मथुरा : मथुरा लोकसभा चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार हेमा मालिनी ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी रालोद कांग्रेंस गठबंधन प्रत्याशी जयंत चौधरी को 3 लाख 30 हजार 7 सौ 44 वोटों से पराजित कर विजयी रहीं।
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मथुरा : मथुरा लोकसभा चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार हेमा मालिनी ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी रालोद कांग्रेंस गठबंधन प्रत्याशी जयंत चौधरी को 3 लाख 30 हजार 7 सौ 44 वोटों से पराजित कर विजयी रहीं।
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झांकियों और पटेबाजी के बीच निकाली शोभायात्रा संत सम्मेलन में गौ रक्षा एवं यमुना रक्षा का लिया संकल्प गोवर्धन में गिरिराज बल्लभ महाराज के वार्षिकोत्सव के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा में शामिल संतगण गोवर्धन। राधाकुंड परिक्रमा मार्ग कुुसुम सरोवर के ठा0 गिरिराज बल्लभ महाराज मंदिर पर आयोजित सात दिवसीय वार्षिकोत्सव एवं श्रीमद् भागवत कथा का समापन गुरूवार को परिक्रमा मार्ग में निकाली गई शोभायात्रा के साथ हुआ। धार्मिक कार्यक्रम के समापन मौके पर हवन यज्ञ, संत सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। महोत्सव में विभिन्न झांकियों के बीच शोभायात्रा महंत ईश्वर दास महाराज के निर्देशन में परिक्रमा मार्ग से दसविसा, मानसी गंगा, सौंख एवं गिरिराज दानघाटी मंदिर तक निकाली गई। शोभायात्रा में आतिशबाजी के साथ साथ राधाकृष्ण की झांकी, शिव दरबार की झांकी एवं पटेबाजी शामिल थी। कथा का श्रवण संत राघव दास जी महाराज ने कराया। महोत्सव में संत ईश्वर दास महाराज ने बताया कि ब्रज में अखंडनाम संकीर्तन एवं धार्मिक आयोजनों सफलता तब मानी जाएगी, जब यहां गौ एवं यमुना जी की रक्षा होगी। गिरिराज महाराज की तलहटी में प्राचीन कुंडों, सरोवर एवं धरोहरों का रखरखाब एवं सरंक्षण आवश्यक है। संतों ने एकजुट होकर गौ रक्षा एवं यमुना रक्षा के लिए आंदोलन करने को कहा। कार्यक्रम का संचालन हरिओम शर्मा ने किया। इस मौके पर राघव दास महाराज, दामोदर महाराज, रमाशंकर गोस्वामी, उमंग गोस्वामी, तरंग गोस्वामी, धमेन्द्र शर्मा, हरिदास बाबा, राधारमन, राधेश्याम, मोहित आदि थे।
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मथुरा में यमुना पूजन कर यमुना प्राकट्योत्सव मनाते हुए यमुना रक्षक दल के कार्यकर्ता एवं काष्र्णि गुरू स्वामी शरणानन्द जी मथुरा। किशन गंगा, दाऊ जी आदि घाटों के सामने निकले निर्मल जल को लेकर यमुना भक्तों में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ रही है। 15 मई को यमुना भक्तों के द्वारा गउघाट पर यमुना प्राकृट्य महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें सभी भक्तों को आशीर्वाद देने काष्र्णि गुरू शरणानन्द जी महाराज गउघाट पहुॅचे। यमुना रक्षक दल व सभी यमुना भक्तों के द्वारा महाराज श्री पर पुष्प वर्षा व मल्यापर्ण कर भव्य स्वागत किया गया। यमुना प्राकृट्य महोत्सव में भाग लेने ब्रज के कई सन्त व सम्मानित विभूतियां के साथ साथ हजारो ब्रजवासी गउघाट पर पहुॅचे। कार्यक्रम के प्रारम्भ यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृृृृृृृृृृष्ण दास द्वारा पूज्य काष्र्णि गुरू शरणानन्द जी महाराज का माल्यापर्ण उनके द्वारा यमुना भक्तों की विनय स्वीकार कर भक्तों को सानिध्य देने हेतु उनके आगमन के लिये उन्हे कोटि कोटि धन्यवाद दिया। महोत्सव के अन्त में किशन गंगा, दाउ जी आदि घाटों के सामने गुरू शरणानन्द जी महाराज द्वारा यमुना पूजन किया गया साथ ही साथ महराज श्री द्वारा गउघाट पर बने संकीर्तन हाॅल का निरीक्षण किया और अखंड संकीर्तन प्रारम्भ करवाया गया। काष्र्णि गुरू शरणानन्द जी महाराज ने भक्तों को आर्शीवचन प्रदान करते हुये कहा कि यमुना मां की सेवा करना हमारा कर्तव्य मात्र ही नहीं वरन यह हमारा धर्म है। यमुना मां की मुक्ति व शुद्धि के लिये हमें दूसरों पर निर्भर होना त्यागना