मथुरा

मथुरा। दो महीने पूर्व हुई पुलिस अभिरक्षा में हिस्ट्रीशीटर की हत्या को लेकर मानव अधिकार द्वारा हस्तक्षेप किए जाने पर मंडलायुक्त ने शुक्रवार को जिला जेल में निरीक्षण किया तथा घटना को संज्ञान में लेते हुए पूछताछ की तथा विभागीय अधिकारी की इस जांच एवं मानवाधिकार आयोग की जांच में अंतर बताया है। पुलिस अभिरक्षा में उपचार को आगरा ले जाते वक्त राजेश टोंटा हत्याकांड के मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रशासन से रिपोर्ट मांगी तो अब रिपोर्ट तैयार करने की शुरुआत हो गई है। इसी संबंध में जांच करने को मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर शुक्रवार को जिले में रहे। उन्होंने जेल में कैदियों से पूछताछ की। जिला जेल में 16 जनवरी की दोपहर में पहले गैंगवार और फिर इसके बाद देर रात में उपचार को आगरा ले जाते वक्त राजेश टोंटा की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मानवाधिकार आयोग द्वारा राजेश टोंटा हत्याकांड मामले में संज्ञान लेते हुए प्रशासन से 13 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। इनमें हत्याकांड के दौरान तैयार विस्तृत रिपोर्ट, जेल में प्रवेश करते समय राजेश टोंटा के स्वास्थ्य की स्थिति, बीमारी के इलाज की स्थिति, टोंटा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचायतनामा, विसरा रिपोर्ट, साइट प्लान, मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट, हत्याकांड के बाद कार्रवाई और विभागीय कार्रवाई का विवरण और सीबीसीआइडी जांच रिपोर्ट मांगी गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार के रिपोर्ट मांगने पर एडीएम कानून व्यवस्था एसके शर्मा को जांच सौंपी गई। इससे पूर्व शुक्रवार को सुबह ही मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर और अपर आयुक्त आरआर सिंह जेल में पहुंच गए। कमिश्नर ने गैंगवार वाली बैरक में कैदियों से पूछताछ करके घटना की जानकारी ली। इसके बाद जेल कर्मियों से भी इस संबंध में पूछताछ की। विभागीय अधिकारी इस जांच को मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट से अलग बता रहे हैं।

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लूट की कार व असलाह बरामद मथुरा। जनपद में बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी मथुरा द्वारा अपराधियों के विरूद्व चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना हाईवें पुलिस ने अलीगढ़ से स्विफ्ट गाड़ी को लूटकर बदमाशों ने चालक की हत्या कर शव को अलीगढ़ की नहर में फैक देने वाले तीन शातिर बदमाशों को पकड़नें में सफलता हासिल की हैं। इस सन्दर्भ में अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने पुलिस लाइन पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि थाना हाईवें प्रभारी व जनपद की स्वेट टीम के प्रभारी संयुक्त रूप से क्षेत्र के दतिया मोड़ पर वाहन चैकिग के दौरान एक स्विफ्ट कार संख्या यूपी 16 एएक्स 5592 को चैकिग के लिए रोकनें का प्रयास किया तो कार चालक ने गाड़ी की स्पीड तेज कर दी। पुलिस ने कार का पीछा किया तो बगदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायर ठोक दिया। जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कार को चारों ओर से घेराबन्दी की तो गाड़ी ने पाॅच युवक खिड़की खोल कर भागने लगें। जिस पर पुलिस ने घेराबन्दी कर तीन युवक हिरासत में लेकर पुछताछ के लिए हाईवें