मथुरा

यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा को लेकर मांट में विशाल जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में भाग लेने यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ एवं राजकुमार उर्फ राजू भैया ने उपस्थित ब्रजवासियों से पदयात्रा में चलने का आह्वन करते हुये कहा कि अब समय आ गया है कि यमुना मैया के लिये करो या मरो की स्थिति है। अब नही ंतो कभी नहीं यह स्थिति पैदा हो गयी है। इसलिये आप सभी ब्रजवासी इसलिये उठो और आगे बढ़ो और यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में भाग लो। 

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     मर जायेगें, मिट जायेगें पर यमुना की धार लेकर आयेगें दो दिन बाद ब्रजवासियों की कदमों की ताल दिल्ली में सुनाई देगी और केन्द्र की राजनीति में और गर्माहट पैदा हो गई है। सरकारी गाडि़याॅ ज्यादा किमी तय करते हुये ब्रज की ओर रूख करती दिखाई देगी। ब्रजवासी पिछले आन्दोलन सबक लिये बैठे है कि सरकारी कोरे वादों के कोण में न फंसकर इस बार इतिहास रचना है और यमुना की अविरल धार ब्रज में वापस लेकर निश्चित लाकर रहना है। यमुना का शुद्ध अविरल जल प्रवाह यमुनोत्री से लेकर इलाहाबाद तक बिना किसी गन्दगी के मिश्रण के बहे इस मांग को लेकर यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा कोसी से दिल्ली की ओर रूख करेगी। मांग सीधी और सहज है पर इस मांग को सरकार को जमीनी हकीकत दे पाना टेढी खीर होगी पर अब जो भी हो साधु सन्तो, ब्रजवासियों और यमुना भक्तों यह ठान लिया है कि ‘‘ अब की बार शुद्ध यमुना की धार’’ । यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा 13 मार्च शुक्रवार को चीरघाट पर पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। जिसमें ब्रज के प्रसिद्ध सन्तों एवं भागवताचार्यो, समाजसेवियों एवं ब्रजवासियों ने भाग लिया। पत्रवार्ता में अभियान द्वारा 14 मार्च को कोसी में होने वाली यमुना महापंचायत व 15 मार्च को प्रारम्भ होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा की अन्तिम रूपरेखा व तैयारियों की जानकारी दी गयी। इस पत्रकार वार्ता में महामण्डलेश्वर पूज्य श्री चित्प्रकाशानन्द जी महाराज, चतुःसम्प्रदाय श्री महन्त पूज्य श्री फुलडोल बिहारी दास जी महाराज, विरक्त वैष्णव परिषद के अध्यक्ष महन्त श्री प्रह्लाद दास जी महाराज, पूज्य श्री हरिबोल बाबा, पूज्य संत श्री आदित्यनाथ जी, महन्त श्री लाडि़ली शरण जी महाराज, श्री देवकी नन्दन जी महाराज, श्री संजीव कृष्ण ठाकुर जी, आचार्य श्री बद्रीश जी, यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री, अभियान के युवा शाखा के संयोजक अनुभव तैलंग, राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ, राष्ट्रीय सलाहकार राधाप्रिय, राष्ट्रीय सत्येन्द्र सिंह, वृन्दावन पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम, बिहारी लाल वशिष्ठ, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।  