मथुरा

मथुरा। थाना मांट के ग्राम नगला सिरया निवासी सुशीराम पुत्र भूड्डा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी पुत्री लक्ष्मी के पति राजेश पुत्र उमाशंकर निवासी नगला जन्दू जिला हाथरस ने अपने सात अन्य परिजनों के साथ मिलकर लक्ष्मी से अतिरिक्त दहेज की माॅग की, माॅग पुरी नहीं होने पर नामजदों ने उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया और ससुरालियों ने लक्ष्मी को गाली गलौज करते हुए मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी देते हुए घर से ढकेल कर बाहर निकाल दिया। पीडि़ता ने घर पहुंच कर घटना से अवगत कराया। पिता ने पुलिस में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं।  

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मथुरा। ब्रज की पहचान ब्रज की कला संस्कृति के उन अनर्वत श्रोतों से बह रही मंदाकिनी के द्वारा दुनिया भर में होती है जिसमें समाया है ब्रज रस श्रीकृष्ण के वात्सल्य माधुरी का दर्शन ब्रज सदैव से लोक रंजनी लोक कलाओं का केन्द्र बिन्दु रहा है समृद्धशाली ब्रज की इन लोक कलाओं से ब्रज के लाखों कलाकार, व्यापारी, पण्डा और सामान्य जीवन जीने वाला व्यक्तत्व इन्हीं लोक कलाओं से परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है और अपना इन्हीं लोक कलाआंे के माध्यम से जीवन-यापन कर रहा है जिनमें रासलीला, रामलीला स्वांग और रसिया की प्रस्तुतियां देश-विदेशों में भी समय-समय पर धूम मचाती रहती है। परन्तु राष्ट्र को दिशा और दशा देनेे वाला आधुनिक रंगमंच दो दशकों से उपेक्षा का शिकार पड़ा सिसक रहा है नाटक समाज का दर्शण होता है समाज को निर्देशित करता है, सत्तर से नब्बे के दशक में ब्रज मण्डल नाट्य संस्थाओं से भलीभांति फलता-फूलता था। सौकिया रंगकर्मीयों द्वारा अनेकों नाट्य संस्था, कलाभारती, स्वास्तिक, भारतीय नाट्य संघ, जागृति कला संगम, ब्रज जागृति रंगमण्डल, लोक कला भवन, रंगद्वार, अनामिका, रंगयात्रा व रंगद्वार जैसी चच्रित संस्थाऐं आए दिन ब्रज के सभ्य नागरिकों के समक्ष अपनी-अपनी प्रस्तुतियों देते रहते थे। वेगम का तकिया, रंगमहल, गाँधी जी की बकरी, कफन, तीन इक्के, दिल्ली तेरी बात निराली, दिल्ली ऊँचा सुनती है, पाप रे बाप, कसाई वाड़ा, नयाघर जैसे नाटकों की प्रस्तुतियों का केन्द्र था, परन्तु दो दशक से ब्रज के आधुनिक रंगमंच में मरुस्थल जैसा सूनापन व्याप्त हो चुका है। नवयुवकों में रंगमंच के प्रति किसी तरह का कोई लगाव न होना इसका मुख्य कारण है उक्त विचार ब्रज जागृति रंगमंण्डल ने ब्रज को पुनः रंगमंच की उत्तम प्रस्तुतियों का केन्द्र बिन्दु बनाने का वीड़ा उठाया है। इसी श्रृंखला में आज ब्रज जागृति रंगमंण्डल द्वारा नाट्य प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन अनेकों पुरुषकार प्राप्त प्रख्यात रंगकर्मी रंगाचार्य पं. लोकेन्द्रनाथ कौशिक ने भगवान नटराज के श्री विगृह के समक्ष पुष्पहार पहनाकर दीप प्रज्ज्वलित कर, विधिवत उद्घाटन वेद मंत्रों की रिचाओं की सस्वर स्वर लहरी के साथ हुआ, कार्यशाला का उद्घाटन श्री गोवर्धननाथ जी का मंदिर, छत्ता बाजार के भव्य प्रागंण में प्रातः बेला में हुआ। उद्घाटन के शुभ अवसर पर अनैकों प्रशिक्षणार्थीयों के साथ नगर के बुद्धजीवी समाज सेवी कलाकार उपस्थित थे। श्री कौशिक ने अपने उद्घाटन उद्घोषण में व्यक्त किए ब्रज जागृति रंगमण्डल द्वारा विगत वर्षों से ब्रज के कलाकारों और आधुनिक रंगमंच पर महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्य किए जाने पर बधाई दी तथा आशा व्यक्त की कि ब्रज के रंग जगत में रंगमंचीय सेवा की साधना में रंगमण्डल बराबर लगा रहेगा। ब्रज में स्वस्थ मनोरंजन के लिए अच्छे नाट्य प्रस्तुतियों का बराबर मंचन होता रहेगा, इस अवसर पर युवा नाट्य निर्देशक सौरभ कौशिक ने बताया कि नाट्य शिविर में अभिनय की वारिकियों, व्यक्तत्व विकास, लेखन, माईम, हविंग, बोडी लाँवेज रंगमंचीय व्यायाम के साथ-साथ एक्टिंग, आवाज, मंच मूमेन्ट पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जावेगी। पूर्व दूरदर्शन प्रभारी आर.के. त्रिपाठी ने दूरदर्शन और आकाशवाणी के रंगकर्म की विधिवत प्रशिक्षण देने की योजना के बारे में जानकारी दी, रंगमंच में काव्य और गीत का महत्व पर जानकारी प्रख्यात गीतकार डाॅ. नटवर नागर ने दी। तीन दर्जन प्रशिक्षणार्थीयों ने अब तक रंगकर्म प्रशिक्षण हेतु अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इस अवसर पर गौरव शर्मा, सौरभ चैधरी, सुगन्धा देवी, भावना, मनीष शर्मा, विनोद वर्मा, पंकज अग्रवाल, वेदांत कौशिक, सौरव शर्मा, शिवांग भट्ट, दीपक शर्मा, श्रेयस चतुर्वेदी, आशीष शर्मा, मनोज गुप्ता आदि ने भाग लिया।

