मथुरा

मथुरा। थाना महावन क्षेत्र के गाॅव बसई हवीपुर में पति व उसके भाई व दो अन्य ने विवाहिता को जिन्दा जला दिया जिससें वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। जिसें आसपास के लोगों ने गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया हैं।  मिली जानकारी के अनुसार इन्दजीत पुत्र डालचन्द्र निवासी कुन्जल वैरना थाना जलेसर एटा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी बुआ श्रीमती मीरा देवी के पति अमरनाथ व उसके भाई रामनाथ पुत्रगण भगवान सिंह व दो अन्य निवासीगण बसई हवीवपुरा थाना महावन ने मिट्टी का तेल डालकर कर आग लगा दी और उसें मृत समझकर मौके से भाग गये। लेकिन घर में आग लगी देख आसपास के लोगों ने मीरा को बमुश्किल आग से बाहर निकाला लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसें गंभीर हालत में मीरादेवी को अस्पताल में भर्ती कराया हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर घायल महिला के हालचाल जाने हैं।

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मथुरा। थाना हाईवें क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक व बस की भिड़न्त में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर घायलों को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया वहीं मृतकों के शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।  मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर एटीवी कट के पास रात्रि करीब 11 बजे खड़ें ट्रक में आगरा की ओर से आ रही बस ने टक्कर मार दी जिससें ट्रक का चालक सोन कुमार पुत्र करन सिंह निवासी सोनीपत व उसके क्लीनर की दर्दनाक मौत हो गई। वही बस में बैठे रविशंकर, कर्मवीरी, रामू, सोनदेई व बन्टी गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर घायलों को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया वहीं मृतक सोन कुूमार व अज्ञात क्लीनर के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं। बताया जाता है कि पुलिस ने मृतक क्लीनर की शिनाख्त कराने का काफी प्रयास किया लेकिन कड़ी प्रयासों के बाद भी शिनाख्त नहीं होने पर अज्ञात में पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।  

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मथुरा। यमुना के इस आन्दोलन में भाग लेने के लिये तथा यमुना रक्षक दल को अपना समर्थन देने के लिये आज दिनांक 11 फरवरी को बुन्देलखण्ड के प्रमुख समाजसेवी गोविन्द मठ पधारें। सभी ने यमुना रक्षक दल एवं इस पदयात्रा में भाग लेने का अपना पूर्ण रूपेेण समर्थन दिया। प्रदेश सचिव दिनेश पाठक ने कहा कि यमुना को शुद्ध एवं मुक्त कराने के लिये पूरा बुन्देलखण्ड इस आन्दोलन के साथ है। हम इस आन्दोलन में पूरी शक्ति लगा देंगे। दिल्ली से अब यमुना मुक्त करा की ही वापस आयेंगे। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल युवा मोर्चा के महासचिव मुनेन्द्र यादव भज्जूए हरिश्चन्द्र शर्माए सुनील कुमारए बलवीर यादवए परशुराम यादवए किशोरी लाल यादवए घनश्याम यादवए सन्तराम यादवए सियाराम यादवए राधाचरण दासए सुशाील कुमार यादव आदि उपस्थित थे।

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मथुरा। शादी समारोह में आये युवक को कार ने रौंद दिया जिससें उसकी दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।  मिली जानकारी के अनुसार थाना सदर बाजार क्षेत्र के गोकुल बैराज मोड़ के पास लक्ष्मी गार्डन में शादी समारोह में भाग लेने आया देवी सिंह पुत्र गोपाल निवासी सेलखेड़ा बलदेव शादी में भाग लेने के वाहन रात्रि करीब दस बजें घर जाने के लिए बाहन का इन्तजार कर रहा था कि तभी कार संख्या डीएल 12 सी 0610 के अज्ञात चालक ने तेजी व लापरवाही से चलाते हुए देवी सिंह में टक्कर मार कर भाग गया। टक्कर मारकर भागते कार का ग्रामीणों ने पीछा भी किया लेकिन कार चालक ग्रामीणों के हाथ नहीं लग सका। लेकिन ग्रामीणों ने कार का नम्बर नोट कर लिया तथा घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना पर पहुंचें थाना प्रभारी सदर ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं। वहीं घटना की रिपोर्ट मृतक के परिजनों ने अज्ञात कार चालक के विरूद्व रिपोर्ट दर्ज कराई हैं।

