मथुरा : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी विशाल चौहान के मार्ग निर्देशन में केआर गर्ल्स पीजी कॉलेज के सभागार में मतदाता जागरूकता अभियान (स्वीप) के अंतर्गत मतदाता जागरूकता संबंधी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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मथुरा : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी विशाल चौहान के मार्ग निर्देशन में केआर गर्ल्स पीजी कॉलेज के सभागार में मतदाता जागरूकता अभियान (स्वीप) के अंतर्गत मतदाता जागरूकता संबंधी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को देश में इस स्तर के संस्थानों की फेहरिस्त में नौवें स्थान पर रखा गया है। यह सर्वेक्षण ब्रिटेन की एक प्रतिष्ठित पत्रिका द्वारा कराया गया है।
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प्रमोद कुमार पांडेय गुजरात के मुख्यमंत्री और एनडीए की ओर से पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की बढ़त में बीजेपी, संघ, लालकृष्ण आडवाणी का चाहे जितना योगदान रहा हो, वह तो है ही! नरेंद्र मोदी की सफलता, टीआरपी में ''सेकुलर'' दलों और नेताओं का भी बड़ा योगदान है! नरेंद्र मोदी मुद्दा बन चुके हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव का मुद्दा क्या है? यूपीए-2 की असफलता, महंगाई और भ्रष्टाचार? नहीं जी, यह चुनाव 'गुजरात' पर लड़ा जा रहा है! केंद्र में 10 साल से जिनके नेतृत्व में सरकार चल रही है वे ''स्थितप्रज्ञ'' मुद्रा में हैं! चुनाव में वह कहीं नहीं हैं! ऐसा लग रहा है कि 'गुजरात' से ही 10 साल से सरकार चल रही है। मोदी भी 'गुजरात' पर वोट मांग रहे हैं। सभी मोदी से लड़ रहे हैं। क्या यह मान लिया गया है कि मोदी पीएम पद के सबसे बड़े लड़वैया हैं? आम आदमी पार्टी के निशाने पर भी मोदी हैं। मानो पिछले 10-12 सालों से वह ही तमाम समस्याओं के जड़ में हों! हमारी समझ से राहुल या सोनिया के खिलाफ उन्हें (अरविन्द केजरीवाल को) खड़ा होना चाहिए! क्या गुजरात के मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं केजरीवाल? ''सेकुलर'' भगदड़ से नरेंद्र मोदी को ही फायदा होगा! सभी सेकुलर हैं। यहां तक कि अडवाणी, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह! बस मोदी ''सांप्रदायिक'' हैं! अब बताइए 'मोदी ' के संरक्षक रहे आडवाणी से ''सबसे बड़े सेकुलर'' नीतीश कुमार को कोई दिक्कत नहीं है जबकि उन्हें बढ़िया से पता होगा कि 2002 में अटल की चली होती तो मोदी को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया होता! यह आडवाणी का वीटो पॉवर था कि मोदी बच गए। बच गए तो यहां तक पहुंच गए। अगर उसी समय हटा दिए गए होते तो ‘उमा भारती’ बन गए होते! ऐसे में मोदी अगर बोल रहे हैं कि सब मिलकर उन्हें रोकने पर लगे हैं तो सहानुभूति वोट भी मिलेगा मोदी को। गुजरात में तो मिला भी है। अगर… अगर.. सचमुच मोदी जीत जाते हैं तो उन्हें आभार प्रकट करना चाहिए नीतीश को, दिग्विजय सिंह को, मायावती को, मनीष तिवारी और कपिल सिब्बल को। हां! राहुल और केजरी को भी! इसी मोदी क्रम में मुस्लिम समुदाय की बात करें तो कुछ सवाल उभरकर आते हैं। भारतीय मुसलमानों की दशा-दुर्दशा में कांग्रेस और ‘सेकुलरों’ का बड़ा हाथ रहा है। उनकी रोजी-रोटी, शिक्षा, बेकारी, बीमारी को नजरअंदाज़ कर बस उन्हें ''वोट'' मात्र बना दिया गया है। प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम (1857) से स्वतंत्रता प्राप्ति तक (1947) भारतीय मुसलमान देश की मुक्ति के लिए कंधे-से-कंधे मिलाकर लड़े। मातृभूमि के लिए कुर्बान हुए। आजादी के बाद भी विभाजन और अन्य अनेक चुनौतियों से निबटने में एक नागरिक की तरह, राष्ट्रभक्त की तरह उनके योगदान अन्यतम हैं। इसके लिए किसी दल और नेता के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। 