पूज्य श्री चतुःसम्प्रदाय श्री महन्त पूज्य श्री फुलडोल बिहारी जी महाराज एवं महामण्डलेश्वर श्री चित्प्रकाशानन्द जी महाराज ने कहा कि ब्रज की पहचान यमुना से है आज से कई दशकों पहले यमुना जी का स्वरूप बड़ा निर्मल था परन्तु अब यमुना जी की स्थिति अत्यन्त खराब हो चुकी है। जिससे आज सभी भक्त दुखी है। ब्रज से इस बार निर्णायक आन्दोलन यमुना के लिये हो रहा है और इस आन्दोलन में सभी  ब्रजवासी हर कुर्बानी के लिये तैयार हो भाग लेगें। वैष्णव परिषद के अध्यक्ष महन्त श्री प्रह्लाद दास जी महाराज ने कहा कि अभियान के संरक्षक पूज्य संत श्री हरिबोल बाबा, महन्त श्री लाडि़ली शरण जी महाराज ने कहा कि यमुना को लेकर ब्रज में भारी आक्रोश है। यमुना की धारा को रोक व यमुना में गन्दगी डाल जो लोगो की आस्था और जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है वह क्षमा योग्य नही है। इसलिये इस बार ब्रजवासी हजारों की संख्या में दिल्ली जायेगे।  प्रसिद्ध भागवताचार्य श्री देवकी नन्दन ठाकुर जी महाराज एवं श्री संजीवकृष्ण ठाकुर जी ने कहा कि यमुना की दुर्दशा से ब्रज ही नहीं सम्मूर्ण विश्व चिन्तित है। यह बडे दुर्भाग्य की बात है कि ब्रज में आज यमुना जल की बजाय दिल्ली और उससे आगे पड़ने वाले गन्दे नालों का पानी आ रहा है । यमुना को हथिनी कुण्ड बैराज पर कैद कर लिया गया। और इस बार श्री रमेश बाबा महाराज के सानिध्य में यमुना भक्त पुनः लाखों की संख्या में कोसी से दिल्ली तक जा रहे यमुना जी को लाने के लिये जा रहे है।  सरकार से हमें अभी भी आशा है कि वह यमुना मुक्ति के लिये कदम उठायेगी परन्तु अब ब्रजवासियों के सब्र का बांध टूट रहा है। इसलिये सरकार को ब्रजवासियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुये यमुना को मुक्त करना होगा।  अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने अभियान द्वारा 14 मार्च व 15 मार्च के कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि 14 मार्च को कोसी के हिन्दु इण्टर काॅलेज में यमुना महापंचायत का आयोजन किया गया है इस महापंचायत में भाग लेने साधू-सन्त, भागवताचार्य, किसान, ब्रजवासी हजारों की संख्या मे पहुॅचेगे। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि कल बरसाना से श्री जी मन्दिर से विधिवत पूजन कर ब्रजवासी पदयात्रा करते हुये कोसीकलाँ रवाना होगें। इसके बाद 15 मार्च को सुबह 8 बजे पदयात्रा दिल्ली के कूच करेगें। इस पदयात्रा मंे उन्होने सभी ब्रजवासियो से अपील की । इस अवसर पर महन्त श्री ललिता शरण जी महाराज, गोपालाचार्य जी, देवेन्द्र शर्मा, मुकेश शर्मा, बल्लभ दास जी महाराज आदि उपस्थित रहे।  14 मार्च की महापंचायत में आर्ट आॅफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर जी, पूज्य ज्ञानानन्द जी, पूज्य दीदी माँ ऋतुम्भरा रहेगी उपस्थित 15 मार्च को कोसी से चलने वाली चलने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा के सन्दर्भ में एक दिन पूर्व 14 मार्च को कोसी में यमुना मुक्तिकरण अभियान की हो रही यमुना महापंचायत में आर्ट आॅफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर जी, गीता मनीषी पूज्य श्री ज्ञानानन्द जी महाराज, पूज्य दीदी माँ़ ऋतुम्भरा जी एवं मनिन्दर सिंह विट्टा उपस्थित रहेगें।  भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह जी पहुॅचे अभियान के कार्यालय  भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह जी यमुना मुक्तिकरण अभियान के कार्यालय पहुॅचे। उन्होने कार्यालय पहुॅच पदयात्रा में आने वाले किसानों की जानकारी दी। 