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डॉण् एचआर केशवमूर्ति स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने 9 फरवरी को जयपुर में राष्‍ट्रीय डी.वॉर्मिंग पहल की शुरुआत की। डी.वॉर्मिंग इसके तहत मानव और पशुओं को राउंड वॉर्मए हुक वॉर्मए फ्लूक और टेप वॉर्म जैसे परजीवी कृमियों से बचाने के लिए एंटी हेलमिंटिक दवा दी जाती है। स्‍कूली बच्‍चों के सामूहिक डी.वॉर्मिंग अभियान के तहत हेलमिनथिएसिस की रोकथाम और उपचार के लिए इस दवा का इस्‍तेमाल किया जाता है। इसमें मिट्टी के संपर्क से पैदा होने वाला हेलमिनथिएसिस भी शामिल है। बच्‍चों का उपचार मेबेनडेजॉल और एलबेनडेजॉल से किया जा सकता है। एलबेनडेजॉल की एक गोली से बच्‍चों को परजीवी कृमियों से बचाया जा सकता हैए जो बच्‍चे की आंतों में रहते हैं और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य तथा शारीरिक विकास के लिए आवश्‍यक पोषण तत्‍वों को अपना आहार बनाते हैं। यह गोली संक्रमित और गैर संक्रमित बच्‍चों के लिए सुरक्षित है तथा इसका स्‍वाद बहुत अच्‍छा है। हेलमिंथ्‍स यह परजीवियों का एक समूह है जिन्‍हें कृमि के रूप में जाना जाता है। इनमें सिस्‍टोसोम्‍स और मिट्टी के संपर्क से पैदा होने वाले हेलमिंथ्‍स शामिल हैं। यह संक्रमण विकासशील देशों के आम संक्रमणों में से एक है। मामूली संक्रमण पर प्रायरू ध्‍यान नहीं जाताए लेकिन गंभीर कृमि संक्रमण होने पर पेट में दर्दए कमजोरीए आयरन की कमी से पैदा होने वाली रक्‍त अल्‍पताए कुपोषणए शारीरिक विकास का रुकना आदि जैसे गंभीर रोग हो सकते हैं। संक्रमणों के कारण मानसिक कमजोरी हो सकती है तथा ऊतकों का नुकसान भी संभावित हैए जिसके लिए शल्‍य चिकित्‍सा आवश्‍यक होती है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की सिफारिशें कृमि संक्रमण को कम करने के लिए महामारी क्षेत्रों में रहने वाले स्‍कूल जाने की आयु वाले बच्‍चों के इलाज के लिए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने समय आधारित औषध उपचार की सिफारिश की है। संगठन का कहना है कि पूरी दुनिया में स्‍कूल जाने की आयु वाले संक्रमित बच्‍चों की संख्‍या लगभग 600 मिलियन हैए जिनकी डी.वॉर्मिंग करने से स्‍कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ेगीए उनका स्‍वास्‍थ्‍य ठीक होगा और वे सक्रिय होंगे। अधिकतर प्रकार के कृमि मुंह से लेने वाली दवा से मर जाते हैं। यह दवा बहुत सस्‍ती है और उसकी एक ही डोज दी जाती है। इस तरह देखा जाए तो डी.वॉर्मिंग उपचार कठिन और महंगा नहीं है। इसे स्‍कूलों के जरिए आसानी से किया जा सकता है और उपचार के बाद बच्‍चों को बहुत फायदा होता है। पूरी दुनिया में अभी भी हजारोंए लाखों बच्‍चे ऐसे हैं जिन्‍हें कृमि संक्रमण का जोखिम है। इनके उपचार के लिए स्‍कूल आधारित डी.वॉर्मिंग उपचार की नीति बनाई जानी चाहिए ताकि स्‍वास्‍थ्‍यए शिक्षा और विकास में तेजी आ सके। सरकार की पहलें राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के तहत स्कूल स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में यह प्रावधान किया गया है कि वर्ष में दो बार निर्धारित अवधि में राष्‍ट्रीय दिशा निर्देशों के आधार पर डी.