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अधिकारियों की सुस्ती के चलते दवा विक्रेताओ की कट रही चाॅदी राया। कस्बे में तेजी से फैल रही नशे की लत नवयुवको का भविष्य गर्त की ओर जाता दिखाई दे रहा है किसी भी समाज या राजनैतिक दल ने आगे आकर इन पर शिकंजा कसने की पहल न की है पहले से ही धूम्रपान नवयुवको की जिन्दगी को खोखला करने में लगा हुआ है। इसी के साथ में स्मैक चरस और अफीम का कारोबार भी कस्बा और क्षेत्र में जोर पकडता जा रहा है। लेकिन प्रशासन में बैठे भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी के चलते नकेल नही कस पा रही है। सूत्रों की माने तो इसका एक बडा हिस्सा प्रशासन के ठेकेदारो को भेज दिया जाता है। जिसका आपस में बन्दरवाॅट करके लिया जाता है। इसके बावजूद क्षेत्रीय समाचार पत्रों व चैनलो के माध्यम से प्रशासन में बैठे अधिकारीयों को मीडिया द्वारा अवगत कराया जाता है। परन्तु समाज के सन्तुष्ट करने की चाह रखने वाले कर्मचारी द्वारा इन लोगो पर कोई कार्यवाही नही कि जाती है। अभी तो नषे की यह बीमारी गुपचुप तरीको से बाजार में चल रही है। आज इस प्रकार की बीमारी को रंग स्टोरो पर खुले आम बेचा जा रहा है। लेकिन भ्रष्ट कर्मचारियों के संरक्षण में पनप रहे समाज को दूषित करने वाले दुकानदारो पर नकेल नही कसी जा रही है। सूत्रों के अनुसार राया में सौ दवा विक्रेताओ मे से पचास ऐसे दवा विक्रेताओ को ढुढना कठिन नही होगा जो कि प्रतिबन्ध दवाईयो के रूप में नवयुवको को जहर बेच रहे है दवाओ की बिक्री के साथ जहर बेचने वाले दुश्मन नयी पीढी का नाश करने में लगे हुये बडा मुनाफा कमाने के चक्कर में ये दवा विक्रेता नशे की इंजेक्शनों को नशे की लत में पड गये नवयुवको को बेचते है और साथ ही यह डर बता कर की कही कोई छापा नही पड जाये बडी मुश्किलो से मगायें जाते है। इसी प्रकार की प्रतिबन्ध दवाईयाॅ दवा विक्रेता द्वारा पशुओ गाय भैंसो से दूध निकालने के लिये प्रयोग किये जाने वाले इंजेक्शन भी प्रयोग किये जा रहै। जिसके कारण पशुओ दूध निकालने के लिये प्रयोग किये जा रहे है। दूध निकालने वाले इंजेक्शन भी अवैध रूप से बेचे जा रहे है। परन्तु पैसे के लिये अन्धे हो गये इन दंरिदों को नवयुवको की जिन्दगी का नाश करने से कोई कोई गुरेज नही है। अपनी तिजुरी भरना ही इनका मकसद है। समाज से इनका कोई लेना देना नही है। ऐसे में प्रशासन के साथ समाज सुधारक और सामाजिक संगठनो को आगे आकर पहल करनी चाहिये। वही एसटीसीए के सदस्य राकेश बंसल ने बताया है कि राया में गायें, भंेसों के इजेक्सन बडे़ पैमाने पर अवेध रुप से बेचे जा रहे है वही युवा पीडि़यों को भी गुप चुप तरिके से बेचे जा रहे है और बताया कि ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाही करने कि माॅग की है और कहा है कि प्रशासन से इन लोगो के खिलाफ जल्दी से जल्दी करने की माॅग की है।    

