मथुरा

मुंबई।" एक्सीलेंस अवार्ड " कमेटी द्वारा २०१४ की आउट डोर एडवर्टाइजिंग टेक्नोलॉजी कंपनी    ऑफ़ दी ईयर के लिए ग्लोबल एडवर्टाइज़र को चुना गया।इसके लिए २३ अगस्त २०१४ को बैंगलोर में स्थित होटल मोवेनपिक में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। जिसमे ग्लोबल एडवर्टाइज़र को " टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस अवार्ड -२०१४" अवार्ड से फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा के हाथों सम्मानित किया गया।ग्लोबल एडवर्टाइज़र के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव गुप्ता ने जिसके लिए सभी को धन्यवाद दिया।     S.B.Sharma   (P.R.O.)

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श्री कृष्ण कंी शाश्वत संगिनी मां यमुना को ब्रज में लाने के लिये यमुना भक्त प्रयासरत है। हरिनाम संकीर्तन के बल पर यमुना आन्दोलन को गतिमान करने के लिये यमुना रक्षक दल द्वारा विगत दो बर्षो से अखण्ड हरिनाम संकीर्तन चलाया जा रहा है। यमुना आन्दोलन को गतिमान करने के लिये यमुना रक्षक दल द्वारा 26 अगस्त मंगलवार से गोवर्धन में परिक्रमा मार्ग में पूंछरी के लौठा के निकट गुरूमाया धर्मशाला में अखण्ड हरिनाम संकीर्तन का शुभारम्भ किया गया। अखण्ड हरिनाम संकीर्तन के गोवर्धन में शुभारम्भ के अवसर पर यमुना रक्षक दल के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे एवं बडे़ उल्लास के साथ संकीर्तन करते हुआ शुभारम्भ किया गया। यमुना रक्षक दल के राष्टिय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि गिरीराज जी महाराज के आशीर्वाद से यमुना आन्दोलन को गति मिलेगी। उनके धाम में उनका संकीर्तन कर उनसे यमुना मुक्ति एवं शुद्धि की प्रार्थना की जायेगी। हरिनाम संकीर्तन में बडी शक्ति है और इसी हरिनाम के बल पर हम अपने उद्देश्य में अवश्य सफल होंगें। यमुना बढ रहा भंयकर प्रदूषण हम सभी के लिये हानिकारक है इसलिये हम सभी को उसकी मुक्ति के लिये प्रयास तेज करने होगें। यमुना रक्षक दल के राष्टिय महासचिव रमेश सिसौदिया ने कहा कि श्री कृष्ण की लीलाओं का प्रत्यक्ष साक्ष देने वाले ब्रज की पहचान गिर्राज जी और यमुना मैया है इसलिये हम उन्ही को संकीर्तन सुना यमुना मुक्ति की मुहिम को आगे ले जायेगें। यमुना रक्षक दल के  प्रदेश  सचिव हाशिम खान, अरूण चतुर्वेदी, ने कहा कि यमुना की मुक्ति के लिये ब्रज के एक एक ब्रजवासी को जाग्रत हो यमुना आन्दोलन में सहयोग करना होगा तभी हमारी यमुना मैया मुक्त हो सकेंगी। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के ब्लाक अध्यक्ष राधाबल्लभ शर्मा, राजेन्द्र भगत जी,  सतीश अवस्थी, विरेन्द्र दास, सत्यनारायण, ब्रजमोहन, उड़ीया बाबा, लाल बाबा, हरिओम सिंह, मोहन सिंह, सुरेश, निहालचन्द शर्मा, बाॅबी चश्मा, आदि उपस्थित रहे।

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नई दिल्ली : केन्द्रीय ग्रामीण विकास तथा स्वच्छ जल और स्वच्छता मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि साल 2019 तक सभी के लिए स्वच्छता का लक्ष्य हासिल करने में विभिन्न श्रेणियों के ग्रामीण शौचालय बनाने के लिए उन्होंने धन बढ़ाने के उद्देश्य से एक कैबिनेट नोट तैयार किया है। स्वच्छता तथा पेयजल पर राष्ट्रीय कार्यशाला में गडकरी ने कहा कि घरेलू शौचालयों के लिए राशि 10000 रुपये से बढ़ाकर 15000 रुपये की जाएगी और स्कूल शौचालयों के लिए 35000 रुपये की जगह 54000 रुपये दिये जाएंगे। इसी तरह, आंगनबाड़ी शौचालयों के लिए 8000 रुपये की जगह 20000 रुपये दिए जाएंगे तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के लिए दो लाख रुपये की जगह छह लाख