14 मार्च को होने वाली महापंचायत में किसानों का मोर्चा संभालने के लिये वह अपने दल बल के साथ पहुॅचे। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में आने वाले किसानों की भानू प्रताप जी द्वारा विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के सैकड़ों प्रदेशों के हजारों किसानों पदयात्रा में भाग लेने पहुॅचेगे। उन्होने हुंकार भरते हुये कि इस बार भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) का किसान कार्यकर्ता बिना जल लिये पीछे नहीं हटने वाले है। 

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        मान मंदिर , श्रीमद पुष्टि मार्ग एव  भारतीय किसान यूनियन (भानु) के सयुंक्त तात्वधान में यमुना मुक्तिकरण अभियान :- यमुनोत्री के प्राकृतिक प्रवाह को पावन नगरी मथुरा-वृंदावन वापस लाने का निर्णायक अभियान है जो 2011से निरन्तर चल रहा है  । ब्रज निधि पूजनीय श्री रमेश बाबा महाराज , बरसाना हमारे मूल , प्रेरणा,शक्ति,  बल एवं विचारशक्ति हैं. वह एक सच्चे त्यागी  ही नहीं अपितु ब्रज और ब्रजवासियो के अति प्रिय संत हैं। यमुना मुक्तीकरण पदयात्रा 15 मार्च 2015 कोसी (ब्रज) से दिल्ली  : पूरे ब्रज क्षेत्र ३८०० स्क्वायर किलोमीटर के लाखों  ब्रजवासी यमुना जी को ब्रज वापस लाने के लिए  तन, मन और धन से जुटने के लिए तत्पर है । जैसे : •ब्रज के 1200 गांवों के लाखों ब्रजवासी जो श्री रमेश बाबा महाराज से जूड़े हें। •पूरे भारत भर से पुष्टि मार्ग सम्प्रदाय (जिसके भारत में लगभग 2 करोड़ अनुयायी हैं व यमुना जी जिनकी परम आराध्या हैं) | •मजबूत एवं प्रसिद्ध भारतीय किसान यूनियन (भानु) – जिसके कई लाख सदस्य हैं ।  •मथुरा-वृन्दावन के लघभग सभी पूजनीय साधू-संत  व कथा वाचक I •ब्रज के प्रथिष्ठित व विख्यात धार्मिक संस्थाएं एवं संप्रदाय जो २०१३ की यात्रा में पूर्ण रूप में साथ थे I  •ब्रज क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक व सेवान्मुखी समूह- बार काउंसिल, प्रेस काउंसिल, छात्र संघ, सामाजिक कार्यकर्ता आदि I दिल्ली, फरीदाबाद, पलवल, आगरा आदि शहरों के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, छात्र व पर्यावरण संबधी संस्थाएं |  इस पदयात्रा में तन मन और धन से पूर्ण रूप से सम्मिलित कुछ प्रमुख विभूतिया जो पदयात्रा में स्वयं चलेंगे : पूजनीय श्री रमेश बाबा महाराज , साध्वी ऋतंबरा दीदी जी , पूजनीय ग्यानानंद जी महाराज , श्रधेय पंकज बाबा , पूजनीय राजिन्द्र दास जी , श्रधेय देवकीनन्दन ठाकुर जी , श्रधेय कृष्णा चन्द्र ठाकुर जी , पूजनीय विजयकौशल जी , पुष्टि मार्ग के प्रथम पीठाधीश्वर श्री वल्लभ राय जी एवं चतुर्थ सम्प्रदाय के महंत , श्रधेय मृदुल कांत शास्त्री जी ,  श्रधेय संजीव कृष्णा ठाकुर जी , , श्री चितप्रकाशानंद जी , श्री आदित्यनाथ जी , अखंडानंद आश्रम से श्री महेशानंद गिरी जी , श्री फूलडोल जी , श्री राधाकान्त शास्त्री जी , श्री हरीश थेनुआ जी I यात्रा उत्थान समय  : 15 मार्च, 2015 , सुबह 8 बजे , स्थान: हिन्दू इंटर कॉलेज, कोसी कलां  महापंचायत           : 14 मार्च, 2015 , मीडिया के लिए समय: दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे स्थान: हिन्दू इंटर कॉलेज, कोसी कलां  यात्रा में समील्लित सभी संत महापंचायत में उपस्थित होंगे एव श्री श्री रवि शंकर जी भी पधारेंगे  तथ्य •यमुना नदी, जो हमारी अनादि सभ्यता का अभिन्न अंग है, न केवल एक पेय जल का संसाधन है, एक सांस्कृतिक धरोहर है, अपितु एक देवी हैं जिन्हें पूजा जाता है । इन्हीं के किनारे बसे हैं कई तीर्थ स्थल और तीर्थ नगरियाँ जैसे मथुरा, वृन्दावन, आगरा और प्रयागराज (इलाहाबाद) ।  