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मथुरा। शहर के डैम्पीयर नगर वैलफेयर एसोशियेशन का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी बी0 चन्द्रकला से मिला और शहर की पाॅश रिहायसी कालोनी डैम्पीयर नगर की बदहाली को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि उक्त कालौनी लगभग 100 वर्ष पूर्व स्थापित हुई थी इसके बाद आज यह अपनी बदहाली पर आसू वहा रही हैं। जेनर्म यांेजना के तहत नगर पालिका द्वारा किये जा रहें कार्यो की वजह से स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। यहाॅ सफाई व सड़कों की हालत दयनीय है, जब शहर की पाॅश कालौनी का यह हाल है तो शहर की हालत क्या होगी यह अच्छी तरह समझा जा सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी से क्षेत्र की समस्याओं के निदान की माॅग की हैं।

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री ने महल में एक स्‍वागत समारोह में भूटान नरेश महामहिम जिग्‍मेखैसर नामग्‍येल वांगचुक से भेंट की। प्रधानमंत्री ने भूटान नरेश से भेंट के बाद प्रधानमंत्री तोबगे से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों की उष्‍मा को दर्शाता है। उन्‍होंने अपनी पहली विदेश यात्रा को सफल बनाने वाले व्‍यक्‍तियों के प्रयासों की भी प्रशंसा की। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे की ओर से आयोजित भोज में भाग लेने के दौरान मोदी ने कहा, 'खुशहाली की गारंटी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आपको कैसे पड़ोसी मिलते हैं। कभी-कभी आपको ऐसे पड़ोसी मिलते हैं कि सारी खुशहाली और समृद्धि होते हुए भी आप शांति से नहीं रह सकते हैं।' मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों की बी-टू-बी अर्थात भारत से भूटान के रूप में व्‍याख्‍या की। प्रधानमंत्री भारत को भूटान के सुविधा प्राप्‍त साझीदार माने जाने पर संतोष जाहिर किया और यह रेखांकित किया कि उनकी सरकार इन मजबूत संबंधों का पोषण ही नहीं करेगी इनको और मजबूत भी करेगी। प्रधानमंत्री ने व्‍यापक शैक्षणिक संपर्कों की संभावनाओं पर जोर दिया और भारत में भूटानी छात्रों को दी जा रही छात्रवृत्‍ति को दोगुना करने का सुझाव दिया। भारत 2 करोड़ रुपये की छात्रवृत्‍ति उपलब्‍ध कराएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी सूचित किया कि भारत उसे एक पुस्‍तकालय स्‍थापना में भी सहायता करेगा जो भूटानी छात्रों की 20 लाख पुस्‍तकों और पत्रिकाओं तक पहुंच बनाएगा।

