इस अवसर पर अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, मलिक अरोड़ा, रियासत कुरैशी, संजय शर्मा, सुयमुना मुक्तिकरण के उत्साही यमुना भक्तों नेे यमुना मुक्ति को थामी हाथों मशाले, यमुना मुक्ति के लिये यमुना भक्तों की क्रान्ति का हुआ आगाज
कालिन्दी का कलुष अब नष्ट हो और अविरल धारा भक्तों और ब्रजवासियों पुनः प्राप्त हो अब इस पावन संकल्प की आग ब्रजवासियों और यमुना भक्तों के दिलों में जलने लगी है। 17 जनवरी शनिवार को यमुना मुक्तिकरण द्वारा शाम के समय विकास बाजार से होलीगेट होते हुये विश्राम घाट तक विशाल मशाल जूलूस निकाला गया। देश की आजादी के बाद से अब तक के इतिहास में किसी भी नदी के लिये यह पहली और बड़ी मशाल जूलूस है जो किसी नदी को जिन्दा व उसका स्वच्छ प्रवाह बनाये रखने के लिये किया गया। जब मशाल यात्रा विकास बाजार से प्रारम्भ हुयी तब यमुना भक्तों का उत्साह देखने लायक था हाथों में जलती मशाले थामें आजादी के सिपाही लग रहे थे। यमुना भक्तों के हाथों में मशाले थी और मन में यह संकल्प, कि अब यमुना को स्वच्छ बनाना है। मशाल जूलूस का आयोजन यमुना मुक्तिकरण अभियान व भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) की मथुरा नगर ईकाई द्वारा अभियान के प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी के नेतृत्व में किया गया। जिसमें हजारों यमुना भक्तों द्वारा भाग लिया गया। हाथों में मशाल थामें यमुना भक्तों का समूह यमुना रक्षा के लिये बढ रही सेना का आभास करा रहा था। यमुना मुक्तिकरण के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री एवं सहसंयोजक सुनील सिंह ने कहा कि यह केवल मशाल जूलूस मात्र ही नहीं यह ब्रजवासियों और यमुना भक्तों के मन में यमुना की मुक्ति को जो आग जल रही है उसे प्रदर्शित करता है। इस मशाल यात्रा के माध्यम से हम समस्त क्षेत्रवासियों को यमुना मुक्ति के लिये जाग्रत करने के साथ साथ सरकारों तक अपना संदेश पहँुचाना चाहते है कि ब्रजवासियों के दिलों में यमुना मुक्ति को लेकर जो आग धधक रही है वह उत्तरोत्तर बढती जा रही है इसलिये सरकारें समय रहते हुये यमुना को मुक्त कर उसका निर्मल प्रवाह बनाये वरना उसे 15 मार्च को यमुना भक्तों और ब्रजवासियों के अथाह समुद्र का सामना करना पडे़गा। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि जिले के विभिन्न नगरों में अभियान की ईकाई द्वारा मशाल जूलूस निकाल लोगों यमुना मुक्ति की लड़ाई के लिये तैयार किया जायेगा।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ , प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी व उपाध्यक्ष विपिन गौतम ने कहा कि यह मशाल यात्रा सरकार को एक चेतावनी है कि वह अपने रवैये में परिवर्तन लाये और यमुना नदी समझते हुये उसकी मुक्ति और शुद्धि के जमीनी स्तर पर कारगर कदम उठाये अन्यथा यमुना भक्त क्रान्ति का आगाज कर चुके है अब यमुना भक्त पीछे हटने वाले नहीं है।
यमुना मुक्तिकरण अभियान ( युवा ) के राष्ट्रीय संयोजक अनुभव तैलंग, जिलाकार्यकारी अध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी, भाकियू नगर अध्यक्ष महेन्द्र राजपूत ने कहा कि जीवनदायिनी यमुना मात्र एक नदी नही बल्कि वह ब्रज संस्कृति का प्रतीक है। सभी ब्रजवासियों की माँ है और अब ब्रज जाग उठा है और वह अपनी यमुना मैया को मुक्त कराकर ही रहेगा। हमारे हाथों की मशाल हमारे दिलों में जलती आग का प्रतीक है जो अपनी मैया की दुर्दशा को देख दिलों में जल रही है। 15 मार्च को होने वाला आन्दोलन निर्णायक होगा और अब की बार यमुना भक्त यमुना को मुक्त कराकर ही लौटेगें ।
इस अवसर पर अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, मलिक अरोड़ा, रियासत कुरैशी, संजय शर्मा, सुमित शर्मा, मुकेश पहलवान, अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, कुलदीप, अश्वनी कुमार, राघव भारद्वाज, लता चैहान, रमेश सिकरवार, ठा रीतरात सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
मित शर्मा, मुकेश पहलवान, अजय सिकरवार, राज शर्मा, राजेन्द्र सक्सैना, कुलदीप, अश्वनी कुमार, राघव भारद्वाज, लता चैहान, रमेश सिकरवार, ठा रीतरात सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
Read More