इन तीर्थ नगरों का अस्तित्व ही हमेशा से यमुना नदी रही है ।  मथुरा, वृन्दावन और गोकुल जैसे तीर्थों में तो मंदिरों के विग्रहों को स्नान ही यमुना के जल से कराया जाता है ।  •दुर्भाग्यवश, यहाँ के वासी और आने वाले करोड़ों तीर्थ यात्रियों को अब तक नहीं पता था कि जिस यमुना नदी से वह जल पी रहे हैं अथवा स्नान कर रहे हैं, उसमें एक बूँद भी यमुनोत्री का जल नहीं है । उसके स्थान पर यमुना तल पर बह रहा है केवल दिल्ली का मल-मूत्र और औद्योगिक अवशिष्ट, जो अर्ध-शोधित है I इस तरह उनके श्रद्धा और विश्वास का मजाक उड़ाया जा रहा है ।  दिल्ली शहर के बाद यमुना नदी में यमुनोत्री का एक बूँद जल भी नहीं होता ।  •यमुनोत्री से कुछ दूर ही हरियाणा में हथिनी कुंड बैराज द्वारा सारा जल खींच लिया जाता है । फिर सूखे नदी तल पर दिल्ली अपना अर्ध-शोधित मल-मूत्र डालता है, जो (यमुना के स्थान पर) मथुरा, वृन्दावन और आगरा में बहता  है । यही मल-मूत्र वहाँ अपर्याप्त शोधन के बाद पेय जल के रूप में दिया जाता है I •"यमुना नदी के तटों पर रहने वाले २३% बच्चों में लेड धातु की मात्रा अधिक पायी गयी है । यह सर्वे यूनिसेफ द्वारा कराया गया जिसे टेरी जैसी विश्वसनीय संस्था ने किया I हमारे मुद्दों और मांगे : 1.हम कहते हैं, और सभी नदी विशेषज्ञ मानते  कि सभी नदियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए उनमे अति आवश्यक होता हैं पर्याप्त प्राकृतिक जल परवाह।  यही बात यमुना नदी पर भी लागो होती है। आवश्यकता है तत्काल हथिनी कुंड बैराज से पर्याप्त प्राकृतिक जल परवाह छोड़ने की।  इस परवाह को यमुना जी के पूरे विस्तार में बहने दिया जाए। चित्र 2 देखें) . इसके बिना नदी को शुद्ध करने का कोई उपाय / शोधन क्रिया काम नहीं करेगी. विडंबना यह है कि पर्याप्त प्राकृत जल परवाह की बात आज तक सभी कर चुके है पर लागू कोई नहीं कर पाया।  भारत के लघभग सभी नदी सम्भंदित  विभाग यह कह चुके है जैसे :हाई पावर कमेटी - भारत के सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इंटर मंत्रालयी समूह, WQAA - भारत की जल गुणवत्ता मूल्यांकन प्राधिकरण, पर्यावरण एवं वन मंत्रिय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, दिल्ली जल बोर्ड, सचिव (यूडी) MoUD तहत समिति,दिल्ली में प्रदूषण पर श्वेत पत्र, प्रो अबसार अहमद काजमी (आई आई टी - विशेषज्ञ) 2.मल  मूत्र और औद्योगिक रसायनो का कितना भी उपचार हो, उनसे नदी में प्राकृतिक जल  के गुण नहीं आ सकते .  नई दिल्ली( जो की यमुना के ७० %  पदूषण का जिम्मेदार है ) में बहुप्रचारित और महंगा इंटरसेप्टर सीवेज परियोजना  पूरे होने पर भी "सी वर्ग" यानी  स्नान गुणवत्ता (बायोकेमिकल ऑक्सीजन मांग (बीओडी) 3mg / एल) जल नहीं मिलेगा।  इसलिए, यमुना नदी तल में किसी भी सीवेज (प्रदूषण शोधित या अशोधित )  कोई प्रवाह होना चाहिए. वर्तमान में दिल्ली में यमुना नदी तल को केवल मल मूत्र को आगरा नहर तक पहुचाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.