मथुरा

मथुरा। राहुल संदेश यात्रा ने माॅट विधान सभा क्षेत्र के गाॅव माॅट, टैंटीगाॅव, सुरीर, मीरपुर, चाॅदपुर, सल्ल, सदीकपुर, एदलगढ़ी, बाजना, नौहझील, रान्हेरा, आदि गाॅव में भ्रमण किया तथा जनसंपर्क किया। यात्रा का नेतृत्व कर रहें अखिल भारतीय काॅग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक, पूर्व सांसद श्री रतन सिंह, प्रदेश संगठक, राजस्थान काॅग्रेस सेवादल श्री विवेक कल्ला, अध्यक्ष जिला काॅग्रेस कमेटी, मथुरा सोहन सिंह सिसौदिया ने कहा कि यह यात्रा भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार तथा सपा पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार की कुत्सित और घृणित नीतियों के विरोध में है। केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार ने किसानों के हित पर कुठराघात किया है तथा प्रदेश की जनता को ठगा है। जुमलो की सरकार ने और सरकार की मंत्रियों ने अपने स्वार्थ की सिद्धी की है न कि जनहित में कोई विकास कार्य किया है। प्रदेश की गुण्डाराज सरकार, भ्रष्टाचारियों एवं गुण्डों के समर्थन में पूरी तरह से जुटी हुई है। जनहित के नाम पर उनके पास सिर्फ झूठे वायदे है, जोकि न तो आजतक पूरे किये गये है और भविष्य में पूरे किये जा सकेंगे। बसपा धनवानों की पार्टी बन चुकी है, उंगली भर गिनने वाले धनवान और उनकी सेवा करना उसका एकमात्र लक्ष्य है। दलित और अन्य समाज के लोगो के हित से वह पूरी तर हट चुकी है। काॅग्रेस पार्टी का अपना एक इतिहास है, काॅग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय एकता और अखण्डता के लिये सर्वाधिक बलिदान किये है। काॅग्रेस नेता इस बार उत्तर प्रदेश में काॅग्रेस सरकार बनाकर रहेगी।  राहुल संदेश यात्रा में उपस्थितजनों में सर्वश्री डा. आशुतोष भारद्वाज, जिला मुख्य संगठक जिला काॅग्रेस सेवादल रमेश पंडित, उमेश शर्मा, चै0 ज्ञान सिंह, जिला महिला काॅग्रेस कमेटी, मथुरा की अध्यक्षा श्रीमती कमलेश चैधरी, जिला महिला काॅग्रेस कमेटी, मथुरा की सचिव शिखा चैधरी, केदारनाथ तिवारी, सुनील उपाध्याय, शहर मुख्य संगठक जिला काॅग्रेस सेवादल मनोज गौड़, रामभरोसी चैधरी, विनय आर्य, ठा. धर्मेन्द्र सिंह, पुरुषोत्तम, निर्मला वर्मा, सावित्री शर्मा, प्रकाश शर्मा, दौलतराम गोला, राजेन्द्र प्रसाद धाकरे उर्फ बब्लू धाकरे आदि काॅग्रेसजन उपस्थित रहें।   

