मथुरा

मथुरा। मकर संक्रान्ति के पावन पर्व पर नर सेवा नारायण सेवा संकल्प से प्रतिबद्व जायन्ट्स ग्रुप आफ मथुरा जागृति की सदस्याओं ने अघ्यक्ष कल्पना गर्ग ने नेत्तृव में वृंदावन स्थित आश्रम मे ंकुष्ठ रोग से पीडि़त लोगों को भीषण ठण्ड से सहायतार्थ गर्म रजाईयाॅ, गददे, कम्बल, कपड़े, स्वेटर, रेवड़ी, फल एंव मिठाईयाॅ आदि वितरित की। इस अवसर पर अध्यक्षा कल्पना गर्ग ने कहा की कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए हमारी संस्था हमेश आगे रहेगी। इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्याओं ने कुष्ठ रोगियों को मकर संक्रान्ति व लोहड़ी पर्व की शुभकामना भी दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अध्यक्षा कल्पना गर्ग, संस्थापिका लता अग्रवाल, उपाघ्यक्ष ममता जिंदल, सोनू वर्मा, शिखा अग्रवाल, विशाखा अग्रवाल, प्रशासनिक निदेशक वीना गर्ग, कविता माहेश्वरी अंजूसूद, सीमा गुप्ता, राखी गर्ग, छाया गुप्ता, रश्मि अग्रवाल, नीलम गुड़ेरा आदि उपस्थित थे।

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इस अवसर पर अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, मलिक अरोड़ा, रियासत कुरैशी, संजय शर्मा, सुयमुना मुक्तिकरण के उत्साही यमुना भक्तों नेे यमुना मुक्ति को थामी हाथों मशाले, यमुना मुक्ति के लिये यमुना भक्तों की क्रान्ति का हुआ आगाज  कालिन्दी का कलुष अब नष्ट हो और अविरल धारा भक्तों और ब्रजवासियों पुनः प्राप्त हो अब इस पावन संकल्प की आग ब्रजवासियों और यमुना भक्तों के दिलों में जलने लगी है। 17 जनवरी शनिवार को यमुना मुक्तिकरण द्वारा शाम के समय विकास बाजार से होलीगेट होते हुये विश्राम घाट तक विशाल मशाल जूलूस निकाला गया। देश की आजादी के बाद से अब तक के इतिहास में किसी भी नदी के लिये यह पहली और बड़ी मशाल जूलूस है जो किसी नदी को जिन्दा व उसका स्वच्छ प्रवाह बनाये रखने के लिये किया गया। जब मशाल यात्रा विकास बाजार से प्रारम्भ हुयी तब यमुना भक्तों का उत्साह देखने लायक था हाथों में जलती मशाले थामें आजादी के सिपाही लग रहे थे। यमुना भक्तों के हाथों में मशाले थी और मन में यह संकल्प, कि अब यमुना को स्वच्छ बनाना है। मशाल जूलूस का आयोजन यमुना मुक्तिकरण अभियान व भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) की मथुरा नगर ईकाई द्वारा अभियान के प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी के नेतृत्व में किया गया। जिसमें हजारों यमुना भक्तों द्वारा भाग लिया गया। हाथों में मशाल थामें यमुना भक्तों का समूह यमुना रक्षा के लिये बढ रही सेना का आभास करा रहा था। यमुना मुक्तिकरण के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री एवं सहसंयोजक सुनील सिंह ने कहा कि यह केवल मशाल जूलूस मात्र ही नहीं यह ब्रजवासियों और यमुना भक्तों के मन में यमुना की मुक्ति को जो आग जल रही है उसे प्रदर्शित करता है। इस मशाल यात्रा के माध्यम से हम समस्त क्षेत्रवासियों को यमुना मुक्ति के लिये जाग्रत करने के साथ साथ  सरकारों तक अपना संदेश पहँुचाना चाहते है कि ब्रजवासियों के दिलों में यमुना मुक्ति को लेकर जो आग धधक रही है वह उत्तरोत्तर बढती जा रही है इसलिये सरकारें समय रहते हुये यमुना को मुक्त कर उसका निर्मल प्रवाह बनाये वरना उसे 15 मार्च को यमुना भक्तों और ब्रजवासियों के अथाह समुद्र का सामना करना पडे़गा। