मथुरा

कोलकाता । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने सोमवार को बताया कि उन्हें किसी अज्ञात स्त्रोत से जान से मारने की धमकी मिली है। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष गांगुली ने बताया,कुछ दिनों पहले मुझे धमकी भरा पत्र मिला था। मैंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी है।  गांगुली 19 जनवरी को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में शरीक होने वाले हैं। पत्र में धमकी देते हुए गांगुली को इस कार्यक्रम से दूर रहने के लिए कहा गया है। टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार सौरव को मिदनापुर न जाने की सलाह दी गई है। धमकी किसी जेड अली नाम के अनजान शख्‍स से मिली है। उसने पत्र में आरोप लगाया है कि किसी आशीष चक्रवर्ती नाम के शख्‍स ने मिदनापुर में धोखाधड़ी की है तो अगर महाराज (सौरव) आशीष को प्रमोट करने मिदनापुर आते हैं तो वे उन्‍हें मार देंगे।       साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी विदेश में छुट्टियां मनाकर मंगलवार को देश लौट आए हैं। इसी के साथ राहुल गांधी आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात भी हो सकती है। यूपी में महागठबंधन के बैकग्राउंड पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच आपसी सहमति बन चुकी है। सूत्रों का कहना है कि राहुल और अखिलेश मिलकर उत्तर प्रदेश में डिंपल यादव और प्रियंका गांधी के साथ मिलकर भाजपा को रोकने की तैयारी की रणनीति बना चुके हैं। यूपी में सपा और कांग्रेस गठबंधन की खबरें काफी दिनों से चल रही हैं। सपा में जारी अंदरूनी कलह अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। मुलायम ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि अखिलेश से उनका कोई मतभेद नहीं है और पार्टी एक है। मुलायम के रुख में आई नरमी के इस संकेत के बाद अखिलेश यादव उनसे मिलने पहुंचे हैं। दोनों की यह मुलाकात फिलहाल जारी है। मुलायम सिंह अभी भी अखिलेश को सीएम का चेहरा बताकर इस उम्मीद में हैं कि वह शिवपाल और अमर सिंह को यूपी की राजनीति से किनारे करने को तैयार हैं लेकिन अखिलेश उस रामगोपाल को किनारे करें जो बिहार विधानसभा चुनाव से पहले संयुक्त जनता परिवार के अध्यक्ष बनाए गए मुलायम सिंह यादव को यह कहते रहे कि इसका हिस्सा मत बनिए, यूपी में सीमित रहिए। सूत्रों के मुताबिक, मुलायम सिंह कहते हैं कि उस दौरान रामगोपाल यादव की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ मिलने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए थे। सपा और कांग्रेस के बीच आने वाले दिनों में समझौता तकरीबन तय दिखाई दे रहा है। बात समाजवादी पार्टी के अखिलेश गुट की है, जिसके साथ लगातार कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर संपर्क में रहे हैं। वह बता चुके हैं कि समझौता तकनीकी तौर पर जीत और हार के लिहाज से होना चाहिए। राहुल गांधी और अखिलेश यादव प्रशांत किशोर की दोनों बातों से सहमत हैं। सूत्र बताते हैं कि सब कुछ सही दिशा में चल रहा है।  मंगलवार को अखिलेश यादव दिल्ली आ सकते हैं और राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद अगले दो-चार दिनों में समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ अजित सिंह की आरएलडी, संजय निषाद की निषाद पार्टी, पीस पार्टी, राजद, अपना दल का दूसरा गुट अनुप्रिया पटेल के खिलाफ है, पीस पार्टी जैसे छोटे दल मिलकर बिहार की तर्ज पर महागठबंधन बनाएंगे। इससे बिहार की तर्ज पर नीतीश कुमार की भूमिका में अखिलेश यादव नजर आएंगे। इसलिए सियासी दांव पेंच के राउंड रोबिन आधार पर मैच जारी है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव ने तय कर लिया है कि इस समाजवादी पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न या तो उनका होगा या फिर फ्री होगा। इसके बाद ही मुलायम के अखिलेश समाजवादी पार्टी से प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी के मुखिया