होगा और खुद आगे बढकर मां की सेवा करनी होगी। यमुना की सेवा बडे़ भाग्य से मिलती है जिसको यमुना मैया स्वयं चुनती है वहीं उनकी सेवा कर सकता है। गउघाट पर चल रहे सफाई अभियाान के फलस्वरूप यहां निर्मल जल निकल आया है ऐसे जल के घाटों पर दर्शन दशकों पहले हुआ करते थे आज पुनः वहीं छटा देख हृदय आनन्दित है। यमुना सफाई अभियान सराहनिय है और इसके फल स्वरूप इन घाटों पर स्वच्छ निर्मल जल पुनः हिलोरे मारेगा। दल के अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि हम सभी यमुना भक्त महाराज श्री का कोटि कोटि धन्यवाद करते है कि उन्होने हमारी विनय स्वीकार करते हुये हमें अपने आशीर्वचनों से अनुग्रहीत किया। महाराज श्री की कृपा से इस अभियान को गति मिल रही है। यमुना मुक्ति के हम सभी यमुना भक्त संकल्पित है और इसके लिये हम प्रयास करते रहेगे चाहे इस अभियान में किसी भी समस्या का सामना करना पड़े हम यमुना मैया को मुक्त कराकर रहेगें। इस अवसर पर दल के उपाध्यक्ष राकेश यादव, रमेश सिसौदिया, सचिव अब्दुल जब्बार, प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 अशोक अग्रवाल, तकनीकी सलाहकार डीपी चतुर्वेदी, राजेन्द्र भगत, आरपी सिंह, सोहन लाल आचार्य, विशनचन्द्र अग्रवाल, गोविन्द विछिया, पंकज चतुर्वेदी, महेन्द्र राजपूत, शरद वर्मा, त्रिलोकी व्यास, राजू पेन्टर, पवन अग्रवाल, पंकज पंडित, सत्य प्रकाश शर्मा, आदि उपस्थित रहे।
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बाबा जयगुरूदेव के वार्षिक भण्डारा सत्संग मेले में प्रवचन सुनते भक्तगण एवं पाश्र्व में नाम योग साधना मन्दिर नाम योग साधना मन्दिर पर आयोजि कार्यक्रम में प्रवचन करते राष्ट्रीय के0 के0 मिश्रा मथुरा। जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर में चल रहे 6 दिवसीय बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के पावन वार्षिक भण्डारा सत्संग मेला के पहले दिन राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चन्द्र और डाॅ0 करुणा कान्त ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित किया। उपदेशक सतीश चन्द्र जी ने महापुरुषों के वचन का स्मरण कराते हुये कहा कि मौत निश्चित है। इसको याद करते रहना चाहिये। जो हिन्सा कर रहे हैं एक दिन यह हिंसा उन पर भी आयेगी, इससे कोई बच नहीं सकता। सब कुछ यहीं पर छूट जायेगा। मौत के समय अन्तरघाट पर गुरु महाराज मिलते हैं और आप एक से दो हो जाओगे। लेकिन जिनको गुरु नहीं मिले उनको यमराज कठोर से कठोर दण्ड देने के लिये नर्कों में डालते हैं। जीव को नर्क में जाने से गुरु बचा लेते हैं। महापुरुषों के दरबार में तन, धन और मन तीन प्रकार के सेवा कार्य मुख्य होते हैं। अपने शरीर की क्षमता के अनुसार सेवा कार्य खोज कर करते रहना चाहिये। सत्संग सुनना, पानी पिलाना, खाना खिलाना आदि तन की सेवा है। इन सेवाओं से शरीर के अंग पवित्र होते हैं। धन की सेवा से विविध प्रकार की शारीरिक और भौतिक परेशानियों में लाभ होता है। इस प्रकार जगत के मोटे बन्धन मोह, लोभ आदि इन सेवाओं से कमजोर हो जाते हैं। डाॅ0 करुणा कान्त जी ने सन्त महापुरुषों की महिमा का वर्णन करते हुये बताया कि जिन महापुरुषों का हम नाम लेते हैं उन्होंने लाखों जीवों को पार उतार दिये। गुरु नानक जी के शिष्य बाला और मरदाना के सामने एक सेठ के द्वारा पूछे गये तीन प्रश्न सत्संग, सेवा और दर्शन के क्या लाभ होते है? के दृष्टान्त को बताते हुये कहा कि सत्संग से ही व्यक्ति में सेवा भाव पैदा होता है। महापुरुषों की संगत सेवा से सब कुछ प्राप्त हो जाता है। सेवक के पैर के नीचे गुरु का हाथ होता है। बाबा जी कहा करते थे कि यदि सन्तों के आदेश में सेवा की जाती है तो मानव के अन्तःकरण मन, बुद्धि, चित्त आदि पवित्र हो जाते हैं। जिससे सुरत धीरे धीरे निर्मल हो जाती है और अपने मंजिल को प्राप्त कर लेती है। उन्होंने आगे कहा कि पावन भण्डारे में 19 मई को आस-पास के गाँवों के लाखों लोगों को भोजन प्रसाद कराये जाने की व्यवस्था है। जिससे देश के कोने-कोने से आये हुये लोगों को तन व धन की सेवा करने का अवसर प्राप्त करने के साथ सभी को गुरु महाराज की दया प्राप्त हो सकेगी। मेले में श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है। अनेक जगहों पर शर्बत प्याऊ के पाण्डाल से शर्बत पिलाया जा रहा है। मन्दिर की सजावट लोगों के आकर्शण का केन्द्र बना है। मथुरा जंक्शन के दोनों तरफ से जयगुरुदेव आश्रम तक सिटी बस का संचालन किया जा रहा है।
