मथुरा

रांची । न्यूजीलैंड यहां खेले गए चौथे वनडे में भारत के खिलाफ 19 रन से जीत हासिल कर सीरीज में 2-2 से बराबरी पर आ गया है। धर्मशाला में पहला वनडे भारत 6 विकेट से, दिल्ली में दूसरा वनडे न्यूजीलैंड 6 रन से और मोहाली में तीसरा वनडे भारत 7 विकेट से जीता था। अंतिम वनडे 29 अक्टूबर को विशाखापट्टनम में खेला जाएगा। चौथे वनडे में न्यूजीलैंड के ओपनर मार्टिन गुप्टिल जीत के हीरो रहे।    गुप्टिल ने कहा है कि पांचवे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में कीवी टीम अब पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरेगी और सीरीज कब्जाने के लिए जोर लगाएगी। गुप्टिल ने यहां संवाददाता सम्मलेन में कहा कि रांची के झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन मैदान पर टीम को जीत मिली और इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यहां का विकेट धीमा था और गेंदबाजी के लिए भी यह कठिन विकेट था। गुप्टिल ने 12 चौकों की मदद से 72 रन की शानदार पारी खेली और उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।   धोनी ने किया मध्यमक्रम का बचाव रांची। भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने घर में मिली हार के बाद कहा कि अनुभवहीन मध्यक्रम को लय में लौटने के लिए अभी अनुभव की जरूरत है। भारतीय टीम न्यूजीलैंड से मिले 261 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 48.4 ओवरों में 241 रन बनाकर ढेर हो गई। धोनी ने कहा कि इस तरह के विकेट पर लक्ष्य का पीछा करते हुए निचले क्रम पर बल्लेबाजी करना हमेशा कठिन होता है। आपको उन्हें (मध्यक्रम) समय देना होगा। वे अपना रास्ता खुद बनाएंगे। वे जैसे-जैसे इस तरह के मैचों का अधिक से अधिक अनुभव हासिल करेंगे, वे इस बात को समझने लगेंगे कि वे कैसे सफलतापूर्वक लक्ष्य का पीछा करें। इस तरह के विकेट पर आपको बड़ी साझेदारियों की जरूरत होती है। शुरुआत में तो गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है। लेकिन धीरे-धीरे विकेट धीमी होने लगती है, और तब वह बल्ले पर अच्छी तरह नहीं आती। बल्लेबाजी के लिए यह कठिन समय होता है बल्लेबाजी छोर बदलना तब असान नहीं रह जाता। इस मैच में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (11) तो जल्दी चले गए, लेकिन अजिंक्य रहाणे (57) और विराट कोहली (45) टीम को अच्छी शुरुआत देने में सफल रहे। एक समय दो विकेट पर 98 रन बना चुकी भारतीय टीम ने अगले 69 रन जोडऩे में पांच विकेट और गंवा दिए। निचले क्रम में अक्षर पटेल (38) और अमित मिश्रा (14) ने छोटी सी साझेदारी कर भारत की उम्मीदों को जिंदा रखा। लेकिन वे इस साझेदारी को मैच जिताऊ साझेदारी में तब्दील नहीं कर पाए।              साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । देशभर में पिछले कई दिनों चीनी सामान का बहिष्कार को लेकर सोशल साइट्स पर कई प्रकार की खबरे चल रही है। इन खबरों के बीच चीन अपनी नाराज जताते हुए कहा कि इससे चीन की इकाइयों का भारत में निवेश और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग प्रभावित हो सकता है। नई दिल्ली में चीन के दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस तरह के किसी बहिष्कार का उसके देश के निर्यात पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा उल्टा इसका सबसे ज्यादा नुकसान भारत के व्यापारियों और ग्राहकों का होगा क्योंकि उनके पास कोई समुचित विकल्प नहीं है। चीन ने कहा है कि वह दुनिया का सबसे बडा व्यापारिक देश है और 2015 में उसका निर्यात 2276.5 अरब डॉलर के बराबर था और भारत को किया गया निर्यात इसका मात्र दो प्रतिशत था। गौरतलब है कि भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर ऐसे किसी बहिष्कार की बात नहीं है। लेकिन खुदरा व्यापारियों के संगठन कैट (कान्फिडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) ने हाल में कहा था कि दीवाली पर चीनी वस्तुओं के आयात में इस साल 30 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव और इसमें चीन के झुकाव के बीच भारत में विभिन्न क्षेत्रों से चीनी सामान के बहिष्कार की बात उठी है। चीन अपनी सस्ती वस्तुओं के साथ विश्व बाजार में बडा स्थान बना चुका है।              साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान बौखला हुआ पाकिस्तान सीमा पर लगातार फायरिंग कर रहा है। जम्मू-कश्मीर के आरए तंगधार, अखनूर, मेंढर, आएसपुरा में पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी हो रही है। मिल रही जानकारी के मुताबिक, सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से यह गोलाबारी अगले 3 दिनों तक जारी रहने की आशंका है। दरअसल, मंगलवार से जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में पाकिस्तान की ओर फायरिंग हो रही है। सूत्रों के मुताबिक एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर एक साथ फायरिंग करके पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना चाहता है। इसी को देखते हुए दीपावली के मौके पर फायरिंग की घटनाएं बढऩे की आशंका है। पाक रेंजर्स के वेश में इंटरनेशनल बॉर्डर पर रेगुलर आर्मी ने मोर्चा संभालकर बड़े हमले और भारत का ज्यादा नुकसान करने की कोशिश में है। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में हुए सीमा पार से फायरिंग में दो जवान शहीद हो गए थे।  बर्फबारी से पूर्व आतंकियों की घुसपैठ कराने की कवायद खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान बर्फ गिरने के पहले आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए हर कोशिश में जुटा है, इसलिए नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के एसएसजी कमांडो तैनाती पिछले तीन-चार दिनों में बढ़ गई है। पाकिस्तान ने एसएसजी के करीब 14 से 15 प्लाटून नियंत्रण रेखा पर तैनात कर दिया है। हर एक प्लाटून को लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक का अफसर लीड कर रहा है। यही नहीं, पाकिस्तान ने इन सेना के अधिकारियों की तैनाती नियंत्रण रेखा के संवेदनशील इलाकों में की है। चिनाब नदी के किनारे 150 से ज्यादा कमांडो तैनात खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, अखनूर सेक्टर के पास चिनाब नदी से सटे चिकन नेक बेल्ट में भी अलग से पाक कमांडो की तैनाती की गई है। सूत्रों के मुताबिक, यहां करीब 150 से ज्यादा कमांडो की तैनाती की गई है। यहां 2 पाकिस्तानी सेना के अफसर इसकी कमांड संभाल रहे हैं। पाकिस्तान ने भारत के एलओसी के पास के चिनाब नदी और करीब 11 नाले जो भारत से पाकिस्तान की तरफ जाते हैं, उन रास्तों पर हिट ऑपरेशन एक्सपट्र्स लगा रखा है ताकि भारत के जवानों पर हमला किया जा सके। आतंकियो को जम्मू के नदी वाले इलाके में लश्कर ने अपने मरीन विंग के आतंकियों को ऐम्फिबीयन ऑपरेशन के लिए तैनात किया है। पाकिस्तान की ओर से हो रही भारी फायरिंग के बीच भारतीय सुरक्षाबल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तानी सेना सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने की कोशिश कर सकती है इसके मद्देनजर सेना की तमाम टुकडिय़ों को तैयार रखा गया है। सेना की ओर से जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की सीमा में भारी नुकसान हुआ है। कठुआ में बीएसएफ ने सीमा पार जवाबी कार्रवाई की है। बीएसएफ की फायरिंग में पाकिस्तान की सीमा के अंदर नारोवाल के शकरगढ़ में कई गांवों में आग लग गई है और अफरा-तफरी की स्थिति है। पाकिस्तान के सुरक्षाबलों के कई टावर तबाह हो गए हैं। बीएसएफ की कार्रवाई में कई पाकिस्तानी रेंजर्स घायल हुए हैं। घायल पाक रेंजर्स को ले जाने के लिए पाकिस्तानी इलाकों में कई एंबुलेंस लाए गए हैं। बॉर्डर इलाके से लोगों को हटाया पाकिस्तान की ओर से हो रही भारी फायरिंग के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने बॉर्डर इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। सीमा से सटे गावों में रह रहे लोगों को बंकर और शिविरों में लाकर रखा जा रहा है और उन्हें जरूरी सामान मुहैया कराया जा रहा है।               साभार-khaskhabar.com  