वॉर्मिंग की जाएगी। बिहार में विश्‍व की सबसे बड़ी स्‍कूल आधारित डी.वॉर्मिंग पहल की शुरुआत की गई थी। दिल्‍ली सरकार ने भी इसी तरह के अभियान चलाए थे। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के आंकड़ों के अनुसार 1 से 14 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 24 करोड़ बच्‍चों को आंतों में पलने वाले परजीवी कृमियों से प्रभावित होने का जोखिम है। नई योजना के तहत एक से 19 वर्ष की आयु वर्ग के स्‍कूल पूर्व और स्‍कूली आयु के बच्‍चों ;पंजीकृत और गैर पंजीकृतद्ध के डी.वॉर्मिंग करने का स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने लक्ष्‍य निर्धारित किया है। पहले चरण के दौरान असमए बिहारए छत्‍तीसगढ़ए दादर एवं नागर हवेलीए हरियाणाए कर्नाटकए महाराष्‍ट्रए मध्‍य प्रदेशए राजस्‍थानए तमिलनाडु और त्रिपुरा जैसे 11 राज्‍योंध्केंद्रशासित प्रदेशों के 14 करोड़ बच्‍चों को रखा गया है। दूसरे चरण के दायरे में लगभग 10 करोड़ बच्‍चों को रखा गया है। 10 फरवरी 2015 को राष्‍ट्रीय डी.वॉर्मिंग दिवस पर पहले चरण की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत सभी लक्षित बच्‍चों को एलबेनडेजॉल की गोलियां दी जाएंगी। तदनुसार एक से दो वर्ष के बच्‍चों को इसकी आधी गोली और 2 से 19 वर्ष के बच्‍चों को इसकी पूरी गोली खिलाई जाएगी। जो बच्‍चे बच जाएंगे उन्‍हें 14 फरवरी 2015 तक इसके दायरे में लाकर डी.वॉर्म किया जाएगा। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत को पोलियो मुक्‍त करने के बाद अब बच्‍चों में व्‍याप्‍त आंत में पलने वाले परजीवी कृमियों का इलाज करके देश को कृमि मुक्‍त भी बनाया जाएगा। उन्‍होंने स्‍कूली अध्‍यापकों सहित सभी सांसदोंए विधायकोंए स्‍थानीय निकायों के प्रतिनिधियोंए आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों का आह्वान किया कि वे एकजुट होकर सरकार के इस अभियान का समर्थन करें ताकि भारत को कृमि मुक्‍त देश बनाया जा सके। इस पहल के लिए जरूरी है कि इसके साथ स्‍वच्‍छता और स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार किया जाए तथा सुरक्षित पेयजल को उपलब्‍ध कराया जाए ताकि कृमि का जोखिम कम हो सके। इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालयए मानव संसाधन विकास मंत्रालयए पंचायती राज मंत्रालय और जल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय की सक्रिय भागीदारी और साझेदारी आवश्‍यक है। आशा की जाती है कि डी.वॉर्मिंग पहल से प्रधानमंत्री के स्‍वच्‍छ भारत के स्‍वप्‍न को पूरा किया जा सकता है। इस छोटी परंतु आजमाई हुई पहल का स्‍वास्‍थ्‍यए शिक्षा और विकास जैसे विभिन्‍न क्षेत्रों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। ;लेखक पत्र सूचना कार्यालयए कोलकाता में निदेशक हैंद्ध