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लेखक.. पवन तिवारी ठीक एक साल पहले आज ही का दिन उत्तराखंड के लिए किसी काले दिन से कम नहीं था। उत्तराखंड में आई भीषण दैवीय अपदा ने उत्तराखंड के दिल में ऐसा जख्म दिया कि आज एक साल हो जाने के बाद भी उस जख्म के घाव हरे हैं। उस दौरान 'देवभूमि' कही जाने वाली उत्तराखंड की जमीन में किसी भी देव के पदचिह्न नहीं बल्कि लाशों का अंबार दिखाई दे रहा था। उत्तराखंड में आई भीषण तबाही इस बात का संकेत है कि जब भी इंसान प्रकृति की बनाई हुई चीजों से खिलवाड़  करने की कोशिश करेगा तब-तब प्रकृति के कहर को उसे झेलना पड़ेगा।  बीते साल की त्रासदी का साया अब भी उत्तराखंड पर मंडरा रहा है। उत्तराखंड में पर्यटन व्यवसाय पर निर्भर लोगो के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यात्रियों का भरोसा कैसे बहाल किया जाए। अब की बार तीर्थयात्रियों की संख्या में आई गिरावट ने यहां के होटल और गेस्टहाउस कारोबार की कमर तोड़ कर रख दी है। प्रकृति के बीच बसे इस प्रदेश में एक साल गुजर जाने के बाद भी नर कंकालो का मिलना बदस्तुर जारी है। इस सबको को देखते हुए, तबाही में मारे गए लोगों की संख्या का आंकलन करना बेहद मुश्किल हैं। तबाही के बाद से कई गांव में फिर से जीवन शुरू नहीं हो पाया है। इस तबाही का कारण इंसान ही है जो अपनी आवश्कताओं की पूर्ति के लिए दिन-प्रतिदिन प्रकृति के साथ खिलवाड़ करता जा रहा है। हम लोग अब भी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है कि इस तबाही का वास्तविक कारण हम ही थे। पुनर्वास के दावे करने वाली सरकार अभी तक आपदा से जूझ रहे वाशिंदों के लिए सुरक्षित विस्थापन की राह नहीं तलाश पाई है। केदारनाथ में आई आपदा की पहली बरसी पर देशभर में हजारों आंखें आज फिर से नम हो गई हैं। किसी अपने के खो जाने का दर्द हर उस दिल में है जो उस तबाही के दौरान किसी न किसी तरह उत्तराखंड में मौजूद था। आज भी उनकी आंखों में अपनों की यादों में आंसू उमड़ आते हैं... या फिर कोई विचलित मन आज भी उम्मीद लिए अपने अपनो की तलाश में उत्तराखंड पहुंच जाता हैं। घाटी में बिखरे पत्थर प्राकृतिक न्याय की अवधारणा का सबूत हैं। इस बार इनसे सबक लेने की जरूरत है। प्रकृति को प्राकृतिक तरीके से चलने दें क्योंकि प्रकृति ही जीवन धारा है। यह बची रही तो जीवन यात्रा यूं ही चलती रहेगी। अन्यथा पलायन के लिए धरती छोटी पड़ जाएगी।

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थिंपू : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात कहा कि देश की खुशहाली के लिए अच्छा पड़ोसी होना महत्वपूर्ण है और इसके अभाव में देश समृद्धि के बावजूद शांति से नहीं रह सकता। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को पड़ोसी मुल्कों चीन और पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जा सकता है। उन्होंने भूटान को इस बात की याद दिलाते हुए यह टिप्पणी कि उसकी खुशहाली के कारणों में से एक उसके पास भारत जैसा अच्छा पड़ोसी होना भी है। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे की ओर से आयोजित भोज में भाग लेने के दौरान मोदी ने कहा, 'खुशहाली की गारंटी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आपको कैसे पड़ोसी मिलते हैं। कभी-कभी आपको ऐसे पड़ोसी मिलते हैं कि सारी खुशहाली और समृद्धि होते हुए भी आप शांति से नहीं रह सकते हैं।' हालांकि मोदी ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को चीन और पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जा सकता है, क्योंकि इनकी वजह से आर्थिक समृद्धि के बावजूद भारत को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले विदश दौरे के लिए मोदी ने भूटान को चुना है। दो दिन के दौरे पर यहां आए प्रधानमंत्री ने भूटान को आश्वस्त किया कि नयी दिल्ली में सरकार बदलने के बावजूद भारत उसे विशेष तरजीह देना जारी रखेगा। उनका यह आश्वासन काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के दिनों में चीन भूटान को अपने प्रभाव में लेने का प्रयास करता रहा है। मोदी ने आज रात भूटान को आश्वासन दिया कि भले ही दिल्ली में सरकार बदल गयी हो लेकिन भारत उसकी खुशहाली एवं प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है । उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए शांति, सुरक्षा, विकास एवं पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर पर ध्यान देने को अधिक बल दिया।