बनकर साइकिल के विकास को आगे बढ़ाते हुए मोटरसाइकिल को प्राचीन बनाएंगे। हालांकि क्या यह संभव हो पाएगा इसके लिए इंतजार करना होगा। राहुल गांधी ने 31 दिसंबर को ट्वीट कर जानकारी दी है कि वह कुछ दिनों की छुट्टी पर विदेश जा रहे हैं। इस बीच, चुनाव आयोग पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर चुका है। सोमवार को कांग्रेस ने पंजाब में अपना घोषणा पत्र जारी किया। हालांकि राहुल गांधी विदेश में होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। उनकी गैर मौजूदगी में पूर्व मीएम मनमोहन सिंह ने पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया था।  मंगलवार को राहुल ने कांग्रेस नेताओं की मीटिंग बुलाई है, जिसमें विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है। नोटबंदी पर मोदी सरकार पर निशाना साध रहे राहुल के नए साल पर छुट्टी पर चले जाने पर सोशल मीडिया में काफी कमेंट्स किए गए थे। राहुल के वापस आ जाने पर नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर को कांग्रेस में जल्द ही शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धू ने राहुल के वापस आ जाने पर ही कांग्रेस में शामिल होने की मांग की थी।       साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार का नाम देश के शीर्ष उद्योगपतियों में भले न शुमार हेता हो, मगर पिछले कुछ सालों में उनकी तेजी से हुई कारोबारी तरक्की किसी को भी हैरान करने वाली है। उनकी दौलत 2007 से 2014 के बीच काफी तेजी से बढ़ी और यह करीब बीस गुना हो गई। यही वह वक्त था, जब उनकी बहन उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। आनंद की नेटवर्थ 7.5 करोड़ रुपये से बढक़र 1316 करोड़ रुपये हो गई।गौरतलब है कि आनंद कुमार बेहद लो प्रोफाइल रहकर काम करते हैं। उनकी तस्वीर भी बड़ी मुश्किल से उपलब्ध है। नयूज चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक, आयकर विभाग की जांच में सामने आए दस्तावेजों के जरिए कागजों पर कंपनियां बनाए जाने, करोड़ों का संदिग्ध लोन लेने और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश किए जाने की बात सामने आई है। आयकर विभाग के संदेह के घेरे में आई कंपनियों में से पहली है- आकृति होटल्स प्राइवेट लिमिटेड। आनंद कुमार की इस होटल में डिबेन्चर शेयर्स के जरिए हिस्सेदारी है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के आंकड़ों के मुताबिक, आकृति होटल्स दिल्ली की एक कंपनी है।  इस कंपनी के तीन डायरेक्टर और 37 इक्विटी शेयरहोल्डर्स हैं। हालांकि, ये सभी वैध नहीं नजर आते। आकृति होटल्स की कई शेयरहोल्डर कंपनियों का वजूद सिर्फ कागजों पर है। आकृति होटल्स में कई कंपनियों- भास्कर फंड मैनेजमेंट लिमिटेड, क्लिफ्टन पियरसन एक्सपोर्ट एंड एजेंसीज, डेल्टन एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड, गंगा बिल्डर्स लिमिटेड की हिस्सेदारी है। इनके पास कुल 5,00,150 शेयर हैं। ये कंपनियां कोलकाता के महेशताला स्थित एक ही बिल्डिंग से ऑपरेट करती हैं। तीनों के डायरेक्टर भी एक हैं। जांच करने पर यह भी पाया गया कि इस लोकेशन पर ऐसा कोई ऑफिस नहीं है। इसी तरह का पैटर्न आकृति होटल्स के अन्य शेयरहोल्डर्स मसलन- नॉवल्टी ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड और हरिबोल मार्केट गुवाहाटी के तौर तरीकों में भी नजर आया। बताए गए एड्रेस पर कोई कंपनी मौजूद नहीं थी। बता दें कि नॉवल्टी ट्रेडर्स के आकृति होटल्स में 27 हजार शेयर हैं। टाइम्स नाउ ने भारत भर में फैली ऐसी सात कंपनियों के बारे में पता लगाया और सारी में एक कॉमन चीज पाई। ये सारी कंपनियां न केवल कागजों पर ही मौजूद हैं, बल्कि पैसों के लेनदेन को लेकर इनका तौर-तरीका एक सा है।  इन खुलासों के आधार पर एजेंसियां इन कागजी कंपनियों और इनकी डील्स की जांच कर रही हैं। बता दें कि हाल ही में आनंद कुमार उस वक्त खबरों में आ गए थे, जब ईडी ने मायावती के भाई के अकाउंट में 1.43 करोड़ और बसपा से जुड़े एक खाते में 104 करोड़ रुपये जमा होने का पता लगाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये पैसे 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद खातों में जमा किए गए। इस बात का भी शक जताया गया है कि बसपा और मायावती के भाई के खातों में हवाला लेनदेन के जरिए पैसा पहुंचा।        साभार-khaskhabar.com  