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि जिले के विभिन्न नगरों में अभियान की ईकाई द्वारा मशाल जूलूस निकाल लोगों यमुना मुक्ति की लड़ाई के लिये तैयार किया जायेगा।  यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ , प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी व उपाध्यक्ष विपिन गौतम ने कहा कि यह मशाल यात्रा सरकार को एक चेतावनी है कि वह अपने रवैये में परिवर्तन लाये और यमुना नदी समझते हुये उसकी मुक्ति और शुद्धि के जमीनी स्तर पर कारगर कदम उठाये अन्यथा यमुना भक्त क्रान्ति का आगाज कर चुके है अब यमुना भक्त पीछे हटने वाले नहीं है।    यमुना मुक्तिकरण अभियान ( युवा ) के राष्ट्रीय संयोजक अनुभव तैलंग, जिलाकार्यकारी अध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी, भाकियू नगर अध्यक्ष महेन्द्र राजपूत ने कहा कि जीवनदायिनी यमुना मात्र एक नदी नही बल्कि वह ब्रज संस्कृति का प्रतीक है। सभी ब्रजवासियों की माँ है और अब ब्रज जाग उठा है और वह अपनी यमुना मैया को मुक्त कराकर ही रहेगा। हमारे हाथों की मशाल हमारे दिलों में जलती आग का प्रतीक है जो अपनी मैया की दुर्दशा को देख दिलों में जल रही है। 15 मार्च को होने वाला आन्दोलन निर्णायक होगा और अब की बार यमुना भक्त यमुना को मुक्त कराकर ही लौटेगें ।  इस अवसर पर अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, मलिक अरोड़ा, रियासत कुरैशी, संजय शर्मा, सुमित शर्मा, मुकेश पहलवान, अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, कुलदीप, अश्वनी कुमार, राघव भारद्वाज, लता चैहान, रमेश सिकरवार, ठा रीतरात सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।  मित शर्मा, मुकेश पहलवान, अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, कुलदीप, अश्वनी कुमार, राघव भारद्वाज, लता चैहान, रमेश सिकरवार, ठा रीतरात सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।   

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इस अवसर पर अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, मलिक अरोड़ा, रियासत कुरैशी, संजय शर्मा, सुयमुना मुक्तिकरण के उत्साही यमुना भक्तों नेे यमुना मुक्ति को थामी हाथों मशाले, यमुना मुक्ति के लिये यमुना भक्तों की क्रान्ति का हुआ आगाज  कालिन्दी का कलुष अब नष्ट हो और अविरल धारा भक्तों और ब्रजवासियों पुनः प्राप्त हो अब इस पावन संकल्प की आग ब्रजवासियों और यमुना भक्तों के दिलों में जलने लगी है। 17 जनवरी शनिवार को यमुना मुक्तिकरण द्वारा शाम के समय विकास बाजार से होलीगेट होते हुये विश्राम घाट तक विशाल मशाल जूलूस निकाला गया। देश की आजादी के बाद से अब तक के इतिहास में किसी भी नदी के लिये यह पहली और बड़ी मशाल जूलूस है जो किसी नदी को जिन्दा व उसका स्वच्छ प्रवाह बनाये रखने के लिये किया गया। जब मशाल यात्रा विकास बाजार से प्रारम्भ हुयी तब यमुना भक्तों का उत्साह देखने लायक था हाथों में जलती मशाले थामें आजादी के सिपाही लग रहे थे। यमुना भक्तों के हाथों में मशाले थी और मन में यह संकल्प, कि अब यमुना को स्वच्छ बनाना है। मशाल जूलूस का आयोजन यमुना मुक्तिकरण अभियान व भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) की मथुरा नगर ईकाई द्वारा अभियान के प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी के नेतृत्व में किया गया। जिसमें हजारों यमुना भक्तों द्वारा