रुपये देने का प्रस्ताव है। गडकरी ने यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में शौचालय बनाने के काम को मनरेगा से अलग कर दिया जाएगा। उन्होंने तेजी से निर्णय लेने और समाज के सभी वर्गों से सहयोग मांगा ताकि अगले साढ़े चार वर्षों में भारत को गंदगी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। उन्होंने कार्यशाला में शामिल राज्यों के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों से संघीय भाव से काम करने को कहा ताकि 2019 तक स्वच्छ भारत बनाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परियोजना लक्ष्य को हासिल किया जा सके। गडकरी ने इस बात की आवश्यकता पर जोर दिया कि शौचालय बनाने में गुणवत्ता हो तथा कम लागत की टेक्नॉलाजी का इस्तेमाल हो ताकि शौचालय 30 से 40 वर्ष तक टिकें। पेयजल की समस्या विशेषकर आर्सेनिक, अत्याधिक फ्लोराइड, भारी धातु तथा अन्य प्रदूषकों वाले 17 हजार बस्तियों की समस्या के बारे में उन्होंने कहा कि इस मामले से निपटने के लिए अगले दो महीनों में एक नई योजना शुरू की जाएगी और योजना पर युद्ध स्तर पर काम किया जाएगा।

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मेरठ : सुभारती लॉ कॉलेज के मूट कोर्ट हॉल में विधि छात्रों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय कलीमुल्ला खान ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज के मूल्यों में गिरावट आई है। हमें अपने नैतिक मूल्यों को समाज में पुनः प्रतिस्थापित कराना होगा।  खान ने छात्राओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि हमें लड़कियों के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा।  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मंजूर अहमद ने कहा कि विधि के छात्र-छात्राओं को गंम्भीरता से अध्ययन करना होगा। सुभारती की संस्थापिका अध्यक्ष डॉ. मुक्ति भटनागर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का धन्यवाद दिया। इस मौके पर डॉ. वैभव गोयल, डॉ. एसडी खान, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, डॉ. सरताज अहमद, रीना विश्नोई, सारिका त्यागी, डॉ. शौकेन्द्र शर्मा, रुखसाना, पिंटू मिश्रा, नीरज कर्ण सिंह, इरफान चौधरी, संजीव कुमार सिंह, डॉ. ओपी शर्मा, जफर अहमद खान, शाहनवाज़ खान आदि उपस्थित थे।

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यमुना निर्मल अविरल रूप में ब्रज के घाटों की शोभा बढ़ाये इसके लिये यमुना रक्षक दल यमुना आन्दोलन को बड़ा रूप देने के लिये दल द्वारा ब्रज के साथ- साथ यमुनोत्री से इलाहाबाद तक सभी गांव, कस्बों और शहरों में सभा कर लोगों को संगठित किया जा रहा है। इसी क्रम में 23 अगस्त शनिवार को शिकोहाबाद और सिरसागंज में सरस्वती शिशु मन्दिर में यमुना भक्तों की बैठक हुयी जिसमें दर्जनों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन स्वेदेशी समाज सेवा समिति के उपाध्यक्ष सतीश समर्थ द्वारा किया गया। विवेक यादव ने प्रकृति को बचायें चित्र भेंट एवं माल्यापर्ण कर स्वागत किया । सिरसागंज में बैठक को सम्बोधित करते हुये यमुना रक्षक दल के राष्टिय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि जीवन की मूल भूत आवश्यकताओं में से एक जल है और यह हमारा दुर्भाग्य है कि वह वर्तमान में अत्यन्त दूषित है। यमुना जीवन और आस्था दोनों दृष्टि से हमारे लिये महत्वपूर्ण है एवं इसके लिये हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा तभी यमुना पुनः अपने पुरातन स्वरूप में लौटेंगी। आज आवश्यकता है कि हम लोग संगठित हो यमुना को हथिनी कुण्ड से मुक्त कराने की मांग करें। कार्यक्रम में यमुना रक्षक दल के राष्टिय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास जी द्वारा डाॅ. पी.एस. राना को यमुना रक्षक दल का  फिरोजाबाद जिले का जिलाध्यक्ष और विवेक यादव को जिलामंत्री बनाया गया। यमुना रक्षक दल के जिलाध्यक्ष डाॅ. पी.एस. राना एवं जिलामंत्री विवेक यादव ने कहा कि यमुना जीवनदायिनी है और वह हमारे लिये मां के समान पूज्यनीया है यमुना बचाने के इस पावन संकल्प में हम सदैव हर प्रकार से तत्पर हैं। फिरोजाबाद में दल के आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुये बताया कि 14 सितम्बर को शिकोहाबाद में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जायेगा जिसमें जिले भर के यमुना रक्षक दल के कार्यकर्ता बडी संख्या में भाग लेगंे। कार्यक्रम के अन्त में कथाव्यास नवीन आर्य ने सभी यमुना भक्तों का आभार व्यक्त किया।  इस अवसर पर हरिओम बाबा, विरेन्द्र दास, राजेश कुमार, दिपेश कुमार, रामबाबू लाल, सी.पी यादव, नरेन्द्र यादव, भाई जी, बनवारी लाल कुशवाह, वीरप्रताप यादव, डाॅ कमलेश आर्य, गोलू कुलश्रेष्ठ आदि मुख्य रूप से उपस्थित थें।

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मथुरा। उच्चन्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन ने मूर्ति विर्सजन को लेकर बुलाई गई बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। विर्सजन से जुडे कार्यकर्ताओं ने अपने अपने सुझाव रखे।  अपर जिलाधिकारी (कानून व्यव्स्था) के चैम्बर में सैकड़ों की संख्या में गणेश प्रतिमा विर्सजन या शारदीय नवरात्र में लगने बाले दुर्गा पूजा पंड़ालों में सजाई जाने बाली दुर्गा की प्रतिमाओं के विर्सजन से जुडे लोग शामिल थे। उच्च न्यायालय के आदेश के वाद जिला प्रशासन ने नदी में मूर्ति विर्सजन पर रोक लगा दी और इस प्रकार के आयोजकों को अपने अपने सुझाव देने के लिये आमत्रित किया गया था। लेकिन इस सम्बन्ध बुलाई गई बैठक में कोई ठोस नतीजा नही निकल सका जबकि गणेश प्रतिमाओं की स्थापना का समय भी बहुत कम रह गया  है और 29 अगस्त से लेकर 8 सितम्बर तक इन प्रतिमाओं का विर्सजन भी किया जाना है। जिला प्रशासन की ओर से इतने कम समय में व्यवस्था करने में असमर्थता दिखाई गई। ऐसे में गणेश प्रतिमाओं के विर्सजन को रोक पाना जिला प्रशासन के बस की वात नही लगती है।  बैठक में उपस्थित लोगों ने अपने अपने सुझाव दिये जिसमें तालाव खुदवाकर उसमें पानी भरने की व्यवस्था करने के साथ साथ उस स्थान पर लाइट, सड़क आदि की व्यवस्था करने के साथ सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की व्यवस्था पर विचार रखे गये। आस पास की नहरों में भी विर्सजन करने की अनुमति दिये जाने की वात भी रखी गई। जिला प्रशासन द्वारा इतनी जल्दी इन व्यवस्थाओं को कर पाने में असमर्थता दिखाई गई। वृन्दावन से मदन गोपाल वनर्जी ने कहा कि वृन्दावन नगर पालिका परिषद अगर व्यवस्था करे तो प्रतिमाओं का विर्सजन नियत स्थान पर किया जा सकेगा। उपस्थित सभी लोगों का मत था कि इस वार जिला प्रशासन इस समस्या का स्थाई हल खोजते हुए स्थान का चयन करे तथा उस स्थान पर इन व्यवस्थाओं को करे ताकि मूर्ति पूजा के उपरान्त प्रतिमाओं का विर्सजन भी हो सके।  बैठक में सुनील शर्मा ने कहा कि आज तक यमुना में गिरने वाले नालों को तो जिलाप्रशासन रोक नही सका इन मर्तियों के विसर्जन से यमुना में प्रदूषण बड़ जायेगा या न करने से यमुना शुद्ध हो जायेगी। इस पर अपर जिलाधिकारी (कानून व्यवस्था) सुरेन्द्र कुमार शर्मा कोई भी उत्तर देने की स्थिति में नहीं थे। बैठक में वृन्दावन तथा मथुरा से मूर्ति विर्सजन से जुडे़ कार्यकर्ताओं में मदन गोपाल वनर्जी, नवीन गोयल, आशीष चतुर्वेदी,डा0 जी.के.विश्वास, अंकुर गौस्वामी, कार्तिक बसाक, डा0 जयगोपाल विश्वास, अचिन्त पाल, विपिन कुमार दत्त डा0 प्रहलाद भटटाचार्य, सपन साहा वरूण दास  आदि उपस्थित थे।