थाने ले आई जहाॅ पुलिस पुूछताछ में पकड़ें गये बदमाशों ने अपने नाम सलमान खान पुत्र खुशनाम खान निवासी बढारी थाना गंगीरी जनपद अलीगढ़ हाल निवासी मौलाना आजाद नगर गली टपपुर मस्जिद के पास क्वार्सी जिला अलीगढ़, अवरार पुत्र सूरज अली उर्फ फकीर निवासी सपेरा मानपुर निकट मजूरगढ़ी रेलवें स्टेशन हरदुआगंज अलीगढ़ तथा राजू उर्फ शाहिद अब्बासी पुत्र सफी मौहम्मद निवासी सफेरा भानपुर मंजूरगढ़ी रेलवें स्टेशन थाना हरदुआगंज अलीगढ़ बताया पुलिस पुछताछ में उन्होंने बताया कि उनके पास से बरामद गाड़ी अलीगढ़ से किराये पर ली थी जिसके चालक की हत्या कर उन्होंने अलीगढ़ में ही नहर में फेंक दिया और लूटी कार को राजस्थान में वेचनें के लिए जा रहें थे कि रास्ते में वह पुलिस के हत्थे चढ़ गये। पुलिस पुछताछ में बदमाशो ने रिफाइनरी मथुरा क्षेत्र से अपने साथियों सहित 27/28 फरवरी की रात्रि भी डीएल 3सी वीयू 4584 गाड़ी को लूटकर चालक की हत्या कर लूट करना भी स्वीकार किया हैं। बदमाशों ने अपने भागे साथियों के नाम अरमान उर्फ पासा पुत्र अलीजान निवासी सपेरा भानपुर हरदुआगंज अलीगढ, फिरोज पुत्र बन्दु खाॅ निवासी उपरोक्त बताया। जो अलीगढ़ लूट कांड में शामिल थे। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन तंमचें आधा दर्जन कारतूस जिन्दा बरामद किये हैं। पुलिस ने बताया कि पकड़ें गये बदमाशों के विरूद्व जनपद के विभिन्न थानों में करीब आधा दर्जन मुकदमें गंभीरता अपराधों में दर्ज हैं।

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मथुरा। यमुना मुक्ति व शुद्धिकरण पदयात्रा में विगत रोज हजारों की संख्या में यमुना भक्त एवं किसान बदरपुर बाॅर्डर निकट मेट्रो स्टेशन से प्रातः 10 बजे बसों द्वारा सीधे जन्तर मंन्तर पहुँचे। जन्तर मंतर पर धरना मंच का संचालन यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय महासचिव रमेश सिसौदिया ने किया। धरने में हजारों की संख्या मे यमुना भक्त व किसान उपस्थित थे। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने सम्बोधित करते हुये कहा कि यमनोत्री से द्रवित रूप धारण कर यमुना मैया 1376 किमी का सफर तय करने के बाद ़इलाहबाद संगम स्थल पर गंगा जी में जा मिलती है। यह हमारी ऐतिहासिक संगम स्थल पर गंगाजी में जा सकती है। यह हमारी ऐतिहासकि एवं सांस्कृतिक धरोहर है। हम जल को देवता तथा पवित्र नदियों को माँ मानते हैं। हमारी सरकार से मांग है कि गंदे नालों को यमुना में जाने से रोका जाये, हथिनी कुण्ड से यमुना जल छोड़ा जाये तो यमुनोत्री से इलाहबाद तक सतत् प्रवाहित हो सके। दिल्ली में वजीराबाद से ओखला तक समानान्तर नाले का निर्माण कराया जाये। श्री श्री रविशंकर जी ने कहा कि पूरा संत समाज इस विषय पर एक राय है कि यमुना जी की धारा निर्मल बहे और यमुनोत्री से लेकर संगम तक यमुना जी में एक बूंद भी गंदा जल नहीं डाला जाये इस विषय पर सरकार से हमारी लगातार हमारी वार्ता चल रही है और सरकार की ओर से इस दिशा में मजबूत और सार्थक प्रयास करने की बात भी कही गयी है। आम आदमी पार्टी के पर्यावरण मंत्री अनीस अहमद ने कहा कि मैं यमुना रक्षक दल के साथ हूँ। यमुना रक्षक दल यमुना के लिये बहुत ही सराहनीय कार्य कर रहा है। यमुना के लिये सभी को कार्य करना चहिये। उन्होने कहा कि मुझे संतो का आशीर्वाद चाहिये ताकि मैं इस नेक कार्य में खरा उतरू। हम और हमारी सरकार यमुना के प्रति पूरी तरह गंभीर है। माननीय अरविन्द केजरीवाल यमुना मुद्दे