2014 के आम चुनाव के सन्दर्भ में देखें तो मुसलमानों को किसी राजनीतिक दल की तरह मीडिया द्वारा बांचा जा रहा है। मोदी बनाम राहुल, मोदी बनाम केजरीवाल, मोदी बनाम माया, मोदी बनाम मुलायम, मोदी बनाम नीतीश, मोदी बनाम… सभी आदि तो समझ में आने वाली बात है। पर, मोदी बनाम मुसलमान का क्यों जबर्दस्ती पाठ किया जा रहा है? क्या कभी मोदी बनाम सिख, मोदी बनाम जैन, मोदी बनाम ब्राह्मण, मोदी बनाम यादव का पाठ किया जाता है? जयललिता, नवीन पटनायक, नीतीश, ममता को मुख्यमंत्री बनानेवाली जनता कौन है? क्या वे सभी मुसलमान हैं? क्या वे सभी सिर्फ एक जाति-समुदाय के हैं? …तो फिर मोदी बनाम बंगाली, मोदी बनाम पटनायक का पाठ क्यों नहीं किया जाता है। …और यदि कभी किया जाता है तो जैसे एक वर्ग को लांछित करके किया जाता है वैसे ही किया जाता है? लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी को मुस्लिम वोट नहीं मिलते थे? क्या राजस्थान में दो मुस्लिम विधायक बीजेपी से नहीं चुने गए हैं? …और यदि मुस्लिम बीजेपी को वोट नहीं देते तो आप यह विचार क्यों नहीं रखते कि बीजेपी कितने मुसलमानों को टिकट देती है! आखिर, देश में संघ और बीजेपी के बिना सरकार नहीं बनती है क्या? यूपीए, सपा, बसपा, जयललिता, ममता, माणिक सरकार आदि अनेक नेता और दल संघ के कारण थोड़े ही हैं। या फिर सिर्फ एक जाति, समुदाय के बल पर चुनाव जीत कर आए हैं? क्या मोदी के पहले मुस्लिमों की सारी समस्याएं दूर हो गई थीं? मुस्लिम समुदाय दूसरे लोगों की तरह जिसे चाहे, उसे वोट क्यों न करे? अगर सभी बहुसंख्यक बीजेपी को वोट देते ध्रुवीकरण के आधार पर तो फिर बीजेपी की हर जगह सरकार होती! प्रायः हर राज्य में। जबकि अनेक दक्षिण, उत्तर-पूर्वी राज्यों में बीजेपी खाता भी नहीं खुलता। भारतीय जनता पार्टी के आज के ''राम'' (एनडीए वाले पासवान) जब बिहार का मुख्यमंत्री मुस्लिम को बनाएंगे की जिद ठाने हुए थे उस समय उनके साथ लादेननुमा (लेआउट डिज़ाइन में) एक मुस्लिम नेता उनके साथ होते थे। पता नहीं आज वे कहां हैं! मानों मुस्लिम के आदर्श लादेन ही हों। बनारस जैसे ''समुद्र संगम'' की नगरी जो ब्राह्मण ही नहीं श्रमण धारा का भी प्रमुख केंद्र रहा है। तुलसी ही नहीं कबीर और रैदास को भी अपने पेटे में समेटे हुए हैं। भारतेन्दु से लगायत प्रेमचंद, आचार्य शुक्ल, प्रसाद, बिस्मिल्लाह खान जैसे मनीषियों की परम्परा जहां रही हो, उसे धर्म के चस्मे से मीडिया माध्यमों द्वारा खेला -ताना जा रहा है। गंगा -जमुनी संस्कृति की तान को किस चस्मे से देखा जा रहा है? अरे भाई, मोदी या तो चुनाव लड़ने के योग्य हैं या नहीं हैं! क्या चुनाव आयोग ने कुछ नया प्रावधान कर दिया है कि मोदी ही बनारस से लड़ सकते हैं राहुल नहीं? ध्रुवीकरण में नेताओं का जो महान योगदान है वह तो है ही मीडिया का भी महान अवदान है... खास कर टीवी मीडिया का! मीडिया की मूर्खता, दृष्टिहीनता खूब दिख रही है टीवी पर। मोदी और बनारस पर तो पूछिए ही नहीं ! '' कौन ठगवा नगरिया लूटल हो ? '' (कबीर ) (Samiksha Bharti News Service)
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दोनों मिलीभगत से धड़ल्ले से कर रहे घटिया सामिग्री का प्रयोग मथुरा। जनपद में भूतपूर्वए युद्ध में शहीद हुए सैनिकों एवं उनके परिजनों की सहायतार्थ सरकार द्वारा जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास बोर्ड की स्थापना की गयी है। जिससे कि देश की आन मान और शान के लिये लड़ने वालों को स्वाभिमान और सम्पन्नता से जीवन यावन में परेशानी नहीं हो। वहीं इन दिनों इस बोर्ड कार्यालय में समाज कल्याण निगम द्वारा कार्यालय एवं उसकी कैन्टीन के कराये जा रहे जीर्णाेद्धार कार्य में समाज कल्याण निगम के अवर अभियन्ता और कार्यरत ठेकेदार द्वारा भारी मात्रा में घपला कर धन को हड़पने का कार्य