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किसकी सफाई किसकी मुक्ति, यमुना नहीं यह नाला है उपेक्षा ,प्रदूषण, लापरवाही के चलते यमुना अब दम तोड़ चुकी है सुनील शर्मा मथुरा। नारद पुराण के अनुसार ‘‘अयोध्या मथुरा माया काशी कांची ह्यवन्तिका पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिका’’ भारत की सात मोक्ष दायिनी पुरियों में से मथुरा भी एक पुरी मानी गयी है। जिसका आज भी जनमानस में बड़ा महत्व हैं। जिसका आधार यमुना नदी है। आज यही यमुना नदी अपनी मुक्ति की वाट जोह रही है।  यमुना अपने उद्गम स्थल से ब्रज में श्रीकृष्ण के लिए और इलाहाबाद में संगम के लिए चली थीं, वह केवल हरियाणा में अवरुद्ध किये जाने के लिए नहीं निकलीं थी। प्रदेश सरकारों की उपेक्षा पूर्ण कार्यवाही के चलते यमुना नदी दम तोड चुकी है। आज दिल्ली से जो यमुना ब्रज में आ रही है, वह यमुनोत्री की यमुना नहीं है। वह एक नई यमुना है जिसे दिल्ली की गंदगी ने ईजाद किया है। इस क्रम में दिल्ली के वाद नदी के किनारे बसे सभी शहर यमुना नदी को गन्दा करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यमुना को मुक्त कराने के अभी तक किये गये सभी प्रयास विफल हो गये है। वर्तमान नाला रूपी यमुना को नदी वता कर हजारों करोड़ों रुपया प्रदूषण के नाम पर अब तक स्वाह किया जा  चुका है लेकिन छोटी छोटी नालियों के गन्दे पानी को लेकर चल रहा बड़ा नाला आज भी लोगों के जहन में यमुना नदी के रूप में है।  अब तक यमुना प्रदूषण की बात करने वालों को जनता के सामने यह सच्चाई लानी ही होगी कि ब्रज में यमुना नहीं है, यमुना की जगह जो दिखाई दे रहा है वह केवल नाले-नालियों का गंदा पानी, मल-मूत्र, कट्टीघरों का खून एवं रासायनिक कचरा है और यही जल स्त्रोतों के माध्यम से हमारे घरों में भी जा रहा है। इस पानी से बड़ों से लेकर बच्चों तक की किडनियां फेल हो रही है, फैंफड़े संक्रमित हो चुके हैं, कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बड़ रही है। यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए भेजा गया हजारों करोड़ रुपया आखिर गया कहां। उसे कौन खा गया। अकेले दिल्ली में यमुना को साफ करने को लेकर अब तक 18 हजार करोड़ रुपया खर्च किया जा चुका है। लेकिन दिल्ली में भी आज तक यमुना शुद्ध नही हो सकी है। उसमें मिलने वाले नालों को आज तक रोका नहीं जा सका है। योजना के अनुसार नालों का पानी साफ किये जाने के बाद फिर यमुना में समाहित नहीं किया जायेगा। उस पानी का ट्रीटमेंट करके नहरों के माध्यम से किसानों को दिया जाएगा। लेकिन इस पर भी कोई ठोस काम आज तक नही हो सका है। मथुरा वृन्दावन में इस नदी के किनारे पड़ने वाले नाले कागजों पर टेप किये जा चुके हैं लेकिन हकीकत इससे परे है। मथुरा वृन्दावन नगर के अधिकांश नाले आज भी नगर का सारा कचरा और सीवर का गन्दा पानी यमुना में पहुंचा रहे है। मथुरा स्थित मसानी नाला आज भी उसी स्थिति में है। उसमें लगाई गई जाली भी टूट चुकी है। नाले का गन्दा पानी सीधे यमुना में गिरता देखा जा सकता है।  