मथुरा

बॉलीवुड अदाकारा प्रीति जिंटा के मौसेरे भाई ने अपने आप का पिस्टल से गोली मारकर आम्तहत्या कर ली। उन्होंने न्यू शिमला में पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। नितिन अभिनेत्री प्रीति के मौसेरे भाई और हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजट के भांजे थे। पुलिस को इस बात की खबर लगते ही जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने गाड़ी से सुसाइड नोट भी बरामद किए हैं। जिसमें नितिन ने ससुराल वालों पर आत्महत्या करने इल्जाम लगाया है। पुलिस ने ससुराल वालों पर नितिन को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। सुसाईड नोट के अनुसार नितिन ने अपने ससुराल वालों पर खुद को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है जिसकी वजह से उसे ये फैसला लेना पड़ा। इसके अलावा पुलिस ने जांच करते हुए सुसाईड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस को इस मामले में कार के अंदर सीट से चली हुई बुलट और पिस्टल भी बरामद हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार पिस्टल मेड इन इंडिया बताई जा रही है। फिलहाल अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि उसका लाइसेंस किसके नाम है।         साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । पूर्व भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया के मौजूदा प्रदर्शन पर खुशी जताई है। द वॉल और मिस्टर भरोसेमंद के नाम से मशहूर द्रविड़ ने कहा कि टीम इंडिया शानदार लय में है और उसमें विदेशी धरती पर सीरीज जीतने की क्षमता है। द्र्रविड़ ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मैं भारतीय टीम में बेहतर प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से बेहद प्रभावित हूं। पुराने खिलाडय़ों के संन्यास लेने के बाद नए प्रतिभाशाली खिलाडय़ों ने बहुत तेजी से इस खालीपन को भरने का काम किया है।    उन्होंने अपने प्रदर्शन में निरंतरता रखते हुए टीम को सफलता दिलाई है। टीम इस समय एक इकाई के रूप में खेल रही है जो जीत के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। मध्यक्रम के बल्लेबाजों के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए यह भरोसा जगता है कि टीम विदेशी जमीन पर भी सफलता के झंडे गाडऩे में सक्षम है।  किसी भी टीम में यदि मध्यक्रम में स्थायित्व है और खिलाडय़ों को यह भरोसा हो जाए कि उनका स्थान सुरक्षित है तो इससे खिलाडय़ों के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और यह टीम के लिए फायदेमंद है। टीम के खिलाड़ी शानदार लय में है। टीम को अपनी मेजबानी में कई टेस्ट सीरीज खेलनी है और खिलाडिय़ों के पास अपनी क्षमता दिखाने के बहुत से अवसर उपलब्ध रहेंगे।    चेतेश्वर पुजारा के बारे में द्रविड़ ने कहा कि मेरे संन्यास लेने के बाद पुजारा ने नंबर तीन की भरपाई बखूबी ढंग से की है। वे अच्छी तकनीक के धनी होने के साथ उम्दा बल्लेबाज हैं और इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन उन्हें नई ऊंचाईयां प्रदान करता है। वे पूर्ण रूप से एक टेस्ट खिलाड़ी हैं। द्रविड़ ने माना कि उन्हे जिस गेंदबाज का सामना करने में सबसे ज्यादा कठिनाई महसूस हुई वह ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा थे। द्रविड़ ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया मेरी पीढ़ी की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट टीम थी, लेकिन महानतम तेज गेंदबाज जिसके खिलाफ मैं खेला, वे ग्लेन मैकग्रा हैं। द्रविड़ ने 164 टेस्ट में 13288 रन बनाए थे। द्रविड़ ने कहा कि कि मैकग्रा बेहतरीन गेंदबाज थे, ऑफ स्टंप को लेकर मेरी समझ को किसी ने उतनी चुनौती नहीं दी जितनी मैकग्रा ने दी। वे मुझे कोई मौका नहीं देते थे। उनकी सटीकता का कोई जवाब नहीं था। मैकग्रा के पास अच्छी गति और उछाल ही नहीं बल्कि खेल को लेकर अच्छी समझ भी थी। मैकग्रा संभवत: महानतम तेज गेंदबाज थे जिनके खिलाफ मैं खेला। मैकग्रा खेल के महानतम क्रिकेटरों में शामिल रहे जिन्होंने 124 टेस्ट में 563 विकेट जबकि 250 वनडे में 381 विकेट चटकाए।         साभार-khaskhabar.com  

