कलैक्ट्रेट सभागार में अधीनस्थोें के साथ बैठक लेते एडीएम प्रशासन धीरेन्द्र सिंह सचान एवं अन्य
मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार के मार्ग निर्देशन में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व घीरेन्द्र सिंह सचान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री संदर्भ, करकरेत्तर, राजस्व वसूली एवं शासन संदर्भित मामलो की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। अपर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री संदर्भ एवं स्टेट सर्विस डिलेवरी गेट वे, लोकायुक्त एवं अन्य आयोगो की ओर से प्राप्त संदभो की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन अति महत्वपूर्ण संदर्भो को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करते हुए रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराये ताकि शासन को शिकायत निस्तारण की सूचना समय से भेजी जा सके, शिकायतें अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिये अन्यथा की स्थिति में जबावदेही तय की जायेगी।
उन्होनंे राजस्व प्रशासन से संबंधित राजस्व वाद, प्रवर्तन एवं तहसील दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतो आदि की भी समीक्षा की। उन्होंने मनोरंजनकर, आवकारी, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई की अच्छी वसूली तथा किये गये कार्यों पर संतोष जाहिर किया। खनिज , विद्युत विभाग, परिवहन, वाणिज्यकर, वन विभाग की वसूली की समीक्षा करते हुए अन्य विभागीय अधिकारियों को दिये गये लक्ष्य के अनुसार राजस्व वसूली प्रत्येक दशा में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करें आटो सहित अनधिकृत वाहनों को बन्द करें एवं कुछ विभागो द्वारा अच्छी राजस्व वसूली पर संतोष व्यक्त किया। आपूर्ति तथा राशन वितरण एवं बनाये जा रहे नवीन राशन कार्डो की समीक्षा की गयी, बाट मांप विभाग के भी अधिकारियो को निर्देशित किया गया है कि सघन अभियान चलाकर जांच कार्य पूर्ण कर राजस्व वसूली बढाये। मुख्यचिकित्साधिकारी से कहा गया कि जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ केन्द्रों पर चिकित्सों की समय से उपस्थिति तथा मरीजों का इलाज कराना सुनिचित करें। अपर जिलाधिकारी ने भू-तत्व खनिज (अवैध खनन) तथा अवैध शराब के निर्माण तथा विक्री पर कड़ा रूख अपनाते हुए अधिकारियों से कहा है कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी ऐसे अवैध कार्यों पर सतर्क निगाह रखें तथा कहीं पर भी अवैध कार्य होते पाये जायें तो प्रशासन को अवगत करायें ताकि ऐसे अराजक तत्वों पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही की जायें। सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, अधिशासी अधिकारियों सहित पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों सहित थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अपने क्षेत्रों में गश्त करके ऐसे अवैध ठिकानों को नष्ट करें तथा कार्य करने वालों को गिरफ्तार करें। उन्होनंे अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका, नगर परिषदों व्दारा की जा रही गृहकर वसूली तथा उनपर कर निर्धारिण कर राजस्व वसूली की जाये, प्रत्येक दशा में सभी आवासीय भवनों को कर के दायरे में लाकर राजस्व वसूली की जाये। उन्होंने आबकारी अधिकारी को निर्देश दिये है कि अवैध रूप से बिकने वाली शराब को जब्त करे तथा बेचने वाले लोगो को विधिक कार्यवाही कर पावंद किया जाये तथा उनके वाहनो को सीज किया जाये। अवैध शराब तथा अन्य प्रदेशों से आने वाली शराब पर कडी निगरानी रखकर सख्त कार्यवाही की जाये। शहर तथा अन्य ग्रामीण इलाको में शराब की दुकानो की लगातार मानीटरिंग कर उनपर विशेष निगरानी रखी जाये तथा राजस्व वसूली में किसी प्रकार की गिरावट भी न आये। उन्होंने चकबंदी, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति खाद्य तथा औषधी, स्वास्थ्य, सामाजिक वानिकी, बैंको आदि विभागो की भी वसूली तथा कार्यो की समीक्षा की। उन्होने बैठक अनुपस्थित कई विभागीय अधिकारियो का स्पष्टीकरण मांगने तथा पूरी तैयारी करके बैठक में आने हेतु निर्देशित किया है आधी अधूरी सूचनाओ के साथ बैठक मे आने पर उन्होने कडी नाराजगी व्यक्त की है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी कानून व्यवस्था,सुरेन्द्र कुमार शर्मा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) धीरेन्द्र प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट हेमसिंह सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी तथा समस्त विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित थे।
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