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जिस पतित पावनी यमुना के स्पर्श मात्र से लोग सात जन्तों के पापों से  मुक्त होने की आस्था मन में धारण कर यमुना का पूजन- अर्चन करते है। विश्व में सर्वाधिक यमुना महत्व जिस मथुरा में है उसी मथुरा में यमुना की स्थिति खराब है। यमुना मुक्तिकरण अभियान के मथुरा नगर के पदाधिकारी व कार्यकर्ता गोकुल बैराज पहुॅचे जब वहाॅ की भयावह स्थिति देख यमुना भक्त आक्रोशित हो गये और प्रदर्शन किया। हिन्दुवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी व पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि ओखला से मथुरा के लिये 101 क्यूसेक और मांट की हारनौल नहर से 160 क्यूसेक जल छोडा जता है और आगरा के लिये गोकुल बैराज से 1100 क्यूसेक जल छोड़ा जाता है। जब आने वाला जल 261 क्यूसेक के लगभग है और जाने वाला जल 1100 क्यूसेक है तो बाकी 839 क्यूसेक जल यमुना तल पर बहने वाला पानी केवल नाले का ही है। गोकुल बैराज से जो जल नगरवासियों को पीने के लिये दिया जाता है वह अत्यन्त दूषित है उसको केवल क्लोरीन और फिटकरी से ट्रीट करके दिया जाता है जो कई बीमारियों की जड़ हैं। इस अवसर पर यमुना मुक्तिकरण अभियान महेन्द्र राजपूत, राजशर्मा, राजेन्द्र सक्सैना है।  यमुना मुक्तिकरण अभियान के द्वारा सांखी में की गई जन सभा, अभियान के अन्य पदाधिकारियों ने भी किया गांवों मे जा जन संपर्क  ़श्री मान मन्दिर, श्री पुष्टिमार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के संयुक्त तत्वाधान में चलायी जा रहे यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा आगामी पदयात्रा की तैयारियों को लेकर दिन रात एक कर  मेहनत की जा रही है । अभियान के पदाधिकारियों व कार्याकर्ताओं द्वारा के गांव- गांव जा जन संपर्क किया जा रहा है । इसी क्रम में अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री , सहसंयोजक  सुनील सिंह के साथ अन्य पदाधिकारियों द्वारा साखी गांव में जन सभा की गई। सभा में उपस्थित लोगो को सम्बोधित करते हुये अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि 15 मार्च को होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा ऐतिहासिक पदयात्रा होगी और इस में ब्रज के प्रत्येक ब्रजवासी का होना आवश्यक है। इसलिये ब्रजवासियो अपनी यमुना मैया को मुक्त कराने के लिये सभी कमरकस लो और 15 मार्च की पदयात्रा में सम्मिलित होने के लिये तैयार हो जाइये। इस अवसर पर आचार्य श्री रमेश कृष्ण शास्त्री, बुद्दन पहलवान, मेघश्याम, श्री चन्द, चन्द्रपाल, ठा. भूपेश, चरन सिंह, श्याम सुन्दर, लल्लेश, भगवत शास्त्री , बिहारी लाल, बाबा रामगिरी महाराज, नेत्रपाल शर्मा, मनोहर जी आदि उपस्थित रहे।  दूसरी ओर अभियान के राष्ट्रीय सचिव राज शर्मा द्वारा रिफानरी क्षेत्र के गेट नं 9, बी.डी.एफ प्लान्ट  आदि क्षेत्र मे्रं नुक्कड़ सभा कर लोगो से 15 मार्च की पदयात्रा में भाग लेने का आवह्न किया। लोगो ने यमुना की रक्षा के लिये संकल्प लेते हुये पदयात्रा में भाग लेने की बात कही। इस अवसर पर सुरेन्द्र, प्रताप, गुड्डु, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अभियान के राधाकिशन पंडित द्वारा ततारपुर, देवपुरा, धरावती, पाली, कुजेरा, भरनाखुर्द, पेलखू,आदि गांवो में प्रचार रथ द्वारा प्रचार किया गयां सभी गंांव में प्रचार सामग्री वितरित कर लोागे से 15 मार्च की पदयात्रा के लिये आवह्न किया गया। इस अवसर पर गोपाल, ईश्वर दास, रामेश्वर आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।       

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