विशेष कार्यकर्ता बैठक की गतिविधि (दि. २८ मई २०१४)
मथुरा में ‘यमुना मुक्तिकरण आन्दोलन’ की विशेष कार्यकर्ता बैठक का आयोजन किया गया | इसमें श्री गोपेश्वर नाथ जी (प्रमुख समाज सेवी एवं पर्यावरणविद्) को सभा का अध्यक्ष चुना गया एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुये | श्री रामजी लाल शास्त्री ने दीप प्रज्वालित कर सभा को आरम्भ किया |
श्री राधाकान्त शास्त्री जी (कार्यकारी अध्यक्ष मानमन्दिर,बरसाना) – ने सभी के चरणों में नमन कहते हुये कहा – कि ब्रजबासी तो ब्रह्म को भी पवित्र कर देते हैं | ऐसे ब्रजबासी जिनके दरबाजे ब्रह्म भी भिक्षा माँगता है | जो भगवान् कृष्ण को भी ‘ये नन्दके’ कहकर बुलाते, पिछली बार जो आन्दोलन हुआ था, वो सफलता के करीब पहुँच गया था परन्तु हम लोगों की पूर्ण रूप से निष्ठा न हो पाने के कारण असफल हुआ | अगर हम लोग निष्काम होकर आन्दोलन करें तो अवश्य सफलता मिलेगी | क्योंकि निष्कामता से कोई कार्य असम्भव नहीं है |
श्री सुनील जी (संयोजक, मानमंदिर,बरसाना) – उन्होंने मंचासीन अथितियों को का वन्दन करते हुये कहा – आज पूज्य बाबा महाराज के आशीर्वाद से नए सिरे से आन्दोलन को शुरुआत किया गया | पूर्व के आन्दोलन में हुये असफलता की कमी को भी संक्षिप्त में बताया |
श्री रमेशचन्द्र शास्त्री (कोसी) – पूज्य रमेश बाबा महाराज ने जो ब्रज के लिए, यमुना आन्दोलन के लिए जो संकल्प लिया है, उसको पूरा करने के लिए हम हमेशा तत्पर हैं, जिन बाबा ने हमें जाग्रत किया कि वृन्दावन, मथुरा में यमुना का एक बूँद भी पानी नहीं वह रहा है |
श्री हरेश ठेनुआ जी – पूर्व में हुये यमुना आन्दोलन में ‘भारतीय किशान यूनियन’ ने बड़ा अद्भुत सहयोग दिया | सभी लोगों को यमुना मुक्तिकरण अभिमान में जुड़ने के लिए निवेदित किया | पिछली बार जो गलतियाँ हुयी थी वो गलत नेतृत्व के कारण हुई |
यमुना मुक्तिकरण अभियान
राजकुमार जी (राया) – सभी लोगों को अपने-अपने कार्य पर पूरी निष्ठा के साथ जुड़ जाना चाहिए | विश्वास से सबकुछ सम्भव है | हम विश्वास के बल पर बड़े-बड़े कार्य में सफल हो सकते हैं |
पचौरी जी (भा.कि.यू.) – उन्होंने अपना जयकृष्णदास पर रोष प्रगट किया |
पंकज चतुर्वेदी जी - ये आन्दोलन रमेश बाबा द्वारा चालू किया गया और उन्ही के द्वारा यह पूर्ण किया जायेगा | हम लोगों का एक ही लक्ष्य है कि यमनोत्री से यमुना जी को छोड़ा जाये, ताकि दुबारा आन्दोलन की आवश्यकता ही न पड़े |
शुशील गोस्वामी (नंदगाँव) – जिस प्रकार बाबा के नेतृत्व में ब्रज के पर्वतों का खनन बन्द हुआ | उसी प्रकार यमुना जी भी जल्दी ही शुद्ध होंगी |
देवेन्द्र (दाऊ जी) – अपनी यमुना मैया के प्रति श्रद्धा रखते हुये, यमुना महारानी के चरणों में समर्पित होते हुये लग जाइये,
महेंद्र राजपूत – उन्होंने कहा कि हम सबके साथ विस्वासघात करने वाले जयकृष्ण दास बाबा का में साथ छोड़कर पूज्य रमेश बाबा द्वारा चलाए गए यमुना ‘मुक्तिकरण आन्दोलन’ में पूर्ण रूप से सेवा देने के लिए तत्पर हूँ |
गोपालाचार्य जी – बाबा महाराज ने यमुना आन्दोलन की और ध्यान देते हुये, यमुना का एक भक्त सुनील जी को खड़ा किया | हम सब उनका भरपूर सहयोग दें |
