यदि हमें किसी ऐसे व्यक्तित्व का चयन करना हो जिनके जीवन और संगठनात्मक क्षमता ने किसी औसत भारतीय के जीवन को सर्वाधिक प्रभावित किया हो तो वह व्यक्तित्व निर्विवाद रूप से डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार होंगे। (Read in English)
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यदि हमें किसी ऐसे व्यक्तित्व का चयन करना हो जिनके जीवन और संगठनात्मक क्षमता ने किसी औसत भारतीय के जीवन को सर्वाधिक प्रभावित किया हो तो वह व्यक्तित्व निर्विवाद रूप से डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार होंगे। (Read in English)
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डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जैसे कुछ ही व्यक्ति हैं जो देश के इतिहास और उसके राजनीतिक भाग्य पर गहरी छाप छोड़ते हैं। उन्होंने एक ऐसे संगठन की स्थापना की जो यकीनन दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे स्थायी तथा वैचारिक रूप से काफी उन्नत है, जिसे समाज के बड़े वर्ग ने अपनाया है। (Read in English)
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यद्यपि कार्यस्थल की दुनिया एवं माहौल महिलाओं के लिए तेज़ी से बदल रहा है, इसके बावजूद, महिलाओं के लिए ‘कार्यस्थल पर समानता’ हासिल करने के लक्ष्य को पाने के लिए अभी हमें लंबी दूरी तय करनी है। हमें महिलाओं के वेतन, अवकाश, विशेषरूप से भुगतान सहित मातृत्व एवं शिशु देखभाल अवकाश, परिवार एवं बुज़ुर्गों की देखभाल के लिए विशेष अवकाश, गर्भावस्था के दौरान संरक्षण, स्तनपान कराने वाली महिलाओं की स्थिति के प्रति संवेदनशीलता और कार्यस्थल पर होने वाले यौन शोषण के क्षेत्र में महिलाओं के लिए पूर्ण समानता की ओर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है। (Read in English)
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प्राचीन काल से ही भारतीय इतिहास में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। हमें पता है कि वैदिक या उपनिषद् युग में मैत्रेयी, गार्गी और अन्य महिलाओं ने ब्रह्म के ऊपर विचार करने की योग्यता के आधार पर ऋषियों का स्थान प्राप्त किया था। हजारों ब्राह्मणों की उपस्थिति में विदुषी गार्गी ने ब्रह्म के ऊपर शास्त्रार्थ करने की चुनौती याज्ञवल्क्य को दी थी।
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सड़कों पर रहने वाले बेघर बच्चों के लिए अब प्रसन्न होने का समय है। आमतौर पर ‘स्ट्रीट चिल्ड्रन’ कहे जाने वाले 20 लाख से अधिक भारतीय बच्चे सुरक्षित देखभाल,पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के बगैर जीते हैं। मेरे लिए वे सड़क पर नन्हे फूलों की तरह हैं जो हमारी सामूहिक उदासीनता के बावजूद जिंदा हैं।
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30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी जब दैनिक प्रार्थना के लिए जा रहे थे तब वह गोली लगने से शहीद हो गए। वह भौतिक रूप से हमें छोड़ गए लेकिन उनकी शिक्षा, उनके निजी जीवन के तमाम प्रयोग, राजनीति और दर्शन आज भी भारत के और दूसरे देशों के लोगों के मस्तिष्क में ताजा हैं।
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