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मथुरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार यादव ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार उच्चतम न्यायालय से देश भर में तहसील स्तर तक 12 नवम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें सक्सैशन, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, धारा-138 एन.आई.एक्ट, भरण पोषण, वैवाहिक, व्यवहारिक, स्टाम्प, बैंक वसूली, उपभोक्ता फोरम, राजस्व, चकबंदी, मेंडबंदी, दाखिल खारिज, भूमि अधिगृहण, किरायेदार आदि वादों, सेवा विवादों, पंजीयन-स्टाम्प,मोबाइल फोन-केबिल नेटवर्क, पर्यावरण प्रदूषण, अध्यापकों के वेतन भुगतान, राशन कार्ड-बीपीएल कार्ड, जाति-आय प्रमाण पत्र, आयकर, बैंकध्वित्तीय संस्थानों से संबंधित आदि मामलों तथा निकायों से संबंधित टैक्स वसूली और वाणिज्य अधिनियम, बांट-माप,चलचित्र अधिनियम- मनोरंजन कर, निकायों-प्राधिकरण, वन अधिनियम, मोटरयान अधिनियम आदि के अंतर्गत किए गये सभी प्रकार के चालानों का भी न्यायालयों व्दारा आपसी सुलह-समझौते के आधार पर लोक अदालत में निस्तारण किया जायेगा। प्राधिकरण सचिव गोवर्धन ब्लाॅक सभागार में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में वादों के निपटाने से भाईचारे का विकास होता है,कटुता कम होती है और इसकी अपील भी नहीं होती। उन्होंने अपील की कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से नागरिक अधिकाधिक संख्या में अपने वादोंध्शिकायतों का निपटारा करायें। साथ ही अपने आस पास क्षेत्रों में भी नागरिकों को इसकी जानकारी देकर लाभ उठाने हेतु अवगत कराते हुए अपने गांवों को वादरहित बनाने का प्रयास करें। उप जिलाधिकारी गोवर्धन एमपी सिंह ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है, जिसकी कहीं अपील नहीं होती। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक वादों के निस्तारण का आश्वासन देने के साथ ही उपस्थितजन से आपसी सुलह समझौते से लोक अदालत में वादों के निस्तारण कराने की अपील की। इसके अलावा क्षेत्र के नागरिकों, आंगनवाडी कार्यकत्रियों, किसानों आदि का आव्हान किया कि वे गांवों के छोटे-छोटे झगडों को सुलह समझौते से निपटवाकर न्यायालय तक न पहुंचने दें। इससे भाईचारे के बढावा सहित समय,श्रम व धन की बर्बादी रूकेगी।  संचालन करते हुए तहसीलदार सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने विधिक साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डाला। शिविर में अनेकों किसान, आंगनबाडी कार्यकत्री एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। 

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मथुरा। जिला मजिस्ट्रेट नितिन बंसल ने गत 26 अक्टूबर को नगर की महाविद्या कालौनी फेस-2 के सीवर टैंक के इंटरलाॅकिंग फ्लोर पर देर शाम टैंक पर बच्चों के पटाखा चलाते समय अचानक पटाखे के धमाके के साथ फ्लोर के 10 फीट नीचे धस जाने से 4 बच्चों के टैंक के मलवे में फंसने तथा राहत कार्य में 3 के सकुशल निकाल लेने किंतु चैथे के काफी खुदाई बाद निकलने पर उसकी मौत हो जाने के प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश देते हुए डिप्टी कलेक्टर वैभव शर्मा को जांच सौंपी है। डिप्टी कलेक्टर डा. वैभव शर्मा ने इस क्रम में जांच प्रांरभ कर दी है और सूचना प्रसारित की है कि इस प्रकरण के संबंध में जानकारी रखने वाले  किसी व्यक्ति को कोई सूचना उपलब्ध कराना हो तो वह आगामी 16 से 22 नवम्बर तक किसी भी कार्य दिवस में कलेक्ट्रेट स्थित नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है। 

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मथुरा। कान्हा माखन पब्लिक स्कूल में ‘नच बलिए’ समूह नृत्य प्रतियोगिता व ग्रामीण महिला की बुद्धिमता पर आधारित नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा नर्सरी से कक्षा-3 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्राचार्य अनिल यदुवंशी ने सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन कर अपना आशीर्वाद प्रदान किया।   