पर 5 बार मीटिंग कर चुके हैं। अभी हमारी सरकार को कुछ ही समय हुये हैं। हमारी सरकार यमुना के लिये अवश्य कार्य करेगी। विधायक आभास चंदेला ने कहा कि यमुना जन जन की प्रिय है, उन्होने यमुना वर्तमान स्थित पर चिंता व्यक्त की। आम आदमी पार्टी ने यमुना रक्षक दल को पूर्ण समर्थन और सहयोग देने की बात कही है। इसी निमित मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीबाल की ओर से उनके प्रतिनिधी के रूप में उन्होने पर्यावरण मंत्री एवं विधायक को भेजा। वो यमुना आन्दोलन को लगातार विभिन्न ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन मिल रहा है। कल सोमवार को इस आन्दोलन में दिल्ली के विभिन्न समाजिक संगठन एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र सम्मिलित होकर आन्दोलन में भाग लेंगे। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हरदयाल कुशवाहा ने धरने की व्यवस्था संभाली। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय संरक्षक सवमी स्वतन्त्रतानन्द सरस्वती, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश यादव, राष्ट्रीय सचिव सीता अग्रवाल, राष्ट्रीय अशोक यादव, राष्ट्रीय सचिव अजय शर्मा,  हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह चैहान, प्रदेश महासचिव रविन्द्र फौजदार, जिलाध्यक्ष संदीप चाहर, जिलामहासचिव गौरव शर्मा, एनसीआर प्रभरी मदनलाल गौतम, देवमुरारी बापू, साध्वी गीता, कुँवर सिंह निषाद, प्रवीण चैधरी, दिनेश चैधरी, राधाबल्लभ शर्मा, डाॅ0 राजवीर सिंह, सत्यपाल सिंह, हरि सिंह, आदि उपस्थित थे। 

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आज दिनांक 17 मार्च को प्रधान कार्यालय यमुना रक्षक दल गोविन्द मठ वृन्दावन में प्रमुख संरक्षक आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में तथा यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास एवं  संरक्षक स्वामी  श्री स्वतन्त्रतानंन्द सरस्वती जी महाराज एवं यमुना रक्षक दल केे अनेेेक पदाधिकारियों के साथ आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। कल दिनांक 16 मार्च को दिल्ली जन्तर मंतर पर आर्ट आॅॅफ लिविंग के प्रणेता श्री श्री रविशंकर जी, केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर  ( के आवास पर ) तथा सांसद हेमा मालिनी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को यमुना रक्षक दल का मांग पत्र सौंपा गया। जिसमे यमुना रक्षक दल ने भारत सरकार से मांग की है कि यमुना नदी को हथिनी कुण्ड से अविलम्ब मुक्त किया जाये तथा गंदे नालों एवं फैक्ट्रियों का दूषित जल यमुना में जाने से सवर्था  रोका जाये । दल के सम्मनानीय संरक्षक स्वामी स्वतन्त्रता नन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत सरकार ने पूर्व में यमुना जल बटवारा ठीक ढंग से नहीं किया था इसी कारण से यमुना नदी का अस्तित्व आज खतरें में है। पहले गाँव के लोग नदियों का ही प्रायः पानी पीते थे एवं अन्न आदि का उत्पादन भी नदियों के जल से ही होता था। अतः गाँव भी नदियों के किनारे ही होते थे। यमुना जल के समुचित बटवारे का जल उत्तर प्रदेश को नहीं दिया गया। उ.प्र. वासियों को यमुना जल से वंचित रखा गया यमुना जल के नाम पर गंदे नालों का एवं फैक्ट्रियों का दूषित जल ही दिया गया। जिससे प्राणी मात्र का जनजीवन प्रभावित हुआ। पूर्व का जल बटवारा न्याय संगत नहीं था। अतः केन्द्र सरकार से निवेदन है कि पूर्व के यमुना जल बटवारे को उ.