न्यायालय के आदेश के वाद भी यमुना के किनारे खादर की स्थिति यह है कि यहां हजारों की संख्या में अवैध काॅलोनियां बन गई हैं तथा इनमें चारों तरफ केवल घर ही घर दिखाई दे रहे हैं। विद्युत विभाग इन काॅलोनियों में एक भी कनैक्शन नहीं देने का दावा करता है। मगर इन काॅलोनियों में लोगोें के घरों में टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखा, डिश एन्टीना हर घर की छत पर देखा जा सकता है। यहां तक कि लोगों के घरों में समरसेविल पम्प भी लगे हैं जिससे वह पानी की सप्लाई भी ले रहे हैं अगर विद्युत विभाग यहां कनैक्शन नहीं दे रहा है तो इन काॅलोनियों के लोग इन सुबिधाओं को किस प्रकार से भोग रहे हैं। इसका सीधा सा जवाब है कि इन काॅलोनियों में सब अवैध कनैक्शन के सहारे जिन्दा हैं। घाटों के करीव से यमुना अपना प्रवाह छोड़ चुकी है। जिसके कारण यमुना के किनारे अवैध कब्जे हो गये हैं। जिसे जहां जगह मिली उसने यमुना के किनारे अपने स्वार्थ में मकान, दुकान, गैराज, बगीची, डोरी निवाड का कारखाना यहां तक कि संत महन्त भी यमुना के घाटों के किनारे गौशाला बना कर ही कब्जा कर रहे हैं। इस ओर जिला प्रशासन का कोई ध्यान नही है।  सबसे बड़ा प्रश्न कि जिले में जब एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति यमुना की देख रेख के लिये की गई है तो अब तक नोडल अधिकारी रहे जितने भी अधिकारी थे उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को ठीक से क्यों नहीं निभाया। क्या उनके खिलाफ कार्यवाही नही होनी चाहिये। अब कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, ठोस कार्यवाही होनी चाहिये। यमुना को मुक्ति दो, मथुरा में आने दो 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लिए मंजूरी दी गई। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम भारत को डिजिटल सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के बारे में 7 अगस्त को हुई प्रधानमंत्री की बैठक के दौरान इसके डिजाइन पर चर्चा हुई थी। मोदी की इस बैठक के बाद डिजिटल इंडिया कार्यक्रम सरकार के सभी मंत्रालयों को देश के हर कोने से जोड़ने का एक कारगर प्रयास है। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रोनिक्स और प्रौद्योगिकी विभाग की परिकल्पना है। डिजिटल इंडिया के विजन का उद्देश्य देश को डिजिटल सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करना है। यह कार्यक्रम चालू वर्ष से 2018 तक चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। डिजिटल इंडिया की प्रकृति रूपांतरकारी है तथा इससे सुनिश्चित होगा कि सरकारी सेवाएं नागरिकों को इलेक्ट्रानिक रूप से उपलब्ध हों। यह सरकार की सेवाओं को इलेक्ट्रानिक रूप से प्रदान करने के जरिए सार्वजनिक जवाबदेही बढ़ाएगा। (Read in English: Digital India – Digital Empowered Society And Knowledge Economy)    फिलहाल अधिकतर ई-गवर्नेन्स परियोजनाओं के लिए आर्थिक सहायता केंद्र या राज्य सरकारों में संबंधित मंत्रालयों/विभागों के बजटीय प्रावधानों के जरिए होती है। डिजिटल इंडिया के लिए अलग-अलग परियोजनाओं के लिए फंड की जरूरत का अनुमान संबंधित नोडल मंत्रालय/विभाग लगाएंगे।   डिजिटल इंडिया के विजन क्षेत्रों को इस प्रकार से बांटा गया है कि इससे प्रत्येक नागरिक के लिए सुविधा के रूप में बुनियादी ढांचा, मुख्य सुविधा के रूप में हाई स्पीड इंटरनेट सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराया जाएगा। अनोखी, आजीवन, ऑनलाइन और प्रमाणन योग्य डिजिटल पहचान, मोबाइल फोन और बैंक एकाउंट व्यक्तिगत स्तर पर डिजिटल और वित्तीय रूप में भागीदारी में समर्थ बनाएंगे। स्थानीय स्तर पर सामान्य सेवा केंद्र तक आसान पहुंच, पब्लिक क्लाउड में साझा करने योग्य निजी स्थान, देश में सुरक्षित साइबर स्पेस   गवर्नेन्स और मांग पर सेवाएं देना भी इसका एक कारगर पहलु है। जिससे देश के सभी लोगों को आसान एवं सिंगल विंडो एक्सेस उपलब्ध कराने के लिए विभागों या अधिकार क्षेत्रों तक निर्बाध समेकन, ऑनलाइन और मोबाइल प्लेटफार्म से रीयल टाइम में सरकारी सेवाएं उपलब्ध, सुगम एक्सेस सुनिश्चित करने के लिए सभी नागरिकों को क्लाउड पर उपलब्ध कराने का हक, इलेक्ट्रानिक और कैशलेस वित्तीय लेनदेन करने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।   