नई दिल्ली । कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को पहली बार पार्टी संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता की। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राहुल के अध्यक्ष बनने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अस्वस्थता की वजह से मौजूद नहीं थीं। इस बैठकमें राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम की ज्यादा रुचि ‘टीआरपी पॉलिटिक्स’ में है। मोदी अपनी छवि के बंदी हो गए हैं और उनकी वजह से देश को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कश्मीर के मसले पर कहा कि भाजपा-पीडीपी में अवसरवादी गठबंधन है। राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरन रिजीजू ने कहा- आतंकवाद नहीं बढ़ा, सरकार की कार्यवाही तेज हुई है। कांग्रेस की नीति की वजह से आतंकवाद बढ़ा है। हमारी सरकार ने कड़ा प्रहार किया है। विपक्षी दलों की बैठक खत्म। विपक्ष ने तय किया है कि वह लोकसभा में वोटिंग रूल के साथ चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष राज्यसभा में पीएम से माफी की मांग करेगा। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भारत को ऐसा प्रधानमंत्री नहीं दिया जिसकी पूरी राजनीति टीआरपी पर आधारित हो। इसके पहले राहुल कांग्रेस की शीर्ष निर्णायक बॉडी कांग्रेस कार्यसमिति को संबोधित कर चुके हैं और अब आखिरकार कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्षता करने से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस की कमान उनके ही हाथ में होगी। वह लोकसभा में नोटबंदी पर हमलावर कांग्रेस टीम का नेतृत्व कर सकते हैं। उनके नोटबंदी के मसले पर संसद में भाषण देने की पूरी संभावना है। राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमारे देश में कभी भी कोई ऐसा प्रधानमंत्री नहीं रहा, जो अपनी पूरी नीति टीआरपी के आधार पर बनाता हो।’ टीआरपी का मतलब होता है- टेलिविजन रेटिंग प्वाइंट, जिसके आधार पर यह तय किया जाता है कि किस टीवी चैनल को कितने दर्शक देख रहे हैं। राहुल ने कहा, ‘हमारे प्रधानमंत्री की अक्षमता और गुरूर की वजह से देश को भारी नुकसान हो रहा है।’ नोटबंदी के मसले पर राहुल ने कहा, ‘हमने इसके पहले कभी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा, जिसने अपनी छवि बचाने के लिए देशवासियों को इतने जबर्दस्त मुश्किल में डाला हो।’ इसके पहले कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने दरवाजे पर ही अमेठी से सांसद राहुल गांधी का फूल के गुलदस्तों के साथ स्वागत किया और उन्हें संसद के सेंट्रल हॉल ले गए, जहां यह बैठक होनी थी। सच तो यह है कि शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले इस दिग्गज पार्टी ने साफतौर पर संकेत दे दिया था कि संसद के भीतर पार्टी के कामकाय में उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अधिकतम भूमिका होगी। साभार-khaskhabar.com
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