प्र. के लिये दिशाहीन मानते हुये उसकी सही ढंग से मुख्यमंत्रियों के साथ विचार विमर्श करके यमुना नदी जल का बटवारा न्याय संगत तरीके से ही होना चाहियें तभी उ.प्र. की जनता का सुखमय जीवन संभव हो सकता है। दिनंाक 20 मार्च को पांचों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक पर यमुना रक्षक दल ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि सन् 1994 में यमुना जल बटवारा जो न्याय संगत नहीं था उसमें विशेष मंत्रणा कर  उ.प्र. वासियों को उचित जल प्रदान किया जायेगा और शीघ्र ही कालिन्दी का कमनीय स्वरूप देखने को मिलेगा। इस अवसर  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव रमेश सिसौदिया, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डाॅ0 रामदत्त मिश्र, ब्लाॅक अध्यक्ष राधाबल्लभ शर्मा, जिलाप्रभारी डाॅ0 राजवीर सिंह, भाकियू उपाध्यक्ष गजेन्द्र दुबे, संगठन मंत्री गिरिवर सिंह, रामचन्द्र केसरी, शिवचरण सिंह, रविन्द्र कुमार, क्षत्रपाल पटेल, सर्वेश कुमार, प्रकाश पटेल, अर्जुन सिंह आदि उपस्थित थे।  

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पदयात्रा मंगलवार को पलवल पहुॅच गयी। पड़ाव स्थल पर होली मिलन महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें नन्दगांव के ग्वाला और सखियों ने भाग लिया। श्री नरसिंह बाबा महाराज द्वारा होली के मनोंहारी गीतों को गायन किया गया जिसे सुन पदयात्री मंत्रमुग्ध हो गये। पदयात्रियों और स्थाानीय लोगो ने जमकर होली मिलन समारोह का आनन्द लिया।  हथिनी कुण्ड के गेट खोल दो या फिर कभी मत खोलो भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार यदि अभी हथिनी कुण्ड के गेट नहीं खोल सकती है तो न खोले पर उसे ऐसा करना होगा कि हथिनी कुण्ड के गेट कभी नहीं खोले जायेगें वो हमेशा बन्द रखे जायेगें। यदि ऐसा सरकार कर सकती है तो वह बताये। उन्होने कथन को स्पष्ट करते हुये कहा कि जब हथिनी कुण्ड पर अधिक पानी एकत्रित हो जाता है तो वह पानी एक साथ छोड़ देती है जिससे किसानों की फसलों को नुकसान होता है और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर देती है। इसलिये सरकार जल छोडे तो पूरे साल अविरल छोडे नही ंतो हमेशा के लिये हथिनी कुण्ड के गेट बन्द कर दे फिर एक बूंद भी जल हथिनी कुण्ड से न छोडा जाये। साधु नाचे सन्त नाचे नाजे ब्रजजन मन सबको बन गयौं  भैया री जैसे पावन यमुना जल  यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा अलग ही छटा बिखेर रही है। क्या बच्चे क्या बूढे क्या महिला क्या पुरूष सब कोई इस रस धारा में बहे जा रहा है। जहाॅ देखों वह इस पदयात्रा में अपने रंग रंगा हुआ है। इस पदयात्रा में ब्रजवासी और यमुना भक्त तो नाच ही रहे है इनके साथ साथ साधु सन्त में इस रस में साराबोर हो सड़क पर नृत्य करते नजर आयें। उमड़ पड़ा ब्रज, पदयात्रा में दिखा ब्रज का उत्साह और उमंग आज पदयात्रा को देख ऐसा लग रहा हो जैसे पदयात्रा ब्रज की सीमा से दूर नहीं बल्कि ब्रज की ही वृन्दावन मथुरा की गलियों में भ्रमण कर रही हो। इस पदयात्रा में हर वो शख्स मौजूूद था ब्रजवासी अपने ओर पास नित्य देखते हो। पदयात्रा में आज वृन्दावन मथुरा के सभी सन्त महन्त भागवता चार्य मौजूद रहे। आज मानों पूरा ब्रज अपनी यमुना मैया को लिवाने चला आया हो। हजारों की भीड़ का सिरा तो प्रारम्भ हो रहा था पर उसका अन्त देखना मुश्किल हो रहा था। हजारों पदयात्रियों के साथ हजारों की संख्या में वाहनोे का काफिला लगभग 8 किमी से अधिक लम्बा था। एक आस विश्वास लेके आगे बढे जा रहे है।