डिजिटल इंडिया कार्यक्रम दे के नागरिकों के सशक्तिकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सबको डिजिटल साक्षर बनाना, सभी डिजिटल संसाधन सबको सुगम-सुलभ कराना, सभी सरकारी कागजात/प्रमाणपत्र क्लाउड पर उपलब्ध कराए जाएंगे, भारतीय भाषाओं में डिजिटल संसाधन/सेवाओं की उपलब्धता, डिजिटल इंडिया का कार्यक्षेत्र, भारत को ज्ञान भविष्य के लिए तैयार करना, बदलाव के लिए प्रौद्योगिकी को केंद्रीय स्तर पर रखा जायेगा। डिजिटल इंडिया का उद्देश्य वृद्धि के नौ प्रमुख स्तंभों पर आवश्यक ध्यान देना भी है। जिसमें ब्राडबैंड हाइवेज, मोबाइल कनेक्टिविटी सबको सुगम-सुलभ कराना, पब्लिक इंटरनेट एक्सेस प्रोग्राम, ई-गवर्नेन्स: प्रौद्योगिकी के जरिए सरकार को सुधारना, ई-क्रांति - सेवाओं की इलेक्ट्रानिक डिलीवरी, सबके लिए जानकारी, इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण, रोजगारों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, अर्ली हार्वेस्ट प्रोग्राम्स आदि। मोदी सरकार जब से सत्ता में आयी है तभी से सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों को इन्टरनेट से जोड़ने की बात चल रही थी। डिजिटल इंडिया के नाम से चालू हो रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य में इसका लाभ सभी भारतीयों मिलेगा। इस कार्यक्रम के क्रिन्यान्वयन के बाद उन लोगों को अधिक लाभ होगा जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से घबराते है या उनके पास इन दफ्तरों के आगे-पीछे घुमने के लिए समय की भी कमी है। इसके साथ ही समाज के उन लोगों को भी लाभ होगा जिनको सरकारी दफ्तरों में काम करवाने के लिए वहां के कर्मचारियों को रिश्वत देने पड़ते है। इस कार्यक्रम की आधारशिला ही इसलिए रखी गयी है जिसके इससे सरकारी दफ्तरों में पैसे की उगाही और समय की बर्बादी दोनों को रोका जा सके।

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मथुरा। नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजिल सैनी ने पत्रकारों से औपचारिक बातचीत में कहा कि यातायात व्यवस्था पर विशेष बल दिया जायेगा। वहीं अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस बल पूरी मेहनत करेगा। किसी भी व्यक्ति को पुलिस से शिकायत न हो इसके लिए उनके दरवाजे खुले हुए हैं। महिलाओं की सुरक्षा और उनके साथ होने वाली घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।

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मथुरा। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष डा0 डी0पी0 गोयल के नेतृत्व में सुबह जंक्शन पर सांसद नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर कठेरिया का गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया गया। कटेरिया ताज एक्सप्रेस वे से दिल्ली से आगरा जा रहे थे। सुबह सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़े फूल माला दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। स्वागत करने वालों में डाॅ0 डीपी गोयल, तेजवीर सिंह, पूर्व विधायक प्रणपाल सिंह, पं0 देवेंद्र शर्मा, राम किशन पाठक, संजय शर्मा, शिवकुमार रावत, सत्यपाल चैधरी सुमित शर्मा, विक्की वाल्मीकि, राजेश नागर, ब्रजो सैनी, तरूण सेठ, उदय भान सिंह विकास रूहेला, हरिओम शर्मा, प्रदीप चैधरी, निर्भय पांडे, भगत पांडे, धर्मवीर सिंह, अवधेश गुप्ता, मुकेश आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

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