मथुरा

मथुरा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का सर्वे किया और यहां होने वाली गंदगी तथा ट्रीटमेंट प्लांट के बारे में भी टीम ने बारीकी से जांच की। टीम में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एमसी मेहता, राहुल शुक्ला तथा यू0 राम सिंह जाॅइंट डायरेक्टर सेन्ट्रल बोर्ड तथा स्वामी जीडी अग्रवाल ने जतीपुरा स्थित गिर्राज मुखार बिन्द पर चढने वाले दूध से आने वाली बदबू के स्थायी समाधान के बारे में कहा। श्री अग्रवाल गोवर्धन में होने वाली गंदगी के बारे में अपनी रिपोर्ट सर्वे टीम को देंगे। सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग जतीपुरा एवं राधाकुण्ड का टीम के लोगांे द्वारा बारीकी से सर्वे किया गया और यहां स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए कहा गया। ज्ञात रहे कि जतीपुरा स्थित मुखार बिंद मंदिर में भक्तों द्वारा चढाया जाने वाला दूध परिक्रमा मार्ग स्थित शमशान पर इकट्ठा होता है और यहां काफी समय से इकटठा हो रहे दूध के चलते दूध सड़ जाता है जिससे परिक्रमा मार्ग में भयंकर बदबू आती है। एनजीटी टीम ने इसको गंभीरता से लेते हुए इसका समाधान कराये जाने को कहा और आश्वस्त किया कि परिक्रमा मार्ग में गिर्राज जी के सहारे पड़ी गंदगी को खत्म किया जायेगा। टीम ने पूरे परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया और इस पर वे अपनी रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को सौंपेंगे।

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शंख की ध्वनि, ढोलक की ताल, हारमोनियम का स्वर और इसके साथ मेघों की गर्जना कुछ इस तरह के वातावरण में आगाज हुआ यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा का। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा 15 मार्च को सुबह 12 बजे तेज बरसात के बावजूद कोसीकलाँ अनाज मण्डी से प्रारम्भ हुयी। जब यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा ने कोसी से दिल्ली की ओर रूख किया तो नजारा देखने योग्य था। हजारों पदयात्रियों की किलो मीटर लम्बी कतार एक जन सुनामाी का आभास करा रही थी जो शनैः शनैः दिल्ली की ओर बढी जा रही है। विरक्त संत श्री रमेश बाबा महाराज ने कोसीकलाँ अनाज मण्डी पहुॅच यात्रा की अगुवाई करते हुये यात्रा को हरी झण्डी दिखाई। इस मौके पर पुष्टिमार्ग के आचार्य श्री सूरत से आये वल्लभ राय जी महाराज, चतुःसम्प्रदाय श्री महन्त फुलडोल दास महाराज, महामण्डलेश्वर श्री चितप्रकाशानन्द, यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री, भाकियू भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह, उत्तरप्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री चै. लक्ष्मीनारायण, भागवत व्यास देवकी नन्दन ठाकुर जी, चतुर्वेदी गोपाल पीठ के श्री पुरूषोत्तम महाराज, कथाव्यास मृदुलकान्त शास्त्री, एम.एल.सी लेखराज सिंह, विधायक पूरन प्रकाश, कांग्रीसी नेता कुंवर नरेन्द्र सिंह, विशेष तौर पर उपस्थित रहे।    विरक्त संत श्री रमेश बाबा महाराज ने यात्रा के प्रारम्भ में सम्बोधन करते हुये कहा कि इस बार की पदयात्रा का लक्ष्य केवल शुद्ध यमुनोत्री का जल प्रवाह ब्रज में लाना है और इस उद्देश्य की पूर्ति में जितनी भी कठिनाईयाँ उनका सामना करते हुये हरिनाम संकीर्तन के बल पर सभी को आगे बढना है। आप सभी को निश्चित सफलता मिलेगी और यमुना जी ब्रज में आकर ही रहेगी। इसलिये पदयात्रा प्रारम्भ करो और लक्ष्य प्राप्ति तक अनवरत प्रयास करते रहे।  यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री एवं भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने पदयात्रियों और कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि हमें अनुशासन का पूर्ण ध्यान रखना है। उन्होने पदयात्रियों को यात्रा के नियम और रूपरेखा के विषय में बताते हुये सभी पूरी शान्ति और अनुशासन के साथ हरिनाम लेते हुये आगे चलने को कहा। पदयात्रा में प्रसिद्ध भागवताचार्य श्री देवकी नन्दन जी महाराज, श्री कृष्ण सलिल जी महाराज, आचार्य श्री बद्रीश जी, श्री मृदुल कान्त शास्त्री जी, श्री पंकज शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा एक आध्यात्मिक पदयात्रा को श्री यमुना जी के ब्रज में पुनः आगमन हेतु की जा रही है इसमें सम्मिलित प्रत्येक व्यंिक्त सम्मानिय है । यह महायज्ञ है जिसमें प्रत्येक पदयात्री अपनी आहूति दे पुण्य भागी बन रहा है।   चतुः सम्प्रदाय श्रीमहन्त फुलडोल बिहारी जी महाराज, महामण्डलेश्वर श्री चित्प्रकाशानन्द जी महाराज, पनकी मन्दिर के महन्त पूज्य श्री जितेनदास जी महाराज ने कहा कि श्री यमुना जी श्री कृष्ण की पटरानी है उनकी सेवा के लिये की जा रही यह पदयात्रा महायज्ञ है।  अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ, राष्ट्रीय संगठन मंत्री कुंवर नरेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय सलाहकार डी.पी चतुर्वेदी ,प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी, ने कहा कि मर जायेगे मिट जायेगे पर इस बार यमुना जल लिये बिना पीछे नहीं हटेगें।   इस अवसर पर भाकियू भानू के राष्ट्रीय राजेन्द्र शास्त्री जी, भाजपा नेता तरूण सेठ, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ धर्मवीर अग्रवाल, छाता चैयरमैन जगपाल सिंह, कोसी के चेयरमैन भगवद् प्रसाद रोहेला,वीर गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुक्खी सिंह, श्री रमेंशकृष्ण शास्त्री,  भाकियू भानू के उत्तराखण्ड प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा , अजय सिकरवार, सुरेन्द्र प्रधान, जिला संयोजक पंकज चतुर्वेदी, महेन्द्र राजपूत, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, रमेश सिकरवार, गिरधारीलाल, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।  पदयात्रा का जगह जगह हुआ भव्य स्वागत  यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा का स्थानीय लोगों द्वारा जगह जगह भव्य स्वागत किया गया। फूल मालाओं एवं पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का स्वागत किया गया साथ ही स्वागत कर्ताओं द्वारा पदयात्रियों को चाय, बिस्किट, नमकीन और फलाहार भी दिया गया। कोटवन बार्डर पर पूज्य श्री मौनी बाबा और उनके अनुयायियों द्वारा पदयात्रियों का स्वागत किया गया। पदयात्रा में साधु-सन्तों का माल्यार्पण एवं पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया इसके बाद पदयात्रियों का हरियाणा में प्रवेश के बाद हताना ग्राम के भूरा प्रधान द्वारा पदयात्रियों पर पुष्पवर्षा व फलाहार द्वारा पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। करमन बार्डर पर प्रवेश करते ही हाथीन के विधायक केहरी सिंह ने अपने समर्थकों की भारी भीड के साथ यात्रा में स्वागत कर सम्मिलित हुये। होडल में यात्रा के प्रवेश करते ही डबचिक चैराहे पर होडल के चैयरमैन जयसिह ने अपने सैकडो समर्थकों के साथ यमुना यात्रा का भव्य स्वागत किया और यात्रा में शामिल होने का संकल्प लिया।  