कि यमुना मुक्त होगी।   17 मार्च को जब यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा अपने पड़ाव स्थल से निकली तो नजारा देखने लायक था। आज पदयात्रा रोजाना और अधिक भव्य और दिच्य लग रही थी। क्योकि  पदयात्रा की अगुवाई कर रहे साधु सन्तों, भागवताचार्यो द्वारा झूम झूम के नृत्य किया गया।  पदयाात्रा में नजर वृन्दावन के सैकड़ो प्रसिद्ध सन्त व भागवताचार्य  30 हजार से अधिक ब्रजवासी एवं यमुना भक्त रहे उपस्थित  झूमते गाते चले ब्रजवासी घरो, दुकानों से और अपने प्रतिष्ठानों सें झांक झांक देख रहे स्थानिय लोग।  यात्रा का आज का पड़ा पलवल में सुभाष चन्द्र बोस स्टेडियम आगरा चैक    मुख्य रूप से उपस्थित साधु-सन्त भागवताचार्य  श्री गोपाल शरण देवाचार्य गोलोक धाम वृन्दावन वाले  श्री महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द ब्रह्मचारी जी पीठाधिश्वर सिद्धपीठ कालीमन्दिर हरिद्वार  स्वामी श्री महेशानन्द जी ,, अखण्डानन्द आश्रम वृन्दावन  स्वामी श्री गिरिशानन्द जी सरस्वती विश्वप्रसिद्ध भागवताचार्य श्री श्याम सुन्दर पाराशर  भागवत प्रवक्ता श्री विपिन बापू जी महाराज भागवत प्रवक्ता श्री अशोक शास्.ी जी  पूज्य श्री श्यामसुन्दर उपाध्याय  महामण्डलेश्वर श्री नवल गिरि जी महाराज श्री पुष्टिमार्ग के आचार्य शरद बाबा माण्डवी गुजरात से  पुष्टिमार्ग के आचार्य श्री द्वारकेश लाल जी महाराज, अम्रैली गुजरात अभियान के प्रमुख व्यक्तियों के नाम अभियान के संरक्षक पुष्टिमार्गिय आचार्य श्री पंकज बाबा महाराज अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री  अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ अभियान के प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी जी मंच संचालन श्री बद्रीश जी महाराज भाकियू भानू के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव राजेन्द्र प्रसाद शास्त्री श्री मृदुलकान्त शास्त्री महाराज  उपस्थित सन्त समाज  वैरागी आश्रम के हरिबोल बाबा   अभियान में उपस्थित नेता पलवल के तमाम इनेलो व आप पार्टी के सैकड़ो नेता पदयात्रा का स्वागत कर पदयात्रा में उपस्थित रहे।  पूर्व कृषि मंत्री चै. लक्ष्मी नारायण,  एम. एल सी लेखराज सिंह जितेन्द्र सिंह   हिन्दु वादी नेता गोपेश्चर नाथ चतुर्वेदी अभियान में अभियान के प्रमुख लोग जिला संयोजक पंकज चतुवेदी राजेन्द्र सक्सैना राजकुमार उर्फ राजू भैया प्रदेश महासचिव  भगवान दास चैधरी श्री चन्द चैधरी  

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यमुना भक्तों के जन समुद्र को बढता देख केन्द्र सरकार में खलबली मच गयी है। जिन साधु-सन्तों, ब्रजवासी, किसानो और यमुना भक्तों को इन्द्र का कोप भी नहीं रोक सका ऐसे अपने लक्ष्य से अटल यमुना भक्तों को अपने आश्वासन के बांध से रोकने के लिये केन्द्र सरकार की जल संसाधन मंत्री उमाभारती जी दिनांक 16 मार्च को पदयात्रा के मध्य में पहुॅची। 16 मार्च को सूर्य देवता यमुना भक्तों अपनी गुनगुनी किरणों उठाते नजर आये जिससे मानों ऐसा लगा हो दो दिन से इन्द्र के कोप से व्यथित यमुना भक्तों से वह कह रहे हो इम्तिहान खत्म हुआ अब यमुना को लाने आगे बढो। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा प्रातः 9 बजे अपने पडाव होडल से आगे बढी। हरिनाम संकीर्तन की धुन पर थिरकते हजारों कदम दिल्ली की दूरी कम करते जा रहे थे। जय यमुना मैया के नारे और हजारों पदयात्रियों और वाहनों का काफिला एक अद्भुत वातावरण प्रस्तुत कर रहा था। नृत्य करती बलाये, मंत्रोच्चारण करते वेदपाठी बालक वातावरण में सात्विक ऊर्जा का संचार कर रहे थे। पदयात्रा के बीच में इस्कान मन्दिर के श्याम सुन्दरदास जी अपने इस्कान भक्तों के साथ पदयात्रा में पहुॅचे। इस्कान के भक्तों द्वारा महामंत्र का संकीर्तन भी किया गया। पदयात्रा में विरक्त संत श्री रमेश बाबा महाराज ने स्वयं पदयात्रा की और ब्रज की सीमा तक आये। पदयात्रा में मलूक पीठाधिश्वर द्वाराचार्य श्री राजेन्द्र दास जी महाराज, गोलोक धाम आश्रम के पूज्य श्री गोपालशरण देवाचार्य  जी महाराज, चतुःसम्प्रयदाय के श्री महन्त श्री फुलडोल बिहारी दास, पुष्टिमार्गिय आचार्य श्री पंकज बाबा महाराज, महामण्डलेश्वर श्री चितप्रकाशानन्द जी महाराज, महामण्डलेश्वर श्री नवलगिरि जी महाराज, महन्त श्री मदनमोहन दास जी, रसिया बाबा, पुष्टिमार्गिय श्री अनिरूद्ध बाबा माण्डवी वाले, पूज्य लाला बाबा, श्री हरिबोल बाबा, पनकी मन्दिर के महन्त श्री जितेन दास जी महाराज, पूर्व कृषि मंत्री चै. लक्ष्मीनारायण, योगेश द्विवेदी, पूज्य संजीवकृष्ण ठाकुर जी, श्री मृदुलकान्त शास्त्री जी, श्री बद्रीश जी, श्री देवकी नन्दन ठाकुर जी श्री अनुभव तैलंग आदि मुख्य रूप से पदयात्रा में उपस्थित रहे। पूज्य श्री राजेन्द्र दास जी महाराज द्वारा श्री रमेश बाबा महाराज से वार्ता कर उनके द्वारा भी पदयात्रा की गयी। ब्रज की सीमा तक आने के बाद पूज्य बाबा महाराज द्वारा सभी पदयात्रियों को सम्बोधित किया गया। उन्होने पदयात्रियों को सम्बोधित करते हुये बार बार पूछे जा रहे प्रश्न का उत्तर देते हुये कहा कि पिछली यात्रा का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलने के बाद दुबारा यात्रा इसलिये निकाली गयी क्योकि यमुना जी अभी ब्रज में नहीं आयी है और जब तक यमुना जी नहीं आयेगी यात्रायें होती रहेगी। उन्होने उदाहरण देते हुये गहवर और ब्रज की पहाडियों का उदाहरण दिया और कहा कि लगभग 4 दशकों से अधिक लड़ाई लडने के बाद सफलता मिली। इसलिये जब तक शरीर में प्राण है हम यमुना मुक्ति के लिये प्रयास करते रहेगें उन्होने यह भी बताया कि हम किसी जनबल, धनबल, या तपबल के बल से नहीं लड़ रहे हमारे साथ तो हारे को हरिनाम का बल है जो सभी को बल प्रदान करने वाला है। इसलिये यमुना की अविरलता और निर्मलता बनाये रखने के लिये प्रयास करते रहो। श्री रमेश बाबा महाराज द्वारा सभी पदयात्रियों को यमुना मुक्ति की मांग पूरी न होने तक दिल्ली से वापस न आने की बात कही। श्री राजेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि आप सभी की यात्रा जरूर सफल होगी इसमें कोई सन्देह नहीं है। यदि यदि अविरल यमुना प्रवाहित न कर सके तो ब्रज संस्कृति और ब्रज भूमि को नहीं बचा पायेगा और यदि हम संस्कृति और ब्रज भूमि की रक्षा नहीं कर पाये तो विश्व को प्रेम का सन्देश देने वाली ब्रजभूमि प्रेम और शान्ति का सन्देश कैसे देगीं। हम यमुना मैया से प्रार्थना करे कि वह ब्रजवासियों को ऐसा बल प्रदान करे यमुना मुक्ति का श्रेय अपने भक्तों को प्रदान करें।  इस अवसर पर अभियान के युवा शाखा के राष्ट्रीय संयोजक पुष्टिमार्गिय श्री अनुभव तैलंग ,अभियान के महासचिव हरेश ठेनुआ एवं प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी ने भी पदयात्रियों को सम्बोधित करते हुये अपने लक्ष्य पर दृढ रहने को कहा।  