मथुरा

भोपाल । भोपाल की सेंट्रल जेल से फरार सिमी के सभी 8 आतंकवादियों को पुलिस ने एनकांउटर में मार गिराया है। प्राप्त जानकारी अनुसार इन फरार आतंकियों को भोपाल से 10 किमी दूर ईटखेडी गांव में पुलिस ने मुठभेड में मार गिराया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने इन्हें घेरकर सरेंडर करने को कहा। सरेंडर ना करने की स्थिति में एनकाउंटर शुरू हो गया। इस एनकाउंटर में सभी 8 सिमी आतंकी मार गिराए गए। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से फोन पर बातचीत की है और पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की । सीएम शिवराज ने इस सिलसिले में एक उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई। सुरक्षा में लापरवाही के मामले में जेल अधीक्षक सहित 5 कर्मचारिर्यों को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड किए गए लोगों में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर, जेलर विवेक परस्ते, जेलर आलोक वाजपेयी और मुख्य प्रहरी आनंदीलाल शामिल हैं। डीजी जेल ने कहा है कि 24 घंटे में मामले की जांच रिपोर्ट आ आएगी। सिमी के आतंकी जेल की बी ब्लॉक से फरार हुए। पहले उन्होनें बैरक तोडी। बैरक तोडने के बाद उन्होंने प्रधान आरक्षक रामाशंकर की गला रेतकर हत्या कर दी। बाद में ओढी जाने वाली एक चादर को बतौर रस्सी इस्तेमाल करके जेल की दीवार फांदी। भागने से पहले एक अन्य पुलिसवाले चंदन के हाथ-पैर बांध दिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिमी के जो आतंकी जेल से फरार हुए हैं उनके नाम मुजीब शेख, माजिद, खालिद, खिलची, जाकिर, सलीम, महबूब और अमजद हैं। ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश में आतंकियों के फरार होने की यह पहली घटना नहीं है। इसस पूर्व अक्टूबर 2013 में खंडवा जेल से भी सात आतंकी फरार हो गए थे। हालांकि, उनमें से कुछ पकडे गए, जबकि कुछ एनकाउंटर में मारे गए थे।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोदी ने ट्वीट कर कहा, श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि। इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। उनका जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ था। उन्होंने पंजाब में आतंकवाद के सफाए के लिए अमृतसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार का निर्देश दिया था, जिसके कुछ महीनों बाद 31 अक्टूबर, 1984 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। अपने पिता दिवंगत पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद इंदिरा गांधी सबसे लंबे कार्यकाल तक प्रधानमंत्री रहीं। वह जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक और फिर 14 जनवरी, 1980 से अपने निधन तक प्रधानमंत्री पद पर रहीं।     साभार-khaskhabar.com  

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ऐसा माना जाता है कि दिवाली के दिन भगवान राम अपनी पत्नि सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या वापस आए थे। इस दिन नगरवासियों ने अपने पूरे घर में दिए जलाए थे। उसी समय से इस दिन को दिवाली मनाई जाती है। लेकिन ऐसे कई और भी कारण है, जिनकी वजह से दिवाली मनाई जाती है। न सिर्फ हिन्दू धर्म बल्कि जैन और सिक्ख समुदाय के लिए भी यह त्यौहार बेहद खास है। रामायण ही नहीं बल्कि महाभारत में भी दिवाली मनाए जाने की वजह बताई गई है।    - यह दिन जैन समुदाय के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन जैन गुरु महावीर ने निर्वान की प्राप्ति की थी, इसलिए जैन समुदाय भी दिवाली मनाता है। - सिक्ख समुदाय के लिए भी यह त्योहार खास है। इस दिन छठे सिक्ख गुरु हरगोबिंद को 52 अन्य राजाओं के साथ ग्वालियर फोर्ट में कैद से छोड़ा गया था। इसलिए दिवाली का दिन इनके लिए खास माना जाता है।  - शास्त्रों में ऐसा लिखा है कि इस दिन लक्ष्मी जी को जन्मदिन भी माना जाता है। इसलिए इस दिन दिवाली मनाई जाती है। - दिवाली मनाने का एक ये भी कारण है कि इस दिन भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण करके लक्ष्मी जी को बाली की कैद से छुड़ाया था। - इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। नरकासुर ने 16,000 महिलाओं को बंदी बना रखा था जिन्हें कृष्ण ने उसका वध करके मुक्त किया था। इसलिए दिवाली के त्यौहार में एक दिन इस विजय के रूप में मनाया जाता है। - इस दिन हिंदू धर्म के महान राजा विक्रमादित्य का राजतिलक हुआ था। इसलिए भी दिवाली एक ऐतिहासिक त्यौहार है। - माना जाता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन पांडव 12 साल के अज्ञातवास के बाद वापस आए थे। पांडवों को मानने वाली प्रजा ने इस दिन दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसलिए दिवाली मनाई जाती है।   - महार्षि दयानंद ने इस दिन निर्वान की प्राप्ति की थी। इसलिए भी दिवाली एक खास त्योहार है      साभार-khaskhabar.com  