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धनतेरस सुख-समृद्धि, यश और वैभव का पर्व माना जाता है। धनतेरस पूजा को ‘धनत्रयोदशी’ के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस को भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा की जाती है। पुराणों में लिखी कथा के अनुसार, देवताओं व दैत्यों ने जब समुद्र मंथन किया तो उसमें से कई रत्न निकले। समुद्र मंथन के अंत में भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। उस दिन कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी ही थी। इसलिए तब से इस तिथि को भगवान धन्वंतरि का प्रकटोत्सव मनाए जाने का चलन प्रारंभ हुआ। पुराणों में धन्वंतरि को भगवान विष्णु का अंशावतार भी माना गया है।  धनतेरस का दिन धन्वन्तरि त्रयोदशी या धन्वन्तरि जयन्ती, जो कि आयुर्वेद के देवता का जन्म दिवस है, के रूप में भी मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन भगवान धन्वन्तरि को आपने प्रसन्न कर दिया तो आपके घर में सुख-समृद्धि तो आएगी ही, साथ ही आपके परिवार का हर सदस्य स्वस्थ भी रहेगा। वैसे भी अच्छे स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन माना गया है। इस दिन पूजा का भी विशेष महत्व है। धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त- धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त शुक्रवार शाम 5:33 बजे से 6:20 बजे तक है। इस मुर्हूत में पूजा-अर्चना करने से स्वास्थ्य व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी। प्रदोष काल का मुहूर्त शाम 5:35 बजे से रात 8:11 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद शुरू होता है। इस मुहूर्त में पूजा करना बहुत शुभ रहता है। वृषभ काल का मुहूर्त शाम 6:35 बजे से 8:30 बजे तक रहेगा। धनतेरस की पूजन विधि-- सबसे पहले नहाकर साफ वस्त्र पहनें। भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र साफ स्थान पर स्थापित करें तथा स्वयं पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं। उसके बाद भगवान धन्वंतरि का आह्वान इस मंत्र से करें- सत्यं च येन निरतं रोगं विधूतं, अन्वेषित च सविधिं आरोग्यमस्य। गूढं निगूढं औषध्यरूपम्, धन्वन्तरिं च सततं प्रणमामि नित्यं।। इसके बाद पूजा स्थल पर आसन देने की भावना से चावल चढाएं। आचमन के लिए जल छोड़े। भगवान धन्वंतरि के चित्र पर गंध, अबीर, गुलाल पुष्प, रोली, आदि चढ़ाएं। चांदी के बर्तन में खीर का भोग लगाएं। (अगर चांदी का बर्तन न हो तो अन्य किसी बर्तन में भी भोग लगा सकते हैं।) इसके बाद पुन: आचमन के लिए जल छोड़े। मुख शुद्धि के लिए पान, लौंग, सुपारी चढ़ाएं। भगवान धन्वंतरि को वस्त्र (मौली) अर्पण करें। शंखपुष्पी, तुलसी, ब्राह्मी आदि पूजनीय औषधियां भी भगवान धन्वंतरि को अर्पित करें। रोग नाश की कामना के लिए इस मंत्र का जाप करें- ऊँ रं रुद्र रोग नाशाय धनवंतर्ये फट्।। इसके बाद भगवान धन्वंतरि को श्रीफल व दक्षिणा चढ़ाएं। पूजा के अंत में कर्पूर आरती करें।        साभार-khaskhabar.com  

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बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए बेंगलुरू जाएंगी। वहीं उन्होंने बताया कि यह त्योहार उनके लिए हमेशा खास होता है। दीपिका ने बताया,‘‘दिवाली रोशनी और खुशी का त्योहार है और हमेशा हमारे लिए खास है। इसलिए मैंने ‘पद्मावत’ की शूटिंग शुरू करने से पहले परिवार के साथ वक्त बिताने का फैसला लिया है।’’ दिलचस्प बात यह है कि दीपिका के परिवार के लोगों के नाम रोशनी से ही संबंधित हैं। पिता का नाम प्रकाश, मां उजाला और बहन अनीशा। इसके अलावा, दीपिका के नाम का अर्थ भी रोशनी ही है। दिवाली के बाद, दीपिका जल्द ही संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाई देंगी। इससे पहले वह ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं हैं। ‘पद्मावत’ में अभिनेता रणवीर सिंह और शाहिद कपूर जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में हैं।             साभार-khaskhabar.com  

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