भाग लिया गया। हाथों में मशाल थामें यमुना भक्तों का समूह यमुना रक्षा के लिये बढ रही सेना का आभास करा रहा था। यमुना मुक्तिकरण के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री एवं सहसंयोजक सुनील सिंह ने कहा कि यह केवल मशाल जूलूस मात्र ही नहीं यह ब्रजवासियों और यमुना भक्तों के मन में यमुना की मुक्ति को जो आग जल रही है उसे प्रदर्शित करता है। इस मशाल यात्रा के माध्यम से हम समस्त क्षेत्रवासियों को यमुना मुक्ति के लिये जाग्रत करने के साथ साथ  सरकारों तक अपना संदेश पहँुचाना चाहते है कि ब्रजवासियों के दिलों में यमुना मुक्ति को लेकर जो आग धधक रही है वह उत्तरोत्तर बढती जा रही है इसलिये सरकारें समय रहते हुये यमुना को मुक्त कर उसका निर्मल प्रवाह बनाये वरना उसे 15 मार्च को यमुना भक्तों और ब्रजवासियों के अथाह समुद्र का सामना करना पडे़गा। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि जिले के विभिन्न नगरों में अभियान की ईकाई द्वारा मशाल जूलूस निकाल लोगों यमुना मुक्ति की लड़ाई के लिये तैयार किया जायेगा।  यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ , प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी व उपाध्यक्ष विपिन गौतम ने कहा कि यह मशाल यात्रा सरकार को एक चेतावनी है कि वह अपने रवैये में परिवर्तन लाये और यमुना नदी समझते हुये उसकी मुक्ति और शुद्धि के जमीनी स्तर पर कारगर कदम उठाये अन्यथा यमुना भक्त क्रान्ति का आगाज कर चुके है अब यमुना भक्त पीछे हटने वाले नहीं है।    यमुना मुक्तिकरण अभियान ( युवा ) के राष्ट्रीय संयोजक अनुभव तैलंग, जिलाकार्यकारी अध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी, भाकियू नगर अध्यक्ष महेन्द्र राजपूत ने कहा कि जीवनदायिनी यमुना मात्र एक नदी नही बल्कि वह ब्रज संस्कृति का प्रतीक है। सभी ब्रजवासियों की माँ है और अब ब्रज जाग उठा है और वह अपनी यमुना मैया को मुक्त कराकर ही रहेगा। हमारे हाथों की मशाल हमारे दिलों में जलती आग का प्रतीक है जो अपनी मैया की दुर्दशा को देख दिलों में जल रही है। 15 मार्च को होने वाला आन्दोलन निर्णायक होगा और अब की बार यमुना भक्त यमुना को मुक्त कराकर ही लौटेगें ।  इस अवसर पर अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, मलिक अरोड़ा, रियासत कुरैशी, संजय शर्मा, सुमित शर्मा, मुकेश पहलवान, अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, कुलदीप, अश्वनी कुमार, राघव भारद्वाज, लता चैहान, रमेश सिकरवार, ठा रीतरात सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।  मित शर्मा, मुकेश पहलवान, अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, कुलदीप, अश्वनी कुमार, राघव भारद्वाज, लता चैहान, रमेश सिकरवार, ठा रीतरात सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।   

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दिल्ली के कालिका मन्दिर में महन्त सुरेन्द्र नाथ के नेतृत्व में तथा यमुना रक्षक दल दिल्ली ़प्रदेश की अध्यक्षता मे बैठक की गयी जिसमें 11 मार्च 2015 को यमुना बचाओ की पदयात्रा का आह्वान किया गया। 