और वह दोबारा जीतकर सत्ता में आईं। जयललित की तमिल के अलावा कन्नड, अंग्रेजी और हिंदी भाषा पर भी अच्छी पकड़ थी।    साभार-khaskhabar.com  

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10 लाख रूपये में ली थी प्रधान पति की हतया करने की सुपारी  मथुरा।  गोवर्धन थाना क्षेत्र अंतर्गत परिक्रमा मार्ग स्थित बृज वसुंधरा कॉलोनी के निकट से शनिवार रात्रि स्वाट टीम ने एक्सयूवी कार सवारों को रूकने का इशारा किया तो वे भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए पीछा किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। बदमाश अपने को घिरता देख गाडी छोडकर जंगलों की ओर भागे, जिनमें से टीम ने 4 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो मौके का लाभ उठाकर भाग गए। पूछताछ में इन्होंने अपने नाम ओमप्रकाश चैधरी पुत्र हीरालाल निवासी कोसीकलां, धु्रव चैधरी पुत्र धर्मन चैधरी निवासी पलवल हरियाणा, मदन गोपाल ठाकुर पुत्र वासुदेव ठाकुर निवासी वृंदावन व विजय सिंह ठाकुर पुत्र सिरिया ठाकुर निवासी आन्यौर बताए। तलाशी में इनके पास से एक कार, 4 तमंचा, 4 किलो नशीला पदार्थ व लगभग 1.5 लाख रूपए नकद बरामद हुए हैं। बदमाशों ने फरार साथियों के नाम किशन चैधरी पुत्र दलवीर सिंह निवासी हताना व गौरव जाट निवासी कोसीकलां बताए। रविवार को पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहित गुप्ता ने बताया कि पकडे गये बदमाश सुपारी किलर हैं और ओम चैधरी गैंग के सदस्य हैं, यह गैंग भाडे पर लोगों की हत्याएं करता है। बदमाश यहां आन्यौर की ग्राम प्रधान पति सतीश चैधरी की हत्या के इरादे से आए थे। पेशगी बतौर 3 लाख रूपया गैंग को मिल चुका था, हत्या करने के बाद शेष रकम मिलना बदमाशों ने स्वीकारा है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस इनके फरार साथियों व सुपारी देने वालों की तलाश में जुटी है। स्वाट टीम के इस सराहनीय कार्य के लिए डीआईजी ने 15 हजार व एसएसपी ने पांच हजार रूपये के इनाम की घोषणा की है। 

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10 लाख रूपये में ली थी प्रधान पति की हतया करने की सुपारी  मथुरा।  गोवर्धन थाना क्षेत्र अंतर्गत परिक्रमा मार्ग स्थित बृज वसुंधरा कॉलोनी के निकट से शनिवार रात्रि स्वाट टीम ने एक्सयूवी कार सवारों को रूकने का इशारा किया तो वे भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए पीछा किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। बदमाश अपने को घिरता देख गाडी छोडकर जंगलों की ओर भागे, जिनमें से टीम ने 4 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो मौके का लाभ उठाकर भाग गए। पूछताछ में इन्होंने अपने नाम ओमप्रकाश चैधरी पुत्र हीरालाल निवासी कोसीकलां, धु्रव चैधरी पुत्र धर्मन चैधरी निवासी पलवल हरियाणा, मदन गोपाल ठाकुर पुत्र वासुदेव ठाकुर निवासी वृंदावन व विजय सिंह ठाकुर पुत्र सिरिया ठाकुर निवासी आन्यौर बताए। तलाशी में इनके पास से एक कार, 4 तमंचा, 4 किलो नशीला पदार्थ व लगभग 1.5 लाख रूपए नकद बरामद हुए हैं। बदमाशों ने फरार साथियों के नाम किशन चैधरी पुत्र दलवीर सिंह निवासी हताना व गौरव जाट निवासी कोसीकलां बताए। रविवार को पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहित गुप्ता ने बताया कि पकडे गये बदमाश सुपारी किलर हैं और ओम चैधरी गैंग के सदस्य हैं, यह गैंग भाडे पर लोगों की हत्याएं करता है। बदमाश यहां आन्यौर की ग्राम प्रधान पति सतीश चैधरी की हत्या के इरादे से आए थे। पेशगी बतौर 3 लाख रूपया गैंग को मिल चुका था, हत्या करने के बाद शेष रकम मिलना बदमाशों ने स्वीकारा है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस इनके फरार साथियों व सुपारी देने वालों की तलाश में जुटी है। स्वाट टीम के इस सराहनीय कार्य के लिए डीआईजी ने 15 हजार व एसएसपी ने पांच हजार रूपये के इनाम की घोषणा की है। 

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15 दिसम्बर को विराट महिला सम्मेलन का आयोजन मथुरा। मथुरा में बेटी बचाओ अभियान को धार देने तथा महिलाओं में अपनी पैंठ मजबूत करने के लिए आगामी 15 दिसंबर को भाजपा का महिला सम्मेलन खंडेलवाल सेवा सदन में आयोजित किया जाएगा। महिला सम्मेलन के लिए पार्टी कार्यकर्ता तैयारियों में जुट गए हैं।  सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मोतीकुंज में एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने परिवर्तन महारैली के बाद अब महिलाओं को पार्टी की उपलब्धियों व योजनाओं की जानकारी देने को सम्मेलन का निर्णय लिया है। इसमें उन्हें पार्टी की रीति-नीति भी बताई जाएंगी। डा.हीरा अतेंद्र ने कहा कि जिला व ग्रामीण संयुक्त सम्मेलन में जिले से हजारों महिलाओं को लाने का लक्ष्य तय किया गया है। सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए नीलम पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभालने के बाद महिलाओं के लिए क्या किया है, इसे बताने की जरूरत नहीं है। सार्थक चतुर्वेदी ने बताया कि महिलाओं के लिए चलाई जा रही केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा बेटी बचाओ अभियान को धार देने के लिए आगामी 15 दिसम्बर को विराट महिला सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। बैठक में सरोज वर्मा, डा.मिनाक्षी श्रीवास्तव, सीमा चैहान, नरेंद्र कुमारी, सुनीता देवी, बाति देवी,चंद्रावती, गीता सैनी, पुष्पा, गुड्डी, ग्रेसी शाह, ललिता, रजनी देवी, शीला गौतम, आशा शर्मा, कंचन देवी, लवलीना शाह, विद्या देवी, नीलाम पांडेय, मंजू देवी, रामवती, नीता देवी आदि मौजूद रहीं।   

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थाना व कस्बा सौंख में मथुरा से मंडी करके लौटते समय हुए टेम्पो पलट जाने से घायल हुए युवक की आगरा में उपचार के दौरान बीतीरात मृत्यु हो गयी। युवक की मौत से कस्बा सौंख में गमगीन माहौल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना व कस्बा सौंख निवासी दीनदयाल रोज अपने पिता के लिए मथुरा मंडी बेचने के लिए फल खरीद कर लाता था। शनिवार को भी वह फल व सब्जी खरीदकर ला रहा था। मथुरा-सौंख रोड पर नगला माना के पास टेम्पो पलट गया। इससे युवक दीनदयाल बुरी तरह से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए तुंरत मथुरा ले जाया गया। बाद में उसे आगरा रेफर कर दिया। जहां उसकी मौत हो गयी।

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