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हो सकता है आपको यह बात कपोल-कल्पित लगे लेकिन कई विद्वानों के अनुसार हरियाणा के इस मंदिर में एक महीने से ज्यादा दिनों तक हाजिरी लगाने से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं।   प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित सतयुगी सिद्ध मनसा देवी मंदिर के बारे में मान्यता यह है कि अगर कोई भी भक्त सच्चे मन से लगातार 40 दिन तक यहां आकर पूजा-अर्चना करता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती है। यहां चैत्र नवरात्र और आश्विन मास के नवरात्र में काफी रौनक देखने को मिलती है। इस दौरान भारी तादात में भक्त माता के इस दराबार में हाजिरी लगाने के लिए आते हैं। चंडीगढ़ से करीब 10 किलोमीटर और हरियाणा के पंचकूला से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर में भक्त आसानी से पहुंच सकते हैं। मनसा देवी मंदिर से जुड़ी मान्यताएं- मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि जब माता सती अपने पिता राजा दक्ष के घर अश्वमेध यज्ञ में बिना बुलाए पहुंची तो वहां किसी ने उनका सत्कार नहीं किया और माता ने अग्नि कुंड में कूदकर आत्मदाह कर दिया। सती के आत्मदाह की खबर लगते ही भगवान शिव यज्ञ स्थान पर पहुंचे और सती का शरीर लेकर तांडव नृत्य करते हुए भटकने लगे।  शिव ने कहा कि इन स्थानों पर भगवती की भक्ति भाव से आराधना करने पर मनोकामना पूरी होगी। पंचकुला शिवालिक गिरिमालाओं पर देवी के सिर का हिस्सा गिरा था, जिसके चलते यहां मनसा देवी शक्तिपीठ की स्थापना हुई और लोग यहां दर्शन के लिए आने लगे।       साभार-khaskhabar.com  

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बॉलीवुड में ऐसी हीरोइन जो जब भी मुंह खोलती है यानी कुछ बोलती है तो हंगामा हो ही जाता है। जी हां हम कंगना रानौत की बात कर रहे हैं। हाल ही में रितिक रोशन से लेकर उनके पिता राकेश रोशन को अपनी जुबान के तीखे तीरों से घायल कर चुकी कगना के निशाने पर अब कोई और आ गया है।कगना का नया शिकार है प्रियंका चौपड़ा।    कंगना ने कुछ ऐसा कह दिया जो शायद प्रियंका को चुभ जाए। कंगना ने कहा कि प्रियंका की हंसी सबसे ज्यादा फेक यानि नकली है और इसके लिए उन्हें एक अवॉर्ड मिलना चाहिए।अब बैठे बैठाए दूसरों की नाराजगी मोल लेने का कंगना को शौक सा लग गया है। यही वजह है कि आए दिन अपने इमोशंस को बड़े खुलेपन से सबके सामने रख देती हैं, बिना यह सोचे कि उनके बात किसी को कितनी चुभ सकती है।         साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । व्यापार सुगमता के मामले में वर्ल्ड बैंक ने लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में भारत 130वें नंबर है। इस लिस्ट को लेकर भारत की केन्द्र सरकार विश्व बैंक से काफी नाराज है। पीएम नरेन्द्र मोदी की सत्ता वाली सरकार के काबिज होने के बाद से भारत में व्यापार सुगमता बढाने के काफी प्रयास किए गए हैं। जबकि विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने निर्माण परमिट, कर्ज हासिल करने और अन्य मानदंडों के संदर्भ में नाममात्र या कोई सुधार नहीं किया है। भारत इस बात से काफी नाराज है। भारत द्वारा व्यापार सुगमता बढाने के तमाम प्रयासों के बावजूद भारत इस लिस्ट में सिर्फ एक पायदान ऊपर चढ सका है। अब केन्द्र सरकार ने इस लिस्ट को लेकर वलर््ड बैंक पर निशाना साधा है। केन्द्र सरकार का कहना है कि बीते एक साल में कारोबार को आसान बनाने के लिए सरकार ने करीब 1 दर्जन कदम उठाए गए हैं। इनको वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया।   इस लिस्ट में भारत के मुकाबले रूस, भूटान, दक्षिण अफ्रीका, चीन, नेपाल, श्रीलंका और ब्राजील आगे रहे हैं। लिस्ट में न्यूजीलैंड पहले पायदान पर है। वर्ल्ड बैंक की ओर से यह लिस्ट मंगलवार शाम को जारी की गई। केन्द्र सरकार का कहना है कि व्यापार की सुगमता बढाने के लिए भारत ने बीत एक वर्ष में जो कदम उठाए हैं, उन पर रिपोर्ट तैयार करते वक्त ध्यान नहीं दिया।    कारोबारी अनुकूलता की रैंकिंग में भारत के स्कोर में मामूली सुधार आया है और यह 55.27 हो गया है। भारत में बिजली कनेक्शन की सुविधा, सीमा पार कारोबार के नियम आसान करने और कर्मचारियों के बीमे आदि पर काम होने के चलते रैंकिंग में मामूली सुधार दिखा है।            साभार-khaskhabar.com  

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