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हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बड़े कलाकारों के बच्चों के डेब्यू करने की होड़ लगी है। इस भीड़ को चीरती हुई 19 वर्षीया सायशा सैगल फिल्म ‘शिवाय’ से अपनी फिल्मी पारी की शुरुआत करने जा रही हैं। सायशा गैर फिल्मी माहौल में पली-बढ़ी हैं, लेकिन उन्होंने शुरू में ही ठान लिया था कि उनकी मंजिल का रास्ता इसी इंडस्ट्री से होकर गुजरता है। वह ‘शिवाय’ को दिल से जुड़ी हुई फिल्म बताते हुए कहती हैं कि ‘फिल्म इतनी भावुकतापूर्ण है कि मैं इसके हर सीन में रोई हूं।’  सायशा ने ‘शिवाय’ से पहले एक तेलुगू फिल्म भी की है। उन्होंने बताया, ‘‘अजय सर ने मेरी तस्वीरें देखी थीं। मैं इसके बाद उनसे मिलने गई। दर्जनभर स्क्रीन टेस्ट से गुजरने के बाद फिल्म के लिए चुनी गई। दिलचस्प यह है कि मैंने अपने 17वें जन्मदिन पर यह फिल्म साइन की थी।’’ इस फिल्म में सायशा अनुष्का नाम की लडक़ी का किरदार निभा रही हैं। यह पूछने पर कि वह फिल्म में अपने किरदार को किस तरह देखती हैं, उन्होंने बताया, ‘‘फिल्म में मेरा किरदार काफी भावुक है। मैं इसमें अनुष्का नाम की लडक़ी का किरदार निभा रही हूं जो बहुत ही खुले खयालात की लडक़ी है। उसका अपने पिता के साथ मजबूत जुड़ाव है।’’ सायशा ने कहा, ‘‘अजय एक अभिनेता के तौर पर शानदार तो हैं ही, लेकिन निर्देशक के तौर पर उनकी स्फूर्ति और दृष्टिकोण गजब का है। वह परफेक्शन में यकीन करते हैं। उन्होंने फिल्म के लिए 18 से 20 घंटे लगातार काम किया है।’’  सायशा इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार और सायरा बानो की नातिन हैं, लेकिन उनके घर का माहौल गैर फिल्मी रहा वह कहती हैं, ‘‘मैं फिल्मी माहौल में पली-बढ़ी नहीं हुई हूं। मेरा ध्यान बचपन से ही पढ़ाई पर रहा, लेकिन दिल में अभिनेत्री बनने की चाह मुझे इंडस्ट्री में खींच लाई।’’ यह पूछने पर कि फिल्म का कोई एक खास दृश्य, जिससे वह खासी प्रभावित हुई हों या जो उनके दिल को छू गया है। सायशा कहती हैं, ‘‘आप यकीन नहीं करेंगे। मैं फिल्म के हर दृश्य में रोई हूं। इस फिल्म में ग्लिसरीन का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन हां, एक दृश्य है जो मेरे दिल के बहुत करीब है। फिल्म के अंत में हवाईअड्डे का एक सीन है जिसने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया था।’’ फिल्म की शूटिंग हिमालय और बुल्गारिया में हुई है। सायशा ने बताया, ‘‘इतने ठंडे स्थानों पर शूटिंग करना अपने आप में एक चुनौती थी। मुझे याद है कि हम लोग शूट करते थे और फिर हीटर के आसपास इकट्ठे हो जाते थे।’’  सायशा की पहली फिल्म शुक्रवार को रिलीज होने जा रही है। वह अपने सुनहरे भविष्य की कामना करते हुए कहती हैं, ‘‘मैंने सोचा लिया है कि मुझे हर तरह की फिल्में करनी हैं। किसी खास विधा (जॉनर) की फिल्मों में बंधकर नहीं रहना है। अच्छे निर्देशकों के साथ काम करने की इच्छा है, ताकि उनसे काफी कुछ सीख पाऊं।’’           साभार-khaskhabar.com  