ब्रजवासियों से आज फिर हारे मेघ, यमुना भक्तों के आगे  मौसम की एक न चली कहते है कि भक्ती और श्रद्धा की भी एक दिन कसौटी पर खरा उतरना होता है। हर भक्त के मन में उसके ईष्ट के प्रति कितना अगाध विश्वास है इसकी परीक्षा प्रतिकूल और विषम परिस्थितियों में होती है और उसी कसौटी पर खरा उतरकर वह भक्त परम पद को प्राप्त करता है। 14 मार्च को यमुना भक्तों की महापंचायत हुयी मेघों का रंग श्वेत से श्यामल होता गया पर भक्तों का हृदय में तनिक भी शंका उत्पन्न नहीं हुयी महापंचायत की दोपहर में मेघों ने अपने नीर से यमुना भक्तों विचलित करने की कोशिश की परन्तु फिर भी भक्त नहीं हटे महापंचायत सम्पूर्ण हुयी। गुस्साये मेघों ने शनिवार की शाम को अपना रूप दिखया और कोसी में ठहरे यमुना भक्तों के पडाव स्थल को जल मग्न करने लगा परन्तु उसकी यह चाल भी काम नही। मौसम ने बेईमानी करते हुये पदयात्रियों का पण्डाल और रावटियों को गिरा दिया जो बची उनमें भक्त खडें होकर पानी से बचने की कोशिश कर रहे थें। यमुना मुक्तिकरण अभियान के कार्यकर्ताओं द्वारा सक्रियता दिखाते हुये पदयात्रियों को जल्द ही रात्रि में ही ट्रकों और बसों के माध्यम से कोसी की धर्मशालाओं और गैस्ट हाउसों में ठहरवाया। उम्मीद थी कि इन्द्र देवता कल यानि 15 मार्च की ऐतिहासिक घड़ी को कृपा करेगें और यह भी उम्मीद थी कि श्री यमुना तात सूर्य देवता अपने दर्शन दे । परन्तु ब्रजवासियों और यमुना भक्तों के इम्तिहान अभी खतम नहीं हुआ। सुबह आँख खुलते ही घनघोर श्यामल मेघ मुस्कारते नजर आये। हजारों पदयात्री दिल्ली कूच के लिये बेशब्री से इन्तजार कर रहे थे। उन्हे मौसम की मेहबानी का इन्तजार भारी पड़ रहा था। इसलिये यमुना मुक्तिकरण पदयात्रियों बरसते हुये पानी में ही अपनी यात्रा दिल्ली की ओर कूच कर दिया। प्रशासन को बरसती बरसात उनकी परेशानियों को कम करने वाला मरहम लग रही थी परन्तु अपने इरादे के पक्के यमुना भक्तों ने किसी भी विषम परिस्थिति की कोई चिन्ता न करते हुये श्यामल मेघों की आंखों में आंखे डाल हजारों पदयात्रियों का काफिला पदयात्रा करते हुये आगे बढने लगा। मेघों की गर्जना यमुना मैया के जयकारों के सामने फीकी पड रही थी। शायद इन्द्र को भी यमुना मुक्ति के इस अद्भुत और अद्वितिय यज्ञ में जा रहे पदयात्रियों की तपस्या से डर लगने लगा था। तभी पूरी यात्रा के दौरान वह जल की वर्षा करता रहा।  देखने लायक था पदयात्रियों का उत्साह   भारी जल वर्षा के बीच दिल्ली की ओर बढते यमुना पदयात्रियों का उत्साह देखने लायक था। जिस मौसम में सामान्य लोग गरम पकौड़ी की घर में आराम बैठ मांग करते है। उस मौसम में पदयात्री भीगते हुये आगे बढ रहे थे। मानों ऐसा लग रहा है कि पदयात्रियों के शरीर पर पड़ने वाली एक एक बूंद उनमें एक नई शक्ति का संचार कर रही थी। जैसे जैसे वारिश का वेग बढ रहा था वैसे वैसे पदयात्री और अधिक रोमान्चित हो हरिनाम संकीर्तन पर थिरकने लगे। नृत्य करती ब्रजबालायें वातावरण में अलौकिक आनन्द घोल रही थी। वेदपाठी ब्राह्मण बालकों के मंत्रोच्चारण व शंखनाद  पदयात्रियों को बल प्रदान कर रहे था। हजारों पदयात्रियों की कतार एक जनसमुद्र का आभास करा रही थी।  