रवि – भारत सरकार के १९७२ में लागू एक नियम के अनुसार हमने प्राकृतिक प्रवाह मिल सकता है |
भगवान् दास चौधरी (नगर अध्यक्ष, भ.कि.यू.) – सारे ब्रजवासी बाबा महाराज के हमेशा तत्पर हैं, इस आन्दोलन में पूर्वकृत आन्दोलन से लोग ज्यादा जुड़ेंगे और यमुना महारानी अवश्य आयेंगी |
अनुभव गोस्वामी – वल्लभ कुल हमेशा से यमुना आन्दोलन से जुड़ा है, इस बार हमसब वल्लभकुल के सभी आचार्य का पहले की अपेक्षा पूर्ण सहयोग है |
पंकज शास्त्री – कहा - चतुर्वेदी समाज पहले भी पूर्ण रूप इस आन्दोलन में साथ था और रहेगा | इस यमुना आन्दोलन में ब्रजवासी ही नही बल्कि सारे देश के हर प्रदेश लोग जुड़ेंगे |
रमाकान्त गोस्वामी – सभी को मिलकर संघर्ष करना पड़ेगा, तभी यमुना का मुक्तिकरण होगा |
अनिल परशुराम (परशुराम सभा अध्यक्ष) – ने कहा - हमारी आस्था पूज्य सन्त रमेश बाबा के साथ है, हम से जुडी हुयी सभी संस्थायें बाबा का तनमन धन से सहयोग करेंगी |
श्री रामजीलाल शास्त्री – हमारे अन्दर महत्वाकांक्षा आ जाती है, तो फिर श्री जी हमारी सेवा को स्वीकार नहीं करती, दूसरों की निन्दा की अपेक्षा हमें ये कोशिश करना है कि हमारे अन्दर महत्वाकांक्षा न आ जाये | मनुष्य जब महत्वाकांक्षा का शिकार हो जाता है, तो अपने आप उसका पतन हो जाता है | जब हम इसको छोड़कर कार्य करते हैं, तो अवश्य सफलता मिलती है | हम सौभाग्यशाली हैं जो यमुना जी हमारी सेवा स्वीकार कर रहीं हैं | इसलिए यमुना को लाने का जो महापुरुषों का संकल्प है, अवश्य पूरा होगा |
डॉ. श्री राधामाधव – महापुरुषों का संकल्प तो अमोघ होता है, यमुना जी तो अवश्य आयेंगी | (पूज्य रमेश बाबा) बाबा महाराज के संकल्प से अवश्य आयेंगी, ये यमुना साक्षात् भगवान् राधाकृष्ण का स्वरुप है, ठाकुर जी हमारी सेवा स्वीकार कर रहे हैं यही हमारा सौभाग्य है | कुछ लोगों की महत्वाकांक्षा के कारण या अहं को चूर करने के लिए ये ठाकुर जी की ही लीला थी जो पूर्व का आन्दोलन असफल हुआ, ताकि सभी देश-विदेश के भक्त पुनः एक क्षत्र के नीचे आ एकत्रित हो जाएँ |
श्री गोपेश्वर चतुर्वेदी – बाबा महाराज के चरणों में प्रणाम करते हुये, उन्होंने कहा – हम किस बात के यमुना पुत्र हैं, किस लिए मंदिर ? किस लिए कथा ? जब हमारी माँ की ये दुर्दशा और हम अपने को यमुना पुत्र कहलाते हैं, जब हम लोग यमुना जी से लगाव रखना बन्द कर देंगे | तो फिर यमुना माँ की रक्षा कौन करेगा ? पूज्य रमेश बाबा महाराज का आशीर्वाद है हमारे साथ है, हमें भगवान ने शौभाग्य दिया है यमुना जी की सेवा का, जब तक यमुना माँ का पहले की तरह वर्णन न हो, तबतक हमलोग पूर्ण रूप से लगे रहें |
आभार व्यक्त श्री राधाकान्त शास्त्री (कार्यकारी अध्यक्ष, मानमंदिर सेवा संस्थान, बरसाना) जी द्वारा किया गया |
कार्यक्रम में प्रमुख लोग उपस्थित थे –
ठाकुर रितराम सिंह(भानु) जिलाध्यक्ष भा.कि.यू., श्री सुनील सिंह (संयोजक –मानमंदिर, बरसाना) जगदीश रावत, श्री चन्द्र चौधरी, देवेन्द्र पाल सिंह, राम गोपाल, अजय सिकरवार, देवेन्द्र पहलबान, चौधरी जगदीश, कनैहा चौधरी, मूलचन्द पचैरा, राधे श्याम, हरिशंकर शास्त्री आदि यमुना भक्त उपस्थित थे |
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