किया जा रहा है। बेखौफ होकर सरकारी धन को हड़पने में जुटे अवर अभियन्ता और कार्यरत ठेकेदार से जब इस बारे में हमारे संवाददाता ने जानकारी मांगी तो इस पर अवर अभियन्ता संवाददाता को ही उल्टे धमकाने में जुट गया और हमारे संवाददाता को झूठे मुकदमों में फंसाने और देख लेने की धमकियाँ देने लगे इसके साथ ही ठेकेदार ने भी उग्र होकर प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा सरकार में नेतागिरियां गिना दी। विदित हो कि जनपद के पूर्व अथवा शहीद सैन्य परिजनों के कल्याण हेतु स्थापित जिला सैनिक कल्याण बोर्ड एक ओर तो जहां कल्याणकारी मुहिमें चला रहा है। वहीं बोर्ड के जिला मुख्यालय पर स्थित कार्यालय के बाहर बनी कैन्टीन का इन दिनों समाज कल्याण निगम द्वारा जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है। बोर्ड की इस कैन्टीन में समाज कल्याण निगम के अवर अभियन्ता राम नरेश की देखरेख में ठेकेदार अतुल भारद्वाज द्वारा जीर्णोद्धार कार्य सम्पादित कराया जा रहा है। कैन्टीन के इस जीर्णोद्वार कार्य में ठेकेदार द्वारा मिलावटी और घटिया सामान प्रयोग किया जा रहा है। वही अवर अभियन्ता राम नरेश द्वारा भी ठेकेदार के घटिया कार्य को ही हर बार हरी झण्डी दी जा रही है। यहां तक कि उक्त कैन्अीमत्रन में हा रही बिजली की फिटिंग के कार्य को भी उक्त ठेकेदार और अवर अभियन्ता द्वारा नयी फिटिंग बताकर हजारों की सरकारी रकम भी ऐंठ ली हैै। हमारे समाचार पत्र के संवाददाता को इस बारे में पूर्व से ही अनेकों शिकायते मिलती रही थी। जब हमारे संवाददाता ने मौके पर जाकर चल रहे कार्य को देखा तो मामला सही पाया और कार्यरत ठेकेदार और अवर अभियन्ता से जब इस घोटाले के बारे में जानकारी मांगनी चाही तो वे दोनों ही इस पर भड़क उठे। वे खुद भी पत्रकार बताने लगे और हमारे संवाददाता को झूठे मुकदमों में फंसाने और उसकी शिकायते करने की धमकियां देने लगे। वहां कार्यरत ठेकेदार स्वयं को प्रदेश की सत्तारूढ़ सपा सरकार के नेताओं का करीबी भी बताने लगा।
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राया। कस्बा में चैत्र मास में को लगने वाला नवदुर्गा मेला गणेश बाग स्थित माॅ मनकामेश्वरी देवी मेला कमेटी की बैठक मन्दिर प्राॅगण में आयोजित की गयी। जिसमें पिछली साल का आय व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। एवं नवीन कार्यकारणी का गठन सर्वसम्मित से किया गया। जिसमें मेला कमेटी अध्यक्ष शिवचरन सिंह काकाए उपाध्यक्ष सररदार अवतार सिंहए महामंत्री ललिम मोहन गुप्ताए कोषाध्यक्ष डाॅ0 शिवचरन सिंहए सह उपाध्यक्ष शिवलहरी शर्माए उपमंत्री सौरव द्विवेदीए संगठन मंत्री देवीचरन गुप्ताए पं्रचार मंत्री नवीन शर्माए मेला संचालक मनोज नागरए मेला संयोजक चाॅ0 जवाहर सिंहए मंच संचालक सुरेश चन्द्र गौढ बडे बाबूए मेला मीडिया प्रभारी मनोज कुमारए मनोज नागर ने बताया कि 30 मार्च को माॅ मनकामेश्वरी देवी की शोभायात्रा नगर भ्रमण कर निकाली जायेगी। इसी के साथ नवदुर्गा मेला प्रारंम्भ होगा।
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राया। थाना क्षेत्र के गाॅव खिरारी निवासी 23 वर्षीय एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार मृतक जीतू पुत्र सुलैबीर सिंहए का पुत्र मानसिक रूप से ठीक नहीं था। और उसे आये दिन माॅगने खाने की आदत पडी हुई थी। आज वीरवार सुबह 9 बजे मथुरा से आने वाली पैसंेजर ट्रेन से मागते खाते सोनई पहुॅच गया। और हाथरस की ओर से आने वाली पैसेजर से भीख माॅगते हुए वापस आ रहा था। कि अचानक ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। जिसकी जानकारी परिजनोे को मिलते ही घटना स्थल पर पहुॅच गये। घटना स्थल पर पहुॅची जीआरपी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम गृह भिजवा दिया।
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