हमारी दूसरी मांग है की दिल्ली में यमुना के सहारे सहारे एक नाला का निर्माण हो जिसमे सारे नाले गिरे जो अभी यमुनाजी में गिरते है. यह, परियोजनाय सरकार द्वारा ही बनाई गयी थी।  इससे यमुनाजी का अधिकाँश पदूषण दूर हो जाएगा।  जो काम अभी यमुना ताल से किया जारहा है, वह काम यह नया नाला करेगा।   2013 में एक यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा वृन्दावन से दिल्ली 10 दिनों में आई थी जिसमें  लगभग 100,000 ब्रजवासियों और भक्तों ने भाग लिया था  और सभी प्रमुख नेशनल अंग्रेजी और हिन्दी टीवी समाचार चैनलों और प्रिंट मीडिया में कई दिन छाई रही थी | यात्रा की मांगो को  विपक्षी  दल - भारतीय जनता पार्टी का पूर्न समर्थन मिला था | श्रीमती सुषमा स्वराज जी ने लोक सभा में और श्री रवि शंकर प्रसाद जी ने राज्य सभा में इन्हीं मांगो को बहुत जोर से उठाया था | सुश्री उमा भारती जी, जो आज जल संसाधन मंत्री हैं, ने यात्रा में आकर उसकी मांगों को दोहराया   था | आज 2015 मे यह अभियान बहुत बडा स्वरूप ले चुका हें I लगभग रोज उत्तर प्रदेश, गुजरत और मध्य प्रदेश में सभाएं हो रही हैं | यह अभियान उत्तर प्रदेश के अधिकतर जिलों  में प्रभावशाली हो गया है  और नोजवानों  को आकर्षित कर रहा है | उत्तर प्रदेश में यमुना का मुद्दा जल का नहीं अपितु धर्म  और संस्कृति का है | यमुना मुक्तिकरण अभियान केवल देश ही नहीं, यूरोप, अमेरिका और अरब देशों में भी फैला हुआ है। विदेश में रह रहे भरतीय मूल के नागरिकों द्वारा यमुना मुक्तिकरण अभियान के  1,25,000 याचिकाओं पर हस्ताक्षर किये जा चुके है। इस अभियान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानीय मीडिया का समर्थन भी सक्रिय रूप से मिल रहा है । राष्ट्रीय मीडिया इस बार विशेष रूचि लेगा क्योंकि इस बार भारतीय जनता पार्टी के हाथ में निर्णय है । यह पदयात्रा इस दृढ निश्चय के साथ की जा रही है कि जब तक यमुना जी का शुद्ध जल संपूर्ण यमुना तल पर प्रवाहित नहीं होगा तब तक पदयात्रियों का कीर्तन व धरना अनवरत जारी रहेगा । यमुना जी को वापस मथुरा, वृन्दावन लाने के लिये कोई तकनिकी प्रक्रिया की नहीं अपितु एक प्रबल राजनीतिक संकल्प की आवश्यकता है| केन्द्रीय सरकार यमुना के जल की निर्मलता, पुष्टिकर्ता एवं पर्यावरणिक गुणवत्ता बनाय रखने के लिये निश्चित ऑर्डर / डायरेक्शन जारी कर सकती है और भारतीय संविधान इसका समर्थन करता है | आप भी इस पावन कार्य में सहयोग कीजिये और यमुना जी को पुनः ब्रज में वापिस लाईय जो उनकी एह्चान है।   ब्रज से ही यमुना है। यमुना से ही ब्रज है।

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डाककर्मी हड़ताल के दौरान गोवर्धन। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के राष्ट्रीय आव्हान पर भारत के साथ साथ गोवर्धन क्षेत्र के सभी ग्राम डाक सेवक और ग्रामीण ब्रांच के पोस्ट मास्टर अपनी मांगों को लेकर आज से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गये है। त्रिसूत्रीय मांगों को आज क्षेत्र में सभी ग्रामीण ब्रांच डाक घरों में कामकाज पूरी तरह बन्द रहा। हड़ताल पर गये ग्राम डाक सेवक और ग्रामीण ब्रांच के पोस्ट मास्टरों की मांग है कि भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी ग्राम डाक सेवक और ग्रामीण ब्रांच के पोस्ट मास्टरों को नियमित करे। सरकार सभी ग्राम डाक सेवक और ग्रामीण ब्रांच के पोस्ट मास्टरों को 7वें वेतन आयोग में शामिल करे एवं 65 साल की उम्र तक कार्य करने के बावजूद इन्हें कोई विभागीय सुविधा नहीं मिल रही उसे दिलवाया जाये। ग्राम डाक सेवक और ग्रामीण ब्रांच के पोस्ट मास्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगेें नहीं मानी जाती तब तक वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। आज अचानक ही ज्याॅइन्ट एक्शन कमेटी का गठन कर अजय सिंह को उसका अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उपाध्यक्ष ब्रजबिहारी शर्मा ने इस मौके पर हड़ताल कार्यक्रम का संचालन किया। इस मौके पर शामिल कर्मचारीगण कन्हैया लाल शर्मा, सियाराम, महेश चन्द्र, गिरिराज किशोर, मनोज कुमार, हरदयाल, विष्णु कुमार, दिनेश कुमार, भवानी शंकर, विनोद कुमार आदि शामिल थे।

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राया। थाना क्षेत्र अंतर्गत एक ट्रैक्टर ने बाइक में टक्कर मार दी जिससे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये तथा एक पांच वर्षीय बालक की मौत हो गयी।  मिली जानकारी के अनुसार रितेश (5) पुत्र वीर बहादुर सिंह निवासी नगला पिरसुआ थाना बल्देव बाइक पर बैठकर गांव के ही अशोक व रामू निवासी फिरोजाबाद के साथ नगला पिरसूआ के साथ जा रहा था। तभी नगला पिरसुआ राया गांव कोयल के पास तेज गति से आते ट्रैक्टर ने बाइक सवार तीनों में टक्कर मार दी। जिससे अशोक और रामू गंभीर रूप से घायल हो गये और पांच वर्षीय रितेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बालक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस संबंध में मृतक बालक के पिता ने ट्रैक्टर चालक पीके पुत्र बसंत लाल निवासी बिरहना बिचपुरी राया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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मथुरा। कस्बा फरह स्थित फराह देवी मंदिर पर कल रात्रि चोरी करने आये दो चोरों को पुजारी और क्षेत्रीय लोगों ने पकड़ लिया। लोगों ने पकड़े चोर को स्थानीय पुलिस को सूचना देकर उन्हें सौंप दिया।  मिली जानकारी के अनुसार कस्बा फरह स्थित फराह देवी मंदिर के अंदर कल रात्रि करीब एक बजे चोर आ गये और वहां रखे सामान को चुराने लगे। चोरों ने मंदिर से दो घंटा, पंखा तथा एक मोटर चुरा ली और भाग रहे थे। तभी आवाज होने पर मंदिर के पुजारी की आंख खुल गयी। पुजारी ने चोरों को भागते देखा तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया तभी वहां लोगों की भीड़ इकटठी हो गयी और लोगों ने चोरों को पकड़ लिया। इनके पास से मंदिर के दो घंटा, पंखा और मोटर लोगों ने बरामद कीं। क्षेत्रीय लोगों ने दोनों चोरों की जमकर मजामत की और पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पंहुच गयी और दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गये लोगों में विक्रम रूलखो निवासी मकदूम फरह और मुकेश निवासी सरकारी अस्पताल के पास दीनदयाल धाम फरह हैं। बताते हैं कि पकड़े गये चोर नशे के हालत में थे और चोरी करते हुए पकड़े हैं।

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