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अमृतसर । स्वर्ण मंदिर और जलियांवाला बाग के लिए पंजाब के प्रसिद्ध अमृतसर में शनिवार से दो दिवसीय हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस शुरू होने जदा रहा है। इस कॉन्फ्रेंस से इतर भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ रहे तनाव को लेकर बातचीत की संभावना जताई जा रही थी। मगर जानकारों का कहना है कि अब दोनों देशों के बीच वार्ता मुमकिन दिखाई नहीं दे रही है। साथ ही आतंकवाद को बढ़ावा देने की वजह से पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए भारत और अफगानिस्तान साथ मोर्चा संभालेंगे। आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेरने का भारत और अफगानिस्तान के पास यह बेहतरीन मौका होगा। इस सम्मेलन के लिए शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना इसलिए भी नहीं बनती है कि पाकिस्तान ने इसके लिए निवेदन नहीं किया है, और जब पाकिस्तान ऐसा नहीं करेगा, भारत आगे नहीं बढ़ेगा। दूसरा, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो कड़ा रुख अख्तियार किया है, उसके बाद द्विपक्षीय वार्ता की संभावना क्षीण ही नजर आती है।ऐसी संभावना है कि कॉन्फ्रेंस में भारत और अफगानिस्तान मिलकर आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को अलग-थल करने की तैयारी में है। भारत ने उरी में सैन्य ठिकाने पर हमले के बाद पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने करने का आह्वान किया था और हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में उसी दिशा में अपना प्रयास जारी रख सकता है। भारत की इस कोशिश में अफगानिस्तान का भी पूरा साथ मिलेगा, क्योंकि वह भी खुद को पड़ोसी देश की जमीन से प्रायोजित आतंकवाद का शिकार बताता रहा है। पाकिस्तानी सरजमीं से चल रहे आतंकवादी संगठनों ने अफगानिस्तान में हमले तेज कर दिए हैं। भारत सैन्य बेस पर आतंकी हमलों का मुद्दा उठाएगा। अफगानिस्तान हार्ट ऑफ एशिया- इस्तांबुल प्रोसेस की सालाना बैठक में बाध्यकारी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे के लिए गहरा दबाव बना सकता है।  हार्ट ऑफ एशिया- इस्तांबुल प्रोसेस युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान को बदलाव के दौर में उसकी मदद के लिए गठित किया गया एक मंच है। चौदह सदस्य देशों के शीर्ष अधिकारी आतंकवाद समेत इस क्षेत्र के समक्ष मौजूद अहम चुनौतियों पर चर्चा करने तथा अफगानिस्तान में स्थायी शांति एवं स्थायित्व लाने के तौर तरीके ढूढऩे के लिए बैठक करेंगे।रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति असरफभ घनी संयुक्त तौर पर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरतजा अजीज भी सम्मेलन में रविवार को शामिल होंगे। इससे पहले पीएम मोदी आज अमृतसर पहुंचेंगे। जहां वह कतर के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री शेख अब्दुल्लाह बिन नासेर बिन खलीफा अल-थानी से वार्ता करेंगे। विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के बीमार होने की वजह से उनकी अनुपस्थिति में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई वित्तमंत्री अरुण जेटली करेंगे। सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि इस मौके पर भारत-पाक द्विपक्षीय वार्ता होती है या नहीं। हालांकि अजीज की अमृतसर यात्रा से पहले ही भारत कह चुका है कि वह पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सीमापार आतंकवाद की निरंतरता को ‘नई सामान्य स्थिति’ के रूप में कभी स्वीकार नहीं करेगा। उसने स्पष्ट किया कि निरंतर आतंकवाद के माहौल में वार्ता नहीं हो सकती। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिख समुदाय के इस प्रसिद्ध पवित्र शहर में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सभी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि भागीदार देशों, समर्थक देशों और संगठनों के प्रतिनिधि स्वर्ण मंदिर का दौरा करेंगे जिनमें चीन, ईरान, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं।आतंकवाद, चरमपंथ और गरीबी से निबटने के लिए अफगानिस्तान और इसके पड़ोसी देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए 2011 में शुरू की गई पहल में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अजरबैजान, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और संयुक्त अरब अमिरात (यूएई) शामिल हैं।          साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट विज्ञापनों में बिना अनुमति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर इस्तेमाल किए जाने के मामले में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो सिर्फ 500 रुपये का जुर्माना भरकर बच जाएगी। राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों और नामों के गलत इस्तेमाल को लेकर बने 1950 के कानून के तहत इस मामले में इतने ही जुर्माना के प्रावधान है। आप याद दिला दें कि रिलायंस जियो के विज्ञापन में पीएम की तस्वीर छापे जाने का राजनीतिक दलों ने जमकर विरोध किया था। किसी निजी कंपनी के विज्ञापन में बिना अनुमति के प्रधानमंत्री की तस्वीर छापे जाने को राजनीतिक दलों ने असंवैधानिक बताते हुए विरोध जताया था।   सरकार को नहीं मिली शिकायत इधर, विज्ञापनों में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के इस्तेमाल किए जाने को लेकर सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एक लिखित जवाब में लोकसभा में बताया, ‘इस बारे में पीएम मोदी के ऑफिस की ओर से कोई अनुमति जारी नहीं की गई।’ जबकि इस पूरे मामले में रिलायंस जियो ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज शेखर के सवाल के जवाब में राठौड़ ने कहा कि सरकार को इस बात की जानकारी थी कि रिलायंस जियो ने पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल अपने विज्ञापन में किया है।   संसद में विपक्षी नेताओं के सवालों के जवाब में राठौड़ ने कहा कि उपभोक्ता मामलात, खाद्य एवं सार्वनिजक वितरण मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों और नामों के गलत इस्तेमाल के मामलों की निगरानी की जाती है। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि कंपनियों द्वारा पीएम मोदी की तस्वीर के गलत इस्तेमाल को लेकर विभाग को अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। एक अधिकारी ने कहा कि यदि विज्ञापन में किसी भी तरह से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो जरूरी कदम उठाएंगे। इन चिह्नों और नामों के इस्तेमाल से पहले जरूरी है अनुमति कानून के सेक्शन-3 के मुताबिक कोई भी व्यक्ति अपने व्यापारिक या कारोबारी उद्देश्य के लिए राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों और नामों का केंद्र सरकार या सक्षम अधिकारी से अनुमति लिए बिना इस्तेमाल नहीं कर सकता। इस कानून के तहत करीब तीन दर्जन नामों और चिह्नों की सूची तैयार की गई है,  जिनका कोई व्यक्ति सरकारी अनुमति के बिना अपने कारोबारी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता। इनमें देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्य के गवर्नर, भारत सरकार या कोई प्रदेश सरकार, महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, संयुक्त राष्ट्र संघ, अशोक चक्र और धर्म चक्र शामिल हैं।पक्ष ने जताया था कड़ा विरोध जियो के विज्ञापनों में पीएम मोदी की तस्वीर दिखाए जाने के बाद विपक्ष ने हमला बोलते हुए कहा था कि आखिर कैसे कोई निजी कंपनी अपने उत्पाद के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री की फोटो का इस्तेमाल कर सकती है।    इसके अलावा ई-वॉलेट कंपनी पेटीएम के विज्ञापनों में भी पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाए जाने का विपक्षी दलों ने तीखा विरोध किया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तो यह आरोप भी लगाया था कि मोदी सरकार ने पेटीएम को फायदा पहुंचाने के लिए नोटबंदी का फैसला लिया।          साभार-khaskhabar.com  

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अभिनेता रोहिताश गौर लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक भाभी जी घर पर हैं में रवि किशन के साथ जल्दी ही दिखाई देंगे। उन्होंने बताया कि रवि के साथ काम करना मजेदार है। आगामी शनिवार स्पेशल के प्रकरण में तिवारी जी (रोहिताश) रवि से जलते नजर आएंगे, क्योंकि वह अंगूरी भाभी (शुभांगी अत्रे) के बचपन के दोस्त हैं और उनकी आपस की बातचीत देखकर तिवारी जी असुरक्षित महसूस करते हैं। रोहिताश ने बताया, रवि और मैंने पहले भी साथ काम किया है और यह उनके साथ मेरा बेहतरीन अनुभव रहा। उन्होंने कहा, हम सेट पर साथ आए और साथ गए। उनके साथ काम करना हमेशा सुखद है और शनिवार स्पेशल के लिए उनके साथ काम करने का अनुभव हमेशा यादगार रहेगा। भाभी जी घर पर हैं का प्रसारण टेलीविजन चैनल एंड टीवी पर होता है।         साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । बाएं हाथ के बल्लेबाज सागर मिश्रा ने बुधवार को टाइम्स शील्ड बी डिविजन टूर्नामेंट में वेस्टर्न रेलवे की ओर से खेलते हुए आरसीएफ के खिलाफ 6 गेंदों पर 6 छक्के उड़ाए। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे सागर ने ऑफ स्पिनर तुषार कुमारे को छह छक्कों के लिए अपना शिकार बनाया। सागर ने कुल 46 गेंदों पर 91 रन की पारी खेली।    सागर ने मुश्किल भरे हालात में आक्रामक तेवर अपना आरसीएफ के होश उड़ा दिए। तुषार के ओवर में जब उन्होंने लगातार 5वां छक्का उड़ाया, तो उनके पैर की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया। इस वजह से उन्हें मैदान पर ही लेटना पड़ा। हालांकि इससे उनके इरादे कमजोर नहीं पड़े और उन्होंने छठी गेंद को मिडविकेट क्षेत्र में बाउंड्री से बाहर भेजकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा दिया। हालांकि सागर को शतक नहीं बना पाने का अफसोस है। उल्लेखनीय है कि भारत के बाएं हाथ के ही आतिशी बल्लेबाज युवराज सिंह ने वर्ष 2007 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड की छह गेंदों पर छह छक्के जमाए थे। दक्षिण अफ्रीका के हर्शेल गिब्स ने वनडे में यह कारनामा किया था। इसके अलावा प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वेस्टइंडीज के सर गैरी सोबर्स, भारत के रवि शास्त्री और इंग्लैंड के ऐलेक्स हेल्स भी यह कमाल कर चुके हैं।          साभार-khaskhabar.com  

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