11 मार्च 2015 को मथुरा से दिल्ली तक निकाली जा रही यमुना शुद्धिकरण की पदयात्रा से पूर्व आगामी एक फरवरी को जन्तर-मंतर पर यमुना सफाई व सरकार को चेतावनी हेतु एकदिवसीय धरना दिया जायेगा। धरने में हजारों की संख्या में लोग एकत्रित होंगें। इस अवसर पर यमुना आन्दोलन को तेज गति देने लिये ‘लोक सव्च्छ‘ नामक अखबार का विमोचन किया गया। पूर्व में यमुना रक्षक दल से जलसंसाधन मंत्री उमा भारती से रेनुका, किसाउ, लखवार व्यास तीनों जलाशयों की योजना पर समझौता हुआ था। आशा है कि सरकार इस बयान पर काम करेगी। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हरदयाल कुशवाह ने कहा कि 278 वार्ड तथा 70 विधानसभा क्षेत्रों मे एक फरवरी से पूर्व संगठन तैयार कर लिया जायेगा। बैठक में राष्टीय उपाध्यक्ष राकेश यादव, राष्ट्रीय सचिव कंवर राजेश सिंह, भोंगेन्द्र यादव, भूपेन्द्र सिंह, अशोक यादव, गौरव शर्मा, सियाराम यादव, गिरिवर सिंह, मिथलेश सिह, राजा मंशूरी, मिशार, शिवकुमार प्रेमी, विमल कुमार, आदि उपस्थित थे।

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यमुना की अविरलता निर्मलता के लिये मथुरा बार एसोसियेशन के अधिवक्ता गणो ने यमुना मुक्तिकरण अभियान के साथ आते हुये यमुना मुक्ति की आवाज बुलन्द की। मथुरा न्यायालय परिसर में स्थित बौहरे कन्हैयालाल हाॅल में मथुरा बार एसोशिएसन की यमुना मुक्ति और 15 मार्च को कोसी से दिल्ली की पदयात्रा को लेकर दिनांक 16 जनवरी शुक्रवार को बैठक आहूत की गयी। जिसमें अधिवक्ताओं द्वारा यमुना मुक्ति का संकल्प लेते हुये 15 मार्च की पदयात्रा में सहभागिता की बात कही और अधिवक्ता गणों द्वारा कहा कि जिलें के विभिन्न स्थानों से आने व्यक्तियों को भी उनके द्वारा पदयात्रा के प्रेरित किया जायेगा। कार्यक्रम का संचालन मथुरा बार एशोसिएसन के सचिव एड. प्रदीप शर्मा द्वारा करते हुये बैठक के विषय यमुना मुक्ति को अधिवक्ताओं के सामने रखा गया। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि यमुना हमारे ब्रज की पहचान है यह कहाॅ का न्याय है कि एक राज्य द्वारा यमुना का सारा जल रोक लिया जाये और उसके प्राकृतिक प्रवाह को बाधित किया जाये। कानून भी नदी तल पर न्यूनतम स्वच्छ जल प्रवाह बनाये रखने की बात करता है उसके बाबजूद भी यमुना के साथ अन्याय किया जा रहा है । ये हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपने अपने तरीको से  यमुना की अविरलता के लिये हर संभव प्रयास करें। यमुना मुक्तिकरण अभियान में हम आप सभी कानून के रक्षकों और सत्य को सदैव विजयी बनाने वाले अधिवक्ताओं से यमुना मुक्तिकरण अभियान में सहयोग और समर्थन का आवह्न करते है।  मथुरा बार एशोसिएसन के अध्यक्ष एड. विजयपाल तौमर ने कहा कि हम ब्रज के वासी है और अधिवक्ता भी यह हमारा दायित्व है कि हम यमुना के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़े यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा हमारे कार्य को किया जा रहा है यह पावन कार्य सराहनीय है हम हर प्रकार से अभियान के साथ है और अधिवक्ताओं द्वारा 15 मार्च को यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में भाग लिया जायेगा।  दिल्ली से आये डाॅ राधामाधव जी ने कहा कि यमुना के तल पर बह रहा जल अति प्रदूषित जल है जिसका विओडी लेवल काफी ज्यादा है इस जल में असाध्य रोगो को जन्म देने वाले लेड जैसे अन्य कई तत्व मौजूद है दिल्ली के बजीराबाद से ओखला के बीच में कई बडे नालों का अर्धशोधित जल यमुना तल पर बहकर आता है जो पीने और स्नान योग्य नहीं है। यमुना नदी नहीं देवी है इसलिये हम सभी को संगठित हो यमुना की निर्मलता और अविलरता पुनः लानी होगी।  