हाथ - पैर से विकलांग पदयात्रि वे भी  यमुना की पीर आज समस्त यमुना भक्तों को आहत किये हुये। यमुना मुक्तिकरण पदयात्री में ऐसे पदयात्री भी सम्मिलित है जो हाथ पैर से विकलांग है फिर भी बडी उत्साह और उमंग के साथ पदयात्रा में आगे बढ रहे है।  घोडि़यों के नृत्य रहा पदयात्रियों का आकर्षण   यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चल रही घोड़े पदयात्रा में आकर्षण का केन्द्र रहे। घोडियों द्वारा किया गया नृत्य लोगो को खूब लुभा रहा है। भजन संकीर्तन की धुन पर नाचती घोडि़या माहौल को और अधिक रोमान्चक बना रही है।  पदयात्रा में हुयी पटेबाजी, लठ्ठबाजी ने लुभाया पदयात्रियों का मन  यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में युवाओं द्वारा लठ्ठबाजी और तलवार बाजी कर पदयात्रा में सम्मिलित सभी ब्रजवासी और किसानों के मन को लुभाया। युवाओ द्वारा अपने कौशल द्वारा लठ्ठबाजी का अद्भुत नजारा प्रस्तुत किया।  रात्री में पदयात्रियों ने रासलीला का आनन्द  पदयात्रा के 15 मार्च के पड़ाव स्थल होडल के त्यागी मोर्डन स्कूल में रहा। पदयात्रियों के मनोंरंजन के लिये यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा रासलीला का आयोजन किया गया। रास लीला सांय 7 बजे से प्रारम्भ हुयी।   

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मथुरा। वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति मथुरा का होली मिलन समारोह महाविद्या रामलीला मैदान के पास साधना स्थल में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  गोपाल प्रसाद प्रेस वाले द्वारा की गई तथा श्रीमती मनीषा गुप्ता अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मथुरा एवं प्रसिद्व साहित्य व शिक्षाविद् मोहन स्वरूप भाटिया मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम का प्रारम्भ श्री राधाकृष्ण के विग्रह पर माल्यापर्ण एवं द्वीप प्रज्वलन के साथ किया गया। रामनाथ सारस्वत ने गणेश वन्दना एवं नरेन्द्र मोहन सक्सैना ने ईश वन्दना प्रस्तुत की। हास्य परिहास के मध्य माधव चतुर्वेदी, शैलेन्द्र कुलश्रेष्ठ, आरसी भाटिया, रतन लाल वाष्र्णेय, सुरेश गौतम, हरीश चन्द्र धनगर, एचआर सगर, पीएल शर्मा, पायल सक्सैना द्वारा काव्य पाठ किया गया। कु0 भूमिका पाराशर तथा अस्मिता पाराशर के ग्रुप ने होली के लोकगीतों पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया व लठामार होली का प्रदर्शन किया और दर्शकांे झूमने पर मजबूर कर दिया। समिति द्वारा आयोजित ‘‘हम कौन है, हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है’’ विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता के प्रतियोगियों को पुरूस्कृत किया गया। प्रथम पुरूस्कार घनश्याम पाण्डेय, द्वितीय पुरूस्कार श्रीमती माया गर्ग, तृतीय पुरूस्कार सतीष चन्द्र अग्रवाल को तथा सभी अन्य प्रतिभाागियों को सांत्वना पुरूस्कार देकर सम्मानित किया गया। निर्णायक श्रीचन्द्र भूषण मिश्रा थे। इस अवसर पर श्रीमती मनीषा गुप्ता अध्यक्ष पालिकाध्यक्षा मथुरा द्वारा गोविन्द नगर में 24 न0 ट्यूबैल के निकट वरिष्ठ नागरिकों के लिये डे केयर सैन्टर निर्माण किये जाने की घोषणा की, जिसमें वरिष्ठ नागरिकांे के लिये उपयोगी सुविधायें भी उपलब्ध कराई जायेंगी। संस्था के महासचिव जगदीश अस्थाना द्वारा समिति द्वारा किये गये कार्यों व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया तथा अध्यक्ष नन्द किशोर, वार्ले वालों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एस0एस0 जौहरी द्वारा आगन्तुकों को होली की शुभकामनायंे दी गई।