उमा भारती के आश्वासन ठुकराया  दिल्ली की ओर यमुना भक्तों के बड रहे जन सैलाब को रोकने के लिये केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती अपने आश्वासन ले यमुना भक्तों के बीच पहुॅची। उमा भारती ने आते ही कहा कि मैं यमुना भक्तों की मांगो को सही से जानना चाहती हूँ इसलिये मैं अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री से मांगे जानना चाहती हूँ। अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि आप मंत्री से पहले एक साधु है आपने पूर्व के आन्दोलन के समय यमुना को मां बताया उसका सगा न होने वाले शख्स को किसी के सगे न होने की बात कही। उन्होने उनके वादे को याद दिलाते हुये यमुना की अविरलता और निर्मलता सुनिश्चित करने की मांग करते हुये नदियों पर से राज्य का अधिकार खत्म करने के लिये पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत् अध्यादेश लाने की बात कही। इसके साथ यमुनोत्री से इलाहाबाद तक बिना किसी गन्दगी के मिश्रण के शुद्ध प्राकृतिक प्रवाह यमुना तल पर प्रवाहित करने मांग की।  इसके बाद उमा भारती द्वारा यमुना मुक्ति एवं शुद्धि के लिये तीन चरण में योजना बताई। जिसमें पहले चरण में पूर्व यूपीये सरकार के पदचिन्हों पर चलते हुये पहले चरण में रेणुका, किशाऊ और लखवार व्यास पर बांध बना यमुना में जलापूर्ति का साधन बताया,  दूसरे चरण में उन्होने हरियाणा में यमुना नहर पर आश्रित किसानों को इजरायल की कृषि तकनीक जिसमें कम पानी में ज्यादा पैदावार होती है उसका विकल्प बताया और तीसरे चरण में आइ आइ टी, चतुर्वेदी कमेटी और रवि चैपड़ा द्वारा किसी भी नदी में जीवित रखने के लिये कितने जल की आवश्कता होती है जिसके आधार पर महीनो के आधार पर नदियों में जल छोड़ा जायें।  उन्होने यह भी बताया कि 20 मार्च को यमुना बोर्ड की बैठक में दिल्ली हरियाणा उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान पांचो राज्यो के मुख्यमंत्रियों को बुलाया गया है। जिसमें राज्यों के बीच जल बंटबारे को लेकर चर्चा की जायेगी।  उमा भारती जी ने यह भी कहा कि मैं यह नहीं चाहती थी कि पूज्य रमेश बाबा महाराज पैदल करें मैं खुद चलकर उनके पास आना चाहती थी। मैं 20 मार्च की बैठक बाद स्वयं बाबा पास आकर यमुना की अविरलता के लिये चर्चा करती।  मैने मंत्री बनने के बाद सबसे पहले यमुना के लिये हुये समझौते की फाइलों को चेक किया और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिल समस्या को सुलझाने के लिये चर्चा की।  उन्होने कहा कि यमुना की शुद्धि के बिना गंगा की शुद्धि कठिन है इसलिये गगा के सफाई अभियान में यमुना भी सम्मिलित है।  पूज्य श्री विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि मैं ब्रजवासी, वृन्दावनवासी और यमुना किनारे का वासी हूँ ब्रजवासियों और यमुना भक्तों को आश्वासन नहीं चाहिये। पिछली सरकार ने धोखा दिया था अब न दिया जाये। यदि इस  बार धोखा दिया तो आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल करूँगा। उन्होने कहा कि हरियाणा के हथिनी कुण्ड स ेजल छोड़ा जाना चाहिये क्या हम ब्रजवासी जिन्दगी भर मल मूत्र ही पियेगें । इसलिये आज सरकार को यमुना भक्तों की मांगो को मानना होगा।  भारतीय किसान यूनियन (भानू) भानूप्रताप सिंह ने कहा कि हमें प्रस्ताव नहीं काम चाहिये हमें यमुना का अविरल निर्मल जल चाहिये। पिछली सरकार ने यमुना भक्तों की मांगो नहीं मानी तो वह जैसे गधें के सिंह सीग की तरह दिल्ली के तख्त से गायब हो गयी इसलिये मोदी सरकार से हम यही चाहते कि यूपीए मत दोहरा देना।  