एड. उमाकान्त चतुर्वेदी, सुशील शर्मा व अवधेश शर्मा ने कहा कि यमुना की यात्रा के मध्य में मथुरा ही एक स्थान है जहाॅ विश्व में उसका सर्वाधिक महत्व है। मथुरा में यमुना को श्री कृष्ण की चैथी पटरानी और यमराज की बहन के रूप में पूजा जाता है इसलिये हम ब्रजवासियों का यह कर्तव्य बनता है कि हम सब यमुना की मुक्ति के लिये संघर्ष करें हम सभी यमुना मुक्ति के लिये यमुना मुक्ति के लिये कार्य करेगें। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ , एड. चै हरेन्द्र सिंह, एड. अनिल शर्मा, एड. भगवान सिंह वर्मा, एड. अश्वनी शर्मा, राधाप्रिय आदि ने भी अपने विचार रखे।  इस अवसर पर राघव भारद्वाज, भगवान दास चैधरी, ओमप्रकाश पचैरी, चेतन, एड. राकेश कुमार, समेत सैकड़ो अधिवक्ता गण मौजूद रहे।    यमुना मुक्तिकरण द्वारा आज निकाला जायेगा मशाल जूूलूस  यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा जन चेतना हेतु अभियान द्वारा विकास बाजार से लेकर होलीगेट होते हुये विश्रामघाट तक हजारों यमुना भक्तों द्वारा मशाल जूलूस निकाला जायेगा।  17 जनवरी को होने वाली मशाल जूलूस की तैयारियों को अन्तिम रूप देने के लिये अभियान के पदाधिकारियों द्वारा धौलीप्याऊ स्थित मुस्कान गेस्ट हाउस में बैठक आहूत की गई। जिसमें पदाधिकारियों कल तैयारियों को अन्तिम रूप दिया गया। अभियान के प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन गौतम ने जानकारी देते हुये बताया कि प्रशासन द्वारा मशाल जूलूस की स्वीकृति दे दी गयी है। मशाल जूलूस में हजारों की संख्या में जिले भर के यमुना भक्त उपस्थित रहेगे। मशाल जूलूस के माध्यम से शहर वासियों को यमुना को मुक्त कराने के लिये जागरूक करने व सरकार को चेताया जायेगा कि वह यमुना को मुक्त कर उसकों स्वच्छ और अविरल बनाने के लिये जमीनी स्तर पर कारगर कदम उठायें वरना उसकों इस जूलूस से कई गुना बढे यमुना भक्तों के जन सैलाब का सामना करना पडेगा।  अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह व राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने कहा कि मशाल जूलूस की तैयारियों को अन्तिम रूप दे दिया गया है जूलूस को सफल बनाने के लिये सैकडो कार्यकर्ता कार्यरत रहेगें अभियान सभी पहलुओं पर विचार कर सम्पूर्ण तैयारियाॅ कर ली गई हैं ।  अभियान के कार्यकारी जिलाध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी व महेन्द्र राजपूत ने जानकारी दी कि शनिवार को 5 बजे से मशाल जूलूस विकास बाजार से निकाला जायेगा। जिसमे भाग  लेने के लिये प्रत्येक ब्रजवासी व यमुना भक्त से आवह्न किया जाता है।  बैठक के अन्त में राष्ट्रीय संयोजक द्वारा मशाल उठाकर कल शनिवार को होने वाली मशाल जूलूस के लिये कार्यकर्ताओं में जोश का संचार किया।  सभी सन्तों को यमुना मुक्ति के लिये आना होगा आगे:  श्रद्धेय संत श्री हित कमलदास जी महाराज यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री जी द्वारा हिताश्रम के पूज्य संत श्री हित कमलदास जी महराज से यमुना की निर्मल धारा को पुनः ब्रज में लाने के इस पावन अभियान में संतो सहयोग की मांग को लेकर भंेट की। उन्होने अभियान की आगामी 15 मार्च की यमुना मुक्ति के लिये पदयात्रा व अभियान की अन्य यमुना मुक्ति की मुहिम की अन्य गति विधियों की जानकारी दी। श्रद्धेय श्री हित कमलदास जी महाराज ने कहा शास्त्रों में यमुना का बड़ा ही महत्व है वर्तमान में लोग उसके महत्व को उतना ना आंकते हो परन्तु आध्यात्मिक और जीवन इन दोनो ही दृष्टि से यमुना हम सभी के लिये पूज्यनिया है यमुना को मुक्त कराकर उसकी निर्मल धार ब्रज में लाने के लिये सभी सन्तों को एक जुट हो यह आवाज बुलन्द करनी होगी।  यमुना मुक्तिकरण को लेकर एक विशाल सन्त सम्मेलन का भी जल्द आयोजन किया जायेगा।   