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मथुरा। उप परियोजना निदेशक आत्मा ने अवगत कराया है कि गोविन्द वल्लभ पंत कृषि एंव प्रौधौगिक विश्वविद्यालय पन्त नगर ऊधम सिंह नगर उत्तराखण्ड में दिनांक 13 मार्च 2015 से 16 मार्च 2015 तक कृषि कुम्भ नाम से अखिल भारतीय मेला एंव कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, इस मेले में कृषि तथा कृषि से संबंध विभागों के अधिकारी स्वंय एंव अधिक से अधिक किसानों को प्रतिभाग कराने का अनुरोध किया गया है इस मद में आत्मा योजनान्तर्गत धनराशि उपलब्ध न होने एंव अन्र्तराज्जीय कृषक पूर्व में आयोजित कराये जाने के कारण कृषकों को भेजने की व्यवस्था आत्मा योजना द्वारा किया जाना सम्भव नहीं है। प्रगतिशील कृषक स्वंय प्रतिभाग करने का कष्ट करें।  

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मथुरा। आगरा में आयकर विभाग द्वारा विगत दिवस मारे गई छापें मार कार्यवाही के बाद आज आयकर विभाग की करीब आधा दर्जन अधिकारियों की टीम ने शहर के चैैक बाजार क्षेत्र में एक स्वर्णकार के यहाॅ पहुंच कर छापेमार कार्यवाही की। आयकर टीम आने की सूचना से शहर के उधोगपतियों में खलवली मंच गयी। वहीं चैक बाजार क्षेत्र के सर्राफ अपनी दुकानें के शटर गिराकर भाग खड़ें हुूए। इस दौरान स्थानीय पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद रहीं। टीम की यह कार्यवाही करीब तीन घंटें तक की गई। इस दौरान आयकर से सम्बन्धित वहीं खातों की जाॅच की गई वहीं सूत्रों का कहना है कि लाखों रूपयें की कर चोरी पकड़ में आने का अनुमान हैं। समाचार लिखें जाने तक आयकर विभाग की कार्यवाही जारी थी। वहीं आगरा से भी सर्राफ एसोसियेशन के पदाधिकारी भी आयकर कार्यवाही के दौरान मौजूद रहें।

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मथुरा। कोई भी कार्य बिना भगवद् कृपा और सन्तों के आशीर्वाद के बगैर संभव नहीं है। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सन्तों का आशाीर्वाद भी और हरिनाम संकीर्तन का बल भी। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा को लेकर वृन्दावन में साधु - सन्तों की बैठक हुयी। गोरे दाऊ जी आश्रम के चतुः सम्प्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद् के अध्यक्ष पूज्य श्री प्रह्लाद दास जी महाराज की अध्यक्षता में सभा की गई। जिसमें यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सम्मिलित होने की तैयारियों पर चर्चा की गई। श्री प्रह्लाद दास जी महाराज ने कहा कि यमुना सनातन धर्म का अभिन्न अंग है और धर्म की रक्षा करना सभी संतो का परम कर्तव्य है। इसलिये पदयात्रा में सभी सन्तों की भारी संख्या में सम्मिलित होना परम आवश्यक है। उपस्थित सभी पूज्य संतों द्वारा इस मत का अनुवोदन किया गया। इस अवसर पर पूज्य संत श्री हरिबोल बाबा महाराज, पूज्य श्री रामस्वरूप दास जी महाराज, महन्त प्रेमदास जी शास्त्री, पूज्य श्री गौर गोपाल दास जी, महन्त श्री सच्चिदानन्द दास जी महाराज, पूज्य श्री भक्त माल दास जी आदि उपस्थित थे। 

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