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नई दिल्ली : केन्द्रीय स्वास्थ्य और कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि बलात्कार पीड़ित और यौन अत्याचार पीड़ित महिलाओं को सहानुभूति से अधिक आदर की आवश्यकता होती है। समाज का यह दायित्व है कि वह पीड़ित महिला को न्याय दे और उसके पुर्नवास का काम करें ताकि वह प्रताड़ना की पीड़ा से उबर सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारतीय व्यवस्था में ऐसी महिलाओं की दयनीय स्थिति की शुरूआत थानों में या अस्पतालों में लापरवाही या संवेदनहीनता के कारण होती है। डॉ. हर्षवर्धन भोपाल में जयप्रकाश अस्पताल भोपाल के तत्वावाधान में एकल खिड़की संकट केन्द्र (वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर- ओएससीसी) शुरू किए जाने के मौके पर संसदीय संगठनों के प्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों अधिकारियों तथा अन्य पेशेवर लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस एकल खिड़की संकट केन्द्र का उद्देश्य बलात्कार और यौनाचार पीड़ित महिलाओं को समर्थन, देखभाल, इलाज, सुरक्षा तथा कानून सलाह देना है। यह देश का पहला एकल खिड़की सेवा केन्द्र है और इसे मध्यप्रदेश सरकार के गौरवी महिला सम्मान एवं संरक्षण अभियान के हिस्से के रूप में शुरू किया गया है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान तथा जानेमाने अभिनेता आमीर खान भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से पीड़ितों के परिवारजनों से मिला हूँ और मैने संवेदनहीन प्रणाली का शिकार होते हुए उन्हें देखा है। उन्होंने कहा कि बलात्कार के कुछ घंटों के बाद ही पीड़ित को चिकित्सा और कानूनी सहायता देनी होती है लेकिन इस नियम को भी धड़ल्ले से तोड़ा जाता है। गरीब परिवार से आने के कारण पीड़ित और उसका परिवार इस हालत में नहीं होता कि वह मांग करे कि नियमों का पालन किया जाए। अनेक बार उन्हें ऐसे नियमों की जानकारी भी नहीं होती। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने घोषणा की कि वह सभी केन्द्रीय अस्पतालों तथा राज्य सरकारों को परामर्श देंगे कि वह अपने यहां एकल खिड़की संकट केन्द्र जैसे संस्थान स्थापित करें। डॉ. हर्षवर्धन ने भोपाल में सरकार और स्वयंसेवी संगठन के बीच सहयोग की सराहना की और कहा कि देश के बाकी हिस्सों खासकर राष्ट्रीय राजधानी के लिए एक मॉडल साबित होगा जहां पीड़ितों के साथ बर्ताव में सुधार की अधिक आवश्यकता है। हर्षवर्धन ने घोषणा कि अस्पताल के अधिकारियों को बलात्कार और यौन अत्याचार पीड़ित लोगों की शारीरिक तथा मनोवैज्ञानिक जरूरतों से निपटने के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में नियम और परंपराएं है लेकिन उन्हें लागू नहीं किया जाता। नतीजा यह होता है कि दो अंगुलियों से जांचने के प्रतिबंधित व्यवहार की भी अनदेखी की जाती है। उन्होंने कहा कि दंडात्मक प्रावधान किए जाएंगे ताकि सामान्य नियमों की अनदेखी करने वाले अस्पताल कर्मियों को निलंबित किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि नए नियम से पीड़ित को चिकित्सा और कानूनी साक्ष्य जुटाने में आसानी होगी। अगर पीड़ित को अस्पताल में दाखिल कराने की जरूरत पड़ी तो उसके लिए एक अलग कैबिन की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को विशेष कोष देगा ताकि वह चिकित्सा और कानूनी जरूरतों के आने पर खर्च कर सकें। इसमें पीड़ित के परिवारजनों के रहने और उनके आनेजाने का खर्च भी शामिल होगा। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि पीड़ित के परिवार से किसी राशि की वसूली नहीं की जाएगी। इससे पहले डॉ. हर्षवर्धन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल को देखने गए उनके साथ स्वास्थ्य सचिव लव वर्मा भी थे। एम्स भोपाल के निर्देशक डॉ. संदीप कुमार ने उन्हें परिसर दिखाया। एम्स भोपाल भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का सपना है और इसकी परिकल्पना उस समय की गई थी जब वाजपेयी मंत्रिमंडल में सुषमा स्वराज स्वास्थ्य मंत्री थीं। अस्पताल में ओपीडी तथा अन्य विभाग काम कर रहे हैं और इनडोर सेवा में मरीजों की भर्ती शीघ्र होने लगेगी। मेडिकल कॉलेज शाखा में स्नातक के दो बैच चल रहे हैं। डॉ हर्षवर्धन ने संस्थान के निर्देशक, इंजीनियरों तथा अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह छह महीने के अंदर बाकी बचे कार्य पूरा करें ताकि अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरी तरह तैयार एम्स भोपाल को राष्ट्र को समर्पित कर सकें। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि महान प्रधानमंत्री की दृष्टि को साकार किया गया है। एम्स भोपाल के पास एम्स दिल्ली के स्तर से मुकाबला करने की प्राप्त क्षमता है और इससे जुड़े लोगों के समर्पण से यह कार्य पूरा होगा। एम्स भोपाल के पास आयुष सुविधा भी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नए एम्स के लिए 100 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने का फैसला किया गया है और निर्देशक से कहा गया है कि वह जमीन खरीदारी संबंधी बातचीत करें ताकि मानसिक रोग, जेरियाट्रिक्स मेडिसिन तथा नेत्र विज्ञान जैसे विभाग जोड़े जा सकें। मॉडल एम्स नई दिल्ली की तरह होना चाहिए जिसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद नेत्र विज्ञान संस्थान परिसर में ही है। स्वास्थ्य मंत्री कॉलेज में लड़के और लड़कियों के छात्रावास में गए और उनके साथ मेस में भोजन किया। 