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मथुरा। शहर के कृष्णा नगर में खुला तनिष्क का भव्य शोरूम शहर में अपनी पहचान बना चुका है और अब वह समाजसेवा से जुड़कर शहर वासियों के दिलों से भी जुड़ रहा है। इसी दिशा मंे कार्य करते हुए तनिष्क परिवार ने वृन्दावन स्थित वृद्वाश्रम में वृद्व माताओं को कुछ खुशी ओर शान्ति के श्रण प्रदान किए। तनिष्क परिवार ने वहाँ जीवन व्यापन कर रही माताओं के साथ समय बिताया। तनिष्क के एडमिनिस्ट्रेशन हेड जुगल और उपस्थित बाकी सहकर्मियों ने माताओं से बात की और उनका हाल-चाल जाना। वृद्वाश्रम संभाल रही माता ने बताया कि वह सब वहाँ काफी समय से रह रही है। सभी को अपने परिवार से दूर होने का गम तो हमेशा ही सताता है पर अब वह सब की एक दूसरे का परिवार है। माताजी ने कहा कि सभी मिल जुलकर और प्यार से रहती है और एक दूसरे के दुख सुख बाँटती है। तनिष्क परिवार ने सभी के साथ दोपहर का भोजन किया और भिन्न प्रकार के खेल खेले और कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। सभी माताओं ने संयुक्त रूप से तनिष्क के इस प्रयास की सराहना की और उनका आभार प्रकट किया। जुगल कुमार ने उपहार स्वरूप माताओं को रोजमर्रा की जिन्दगी में उपयोग आने वाले उपहार जैसे साबुन, कपड़ा, तौलिया, टूथपेस्ट, टूथब्रश इत्यादि भेंट किये। जुगलकुमार ने कहा कि हमें इनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और सभी को इस तरह के प्रयास करने चाहिए जिसके द्वारा हम दूसरों को खुशी दे सकें। जितनी जिम्मेदारी हमारी अपने परिवार के प्रति बनती है उतनी की जिम्मेदारी उन लोगों के लिए भी जो परिवार से दूर है पर समाज का हिस्सा है। इस अवसर पर योगेश पचैरी, वंदना शर्मा, युगल किशोर व पूरी तनिष्क टीम उपस्थित थी। तनिष्क परिवार ने यह कहते हुए विदाई ली कि वह फिर आयेंगे उनसे मिलने और खुशी के पल बाँटने।
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वृन्दावन। समाजेसवी संस्था फ्रेस आॅफ वृन्दावन बंधु द्वारा स्थानीय वात्सल्य ग्राम स्थित कृष्णा ब्रामर विद्यालय में कुर्म जयन्ती महोत्सव के जल दिवस के रूप में मना कर लोगों को जल प्रदूषण तथा जल के अनावश्यक प्रयोग से बचने हेतु जाग्रत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र छात्राओ द्वारा जल संरक्षण पर निबन्ध लिखकर जल के प्रति अपनी संवेदनशीलता के प्रदर्शित किया गया जिसमें सर्वोत्तम निबंध लिखने वाले बच्चों के मुख्यातिथि शम्भूु आश्रम के महन्त स्वामी सुशीलानन्द द्वारा पुरूस्कृत भी किया गया। तत्पश्चात् विद्यालय की छात्राओ द्वारा विद्यालय की प्रधानाचार्य अनीता शर्मा के नेतृत्व में श्रमदान व सफाई अभियान चलाकर वृक्षारोपण के प्रति अपनी संकल्पबद्वता भी जाहिर की गयी। इस अवसर पर समाजसेवी मधुमंगल शुक्ला व जगन्नाथ पोद्दार ने अपने अपने संबोधन में आगामी समय में पेयजल की उपलब्धता को लेकर होने वाली परशानी के विषय में जानकारी देते हुए जल की बरबादी रोकने तथा सभी संस्थानों में वर्षा जल संचयन के लिए विशेष उपाय करने की बात दोहरायी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कुर्म अवतार के भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से दसवाँ अवतार बताते हुए उनके अवतार का प्रयोजन मात्र पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना बताया। कार्यक्रम में साध्वी स्वरूप दीदी ने भी सभी आगंतुको को सम्बोधित किया। कार्यक्रम के अंत मंे धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की प्रधानाचार्य अनीता चतुर्वेदी ने प्रस्तुत किया।
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