जब यमुना भक्त जल संसाधन मंत्री उमा भारती के आश्वासन से सहमत नहीं हुये तो अभियान के संरक्षक श्री पंकज बाबा ने यमुना भक्तों की ओर से फैसला सुनाते हुये  कहा कि यमुना भक्तों को उमा भारती का प्रस्ताव मंजूर नहीं उसी के साथ उन्होने उत्साह जोश और उमंग से भरे पदयात्रियों को आगे कूच करने का आदेश दिया। आदेश पाते ही यमुना भक्तों की सुनामी केन्द्रीय मंत्री उमा भारती को सड़क पर खडा छोड आगे बढ गयी । और केन्द्रीय मंत्री यमुना भक्तों की पदयात्रा को एक टक देखती रह गयी।  यमुना मुक्तिकरण अभियान के सह संयोजक सुनील सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कहा कि मोदी सरकार के प्रतिनिधि के रूप में आयी उमा भारती यमुना भक्तों के साथ छलावा करने आयी थी मगर उनके कोरे और लुभावने वादों को ब्रजवासियों ने कोई तबब्जों नही दी। इसी के साथ उन्होने यह भी ऐलान किया कि केन्द्र सरकार ने यमुना भक्तों को धोखा देने का प्रयास किया तो यूपीए सरकार जैसा हश्र होगा।  उमा भारती जी यमुना भक्तों के बीच लगभग 1ः30 घंटे तक रही। जैसे ही वो पदयात्रियों के बीच पहुूची तो यमुना भक्तों ने उनका गगन भेदी नारो के साथ स्वागत किया। फूल माला पटका पहनाये मगर जैसे ही उमा भारती ने यूपीए सरकार जैसे आश्वासन देने शुरू किये सड़क पर 7 किलोमीटर फैले भक्त भड़क गये और उन्होने उमा भारती और मोदी सरकार विरोधी नारे शुरू कर दी। इतना ही नहीं किसान यूनियन भानू के कार्यकर्ताओं ने उमा भारती के सामने दिल्ली आगरा हाइवे जाम कर दिया जिसे भारी मससक्त के बाद हरियाणा पुलिस ने खुलवाया।  प्रमुख उपस्थित व्यक्तियों के नाम  भाकियू भानू के मुख्य महासचिव राजेन्द्र प्रसाद शास्त्री, भाकियू भानू के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष केशव देवं   पंकज शास्त्री , पंकज चतुर्वेदी, पूज्य श्री गौर गोपाल दास, एम एल सी लेखराज सिंह, जडखोर गौशाला के संचालक गोपेश बाबा,  डा रामजी लाल शास्त्री, बारह घाट के महन्त राम बिहारी दास, जाट समाज के 21 पालों के अध्यक्ष नरदेव चैधरी, डाॅ अमर सिंह पोनिया, सुरेन्द्र प्रधान, ।  और खबर भेज रहा हूॅ छोटी छोटी बाक्स की खबर भेज रहा हूँ   नीली टोपियों का कांरवा देख प्रशासन की फूली सांस यमुना मुक्तिकरण अभियान की टोपी लगाये हजारों यमुना भक्तों के कारवां को देख हरियाणा पुलिस और प्रशासन के हाथ पैर फूलने लगे। 6-7 किमी लम्बे यमुना भक्तों कारवां को देख पुलिस प्रशासन हाथ पैर फूलते दिखाई दिये। पुलिस प्रशासन द्वारा यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा के चलते पुलिस प्रशासन द्वारा रूट डायवर्ट कर दिये गये। अप्रत्याशित भीड़ को देख हरियाणा पुलिस प्रशासन द्वारा चुस्ती दिखाई और हाइवे एक लेन को बन्द कर यातायात को मोड़ा गया।  पुलिस कर्मियों के अभद्रता के चलते दोनो रोड किये जाम यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चल रहे पदयात्री के साथ एक पुलिस कर्मी द्वारा अभद्रता की गई। जिसके चलते गुस्साये पदयात्रियों द्वारा हाइवे लेन की दोनो को जाम कर दिये जिसके चलते कुछ ही मिनटों में वाहनों की किलोंमीटरों लम्बी कतार लग गयी। जिसके बाद दोषी पुलिसकर्मी द्वारा मुख्य मंच पर सभी से माफी मांगी गयी। उसके बाद पदयात्री आगे बढे।   

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