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बिग बॉस 10 के प्रतियोगी स्वामी ओम बेशर्मी इतनी बढ़ गई है कि वो कुछ भी कहने और करने से पहले नहीं सोचते हैं। शो से बाहर आते ही शो और उसके होस्ट सलमान खान की खुलकर बुराई शुरू कर दी है। ज्ञातव्य है कि कैप्टेंसी टास्क के दौरान स्वामी ओम ने बेशर्मी की हद पार करते हुए अपनी पेशाब बानी और दूसरे कंटेस्टेंट्स की तरफ उछाली थी। स्वामी की इस बेहद गिरी हुई हरकत के बाद घर में जबर्दस्त हंगामा मच गया। घरवालों ने जबरन स्वामी ओम को जेल में बंद कर दिया। वहीं स्वामी ओम की ऐसी हरकत देखकर उन्हें बेदखल कर दिया गया है। स्वामी ओम ने सलमान को मारा थप्पड़ घर से बाहर आने के बाद से ही स्वामी ओम बिग बॉस और सलमान के बारे में तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में स्वामी ने यहां तक कह दिया कि उन्होंने सलमान खान को थप्पड़ मारा है। उन्होंने कहा, स्वामी ने दावा कि 30 दिसंबर को उन्होंने सलमान को थप्पड़ मारा था और सलमान उनका कुछ नहीं कर पाएंगे क्योंकि वे डरते हैं। उनका कहना है कि 30 दिसंबर की रात सलमान बिग बॉस के घर आए थे और इस दौरान उन्होंने स्वामी ओम के मुंह पर सिगरेट का धुंआ छोड़ दिया था। इससे नाराज होकर स्वामी ने सलमान को थप्पड़ लगा दिया था। किए हैरान कर देने वाले खुलासे जब स्वामी ओम से इस फुटेज के बारे में पूछा गया तो इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि टीवी में ये सब नहीं दिखाया जाता। स्मोकिंग रुम में कैमरा नहीं होता। मैंने सलमान को जोर से थप्पड़ मारा। स्वामी ओम यहीं नहीं रूके उन्होंने एक के बाद एक ऐसे कई खुलासे किए जिससे सुन कर हर कोई दंग और हैरान हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, बिग बॉस में जो लड़कियां होती हैं उन्हें ड्रग्स और कोकिन दी जाती है। रात को 1 बजे बिग बॉस उन्हें बुलाते हैं। स्क्रिप्टेड है पूरा शो शो में अपनी हरकतों से मशहूर हुए स्वामी ओम ने कहा कि पूरा शो स्क्रिप्टेड है और उसमें की जा रही सभी हरकतें केवल एक्टिंग हैं             साभार-khaskhabar.com  

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सिडनी । भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैच की टेस्ट सीरीज अगले महीने फरवरी में शुरू होगी। भारत का पिछले कुछ समय से अपनी धरती पर जबरदस्त प्रदर्शन रहा है, ऐसे में कंगारू टीम में भी इस दौरे को लेकर खलबली मची हुई है। ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही पाकिस्तान का टेस्ट सीरीज में 3-0 से व्हाइटवाश किया है और अब वह भारत दौरे पर नजर रखे हुए है। सीरीज के लिए इसी सप्ताह टीम का चयन किया जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई कोच और बाएं हाथ के बल्लेबाज डैरेन लेहमन ने अपने बल्लेबाजों को खास सलाह दी है। लेहमन ने कहा कि कंगारू बल्लेबाजों को भारत में लंबी पारियां खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। लंबे समय तक बल्लेबाजी करना सबसे जरूरी है। मुझे लगता है कि इंग्लैंड के भारत दौरे से हम इसे आसानी से समझ सकते हैं। एलेस्टर कुक की टीम ने लंबे समय तक बल्लेबाजी नहीं की। उन्होंने अच्छा स्कोर बनाया पर अधिक समय तक विकेट पर टिक नहीं पाए। हमारी टीम के लिए यह चुनौती हो सकता है। सिडनी में पहली पारी में हमने 135 ओवर बल्लेबाजी की। भारत में हमें 150 से ज्यादा ओवर बल्लेबाजी करनी होगी। यह हमारी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती है। खिलाड़ी फिट हैं और उन्हें भारत में लंबे समय तक बल्लेबाजी करने के लिए तैयार रहना होगा। माना जा रहा है कि इस दौरे पर पाकिस्तान के खिलाफ सिडनी टेस्ट में रखी गई 13 सदस्यीय टीम के साथ शॉन मार्श, एक तेज गेंदबाज और एक बल्लेबाज ऑलराउंडर का चयन किया जा सकता है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई स्पिन गेंदबाजों पर भी काफी फोकस रहेगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम में नाथन लियोन, स्टीव ओ कीफे और एश्टन एगर की स्पिन तिकड़ी को मौका दिए जाने की संभावना है। मुंबई को मिले इंग्लैंड की मेजबानी : वेगसरकर मुंबई। तमिलनाडु क्रिकेट संघ के अगले महीने भारत और इंग्लैंड के बीच अंडर-19 श्रृंखला की मेजबानी में अक्षमता जताने के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि इन मैचों को स्थानांतरित करने के साथ मुंबई को इसकी मेजबानी दी जानी चाहिए। पूर्व मुख्य चयनकर्ता वेंगसरकर ने कहा कि पूर्व भारतीय कप्तान होने के नाते मुझे लगता है कि अगर टीएनसीए इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 मैचों की मेजबानी करने में अक्षम है तो मुंबई इसकी मेजबानी कर सकता है क्योंकि उसके पास भारत के किसी अन्य शहर से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थल हैं। टीएनसीए ने तूफान वरदा, इससे हुए नुकसान और अपने स्वयं के घरेलू क्रिकेट कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा है कि उसके पास पर्याप्त फिट मैदान नहीं है जिससे कि वह एक पखवाड़े तक चेपक में एमए चिदंबरम स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ मैचों की मेजबानी कर सके। 116 टेस्ट खेल चुके वेंगसरकर साथ ही चाहते हैं कि मुंबई को रिजर्व स्थल बनाया जाए जिससे कि अगर हैदराबाद क्रिकेट संघ फरवरी में किसी कारण से भारत और बांग्लादेश के बीच एकमात्र टेस्ट की मेजबानी नहीं कर पाए तो उसका आयोजन यहां कराया जा सके।              साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिग्री विवाद में केन्द्रीय सूचना आयोग ने जांच के निर्देश दिए हैं। सीआईसी ने 1978 के डीयू रेकॉर्ड की पडताल के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय के अनुसार पीएम मोदी ने भी इस वर्ष परीक्षा पास की थी। अब सीआईसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय को वर्ष 1978 में बीए डिग्री पास करने वाले सभी विद्यार्थियों के रेकॉर्ड की पडताल करने का निर्देश दिया है। सीआईसी ने डीयू को 1978 में बीए उत्तीर्ण होने वाले सभी विद्यार्थियों के रोल नंबर, नाम, पिता का नाम, प्राप्तांक समेत सभी सूचनाएं देखने देने और इनसे संबंधित रजिस्ट्रर की संबंधित पेज का प्रमाणित कॉपी मुफ्त में उपलब्ध कराने का आदेश दिया।  गौरतलब है कि आरटीआई के तहत डीयू से एक व्यक्ति ने 1978 में बीए की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या, उनके परीक्षा परिणाम (पास या फेल), क्रमांक, नाम, पिता का नाम, प्राप्तांक आदि सूचनाएं मांगी थी। इस पर डीयू के केन्द्रीय सूचना अधिकारी ने सूचना देने से इंकार कर दिया था। सूचना अधिकारी ने तर्क दिया था कि मांगी गई सूचनाएं संबंधित विद्यार्थियों की निजी सूचनाएं हैं, उसने किसी के सार्वजनिक जीवन नाता नहीं है। वहीं सीपीआईओ मीनाक्षी सहाय का कहना है कि इस साल बीए प्रोग्राम में दो लाख विद्यार्थी थे और जब तक बीए प्रोग्राम के विषय का जिक्र नहीं किया जाता है तब तक मांगी गई सूचना जैसे 1978 में परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के नाम, उत्तीर्ण, अनुतीर्ण, आदि देना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि 1978 का परीक्षा परिणाम डिजिटल स्वरूप में भी नहीं है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने भी पीएम मोदी की डिग्री पर सवाल उठाए थे। तब डीयू के रिजस्ट्रार तरुण दास कहा था कि उन्होनें रेकॉर्ड जांचे थे और पीएम मोदी की डिग्री को प्रामाणिक बताया था। तरूण दास ने कहा था पीएम मोदी ने 1978 में परीक्षा पास की थी और उन्हें 1979 में डिग्री प्रदान की गई थी।               साभार-khaskhabar.com  

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