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विशाखापट्टनम । भारत तथा न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीमों के बीच पांच मैचों की एकदिवसीय सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला शनिवार को एसीए-वीडीसीए स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। भारतीय टीम में दो बदलाव किए गए हैं। धवल कुलकर्णी और हार्दिक पांड्या की जगह जसप्रीत बुमराह व जयंत यादव को लिया गया है।    जयंत का यह पहला वनडे है। न्यूजीलैंड ने अंतिम एकादश में डेवरिच के स्थान पर जेम्स एंडरसन को शामिल किया है। सीरीज 2-2 से बराबरी पर है। पहला और तीसरा वनडे टीम इंडिया और दूसरा व चौथा वनडे कीवी टीम ने जीता था। भारत ने टेस्ट सीरीज 3-0 से जीती थी।  टीम भारत : रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, एमएस धोनी, मनीष पांडे, केदार जाधव, अक्षर पटेल, जयंत यादव, अमित मिश्रा, उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह।   न्यूजीलैंड : टॉम लैथम, मार्टिन गुप्टिल, केन विलियमसन, रॉस टेलर, जेम्स नीशाम, ब्रायन वाटलिंग, कोरी एंडरसन, मिशेल सेंटनेर, टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट, ईश सोढ़ी।           साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बार दिवाली आईटीबीपी कर्मियों साथ सीमाई चौकी पर मनाएंगे। पीएम मोदी उत्तराखंड में सुदूर सीमाई चौकियों में से एक चौकी पर जाएंगे और वहां तैनात आईटीबीपी कर्मियों के साथ दिवाली मनाएंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीएम मोदी माणा में आईटीबीपी कर्मियों के साथ दिवाली मनाएंगे। पीएम मोदी एनएसए अजीत डोभाल के साथ आज दिल्ली से वायुसेना के खास विमान से एमआई 17 हेलीकॉप्टर से गौचर पहुंचेगे। पीएम मोदी सबसे पहले सुबह भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करेंगे। बद्रीनाथ में विशेष पूजा अर्चना के बाद पीएम माणा में मौजूद आईटीबीपी और सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे। पीएम मोदी सरहद पर जवानों के साथ चाय नाश्ता भी करेंगे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में छोटी दीपावली ही बडी दीपावली की तरह मनायी जाती है। पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी माणा जाएंगे। गौरतलब है कि माणा, चीन से लगी सीमा पर भारतीय क्षेत्र का अंतिम गांव है। गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी ने पीएम बनने के बाद वर्ष 2014 में सियाचिन में सेना के साथ पहली दिवाली मनाई थी। इस बार पीएम माणा में दिवाली मनाएंगे। माणा 10 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है।              साभार-khaskhabar.com  

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