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यमुना की अविरलता निर्मलता के लिये मथुरा बार एसोसियेशन के अधिवक्ता गणो ने यमुना मुक्तिकरण अभियान के साथ आते हुये यमुना मुक्ति की आवाज बुलन्द की। मथुरा न्यायालय परिसर में स्थित बौहरे कन्हैयालाल हाॅल में मथुरा बार एसोशिएसन की यमुना मुक्ति और 15 मार्च को कोसी से दिल्ली की पदयात्रा को लेकर दिनांक 16 जनवरी शुक्रवार को बैठक आहूत की गयी। जिसमें अधिवक्ताओं द्वारा यमुना मुक्ति का संकल्प लेते हुये 15 मार्च की पदयात्रा में सहभागिता की बात कही और अधिवक्ता गणों द्वारा कहा कि जिलें के विभिन्न स्थानों से आने व्यक्तियों को भी उनके द्वारा पदयात्रा के प्रेरित किया जायेगा। कार्यक्रम का संचालन मथुरा बार एशोसिएसन के सचिव एड. प्रदीप शर्मा द्वारा करते हुये बैठक के विषय यमुना मुक्ति को अधिवक्ताओं के सामने रखा गया। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि यमुना हमारे ब्रज की पहचान है यह कहाॅ का न्याय है कि एक राज्य द्वारा यमुना का सारा जल रोक लिया जाये और उसके प्राकृतिक प्रवाह को बाधित किया जाये। कानून भी नदी तल पर न्यूनतम स्वच्छ जल प्रवाह बनाये रखने की बात करता है उसके बाबजूद भी यमुना के साथ अन्याय किया जा रहा है । ये हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपने अपने तरीको से  यमुना की अविरलता के लिये हर संभव प्रयास करें। यमुना मुक्तिकरण अभियान में हम आप सभी कानून के रक्षकों और सत्य को सदैव विजयी बनाने वाले अधिवक्ताओं से यमुना मुक्तिकरण अभियान में सहयोग और समर्थन का आवह्न करते है।  मथुरा बार एशोसिएसन के अध्यक्ष एड. विजयपाल तौमर ने कहा कि हम ब्रज के वासी है और अधिवक्ता भी यह हमारा दायित्व है कि हम यमुना के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़े यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा हमारे कार्य को किया जा रहा है यह पावन कार्य सराहनीय है हम हर प्रकार से अभियान के साथ है और अधिवक्ताओं द्वारा 15 मार्च को यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में भाग लिया जायेगा।  दिल्ली से आये डाॅ राधामाधव जी ने कहा कि यमुना के तल पर बह रहा जल अति प्रदूषित जल है जिसका विओडी लेवल काफी ज्यादा है इस जल में असाध्य रोगो को जन्म देने वाले लेड जैसे अन्य कई तत्व मौजूद है दिल्ली के बजीराबाद से ओखला के बीच में कई बडे नालों का अर्धशोधित जल यमुना तल पर बहकर आता है जो पीने और स्नान योग्य नहीं है। यमुना नदी नहीं देवी है इसलिये हम सभी को संगठित हो यमुना की निर्मलता और अविलरता पुनः लानी होगी।  एड. उमाकान्त चतुर्वेदी, सुशील शर्मा व अवधेश शर्मा ने कहा कि यमुना की यात्रा के मध्य में मथुरा ही एक स्थान है जहाॅ विश्व में उसका सर्वाधिक महत्व है। मथुरा में यमुना को श्री कृष्ण की चैथी पटरानी और यमराज की बहन के रूप में पूजा जाता है इसलिये हम ब्रजवासियों का यह कर्तव्य बनता है कि हम सब यमुना की मुक्ति के लिये संघर्ष करें हम सभी यमुना मुक्ति के लिये यमुना मुक्ति के लिये कार्य करेगें। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ , एड. चै हरेन्द्र सिंह, एड. अनिल शर्मा, एड. भगवान सिंह वर्मा, एड. अश्वनी शर्मा, राधाप्रिय आदि ने भी अपने विचार रखे।  इस अवसर पर राघव भारद्वाज, भगवान दास चैधरी, ओमप्रकाश पचैरी, चेतन, एड. राकेश कुमार, समेत सैकड़ो अधिवक्ता गण मौजूद रहे।    यमुना मुक्तिकरण द्वारा आज निकाला जायेगा मशाल जूूलूस  यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा जन चेतना हेतु अभियान द्वारा विकास बाजार से लेकर होलीगेट होते हुये विश्रामघाट तक हजारों यमुना भक्तों द्वारा मशाल जूलूस निकाला जायेगा।  17 जनवरी को होने वाली मशाल जूलूस की तैयारियों को अन्तिम रूप देने के लिये अभियान के पदाधिकारियों द्वारा धौलीप्याऊ स्थित मुस्कान गेस्ट हाउस में बैठक आहूत की गई। जिसमें पदाधिकारियों कल तैयारियों को अन्तिम रूप दिया गया। अभियान के प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन गौतम ने जानकारी देते हुये बताया कि प्रशासन द्वारा मशाल जूलूस की स्वीकृति दे दी गयी है। मशाल जूलूस में हजारों की संख्या में जिले भर के यमुना भक्त उपस्थित रहेगे। मशाल जूलूस के माध्यम से शहर वासियों को यमुना को मुक्त कराने के लिये जागरूक करने व सरकार को चेताया जायेगा कि वह यमुना को मुक्त कर उसकों स्वच्छ और अविरल बनाने के लिये जमीनी स्तर पर कारगर कदम उठायें वरना उसकों इस जूलूस से कई गुना बढे यमुना भक्तों के जन सैलाब का सामना करना पडेगा।  अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह व राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने कहा कि मशाल जूलूस की तैयारियों को अन्तिम रूप दे दिया गया है जूलूस को सफल बनाने के लिये सैकडो कार्यकर्ता कार्यरत रहेगें अभियान सभी पहलुओं पर विचार कर सम्पूर्ण तैयारियाॅ कर ली गई हैं ।  अभियान के कार्यकारी जिलाध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी व महेन्द्र राजपूत ने जानकारी दी कि शनिवार को 5 बजे से मशाल जूलूस विकास बाजार से निकाला जायेगा। जिसमे भाग  लेने के लिये प्रत्येक ब्रजवासी व यमुना भक्त से आवह्न किया जाता है।  बैठक के अन्त में राष्ट्रीय संयोजक द्वारा मशाल उठाकर कल शनिवार को होने वाली मशाल जूलूस के लिये कार्यकर्ताओं में जोश का संचार किया।  सभी सन्तों को यमुना मुक्ति के लिये आना होगा आगे:  श्रद्धेय संत श्री हित कमलदास जी महाराज यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री जी द्वारा हिताश्रम के पूज्य संत श्री हित कमलदास जी महराज से यमुना की निर्मल धारा को पुनः ब्रज में लाने के इस पावन अभियान में संतो सहयोग की मांग को लेकर भंेट की। उन्होने अभियान की आगामी 15 मार्च की यमुना मुक्ति के लिये पदयात्रा व अभियान की अन्य यमुना मुक्ति की मुहिम की अन्य गति विधियों की जानकारी दी। श्रद्धेय श्री हित कमलदास जी महाराज ने कहा शास्त्रों में यमुना का बड़ा ही महत्व है वर्तमान में लोग उसके महत्व को उतना ना आंकते हो परन्तु आध्यात्मिक और जीवन इन दोनो ही दृष्टि से यमुना हम सभी के लिये पूज्यनिया है यमुना को मुक्त कराकर उसकी निर्मल धार ब्रज में लाने के लिये सभी सन्तों को एक जुट हो यह आवाज बुलन्द करनी होगी।  यमुना मुक्तिकरण को लेकर एक विशाल सन्त सम्मेलन का भी जल्द आयोजन किया जायेगा।   

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