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23 जून को मथुरा से हथिनीकुण्ड बांध तक यमुना रक्षक दल की होने वाली मोटर साइकिल यात्रा को लेकर सोमवार को काशीबाई धर्मशाला बंगाली घाट पर यमुना रक्षक दल के कार्यकर्ताओं की बैठक हुयी। बैठक का संचालन अरूण चतुर्वेदी ने करते हुये बैठक उपस्थित यमुना प्रेमियों का परिचय कराते हुये ब्रजवासियों से मोटर साइकिल यात्रा में बडी संख्या में भाग लेने की अपील की। बैठक की अध्यक्षता करते हुये यमुना रक्षक दल के राष्टीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि गंगा के साथ - साथ यमुना को भी केन्द्र सरकार द्वारा प्राथमिकता से अपने सफाई अभियान में लिया जाये। यमुना रक्षक दल द्वारा केन्द्र सरकार का ध्यान यमुना की ओर आकृष्ट करने हेतु यमुना रक्षक दल द्वारा 23 जून को मथुरा से हरियाणा के हथिनीकुण्ड बांध तक  मोटर साइकिल यात्रा निकाली जा रही है जिसके माध्यम से यमुना भक्त 500 बोतल विश्रामघाट का जल व 500 बोतल हथिनीकुण्ड पर कैद यमुना जल ले दिल्ली जाकर यमुना भक्तो द्वारा दोनो जगह का जल सांसदो को भेंट किया जायेगा ताकि उनके द्वारा यमुना को भी सफाई अभियान में जोडा जाये। संत ने आगे कहा कि हम चाहते है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में ब्रजवासी मोटर साइकिल में भाग लें जो यमुना भक्त मोटर साइकिल यात्रा में चलना चाहते है वे दल के कार्यालय में संपर्क करें। बैठक उपस्थित सभी यमुना भक्तों द्वारा एक स्वर में कहा गया कि यमुना के साथ अत्याचार अब नहीं सहा जायेगा हम सभी यमुना की मुक्ति व शुद्धि के लिये यमुना आन्दोलन में सदैव तत्पर है। इस बैठक में अनूप चतुर्वेदी, शिवदत्त चतुर्वेदी, सुरेश चतुर्वेदी, राधेश्याम चतुर्वेदी, अनिल चतुर्वेदी, रमेश चतुर्वेदी, हाशिम खान, जिलानी कादरी, बामन चतुर्वेदी, दिनेश कुमार, राम जी शर्मा, पं. पंकजकृष्ण शास्त्री, योगेन्द्रनाथ पाठक, किलो पंडित, राजेश चतुर्वेदी, फौजी बाबा, अनुज आदि उपस्थित है।

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गोवर्धन : थाना क्षेत्र के नगला भीमनगर की विधवा महिला सुनीता अपने साथ हुई मारपीट की घटना फरियाद लेकर थाने के चक्कर लगाते-लगाते परेशान हो गई।

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